Info Link Ad

Faridabad Assembly

Palwal Assembly

Faridabad Info

Showing posts with label Haryana News. Show all posts

हरियाणा की 87 पालिकाओं को 288.92 करोड़ रुपये का अनुदान जारी- विज


चंडीगढ़ 31 मार्च- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री  अनिल विज ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के कार्यों की मॉनिटरिंग व निगरानी मुख्यालय स्तर पर करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए विभाग ने सभी 10 निगमों के आयुक्तों के साथ-साथ पालिकाओं में 18 तालमेल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इसके अलावा, सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के कार्यों के लिए सभी 87 पालिकाओं को 288.92 करोड़ रुपये की राशि अनुदान के रूप में जारी की है। 
 विज ने इस सम्बंध में आज यहां विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु सरकार ने सम्बन्धित पालिकाओं के फंड से किए जाने वाले खर्च को भी फिट चार्जिज घोषित करने किया है। इसके अलावा, सभी पालिकाओं में पानी व सीवरेज के बिलों, सम्पत्ति कर तथा पालिकाओं की दुकानों का किराया, तहबाजारी,  लाईसैंस फीस की जमा करने की तय तिथि को भी आगे बढ़ाया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सभी पालिकाओं में 22,440 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं तथा सफाई कार्यों के लिए 3466 वाहन लगाए गए हैं, जबकि इसके साथ-साथ 25 से अधिक  शहरों की मुख्य सडक़ों पर मकैनिकल स्वीपिंग मशीनों द्वारा सफाई की जा रही है। सफाई व स्प्रे कार्यों में लगे सभी कर्मचारियों की व्यक्गित सुरक्षा के लिए उन्हें मास्क, ग्लवस, साबुन आदि की आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार मुनादी तथा समाचार पत्रों तथा विज्ञापनों के माध्यम से भी जानकारी दी जा रही है।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि इस विकट परिस्थिति में असगठित क्षेत्रों के श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों तथा इस आपदा में फंसे बेसहारा लोगों की खाने तथा ठहरने की व्यवस्था के लिए पालिकाओं द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से 164 ठहराव केन्द्र स्थपित किए गए है जिनमें इस समय 1273  व्यक्ति  ठहरे हुए हैं। इस सभी केन्द्रो में सफाई व सैनेटाइजेशन तथा दवाईयों का समुचित छिडक़ाव किया जा रहा है। इसके अलावा, विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं औद्योगिक संस्थानों के माध्यम से 3,04,230 व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध करवाया गया है तथा 93,454 परिवारों को सप्ताह में एक बार सूखे राशन की आपूर्ति करवाई गई है। 

श्री विज ने इस बात से भी अवगत करवाया कि प्रदेश के सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर कैमिकल स्प्रे नियमित रूप से करवाया जा रहा है। पालिका क्षेत्रों में भी एक बार स्प्रे का कार्य करवाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय के कर्मचारियों जो आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनकी सेवाएं भी एक माह के लिए अर्थात 30 अप्रैल, 2020 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

लॉकडाउन का पालन कर हरियाणा से कोरोना को भगाएं- खट्टर 


चंडीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन की अवधि की अनुपालना में हरियाणा सरकार ने समाज के सभी वर्गों चाहे वह प्रवासी मजदूर हो, गरीब परिवार हो, किसान हो, सरकारी कर्मचारी व व्यापारी हो या अन्य प्रबुद्ध व्यक्तियों सभी के बचाव के लिए अब तक समुचित कदम उठाए हैं। इस महामारी से बचाव का स्वयं को क्वारंटाइन में रखना व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना ही एकमात्र उपाय है।

          मुख्यमंत्री आज यहां कोरोना वायरस के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे जानकारी देने के लिए टेलीविजन के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में एकांत में रहकर अपनी दिनचर्या को इस ढंग से व्यवस्थित बनाएं कि हमारा मन अनुशासन में रहकर आने वाली 14 अप्रैल तक लॉकडाउन को सफल बनाकर देश के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत करें, जैसा कि 22 मार्च को जनता कफ्र्यू के दौरान हरियाणा की जनता ने दिया था। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान पिछले 7 दिनों से लोग अपने घरों में ही रह कर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे हैं, ऐसे सभी लोगों को मैं कहना चाहूंगा कि वे घरों में रहकर अपने मन पर किसी प्रकार की कठिनाई का अनुभव न होने दें बल्कि इस समय का सदुपयोग करें।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को सफलतापूर्वक लागू करने और लोगों का आवागमन रोकने के लिए के लिए थोड़ी सख्ती भी की गई है, जिसके तहत राज्य और जिलों की सीमाएं सील की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्या भली-भांती समझती है, इसलिए लॉकडाउन अवधि के दौरान सरकार ने लोगों के घरों तक आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं को पहुंचाया है। इसके लिए आपूर्ति श्रंखला को मजबूत किया गया है और इसके लिए ऑनलाइन पास की भी व्यवस्था की है ताकि जो लोग आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के कार्य में लगे हैं उनकी आवाजाही निर्बाध हो सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर-1075 और 1100 जारी किए गए हैं।          

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलाज की व्यापक व्यवस्था की गई है। लगभग 6500 बैड की व्यवस्था की गई है और अस्पतालों में भी आइसोलेशन के लिए 4000 बैड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, जिलों में अलग से कोविड-19 अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कोई गंभीर स्थिति होती है तो उनको अलग से दाखिल करके उनका इलाज किया  जा सके और इस बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके।

        उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 2 सरकारी टेस्टिंग लैब हैं, इकसे अलावा, 5 निजी टेस्टिंग लैब को भी अनुमति मिल गई, जिसमें से 1 लैब शुरू हो गई है और बाकी जल्दी शुरू होने वाली हैं। इसके साथ ही, सरकारी तौर पर भी टेस्टिंग लैब की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, करनाल मेडिकल कॉलेज, नलहड़ मेडिकल कॉलेज और पीजीआई, रोहतक में एक एक अलग से टेस्टिंग लैब बनाई जाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल उपकरणों और दवाइयों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की है चाहे वह पीपीई किट हो, मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करना हो।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लॉकडाउन के अनुपालना के दौरान गरीब परिवार और मजदूर वर्ग हैं, उनकी कठिनाई बड़ी है। इसलिए सरकार की ओर से उद्योग जगत के लोगों से कहा गया है कि मजदूरों को काम से न हटाएं और उनका वेतन दें। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र ऐसे बहुत से मजदूर जिनको अपने काम के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और उनकी इच्छा घर जाने की होने लगी है। ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों के लिए हमने रिलीफ कैंप स्थापित किए हैं। प्रदेशभर में 437 रिलीफ कैंप्स बनाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 70 हजार की है।

         उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ स्वैच्छिक संस्थाएं भी लोगों की सेवाओं में लगी हैं। एनजीओ, सामाजिक संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं और प्रदेश में संपन्न ऐसे लोग हैं जो स्वयं सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। धार्मिक संस्थाओं ने अपने बड़े-बड़े भवन कैंप लगाने के लिए दिए हैं ताकि प्रवासी मजदूरों के लिए उनके भवनों का उपयोग कर सकें। इसके अलावा, ऐसे कैंपों में भोजना की व्यवस्था करने के लिए भी ये सभी संस्थाएं सेवा कर रही हैं।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड भी बनाया है, जिसमें लोग बढ़-चढ़ कर अपना अपना योगदान दे रहे हैं।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की चिंता भी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो, इसके फसल की कटाई के लिए लिए ट्रैक्टर और कंबाइन के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित किया है। इसके अलावा, इनकी वर्कशॉप को भी खुला रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आवश्यक जितनी भी सेवाएं हैं वह लगातार चलती रहेंगी और किसान सरकार का पूरा सहयोग करें।

गुलाबी, पीले और खाकी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन मुफ्त - CM


चंडीगढ़ 31 मार्च- हरियाणा के श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रवासी मजदूरों और बेघर लोगों को भोजन और आश्रय की सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से, प्रदेश में 70,000 लोगों की क्षमता के 467 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इस समय 10,000 से अधिक लोगों को इन शिविरों में रखा गया है और उन्हें पर्याप्त भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
 मनोहर लाल ने यह जानकारी आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दी। बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा भी उपस्थित थीं। शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल, ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल, परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री अनूप धानक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री ओम प्रकाश यादव तथा खेल राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुलाबी, पीले और खाकी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन मुफ्त उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे 27 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित होंगे और इस पर 48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को 5 अप्रैल, 2020 तक  राशन  वितरित किया जाएगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि जिन गरीब या प्रवासी मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें पैक्ड राशन वितरित किया जा रहा है ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, खास तौर पर शहरों में झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च, 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों के मद्देनजर, कर्मचारियों को सेवा विस्तार प्रदान करने के लिए छ: विभागों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लडऩे के लिए स्थापित कोरोना रिलीफ फंड में अब तक 3000 से अधिक लोगों ने लगभग 21 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।  इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोगों ने इस फंड में योगदान देने के लिए फोन के माध्यम से भी अपनी इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन लोगों के लिए covidss.haryana.gov.in के नाम से एक पोर्टल भी स्थापित किया है, जो जरूरत के इस समय में स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। अब तक  लगभग 60,000 वॉलंटियर्स ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिसमें 800 डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ और राहत शिविरों में भोजन वितरण के काम में लगे अन्य लोग शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन इन वॉलंटियर्स को जरूरत के आधार पर काम सौंपेगा और उन्हें पास भी जारी करेगा।

       श्री मनोहर लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत पंजीकृत कुल 12.50 लाख परिवारों में से 6.29 लाख परिवारों के बैंक खातों में 4000 रुपये की वित्तीय सहायता की किस्त पहले ही जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शेष पात्र परिवारों को भी अगले कुछ दिनों में वित्तीय सहायता मुहैया करवा दी जाएगी। इसी तरह, 3.50 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में 1000 रुपये प्रति सप्ताह की वित्तीय सहायता हस्तांतरित की गई है। यह राशि लॉकडाउन के दौरान प्रत्येक सोमवार को इन लाभार्थियों को हस्तांतरित की जाएगी।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे गरीब परिवार हैं जो बीपीएल, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना और निर्माण श्रमिकों की श्रेणियों के तहत कवर नहीं होते। ऐसे परिवारों को भी प्रति सप्ताह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के सत्यापन के लिए  एसएमएस आधारित एक अनूठी प्रणाली विकसित की गई है, जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि या वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है और उन्हें किसी अन्य श्रेणी के तहत कोई वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है। श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हरियाणा के जो नागरिक दूसरे राज्यों से आए हैं, उन्हें भी एहतियात के तौर पर 14 दिनों के क्वारेंटाइन में रखा जाए। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों के साथ संबंधित उपायुक्त राहत शिविरों का दौरा करें ताकि शिविरों में उचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी राहत शिविरों के लिए अपने शेड का इस्तेमाल करने की पेशकश की है और इसलिए उपायुक्त अपनी आवश्यकता के अनुसार इन शेड्स का उपयोग कर सकते हैं।

        बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती किशनी आनंद अरोड़ा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन  विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के दास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, कार्मिक, प्रशिक्षण, विजिलेंस और संसदीय  मामले विभाग के सचिव श्री नितिन यादव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री पी.सी मीणा, मुख्यमंत्री की उप-प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा 

गुरुग्राम के इन तीन लैब में ही होंगे कोरोना सैम्पल टेस्ट


चंडीगढ़, मार्च- हरियाणा सरकार ने कोरोना संक्रमण के सैम्पल टेस्ट के लिए गुरुग्राम जिले में तीन प्राइवेट लैबोरेट्री को अधिकृत किया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी  देते हुए बताया कि इन तीन लैब में गुरुग्राम के सेक्टर-34 स्थित स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज, सेक्टर 18 स्थित एसआरएल लिमिटिड तथा गुरुग्राम के उद्योग विहार फेस-एक स्थित कोर डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ये लैबोरेट्री आईसीएमआर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वार दिशा-निर्देशानुसार कोविड- 19 के सैंपल की जांच करेंगी।

        प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा इन लैब हिदायत दी गई है कि यह लैब अपनी सैम्पल टेस्टिंग क्षमता का 50 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों द्वारा भेजे जाने वाले सैम्पलों के लिये आरक्षित रखेंगे। उन्होंने बताया कि इन तीनों लैब संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे सैंपलो के टेस्टों के लिए आईसीएमआर द्वारा निर्धारित 4500 रुपये की फीस ही लेंगी जिसमें 1500 रुपए स्क्रीनिंग टेस्ट तथा 3000 रुपये कंफर्मेटरी टेस्ट के चार्जेज शामिल हैं।

        उन्होंने बताया कि प्राइवेट चिकित्सकों को भी हिदायत दी गई है कि वे जो भी कोरोना का संदिग्ध केस टेस्ट करने के लिए प्राइवेट लैब में रेफर करेंगे, उसकी पूरी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देंगे, जिसमें मरीज का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि होना चाहिये। इसके साथ ही, प्राइवेट चिकित्सक तथा लैब कोरोना पॉजिटिव केसों की भी पूरी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को सिविल सर्जन के माध्यम से देंगे।

फरीदाबाद में न्यूज़ चैनल ने चलाई कोरोना से मौत की झूठी खबर, सख्त हुए अधिकारी तो?


चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क और भाषा विभाग के निदेशक  पी.सी. मीणा ने राज्य के सभी जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे भ्रामक खबरों पर अंकुश लगाएं और स्थिति को नियंत्रण में रखें ताकि लोगों में अफवाहें न फैले। मीणा आज यहां चण्डीगढ़ से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।

        उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं व कोविड-19 के बारे झूठे समाचारों व अफवाहों की सम्भावना बनी रहती है, लेकिन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी खबरों की पहचान की जाए और इनका समय पर खण्डन किया जाए ताकि लोगों में अफवाहें न फैलें। 

        उन्होंने कहा कि हाल ही में एक न्यूज चैनल द्वारा फरीदाबाद में कोविड-19 से हुई एक मौत की खबर चलाई जा रही थी। विभाग के अधिकारी द्वारा इस पर कड़ा संज्ञान लिया गया और इसकी तुरंत जांच की भी गई, तो पता चला कि खबर झूठी है तथा उसके बाद चैनल ने उसे हटा दिया। 
        श्री मीणा ने डीआईपीआरओ को ये भी निर्देश दिया कि पत्रकारों के छोटे समूहों को व्यवस्थित करें और उन्हें प्रवासियों मजदूरों के लिए बनाए गए शेल्टर होम्स तथा राज्य में स्थापित किए गए कोरोना हेल्प लाइन केन्द्रों का दौरा करवाएं और वहां की सफल खबरों को मीडिया पर प्रसारित करवाएं ताकि जनता को सही समाचार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि पत्रकारों को व्हाट्सएप पर प्रामाणिक और वास्तविक ब्रेकिंग न्यूज मिल रही हैं या नहीं। 

        उन्होंने कहा कि डीआईपीआरओ मुनादी की रिपोर्ट मुख्यालय को एक दिन छोड़ कर एक दिन की रिपोर्ट अवश्य दें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारियों के पास कोविड-19 से संबंधित समाचारों बारे सभी जानकारियां और आंकड़े अंगुलियों पर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि डीआईपीआरओज़ को अति आवश्यक स्थिति में ही अवकाश लेने के लिए संबंधित उपायुक्त को सूचित करने के अलावा मुख्यालय को भी सूचित करना होगा।

श्रमिकों को जबरन छुट्टी पर न भेजें हरियाणा के उद्योगपति- दुष्यंत चौटाला 


चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के उद्योग संघ के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे कोरोना के चलते राष्ट्रीय स्तर पर किए गए लॉकडाउन के दौरान अपने-अपने संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजे। राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार की ओर से हर जिले के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या उद्योग जगत उनके समक्ष रख सकता है जिसे केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। हाल ही में, निर्यातकों के लिए भी केन्द्रीय जहाज रानी मंत्रालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

        उपमुख्यमंत्री आज उद्योग, श्रम एवं रोजगार विभाग तथा उद्योग सघों के प्रतिनिधियों के साथ यहां हरियाणा सिविल सचिवालय,चण्डीगढ़ की चौथी मंजिल स्थित कमेटी कक्ष से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री अनूप धानक भी उपस्थित थे।

        बैठक में श्री दुष्यंत चौटाला ने उद्यमियों विशेषकर, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों से श्रमिकों को जबरन अवकाश पर न भेजने का आह्वान किया क्योंकि एक बड़ी संख्या में देश के उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान व उत्तर-पूर्वी राज्यों से बड़ी संख्या में राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र व हरियाणा के उद्योगों में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उद्योगों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी को भी आवश्यक वस्तु अधिनियम की श्रेणी में रखा गया है। जहां-जहां उद्योगों में सुरक्षा की बात है वे अपने ईएसई अधिकारी को सूचित करें और संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कदम उठाने के लिए अवगत करवाया जाएगा।

  दुष्यंत चौटाला ने बैठक में इस बात की भी जानकारी दी कि सभी जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे थोक एवं खुदरा व्यापारियों की दुकानों पर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं राशन, किरयाना व सब्जी के भाव की सूची सरकार द्वारा निर्धारित मूल्यों के अनुरूप प्रतिष्ठानों पर चिपकाना सुनिश्चित करें ताकि दुकानदार ग्राहकों से अधिक मूल्य न वसूल सके। उन्होंने कहा कि अगर दुकानदार अधिक मूल्य वसूलते हैं तो उनके विरूद्घ महामारी अधिनियम के उल्लघंन के अनुरूप सख्त कार्यवाही की जाएगी।

        उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाले अप्रैल माह का राशन का कोटा 5 अप्रैल तक तथा मई माह में वितरित किए जाने वाला कोटा भी 15 अप्रैल से पहले डिपो होल्डर के पास पहुंच जाएगा।

        बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने अवगत करवाया कि जिन संस्थानों के सरकार के साथ किए गए अनुबंध की अवधि 31 मार्च को समाप्त हो रही है उनके अनुबंध में से लॉकडाउन अवधि को हटा दिया जाएगा और आगे के लिए अनुबंध स्वत: लॉकडाउन अवधि तक मान्य रहेगा।

     दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, रेवाड़ी, करनाल, यमुनानगर, अम्बाला तथा पंचकूला के उद्योग संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।

        बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री विनीत गर्ग, राज्य श्रम आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक डॉ. साकेत कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

14 दिनों तक क्वारंटीन में रखें जाएंगे अन्य राज्यों से हरियाणा लौटने वाले मजदूर एवं अन्य लोग


चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा की मुख्य सचिव  केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश, बिहार और उडीसा के प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार कर संबंधित उपायुक्तों को सौंपी  गई है तथा राज्य के जिलों के संबंधित उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि उनके जिलों में स्थापित किए गए राहत शिविरों में ऐसे सभी मजदूरों से संपर्क साधकर उन्हें भोजन और दवाओं सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं।

        उन्होंने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी प्रवासी मजदूर इन राहत शिविरों से बाहर न जाएं। अरोड़ा आज यहां संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।

        उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रवासी मजदूरों के पलायन की जाँच करने और उन्हें आश्रय तथा भोजन की सुविधा प्रदान करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों को सुनिश्चित करने के लिए, सभी अंतर-जिला और अंतर-राज्य सीमाओं को पुलिस द्वारा सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त यह भी सुनिश्चित करेंगे कि अन्य राज्यों से वापिस लौट रहे हरियाणा के लोगों व मजदूरों को भी 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाए।

        मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने और इस कार्य में गैर-सरकारी संस्थाओं, स्वयंसेवकों सहित गाँवों के सरपंच, नंबरदार और चैकीदार को भी जोडा जाएं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के मद्देनजर ईंट के भट्टों को भी बंद कर दिया गया है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ईंट भट्टों पर काम करने वालों को आश्रय प्रदान किया जाए और उन्हें पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि उपायुक्त अपने-अपने जिलों में शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार करवाएं ताकि जिन लोगों को राहत शिविरों में आश्रय की जरूरत है, वे बिना किसी असुविधा के पहुंच सकें।

        उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विदेशों से लौटने वाले उन लोगों का भी  पता लगाने के काम में तेजी लाएं जो लापता या टेऊस नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि  स्वास्थ्य विभाग की सहायता से ऐसे लोगों का पता लगाने का काम पुलिस को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में मास्क और पीपीई किट की कमी न रहें, को सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कॉलेजों को आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए ओर अधिक अधिकार दिए गए हैं।

        बैठक में यह भी बताया गया कि पंचकूला, पानीपत और जींद में पोल्ट्री फार्मों के लिए पर्याप्त मात्रा में बाजरा आहार उपलब्ध कराया गया है और यदि आवश्यक हुआ तो उन्हें बाजरा आहार का अतिरिक्त स्टॉक भी उपलब्ध कराया जा सकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि किसानों की रबी फसल की खरीद के लिए जल्द ही उपायुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

        बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी के दास, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोडा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस एन राय, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी सी गुप्ता, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, मैडीकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद मोहन शरण, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजेन्द्रा कुमार, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री विनित गर्ग, कार्मिक, प्रशिक्षण एवं सतर्कता विभाग के सचिव श्री नितिन यादव, श्रम आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री पीसी मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लॉकडाउन- हरियाणा में अब न आ सकेंगे, न यहाँ से जा सकेंगे प्रवासी मजदूर


चंडीगढ़, 29 मार्च- हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रवासी मजदूरों के भोजन और आवास के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा जिलों में 129 रिलीफ व शेल्टर होम बनाए गए हैं और इनमें रूके हुए 29328 श्रमिकों को भोजन दिया जा रहा है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार अंतरराज्यीय सीमाओं पर नाकाबंदी को और सुदृढ़ किया जाए ताकि प्रवासी मजदूरों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। 
          मुख्य सचिव आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।

          उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं और स्थापित किए गए रिलीफ व शेल्टर होम पर प्रत्येक प्रवासी मजदूर की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ-साथ सभी प्रकार की चिकित्सा जांच की जाए और यदि किसी में कोई भी लक्षण दिखाए दे तो ऐसे मजदूरों के क्वारंटाइन करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में प्रवासी मजदूरों को तुरंत रिलीफ व शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को रिलीफ व शेल्टर होम की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

          मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने संबंधित जिलों में स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में परिवर्तित करना पड़े तो वो भी किया जाए ताकि पैदल चलने वाले इन मजदूरों को वहां रखा जा सके और खाने-पीने की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, मुख्य सचिव ने कहा कि ‘शेल्टर होम्स’ में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या पर नजऱ रखने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाए।

          उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि प्रदेश में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को उनके कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों को उनका वेतन देने के लिए कहा जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन श्रमिकों को रहने और भोजन की सुविधा भी दी जाए। इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भोजन और रहने की सुविधा भी सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके वेतन से संबंधित समस्याओं का भी समाधान निकाला जाए।

          मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा जारी निर्देशानुसार इस प्राधिकरण के तहत मजदूरों के रहने व खाने-पीने की व्यवस्था एनएचएआई द्वारा ही की जाएगी तो सभी जिला प्रशासन के अधिकारी एनएचएआई के साथ समन्वय स्थापित करके ऐसे सभी श्रमिकों के रहने व खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

          उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा अनुमति प्राप्त व्यक्तियों और जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा पास जारी किए गए हैं, केवल उन्हीं लोगों को आवागमन की मंजूरी दी जाए, उनके अलावा, किसी को भी सडक़ों पर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

          मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 14 दिनों के क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति को हरियाणा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

          उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डॉक्टरों, नर्सों व पैरा मेडिकल स्टाफ के स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि पीपीई किट व अन्य मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता व आपूर्ति भी सुनिश्चित रखें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यदि खाना न मिलने की शिकायत प्राप्त होती है तो जिला प्रशासन के साथ तालमेल करके तुरंत खाना मुहैया करवाया जाए।

        उन्होंने निर्देश दिए कि सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों का अधिकतम प्रकाशन सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।

खट्टर के आदेश, सील करो हरियाणा की अंतर्राज्यीय और अंतर-जिला सीमाएं, जो जहां है वहीं रोको


चंडीगढ़, 29 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने भारी संख्या में प्रवासी मजदूरों की मूवमेंट के दृष्टिगत सभी अंतर्राज्यीय और अंतर-जिला सीमाएं सील करने के निर्देश देते हुए कहा कि जो जहां है, उसे वहीं रोक कर रखा जाए और जाने की अनुमति हरगिज न दी जाए।

        मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बंधित जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि ऐसे लोगों के लिए वहीं पर रिलीफ़ कैंप स्थापित करके उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जाए और यदि फिर भी कोई जबरदस्ती करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि इन रिलीफ कैंपों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं जो इनके खाने-पीने और स्वास्थ्य इत्यादि का ध्यान रखेंगे। इन कैंपों में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मुख्य मार्गों के साथ-साथ ऐसे रिलीफ कैंप स्थापित किए जाएं और लोगों को रास्तों पर रहने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाए। इसके अलावा, जिला स्तर पर कॉल सेंटर भी स्थापित किए जाएं।

 मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा के इस समय के दौरान  सहायता के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। उनके लोगों को जिम्मेदारी देकर उन्हें कार्य करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग समेत अनेक सामाजिक संस्थाओं ने हर तरह की मदद की पेशकश की है, ऐसे में लोगों को रखने के लिए इनके भवनों का उपयोग किया जा सकता है। हर ऐसे आश्रय स्थल पर एक अधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिए जो लोगों के खाने-पीने समेत विभिन्न जरूरतों का ध्यान रख सके। हर आश्रय पर सरकार की और से स्वास्थ्य तथा सफ़ाई सुविधा का प्रबंध सरकार की और से होना चाहिए। गर्म भोजन की व्यवस्था जहां तक सम्भव हो किसी स्थानीय गैर-सरकारी संस्था को देनी चाहिये।

        इसके अलावा, जो बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति अकेले रह रहे हैं, उनका ध्यान रखने की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।

लॉकडाऊन के बीच बुलेट पर पटाखे बजा जा रही छात्रा का हरियाणा पुलिस ने काटा 16 हजार का चालान


हर्षित सैनी-रोहतक, 29  मार्च। कोरोना के संक्रमण की रोकथाम को लेकर लगाए लॉकडाऊन के बीच एक युवती को तेज रफ्तार में बुलेट को चलाना और पटाखा बजाना महंगा पड़ गया। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के पास पुलिस ने युवती को पकड़ लिया और साढ़े 16 हजार का चालान काट दिया। युवती अपने बहनोई की बुलेट चलाकर घर जा रही थी।
     मिली जानकारी के अनुसार डीएसपी सज्जन सिंह कल दोपहर करीब 3 बजे आंबेडकर चौक पर लॉकडाऊन के दौरान अन्य कर्मचारियों के साथ चेकिंग पर तैनात थे। इसी दौरान एलिवेटेड रेलव ट्रैक की तरफ से तेज पटाखों की आवाज सुनाई दी, जिस पर पुलिस कर्मी उधर दौड़े। इस दौरान देखा कि एक युवती बिना मास्क, हैलमेट व ग्लव्स पहने बुलेट से पटाखे बजाते आ रही थी। इस पर पुलिस ने युवती को रोक कर पूछताछ की।

          युवती ने बताया कि वह सेक्टर-दो में रहती हैं और बीए की छात्रा है। वह भिवानी चुंगी के पास रहने वाले बहनोई के घर से बुलेट लेकर घर जा रही है। पुलिस ने जब उससे ड्राइविंग लाइसेंस, हैलमेट और कोरोना से बचाव के कारण मास्क के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद पुलिस ने उसका साढ़े 16 हजार रुपये का चालान काट दिया।

पुलिस ने युवती को पहनाया मास्क
चालान काटने के बाद पुलिस ने नया मास्क पहनाया। पुलिस ने उसे जागरूक करते हुए बताया कि कोरोना का संक्रमण फैल रहा है, जिससे बचाव का रास्ता सिर्फ घरों में रहना है। बेहतर होगा कि वह घर में रहे। इस समय में वह पढ़ाई कर सकती है, जो भविष्य में काम भी आएगी।

फरीदाबाद का 1 और गुरुग्राम के 5 कोरोना के मरीज ठीक हुए, हरियाणा में नहीं गई किसी की जान 


चंडीगढ़, 29 मार्च- हरियाणा के लिए बड़ी खुशी की बात है कि कोरोना वायरस से संक्रमित 20 मरीजों में से 6 लोग अब पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, जिसमें 5 व्यक्ति गुरुग्राम जिले के और एक व्यक्ति फरीदाबाद जिले का है। इसके साथ ही राहत की बात यह है कि प्रदेश में अभी तक कोरोना के कारण किसी व्यक्ति की जान नहीं गई है।

        यह जानकारी कल  हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य विभाग राज्य के सभी जिला स्तर के अधिकारियों व मैडिकल कालेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान दी गई। बैठक में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज भी उपस्थित थे।

        बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम जिले में जो 10 पॉजिटिव केस थे, उनमें से अब पांच का सैंपल नेगेटिव आ गया है, अर्थात पांच का इलाज हो गया है और वे अब संक्रमित नहीं रहे। जिले में जो सबसे पहला पॉजिटिव केस था, उसका टेस्ट भी अब नेगेटिव आ गया है। इसी प्रकार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद में 3 पॉजिटिव केस थे, जिसमें से आज 1 का टेस्ट नेगेटिव आ गया है, इसका मतलब है कि अब फरीदाबाद में कुल 2 संक्रमित मरीज ही रह गए हैं।

        मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के काम में लगे स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों विशेष तौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और कोरोना से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पूर्ण रूप से समर्पित ‘कोविड-19’ अस्पताल बनाने के भी निर्देश दिए।

        मुख्यमंत्री ने जिला स्तर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिला में विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम बनाकर तैयार रखें ताकि जरूरत पडऩे पर कोरोना की महामारी व स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों बारे आपस में विचार-विमर्श कर सही निर्णय लिया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोई ऐसी ‘मोबाइल-एप’बनाएं जिससे ‘होम क्वारंटाइन’ किए गए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उनके लिए निर्धारित किए गए स्थान से दूर जाते ही सरकार को पता चल सके ताकि इस एप के माध्यम से राज्य सरकार को उसकी सूचना मिल जाएगी तथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गृह मंत्री श्री अनिल विज ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘होम क्वारंटाइन’ किए गए लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए तथा संबंधित थाना का एसएचओ नियमित तौर पर उनकी चैकिंग करें, अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इस बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, हरियाणा पुलिस के महानिदेशक श्री मनोज यादव समेत कई वरिष्ठï अधिकारी उपस्थित थे।

खट्टर के निर्देश, सेफ कैम्प बना श्रमिकों के रहने और भोजन की व्यवस्था करें सभी जिलों के अधिकारी 


चंडीगढ़, 28 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए जिलों में सेफ कैंप बनाकर, इन श्रमिकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, सेफ कैंपों में इन सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए ताकि यदि कोई भी व्यक्ति अगर कोरोना के संक्रमण की चपेट में आया हो, उसकी समय रहते जांच हो सके और उसे क्वारंटाइन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे श्रमिकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखें और ऐसे श्रमिकों को यह समझाया जाए कि वे सेफ कैंपों में रहें और इन्हें खाना, चिकित्सा व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राज्य में कार्य करने वाले अधिक से अधिक श्रमिकों को इन सेफ कैंपों में रखा जाए। इसके अलावा, विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर इन श्रमिकों को चिकित्सा परीक्षण की सुविधा दी जाए, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की श्रंखला को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में और जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी करके इन श्रमिकों को आगे बढऩे से रोका जाए और इन्हें सेफ कैंपों में रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों से अनुरोध करें कि वे उनके कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों के रहने और भोजन की व्यवस्था करें और श्रमिकों को किसी भी हाल में जाने के लिए न कहा जाए।

मुख्यमंत्री ने गरीब लोगों के लिए चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो लाभार्थी मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना और निर्माण श्रमिक बोर्ड सूची में शामिल नहीं हैं, ऐसे लोगों के पंजीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि इन लोगों को 1,000 रुपये प्रति सप्ताह की वित्तीय सहायता दी जा सके। इसके साथ ही, इन लोगों को सभी बुनियादी आवश्यकताएं भी मुहैया करवाने पर जोर दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों की अधिकतम भागीदारी को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की घर द्वार पर आपूर्ति के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल वैन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि चूंकि कुरुक्षेत्र एक धार्मिक नगरी है और कई संत और साधु पहले से ही वहां रह रहे हैं, इसलिए उनके लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए और उनके रहने और भोजन की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में कई सामाजिक संगठन भी काम कर रहे हैं, इसलिए उनसे समन्वय स्थापित करके भोजन और रहने की सुविधाओं को सुनिश्चित करने में इनकी भागीदारी बढ़ाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में राशन की दुकानें खुली हैं, यह अच्छी बात है, परंतु बाजारों में भीड़ को कम रखने के लिए और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडो का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक जिले में दुकानें खोलने के बजाय, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करके घर द्वार पर वितरण की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में विदेश से आए लोगों पर कड़ी निगरानी रखें और उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी लगातार लेते रहें ताकि वायरस की श्रृंखला को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में कोविड- 19 के लिए आवश्यक वेंटिलेटर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्य्मंत्री चौटाला के निर्देश, पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों के लिए रहने खाने की तुरंत व्यवस्था की जाये 


चंडीगढ़, 28 मार्च- हरियाणा के उप मुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला, जिनके पास विकास एवं पंचायत विभाग का प्रभार भी है, ने राज्य के सभी अतिरिक्त उपायुक्तों और जिला विकास पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां से प्रवासी श्रमिक हरियाणा से उत्तर प्रदेश व राजस्थान जैसे अपने मूल राज्यों में लॉकडाउन के दौरान पैदल जा रहे हैं, उनके लिए स्कूलों, पंचायत भवनों व अन्य सरकारी भवनों को शैल्टर होम के रूप में परिवर्तित करके उनके ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था की जाए और इससे पहले इन भवनों को सैनिटाइज किया जाए।

उप मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल पर स्थित कमेटी रूम से वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी अतिरिक्त उपायुक्तों और जिला विकास पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि विदेशों से या दूसरे राज्यों या शहरों से पिछले 15 दिनों में गांवों में आए व्यक्तियों के बारे में मुख्यालय को सूचित किया जाए और अगर ऐसे व्यक्ति आते हैं तो पूरे गांवों का अच्छी प्रकार से सोडियम क्लोराइड स्प्रे से सैनेटाइजेशन करवाया जाए तथा ऐसे व्यक्तियों की तुरंत सूचना जिला प्रशासन को देकर क्वारंटाइन किया जाए।

इसी प्रकार, पंजाब के साथ लगते अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद,फतेहाबाद व सिरसा जिलों में पंजाब के अप्रवासी भारतीयों के आने की भी संभावना है, इन जिलों में भी सरपंच विशेष ध्यान रखें और किसी को भी आने की अनुमति न दी जाए, यदि कोई आता भी है तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाए। सरपंचों को गांव में ठीकरी पहरा व चौकदीरों के माध्यम से विशेष मुनादी करवानी होगी। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल तक का समय हम सबके लिए अहम है, हम सबको मिलकर इस महामारी से लडऩा होगा।

श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ग्रमीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के तहत राज्य वित्त आयोग व केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान में से 25 प्रतिशत राशि स्वच्छता पर खर्च की जा सकती है। कोरोना के दौरान गांवों की सैनेटाइजेशन के लिए हरियाणा ग्रामीण विकास निधि से विशेष फंड ग्राम पंचायतों को जारी करने की अनुमति दी जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने इस बात की भी जानकारी दी कि किसानों को खेतों में फसलों की कटाई के लिए जाने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई है, बशर्ते कि उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सरपंचों को भी इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा और लोगों को भी  सोशल डिस्टेंसिंग  बनाए रखने के लिए प्रेरित करना होगा।  इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा फसल कटाई के लिए कंबाइन व हार्वेस्टर को लॉकडाउन के दौरान आवाजाही की मंजूरी भी प्रदान की गई है।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि 15 अप्रैल से सरसों की खरीद व 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद आरंभ होने जा रही है और इस महामारी के दौरान किसान एक साथ मंडियों में फसल लेकर न जाएं ताकि एक समय पर कई लोग एकत्रित न हो पाएं और सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।

श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जो पंचायतें कोरोना वायरस को रोकने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी, उन पंचायतों को देश के समक्ष एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा और उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि सोनीपत जिले के राई खण्ड व फरीदाबाद जिले के गांव की पंचायतों के सभी सरपंचों ने अपने 6 महीने का मानदेय हरियाणा कोविड रिलीफ फंड में देने की घोषणा की है। इसके अलावा, कुछ एफपीओ सब्जी व फल घर द्वार पर पहुंचाने के लिए भी आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की मंडियों से सब्जी व अन्य रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी को निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। हरियाणा परिवहन की बसों का उपयोग महाप्रबंधकों के साथ तालमेल कर इन वस्तुओं की आपूर्ति करवाने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने इस बात के भी निर्देश दिए कि जिन-जिन जिलों में ईंट भ_ा व क्रैशर जोन पर मजदूर जोन हैं, उनकी सूची भी जिला श्रम अधिकारियों के साथ तालमेल कर मुख्यालय को भिजवाई जाए और वहां पर उचित ढंग से सैनेटाइजेशन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, मास्क व दस्ताने भी मुहैया करवाए जाएं। उन्होंने इस बात के भी निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आह्वान है कि लॉकडाउन का मतलब है कि लोग अपने घरों में ही रहें और बाहर न निकले। 

विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल ने पलवल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि मनरेगा के तहत कार्य बंद नहीं होंगे, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर छोटे-मोटे कार्य करवाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत बीपीएल परिवारों को तथा भवन निर्माण बोर्ड से जुड़े श्रमिकों को भी लॉकडाउन अवधि के दौरान सहायता राशि उनके खाते में पहुंचाई जा रही है। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का बकाया वेतन भी अगले 2 दिन में जारी कर दिया जाएगा।

        बैठक में इस बात के भी निर्देश दिए गए कि कोरोना वायरस से संबंधित जितनी भी एडवाइजरी व दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उनका अधिक से अधिका प्रचार-प्रसार हो, इसके लिए जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारियों के साथ तालमेल कर उनके विभाग के प्रचार वाहनों का प्रयोग किया जाए। साथ ही, यह विभाग दिन-प्रतिदिन सोशल मीडिया, प्रंिट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए नियमित रूप से मुख्यालय व जिला स्तर पर प्रेस नोट जारी कर रहा है, ताकि लोग अफवाहों से बचें और कोरोना वायरस, लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक हों। तस्वीर दिल्ली पलायन की 

खट्टर का एलान, मेडिकल कॉलेजों में तकनीकी कर्मचारियों की तीन माह की नियुक्ति


चंडीगढ़, 27 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आज प्रदेश के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में तकनीकी कर्मचारियों (डॉक्टर और प्रशिक्षित कर्मियों) को कम से कम तीन महीने की अवधि के लिए अनुबंध आधार पर नियुक्ति  के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है।

        एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने पीजीआईएमएस- रोहतक, भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज (महिला), खानपुर कलां, शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज - नलहर, कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, करनाल और महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज- अग्रोहा में नई प्रयोगशालाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।

        उन्होंने बताया कि इन प्रयोगशालाओं को 24 घंटे चलाने के लिए आज मुख्यमंत्री ने रिसर्च साइंटिस्ट (मेडिकल), रिसर्च साइंटिस्ट (नॉन-मेडिकल), रिसर्च असिस्टेंट, लैब टेक्नीशियन, डाटा  एंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्ति के लिए मंजूरी प्रदान की है।

हरियाणा में बिजली के कैश काउंटर बंद, 1 महीने तक बिजली के बिल पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा 


चण्डीगढ़, 27 मार्च- हरियाणा के बिजली तथा जेल मंत्री  रणजीत सिंह ने कहा कि कोरोना के चलते एक महीने तक विभाग के सभी कैश काउंटर बंद कर दिए गए हैं और एक महीने तक बिजली के बिल पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा, डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 2 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। उन्होंने कोरोना महामारी के चलते अपने कोष से मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में 5 लाख रुपये की राशि देने के साथ ही, जब तक यह महामारी रहती है तब तक हर महीने अपना वेतन देने की घोषणा की है।

श्री रणजीत सिंह ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि बिजली विभाग एक बड़ा विभाग है और सीधे तौर पर लोगों से जुड़ा हुआ है। इसलिए कोरोना महामारी के चलते विभाग के सभी कर्मचारियों को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

बिजली मंत्री ने बताया कि विभाग के कर्मचारी सभी जगह बड़ी ही मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी दे रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में कहीं भी ब्रेकडाउन में हो। विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर तरह से लोगों के लिए उपलब्ध रहें और मेरे दोनों फोन भी जनसाधारण के लिए 24 घंटे खुले हैं। प्रदेश में जहां कहीं भी ब्रेकडाउन होता है तो उसके लिए लोग सीधे मुझे भी फोन कर सकते हैं।

श्री रणजीत सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रदेश की जेलों में बंद लगभग 5000 कैदियों व बंदियों को पैरोल का लाभ दिया जाएगा और उनमें से ज्यादातर लोग आज अपने घरों को चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि अब तक प्रदेश की जेलों में एक भी संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है लेकिन फिर भी इस बात की एहतियात बरती जा रही है कि की जेलों में ज्यादा भीड़ ना हो।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री राजीव शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन और डीजीपी जेल श्री के.साल्वराज की कमेटी ने मिलकर निर्णय लिया है, जिसके तहत कैदियों व बंदियों को 8 सप्ताह तक की पैरोल दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जो बंदी या कैदी पहली बार पैरोल पर गए और समय पर लौट कर आ गए, उनकी पैरोल को और बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, जो कैदी या बंदी पैरोल पर जाना चाहता है उसे पैरोल दी जा रही है और जो जमानत पर जाना चाहता है, उसे जमानत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामलों में बंद कट्टर अपराधियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

बिजली मंत्री श्री रणजीत सिंह ने उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील को लोगों ने बड़ी गंभीरता से लिया है और लोग अपने घरों से बाहर नहीं जा रहे हैं। यह एक तरह का स्व अनुशासन है जो बेहद कामयाब रहा है और इससे हमें काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि वैसे तो प्रशासन और गैर-सरकारी संगठन लोगों की सेवा में लगे हुए हैं लेकिन फिर भी अगर किसी को कोई दिक्कत आती है तो वह किसी भी समय मुझसे संपर्क कर सकता है, मेरे फोन लोगों के लिए 24 घंटे खुले हैं। उन्होंने बताया कि मैं स्वयं सिरसा जिले में लोगों के लिए मास्क और सैनिटाइजर भिजवा रहा हूँ और इस कार्य में मेरी स्वयं की गाड़ी से हर रोज लगभग 20-20 गांव में जाकर लोगों को मास्क वह सैनिटाइजर दिए जा रहे हैं।

निकायों को मिले 500 करोड़ रुपये, 3 दिनों में हरियाणा की जनता के घर पहुँच जायेगा राशन 


चण्डीगढ़, 27 मार्च- हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि राज्य में अगले तीन दिनों के भीतर प्रदेश की सभी आंगनवाडिय़ों को निर्देशित किया गया है कि वे एक महीने के राशन की आपूर्ति घर द्वार पर पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग द्वारा सभी नगर निकायों के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं और सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस राशि का उपयोग वर्तमान में उत्पन्न हुई संकट स्थिति से निपटने के लिए नगर निकायों में केवल आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव हेतू ही उपयोग करना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव आज यहां संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। उन्होंने कहा कि आंगनवाडिय़ों के लाभार्थियों को सूखा राशन के सुचारू वितरण करने के लिए, संबंधित जिले के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को उनके अधिकार में आने वाली आंगनवाड़ी वर्करों को क्षेत्र और तिथि के अनुसार पास जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

बैठक में बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं कि ट्रकों में आने वाली आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही होनी चाहिए और इसके लिए पंचकूला में स्थापीत किए गए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में 24 घंटे डीएसपी स्तर के तीन अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि यदि इस प्रकार की कोई समस्या आती है तो वे ऐसे सभी वाहनों की निर्बाध आवाजाही को सुनिश्चित करवा पाएं। बैठक में मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि उद्योग एवं वाणिज्य के निदेशक, डॉ. साकेत कुमार को आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं के उद्योगों की आवागमन संबंधित तथा अन्य समस्याओं के निपटान के लिए नोडल अधिकारी लगाया गया है।

श्रीमती अरोड़ा ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकलांग, निराश्रित और अनाथ बच्चों की सूची तैयार करें, ताकि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल के बारे में पूछताछ करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने उपायुक्तों को अपने संबंधित जिलों में शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबरों को रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, ग्राम सरपंच आदि को भेजने के भी निर्देश दिए, ताकि लोग विभिन्न आवश्यक सेवाएं ले सकें।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के उन सभी व्यक्तियों, जो विदेश से लौटे हैं, उनकी सूची तैयार करें ताकि कोरोना वायरस जैसी बिमारी को फैलने से रोका जा सके। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी संगरोध (क्वारंटाइन) में रह रहे व्यक्तियों की भी निगरानी करें ताकि उनके स्वास्थ्य की नियमित रूप से देखभाल की जा सके। इसके अलावा, उन्होंने सभी संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने संबंधित अधिकार क्षेत्र में स्थापित किए गए कोविड-19 अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लें।

बैठक में बताया गया कि इस माह में होने वाली सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए, यदि अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव उपायुक्त, और विभागाध्यक्ष किसी कर्मचारी की सेवाओं को बढ़ाना चाहते हैं, तो उस स्थिति में संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदन करने के पश्चात प्रत्येक मामले के आधार पर सेवाओं को बढ़ाया जा सकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि जिन कर्मचारियों की इस माह सेवानिवृत्ति है, उन्हें अपनी एनओसी और सेवानिवृत्ति बकाया के संबंध में कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी, इसके लिए प्रावधान किया गया है कि उनकी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ स्वचालित (ऑटोमेटिक) उनके बैंक खाते में जमा करवा दिए जाएंगे।

बैठक में बताया कि असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को पर्याप्त संख्या में भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उर्वरकों की दुकानों को खुलवाना और उनकी दरों को नियंत्रित रखना सुनिश्चित करें तथा किसानों की क्षतिपूर्ति के उद्देश्य से फसल के नुकसान का निर्धारण करने के काम में लगाए गए बीमा कंपनियों के सर्वेयरों के सुचारू आवागमन को भी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, अधिकारियों द्वारा पंजाब की सीमा से लगे जिलों में कंबाइन हार्वेस्टर की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में बताया गया कि राज्य में प्रयाप्त मात्रा में दाल और सरसों के तेल का भण्डार है तथा संबंधित जिला के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी थोक विक्रेताओं को बताएं कि यदि उन्हें दाल और सरसों के तेल की आवश्यकता है तो वे नैफेड पर ऑनलाइन ऑर्डर दे सकते हैं। इसी प्रकार, प्रदेश की सभी तेल की मिलें संचालित हैं और यदि किसी थोक विक्रेता को तेल की आवश्यकता है तो वे ऑर्डर दे सकते हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और गरीब लोगों की अन्य श्रेणीयों के लिए आगामी 5 अप्रैल तक संबंधित डिपो को अप्रैल 2020 का नि:शुल्क राशन पहुंचा दिया जाएगा।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. के. दास, कृषि  एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. सी. गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस. एन. रॉय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद मोहन शरण, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव, गृह विभाग के सचिव श्री टी. एल. सत्यप्रकाश, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री पी.सी. मीणा, कार्मिक विभाग के सचिव श्री नितिन कुमार यादव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त श्री अशोक कुमार मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम सिटी के गांवों ने घर-घर जाकर मास्क बाँट रहे हैं एडवोकेट रमेश मैहला


नई दिल्ली: करोना जागरूकता अभियान के तहत हरियाणा के करनाल ज़िले के गाँव माजरा रोड़ान में एडवोकेट रमेश मैहला ने देश में पहल करते हुए पूरे गाँव में घर घर जाकर गाँव वसियों को करोना COVID-19 से बचाव के बारे में जागरूक किया व साथ ही जहाँ मास्क की कालाबाज़ारी होरही है वही क़रीब 10000 मास्क अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी समझते हुए अपनी तरफ़ से गाव वालों को निशुल्क वितरित किए ।

साथ हो सभी से अपील की के अनावश्यक रूप से घरों से बाहर ना निकले , बार बार हाथो को धोते रहे , साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखे , लोगों के सम्पर्क में कम से काम जाए ।

हरियाणा के 3.85 लाख श्रमिकों को 1,000 रुपये प्रति सप्ताह देंगे CM खट्टर 


चंडीगढ़, 26 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनेाहर लाल ने आज कहा कि सरकार ने  कोरोना से संक्रमित लोगों के आइसोलेटिड वार्ड में डयूटी या कोविड टेस्टिंग लैब में तैनात और इस प्रकार के कार्य में लगे कर्मचारियों को दी जाने वाली 10 लाख रुपये की एक्स-ग्रेशिया राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब डॉक्टरों के लिए एक्स-ग्रेशिया राशि को 50 लाख रुपये, नर्सों के लिए 30 लाख रुपये व अन्य कर्मचारी, चाहे पक्के हों या अनुबंध पर, के लिए 20 लाख रुपये किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार उनके अनाज के एक-एक दाने की खरीद करेगी। उन्होंने कहा कि फसल की खरीद में कुछ देरी हो सकती है, लेकिन खरीद अवश्य की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियों में 14 अप्रैल, 2020 तक खरीद करना संभव नहीं है, इसलिए परिस्थितियों के अनुकूल होते ही 15 अप्रैल और 20 अप्रैल से क्रमश: सरसों और गेहूं की खरीद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि जितना संभव हो अपनी फसल को घर में स्टोर करें और संभव न हो पाए तो मार्किटिंग बोर्ड की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन और खरीद में देरी के कारण किसानों को हो रहे नुकसान की भरपाई की व्यवस्था के लिए शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा एक योजना घोषित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आज चण्डीगढ़ से टेलीविजन के माध्यम से प्रदेश के लोगों को कोरोना वायरस से लडऩे के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे जानकारी देते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया व अन्य अफवाहों से भ्रमित न हों। सरकार लोगों की सुविधा के लिए हर प्रकार के प्रबंध कर रही है और सरकार ने एक वैबसाइट covidssharyana.in शुरू की है जिस पर राशन, करियाना, दूध, सब्जी व फल और दवाइयों आदि की आपूर्ति करने के इच्छुक व्यक्ति अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

        इसके अतिरिक्त, स्वैच्छिक सेवा के लिए भी इस पर पंजीकरण करवाया जा सकता है। यह वैबसाइट इसलिए शुरू की गई है ताकि लोगों को रोजमर्रा की जरूरत की चीजें समय पर मिल सकें। इस वैबसाइट पर पंजीकरण करवाने वाले लोगों को ई-पास जारी किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल, 2020 तक घोषित किया गया सम्पूर्ण भारत लॉकडाउन कोरोना वायरस से लोगों की स्वयं की, परिवार की व समाज की सुरक्षा ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता की सुरक्षा है। पूरा विश्व इस जंग से जूझ रहा है। सभी को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर विश्व सुरक्षा के लिए मिलकर लडऩे का संकल्प लेना होगा और इसे हम लॉकडाउन से सोशल डिस्टेसिंग अर्थात एलडी से एसडी बनाकर रहेंगे तभी हम इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं। कोरोना हरियाणा से हारेगा और कोरोना भारत से भागेगा।

उन्होंने बताया कि सब प्रकार की रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं लोगों के घरद्वार पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के माध्यम से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। हमने प्रशासन के साथ-साथ वालंटयिर्स के सहयोग के लिए पोर्टल में पंजीकरण करवाने की ऑनलाइन व्यवस्था की है। पिछले चार दिनों अर्थात 22 मार्च से 33,000 वालंटयिर्स ने अपना पंजीकरण करवाया है जिनमें 546 सेवानिवृत डॉक्टर, 255 नर्स, 1100 पेरामेडिकल स्टाफ, 4700 होम डिलीवरी कर्मी, 5700-5700 सोशल डिस्टेसिंग व कम्यूनिटी कम्यूनिकेशन के बारे जानकारी देने वाले विशेषज्ञ तथा 6200 जिला मेजिस्ट्रेट को सहयोग देने वाले व्यक्ति शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों को इस बात से भी अवगत करवाया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए प्रदेश में पांच लैब की सुविधा उपलब्ध है तथा दो और टेस्टिंग लैब के प्रबंध किए जा रहे हैं। इसीप्रकार, व्यापक मात्रा में 2500 आइसोलेटिड बैड तथा लगभग 6500 क्वारंटाइन बैड उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के संक्रमित लोगों का इलाज कर रहे मेडिकल सेवा के अधिकारी व कर्मचारी जोखिम उठाकर लोगों के लिए कार्य कर रहे हैं। इनकी व इनके परिवार की चिंता करना भी सरकार का कर्तव्य बनता है। इन लोगों के प्रति हम कृतज्ञ हैं।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हरियाणा कोरोना राहत कोष का गठन किया है और इस कोष में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों ने 5.84 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस कोष में ई-बैंकिंग या आरटीजीएस या क्यूआर कोड, यूपीआई, एनईएफटी के माध्यम से राशि जमा कर सकता है। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक,पंचकूला में खाता संख्या 39234755902 खोला गया है तथा बैंक का आईएफएससी कोड-0001509 है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिहाड़ीदार, मजदूर व भवन निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिक व बीपीएल परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए प्रबंध किए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्घि योजना के तहत 12.56 लाख परिवारों ने पंजीकरण करवाया। इनमें से 2.76 लाख परिवारों को 4,000 रुपये की एक मुश्त सहायता के  तौर पर 84.46 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसीप्रकार, भवन निर्माण बोर्ड से पंजीकृत 3.85 लाख श्रमिकों को 1,000 रुपये प्रति सप्ताह देने का निर्णय है। बीपीएल परिवारों को भी 1,000 रुपये प्रति सप्ताह दिए जाएंगे और जो परिवार बीपीएल सूची में नहीं हैं, उनके पंजीकरण की अलग से व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बिजली के बिल भरने पर कैश कांऊटर पर लगने वाली भीड़ से बचने के लिए बिजली निगमों ने 14 अप्रैल, 2020 कैश काऊंटर बंद करने का निर्णय लिया है। लोगों की सुविधा के लिए डिजिटल बिल की व्यवस्था की गई है। लोग चाहे आरटीजीएस या वीवीपीएपैट या एनईएफटी के माध्यम से भी बिजली बिलों का भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए निगमों द्वारा उनके अगले बिल में दो प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। 1,000 रुपये के बिल पर 20 रुपये तथा 5,000 रुपये तक के बिल पर 100 रुपये की छूट दी जाएगी।

मुख्य सचिव के कई खास निर्देश, देर रात तक खुली रहेंगी किराने और दवाइयों की दुकानें


चंडीगढ़, 25 मार्च- हरियाणा की मुख्य सचिव  केशनी आनन्द अरोड़ा ने सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 21 दिनों तक राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए और आज शाम तक घर-घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाए। इसके अलावा, सभी पुलिसकर्मी जो मौके पर मौजूद हैं, वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीद करने जा रहे आम लोगों को न रोकें और उन्हें पूरी चैकिंग के साथ आने-जाने दिया जाए।

          मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज यहां सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करके दिए।

          मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे देश में 21 दिनों तक घोषित किए गए लॉकडाउन की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती यही है कि किस प्रकार लोगों को उनके घर द्वार तक आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि लोग बिल्कुल भी घर से बाहर न निकलें, यह तभी संभव होगा जब उन्हें दैनिक जरूरतों की चीजें उनके घर द्वार पर मिलेंगी। इसके लिए सभी मंडल आयुक्त, जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में क्षेत्र या वार्ड अनुसार सब्जी, दूध और परचून विक्रेताओं की लिस्ट और उनके नंबर अपनी वैबसाइट पर अपलोड करें और मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक इन नंबरों की जानकारी पहुंचाए ताकि लोग अपने वार्ड अनुसार इन विक्रेताओं से सीधे बात करके आवश्यक वस्तुएं प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय दूध की आपूर्ति सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ानी होगी ताकि दूध की उपलब्धता व आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

          उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों के व्यापारियों, थोक और खुदरा विक्रेताओं से संपर्क में रहें और सभी प्रकार की आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किराने और दवाईयों की दुकानें खुली रखें और इनके लिए किसी प्रकार का समय निर्धारित न करें। यदि निर्धारित समय में ये दुकानें खुलेंगी तो लोगों की भीड़ इकठ्ठा  होती रहेगी, इसलिए भीड़ को रोकने के लिए इन दुकानों को जितना हो सके उतनी देर तक खुली रहने दी जाएं और रात के समय भी इन दुकानों को खोला जाए, ताकि लोग एक समय में इकठ्ठा न होकर आराम से इन आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर सकें।

          श्रीमती अरोड़ा ने यह भी निर्देश दिए कि सब्जी उत्पादकों को मंडी तक आने दिया जाए और उन्हें वापिस जाते समय एक पास या पत्र दिया जाए ताकि खाली गाड़ी को पुलिसकर्मी न रोकें। इसके अलावा, आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में लगे वाहनों पर ‘‘आवश्यक वस्तुओं की सेवाएं’’ का एक स्टीकर लगा हो, जिससे नाकों पर पुलिसकर्मी इन वाहनों को बार-बार न रोकें और आपूर्ति श्रंख्ला लगातार चलती रहे।

          मुख्य सचिव ने कहा कि इस संकट के समय मनुष्य के साथ-साथ जानवरों व पक्षियों के लिए खाना व चारा भी महत्वपूर्ण तथा आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आता है। इसलिए जानवरों व पक्षियों के लिए खाना व चारे की भी आवाजाही लगातार बनी रहनी चाहिए। इसके लिए गृह विभाग की ओर से भी पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए जाएं ताकि वे इन वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को न रोकें।

        उन्होंने निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपो भी खुले रहेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि थोक विक्रेताओं को आने वाले सामान की निरंतर आपूर्ति के लिए मैन्यूफक्चरिंग यूनिटों व फैक्ट्रियों को भी खुला रहने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, फूड प्रोसेसिंग यूनिट व पैकेजिंग युनिटों को भी चलने दिया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुएं या मैन्यूफक्चरिंग यूनिटों के लिए जो कच्चा माल पड़ोसी राज्यों से आता है, उनकी आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या या बाधा न आए, इसके लिए पुलिस विभाग पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करके अंतरराज्यीय बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करे।

        उन्होंने निर्देश दिए कि बेघर और दिहाड़ी मजदूरों को राशन पहुंचाना और यदि आवश्यक हो तो खाना बनाकर भी उनके घर द्वार तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो वीटा बूथों पर हैफेड के सहयोग से आटा, चावल, तेल इत्यादि के स्टॉक की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सामान्य बिमारियों या समस्यों जैसे डायबटिज, ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्याओं के लिए सामान्य रूप से मिलने वाली दवाओं की भी उपलब्धता व आपूर्ति सुनिश्चित की  जाए ताकि लोगों में घबराहट के हालात न पैदा हों।

          मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट्स पीजीआई द्वारा निर्देशित तकनीकि मानदंड के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में बनवाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हाइड्रोक्लोरोक्वीन और कोलोरोक्वीन दवाई को डॉक्टर की पर्ची के बिना देना बंद किया जाए।

          बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने बताया कि 3 डीएसपी अलग-अलग शिफ्टों में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में बैठेंगे और प्रदेशभर से आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या आएगी तो ये अधिकारी मौके पर निर्णय लेकर संबंधित उपायुक्त और एसपी से बात करके समस्या को हल करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि नाकों पर खड़े पुलिसकर्मी भी सोश्ल डिस्टेसिंग का पालन करें और एक-दूसरे से दूर खड़े हों। नाकों पर सैनेटाईजर की भी व्यवस्था हो।
 बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. के. दास, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. सी. गुप्ता, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री पी.सी. मीणा, कार्मिक विभाग के सचिव श्री नितिन कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लॉकडाऊन को मजाक न समझें हरियाणा के लोग- कल से और बजेंगी लाठियां  


सन्तोष सैनी: झज्जर, 24 मार्च। कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन में झज्जर जिला प्रशासन की ओर से आमजन को सहयोगी बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में गठित टीमें निरंतर जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में मोनिटरिंग कर रही हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से प्रिंट, इलैक्ट्रोनिक व सोशल मीडिया सहित गांवों में मुनादी के माध्यम से जिलावासियों को घर पर रहकर सुरक्षित माहौल बनाए रखने का आह्वान किया जा रहा है।
         उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने बताया कि झज्जर जिला के चारों उपमंडल बेरी, बहादुरगढ़, बादली व झज्जर में संबंधित एसडीएम लॉकडाऊन को प्रभावी ढंग से क्रियांवित करवाने के लिए फ्लैग मार्च भी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि झज्जर जिला प्रशासन की ओर से लोगों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है, ऐसे में अति आवश्यक वस्तुओं की बिक्री सुव्यवस्थित ढंग से करवाई जा रही है। साथ ही लोगों के बीच डिस्टेंस मेंटेन करने के लिए सब्जी मंडी में भी स्टाल को दूर-दूर करते हुए आमजन के लिए खोला गया है।

       बेरी में एसडीएम बेरी डा. राहुल नरवाल, झज्जर में एसडीएम शिखा, बहादुरगढ़ में एसडीएम तरुण पावरिया व बादली क्षेत्र में एसडीएम विशाल पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जिला में लागू की गई धारा 144 की पालना पुलिस टीम के साथ सुनिश्चित की जा रही है।
बेरी में नहीं लगेगा इस बार नवरात्र मेला
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर इस बार झज्जर जिला के बेरी उपमंडल में मां भीमेश्वरी देवी मंदिर परिसर में नवरात्र मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है। एसडीएम बेरी डा. राहुल नरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर बेरी में मां भीमेश्वरी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतया बंद रहेगा और केवल पूजारी ही पूजा अर्चना करेंगे। उन्होंने देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस बार वे अपने घरों में ही रहकर नवरात्र के दौरान पूजा करें।

शहर व गांव के साथ ही सरकारी कार्यालयों को भी किया जा रहा है सैनेटाइज
उपायुक्त के निर्देशानुसार कोरोना वायरस से बचाव को लेकर सैनेटाइज प्रक्रिया निरंतर जारी है। झज्जर, बेरी व बहादुरगढ़ शहरी क्षेत्र में शहरी निकाय द्वारा जहां ब्लीचिंग पाऊडर के सैनेटाइजर स्प्रे का उपयोग किया जा रहा है वहींं सरकारी कार्यालयों को भी सैनेटाइज किया जा रहा है। गांवों में संबंधित बीडीपीओ की देखरेख में सैनेटाइज किया जा रहा है और लोगों को अपने घरों में रहकर सफाई रखने केे लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।
लॉकडाऊन के दौरान यह है स्थिति
झज्जर जिला में लॉकडाऊन के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर बाकी सभी गैर जरूरी सेवाएं बंद रखी जा रही हैं। किसी भी सार्वजनिक परिवहन सेवा को अनुमति नहीं दी जा रही, इसमें निजी बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, रिक्शा, ई-रिक्शा सब बंद किए गए हैं। सभी दुकानें, बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, फैक्ट्री, वर्कशॉप, ऑफिस, गोदाम, साप्ताहिक बाजार यह सब बंद रखे गए हैं।
         सभी तरह के धार्मिक स्थान जहां भीड़ की आशंका है, वह बंद किए गए हैं। लॉक डाऊन में सरकारी हो या निजी कंपनी सभी बंद रहेंगी, सिर्फ जरूरी विभागों के कार्यालय ही खुले रहेंगे ।
क्या निजी वाहन चला सकेंगे
- अगर बहुत जरूरी हो तो ही लॉकडाऊन में निजी वाहनों का प्रयोग किया जा सकता है
-  बिना वजह बाहर घूमने पर सरकार कार्यवाही कर सकती है।
- आपात अवस्था में एंबुलेंस को भी बुला सकते हैं।
क्या आप घूमने जा सकेंगे
- लॉकडाऊन का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोग एक दूसरे के संपर्क में न आएं इसलिए जब तक जरूरी ना हो, अपने घर से बाहर न निकलें।  
क्या शादी विवाह के कार्यक्रम होंगे
- संक्रमण फैलने को रोकने के लिए किसी भी शादी, जन्मदिन की पार्टी अथवा अन्य कोई सामाजिक कार्यक्रम में लोगों के जुटने पर पाबंदी रहेगी
किन लोगों को छूट मिलेगी
- पुलिस का काम जारी रहेगा, साथ ही कानून व्यवस्था को लागू कराने वाले विभाग भी काम करेंगे
- स्वास्थ्य कर्मियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों का काम जारी रहेगा
-  बिजली व पानी के कार्यालय भी खुले रहेंगे
- नगर निकाय के साफ-सफाई या कूड़ा उठाने जैसे काम भी चलते रहेंगे
- इसके अलावा जेल विभाग के काम भी चलते रहेंगे
- मीडिया कर्मियों को भी इस दौरान आने की छूट होगी
क्या पेट्रोल पंप खुले रहेंगे
- सरकार ने पेट्रोल पंपों और एटीएम को आवश्यक श्रेणी में रखा है, इसलिए जरूरत के हिसाब से इन्हें खोला जा रहा है ।
लॉकडाऊन में क्या-क्या खुला रहेगा :
- दूध, सब्जी, फल और दवा की दुकानें लॉकडाउन के दौरान खुले रहेंगे
- अस्पताल और क्लीनिक भी इस दौरान खुले रहेंगे
- इसके अलावा राशन और रोजमर्रा की आवश्यकता की वस्तुओं की दुकानें, किरयाना व ग्रोसरी स्टोर भी खुले रहेंगे
- किसी बेहद जरूरी काम के लिए भी प्रशासन की ओर से छूट मिल सकती है
- बैंकों के कैश से जुड़ी सुविधाएं ए टी एम आदि खुली रहेंगी,
- टेलीकॉम, इंटरनेट और डाक सेवा जारी रहेगी ।