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श्रमिकों को मेहमान समझती है हरियाणा सरकार, मिलता है प्यार, जो जा रहे हैं फिर आएंगे


चंडीगढ़, - वैसे तो हर आदमी को अपना घर प्यारा होता है। लेकिन इसके बावजूद कुछ न कुछ बेहतर करने की चाहत और रोजी-रोटी की तलाश में बहुत-से लोगों को अपना घर-बार छोडक़र दूसरी जगह जाना पड़ता है। लेकिन कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि प्रवास में रहते हुए भी उसे रोजी-रोटी का संकट हो जाता है।

कोरोना वायरस के चलते आज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उद्योग-धन्धे ठप्प होकर रह गए हैं। कोविड-19 पर काबू पाने को देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के चलते जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, वे हैं प्रवासी मजदूर। हरियाणा में भी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में आए थे। इनमें से कुछ फैक्ट्रियों में लगे हुए थे तो कुछ भवन निर्माण जैसी गतिविधियों से जुडक़र हरियाणा की तरक्की में अहम योगदान दे रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के दौरान जब इनकी रोजी-रोटी पर संकट आया तो सरकार का चिंतित होना लाजमी था।

ऐसे में मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने जिला प्रशासन समेत पूरी सरकारी मशीनरी को हिदायत दी कि लॉकडाउन के दौरान न केवल हर मजदूर के रहने और खाने-पीने का उचित प्रबंध किया जाए बल्कि प्रवासी मजदूरों को किसी भी हाल में यह महसूस न होने पाए कि वे अपने घर और ‘अपनों’ से कोसों दूर हैं। यही कारण था कि पूरे प्रदेश में बनाए गए शैल्टर होम्स में मजूदरों के रहने और खाने-पीने के पूरे इंतजामात किए गए और इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि हमारे इन  ‘मेहमानों’ को कोई तकलीफ न हो।

लॉकडाउन के तीसरे चरण में जब केन्द्र सरकार ने कुछ ढील दी और इन मजूदरों की अपने घर वापसी की सम्भावनाएं बनी तो हरियाणा सरकार ने फिर से सक्रियता दिखाते हुए इन मजदूरों के घर लौटने का प्रबंध किया। इसी कड़ी में हिसार के रेलवे स्टेशन से भी लगातार दो दिन तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 2400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को बिहार पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन ने जिस आत्मीयता और अपनत्व के साथ इन ‘मेहमानों’ को उनके घरों के लिए रवाना किया, उससे हर किसी का भाव-विभोर हो जाना लाजमी है।

हिसार के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर एक प्रवासी मजदूर अपनी लगभग 6 वर्षीय बच्ची को कंधे पर बैठाए प्लेटफार्म की ओर चला जा रहा था। तभी रेलवे स्टेशन पर कोई मिलता है और बच्ची को स्नेह के साथ बार्बी डॉल और कुछ चॉकलेट देकर दोबारा आने का भावपूर्ण न्योता देता है। तभी एक टीम बच्ची को दुलारते हुए उस श्रमिक को खाने का पैकेट, पानी की बोतल और टिकट देती है। यह सुखद अनुभव केवल इस एक श्रमिक को नहीं बल्कि यहां से बिहार के लिए रवाना किए गए हर कामगार के जीवन को छूता चला गया। यहां से ट्रेन की सीटी बजने के साथ ही इन श्रमिकों ने भावपूर्ण ढंग से हाथ हिलाकर, ताली बजाकर और न जाने धन्यवाद के कितने तरीकों से उनके रहने और खाने-पीने के प्रबंधों में तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार जताया।

दरअसल, श्रमिकों को इस प्रकार का ट्रीटमेंट देने और उन्हें सुखद अहसास करवाने के पीछे हिसार की जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी का अहम योगदान रहा। उपायुक्त ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से तमाम प्रबंध करवाए। उन्हें यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हमें उनकी भावनाओं की, उनकी जरूरतों की और उनकी मुश्किलों की फिक्र है। यही कारण है कि वापस अपने गृहराज्य जाने वाले श्रमिक खास होने के अहसास से भर उठे। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के भावपूर्ण निमंत्रण और अपनेपन से भरे व्यवहार ने उन तमाम प्रवासी मजदूरों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि हरियाणा से उनका नाता एक ‘नियोक्ता और श्रमिक’ से कहीं बढकऱ है और उनका सुख-दुख हर हरियाणवी का सुख-दुख है। उम्मीद हरियाणा सरकार और प्रदेशवासियों का अपनत्व का यह व्यवहार हालात सामान्य होने के बाद इन तमाम प्रवासी मजदूरों को फिर से हरियाणा का रुख करने के प्रेरित करेगा।

कई बड़ी कंपनियों के साथ तीन दिनों तक चली बैठक में क्या हुआ पढ़ें


चंडीगढ़,9  मई- हरियाणा द्वारा 6, 7, और 8 मई, 2020 को आयोजित तीन दिवसीय वेबिनार का कल सफलतापूर्वक समापन हो गया। एचएसआईआईडीसी के चेयरमैन एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  राजेश खुल्लर द्वारा परिकल्पित ‘वेबिनार’ को इन तीन दिनों में 60 से अधिक कंपनियों से  जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जो सरकार के अभिनव दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है।

आज, ‘वेबिनार’ के तीसरे और आखिरी दिन ऐसे कई क्षेत्रों, जिनकी आपूर्ति श्रृंखला कोरोना महामारी द्वारा बाधित हो गई है, के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत सुझावों सहित महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मिली। वेलस्पन इंडिया, वीवो मोबाइल्स, एडिसन मोबिलिटी, यूएसआईबीसी, हैवस, गेस्ट्योर, आदित्य इंटरसीज, एडसन इंपेक्स, लाइफस्किल फाउंडेशन, हीरो इलेक्ट्रिक, एचसीसी एंड आई, नॉर्थवार्ड इंफ्रा जैसी बड़ी कंपनियों ने इसमें भाग लिया।

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के चेयरमैन एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने भी हरियाणा को निवेश के लिए एक व्यवहार्य गंतव्य बनाने वाली राज्य की नीतियों और कारकों के बारे में हुई इस विस्तृत चर्चा में शिरकत की।

‘वेबिनार’ के पिछले तीन दिनों में उद्योगपतियों द्वारा एग्जिम पॉलिसी की समीक्षा, वेयरहाउसिंग के लिए लीज पर भूमि की पेशकश, किराये के आवास पर नीतिगत बल के रूप में कई नीतिगत सुझाव दिए गए। उम्मीद है कि ‘पट्टेï पर जमीन’ की नई नीतिगत व्यवस्था राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी। इस नीति का प्रारूप तैयार किया जा रहा है और इसका शीघ्र ही अनावरण कर दिया जाएगा। हरियाणा में कारोबार करने की लागत में कटौती करने वाली इस पहल को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

‘वेबिनार’ श्रृंखला, जिसके दौरान औद्योगिक भागीदारों और विशेषज्ञों के साथ समान रूप से लाभदायक चर्चा की गई, को गत तीन दिनों के दौरान मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से इस कठिन समय में चमकने और देश के औद्योगिक पावरहाउस के रूप में अपना दर्जा बरकरार रखने के राज्य के लक्षित दृष्टिकोण की गूंज सुनाई दे रही थी। इस बातचीत से 1500 से 2000 करोड़ रुपये के बीच निवेश होने की उम्मीद है। राज्य इस बढ़त पर आगे काम करेगा और ‘वन-टू-वन’ आधार पर इन निवेशकों तक पहुंचेगा।

इस पहल की सफलता से उत्साहित होकर, राज्य ऐसे और भी ‘वेबिनार’ आयोजित करने की योजना बना रहा है जो विशिष्ट क्षेत्रों और देशों को लक्षित होंगे।

लपका गया खट्टर का चौका, दुकानों पर मच्छर मारने लगे शराब विक्रेता, नशा माफियाओं के चंगुल में सरकार 


नई दिल्ली/ चंडीगढ़: लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने देश में शराब के ठेके खोलने की अनुमति दी और अचानक कई राज्यों में शराब के दाम सरकारी ठेकों पर लगभग  दोगुना कर दिए गए। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों में शराब के ठेकों पर भारी भीड़ देख हरियाणा सरकार ने शराब के ठेके खोलने के आदेश दिए और शराब के दाम यहाँ भी लगभग दोगुना कर दिए गए। सोशल मीडिया पर तमाम व्यंग आये और कहा गया कि शराबी ही देश की अर्थ व्यवस्था संभाल रहे हैं। ये व्यंग था लेकिन सरकार ने पैसा कमाने के लिए सच में ऐसा ही किया और कई राज्यों में शराब के दामों में लगभग दो गुना की बढ़ोत्तरी कर दी गई। दिल्ली में तो आज भी शराब के ठेकों पर भारी भीड़ दिखी लेकिन हरियाणा की बात करें तो तमाम शराब के ठेकों पर बैठे शराब बेंचने वाले कल से ही मच्छर मार रहे हैं। पहले दिन कई ठेकों पर कुछ लोग दिखे थे लेकिन उसके अगले दिन से ठेके सूनसान होने लगे। आज कई ठेकेदारों से बात हुई जिनका कहना है कि लोग दाम आते हैं और रेट सुनकर आगे बढ़ जाते हैं। अब शराब के खरीददार न के बराबर हैं। कुछ ठेकेदारों का कहना है कि अधिकतर प्रवासी प्रदेश से बाहर जा चुके हैं इसलिए अब? कुछ  का कहना है कि मंहगी होने के कारण लोग नहीं खरीद रहे हैं। 

हमने कई ठेकेदारों से पूंछा कि जब बिक्री बंद थी तो कुछ लोग ब्लैक में तीन से चार गुना दाम देकर शराब खरीद रहे थे तो अब दोगुना दाम पर ठेके से क्यू नहीं खरीद रहे है तो ठेकेदारों का कहना था कि उस समय सिर्फ पांच से 10 फीसदी लोग ऐसा करते थे। 90 फीसदी लोग न उस समय ब्लैक में खरीदते थे न अब सरकारी ठेकों पर दोगुना हुए दाम पर खरीद रहे हैं। हमारे ठेकों पर काम करने वाले कर्मचारी अब मच्छर मार रहे हैं। 100 लोग आते हैं तो 10 लोग खरीदते हैं। 90 लोग दाम पूंछ चले जाते हैं। 

यही नहीं हरियाणा में अब बीड़ी सिगरेट के दाम भी दोगुना कर दिए गए हैं और बीड़ी सिगरेट विक्रेताओं का कहना है कि सरकार ने ये दाम दोगुना किया है जबकि हरियाणा सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। दो ही बातें हो सकती हैं, या तो बीड़ी सिगरेट की कालाबाजारी हो रही है और नशा माफिया अपना खजाना भर रहे हैं। या खट्टर सच में हरियाणा के सबसे कमजोर सीएम साबित हो रहे हैं। अगर बीड़ी सिगरेट के दाम बढ़ाये गए हैं और दोगुना किये गए हैं तो सरकार की तरफ से ऐसा कोई प्रेस नोट क्यू नहीं आया, अगर माफिया ऐसा कर रहे हैं और सरकार अपनी जगह पर ठीक है तो सरकार के तमाम सम्बंधित विभाग के अधिकारी कहाँ  सो रहे हैं।
कल से लेकर आज तक हरियाणा में बीड़ी सिगरेट में माफियाओं ने कई हजार करोड़ कमा लिए हैं। ये पैसे सरकार के खाते में गए हैं तो ठीक है। माफियाओं के खजाने में गए हैं तो? प्रदेश के कमजोर सीएम का फायदा उठा रहे हैं माफिया। वैसे आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने शराब के दामों की जो लिस्ट जारी की है कई शराब विक्रेता उससे ज्यादा दाम पर शराब बेंच रहे हैं। गोलमाल है भाई, सब गोलमाल है? एक जिले में लकडाउन के दौरान करोड़ों का शराब घोटाला हो गया। उप मुख्य्मंत्री दुष्यंत चौटाला पर भी सवाल उठने लगे हैं। 

हरियाणा में शराब घोटाला, IPS सुभाष यादव सहित इन अधिकारियो से जांच करवाएंगे विज


चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के गृह मंत्री  अनिल विज ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान शराब के ठेके बंद होने के कारण सोनीपत जिले के खरखौदा सहित पूरे राज्य में अवैध शराब की बिक्री के सभी मामलों की जांच के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारीके नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है, जो एक महीने के अन्दर अपनी रिपोर्ट देगा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक तथा अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त इस जांच दल के सदस्य होंगे।  विज ने कहा कि आईएएस अधिकारियों में अशोक खेमका,  संजीव कौशल व  टी.सी गुप्ता में से एक तथा आईपीएस  सुभाष यादव व अतिरिक्त आबकारी आयुक्त  विजय सिंह जांच करेंगे। 
        आज यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब  विज से खरखौदा गोदाम से शराब चोरी मामले में टिप्पणी चाही तो उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक शराब गोदाम में रहती है, वह आबकारी विभाग की सम्पत्ति होती है। उन्होंने कहा कि अब तक आबकारी विभाग द्वारा शराब चोरी होने की एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। एफआईआर के बाद ही पुलिस जांच करेगी। उन्होंने कहा कि खरखौदा गोदाम मालिक के बारे पहले भी अवैध शराब की बिक्री में संलिप्त होने की जानकारी है। खरखौदा गोदाम से शराब की 5000 पेटियां कम मिली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री व उप-मुख्यमंत्री के बीच इस मुद्दे को लेकर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

        गृह मंत्री ने कहा कि शराब के ठेके खोलने के लिए ढील दी गई है, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ही शराब खरीद करनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग न बनाएं रखने से महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है, अगर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया तो यह ढील वापिस भी ली जा सकती है।

        कोरोना वैश्विक महामारी के चलते विदेशों में रह रहे हरियाणा के अप्रवासी भारतीयों के बारे पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा कि  हरियाणा के लगभग पांच हजार एनआरआई ने स्वदेश वापसी के लिए वैबपोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इन्हें गुरुग्राम के निकट संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा और उसके बाद उनके गृह जिलों में क्वारंटाइन किया जाएगा। इनके लिए घर में क्वारंटाइन की अनुमति नहीं होगी।

        प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधों के बारे पूछे जाने पर श्री विज ने कहा कि ज्यों-ज्यों प्रवासी मजदूरों के गृह राज्यों से अनापत्ति   प्रमाण-पत्र प्राप्त होते हैं, उनको सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से भेजा जा रहा है। अब तक एक लाख मजदूरों ने वापस जाने के लिए पंजीकरण करवाया है। पिछले दो दिन में विभिन्न स्थानों से चार विशेष रेल गाडिय़ां भेजी जा चुकी हैं तथा रेल मंत्रालय से कुछ और रेलगाडिय़ां उपलब्ध करवाने के लिए बातचीत की गई है। इसके साथ-साथ, इन्हें बसों से भी भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं।  

एक हफ्ते में 100 रेलगाडिय़ों व 5000 बसों से प्रवासियों को उनके घर पहुंचाएंगे खट्टर 


चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल के वायदे के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को अगले सात दिनों में 100 रेलगाडिय़ों व 5000 बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में नि:शुल्क पहुंचाया जाएगा। प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाडिय़ों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश व पूर्वी उत्तर-प्रदेश के लिए 100 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ां चलाई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल-प्रदेश, पंजाब और उत्तराखण्ड में 5000 बसों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जाएगा।

इसी प्रकार, प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की हर प्रवासी श्रमिक और खेतीहर मजदूर को उनके गृह राज्यों में हरियाणा सरकार की ओर से मुफत भेजने के लिए की गई घोषणा के उपरांत अब तक 23452 ऐसे प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न रेलगाडिय़ों व बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक राज्य से 13347 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, उत्तराखण्ड राज्य के 3133 प्रवासी मजदूरों को भेजा गया है, वहीं, 3593 प्रवासी मजदूरों को बिहार भेजा गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि 2549 प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश, 435 प्रवासी मजदूरों को राजस्थान, 221 प्रवासी मजदूरों को पंजाब, 54 प्रवासी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश, 46 प्रवासी मजदूरों को केरल, 32 प्रवासी मजदूरों को असम, 23 प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र और 19 प्रवासी मजदूरों को गुजरात पहुंचाया जा चुका है। 

हरियाणा में जघन्य अपराधों में भारी गिरावट


रोहतक, । हरियाणा पुलिस विभाग द्वारा 25 मार्च, 2020 से राज्यव्यापी लाकॅडाऊन के दौरान लागू किए गए विभिन्न प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप, प्रदेश में अप्रैल 2020 माह के दौरान विभिन्न जघन्य अपराधों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
          पुलिस कर्मियों द्वारा गश्त बढ़ाते हुए अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला नाकों की स्थापना और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही का दायरा कम होने के कारण अपराध के विभिन्न श्रेणियों में अप्रैल 2020 के दौरान एक प्रभावशाली और अभूतपूर्व गिरावट आई है।
           पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), हरियाणा, मनोज यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल 2020 के दौरान पिछले साल इसी अवधि की तुलना में क्राईम अगेंस्ट पर्सन्स के मामलों में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसी अवधि में, हत्या के मामलों की संख्या गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 94 से घटकर 49 रह गई जो 47.9 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।  चोटिल होने के मामले (साधारण और गंभीर दोनों तरह की चोट) अप्रैल 2019 में दर्ज 221 से घटकर इस वर्ष 149 हो गए, जिसके परिणामस्वरूप 32.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
      लड़कों और पुरुषों के अपहरण की वारदातें भी अप्रैल 2019 के 44 से घटकर 2020 में सिर्फ 7 ही रह गई, जोकि 84 प्रतिशत कम है। धारा 346 के तहत दर्ज होने वाले गलत तरीके से कारावास के मामलों में 740 केस (76.7 प्रतिशत) की भारी गिरावट आई है, जो अप्रैल 2019 के 965 मामलों से घटकर इस साल 225 रह गए हैं। इसी प्रकार, क्रिमिनल ट्रैसपास की वारदातों में गत माह इसी अवधि के दौरान 75 मामलों (47 प्रतिशत) की गिरावट देखी गई।
           इसी प्रकार जहां तक संपत्ति के खिलाफ अपराध की बात है, अप्रैल 2020 में सेंधमारी के मामलों में 35 फीसदी की गिरावट आई है। अप्रैल 2019 में 556 मामलों की तुलना में इस साल अप्रैल में केवल 358 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, चोरी की वारदातों ने अपराध में भारी गिरावट को स्पष्ट किया है जो अप्रैल 2019 में दर्ज 1961 मामलों से इस सालघटकर 355 रह गए। चोरी के मामलों में 1606 केसों (82 प्रतिशत) की गिरावट अभूतपूर्व है। मोटर वाहन चोरी के मामले जो अप्रैल 2019 में 1424 थे, अप्रैल 2020 में घटकर मात्र 217 रह गए।
          हालांकि, अपराध की कुछ श्रेणियां इस गिरावट की प्रवृत्ति के अनुरूप नहीं रही हैं। उदाहरण के तौर पर, गैरकानूनी असेंबली के मामले इसी अवधि में 151 से बढकर 159 हो गए, जो पुलिस द्वारा विभिन्न जिला मजिस्ट्रेटों सेे सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन करने पर दर्ज किए गए मामलों का एक परिणाम है। आईपीसी की धारा 188 (कानूनन आदेशों का उल्लंघन) के तहत दर्ज मामलों में तेज उछाल आया क्योंकि पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और हरियाणा महामारी नियमन 2020 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के लिए विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ 2681 मामले दर्ज किए, जबकि गत वर्ष अप्रैल में केवल 26 मामले दर्ज किए गए थे।

          हालांकि तुल्नात्मक आंकडों के अनुसार हत्या के प्रयास के मामले कमोबेश ऐसे ही बने रहे, जो 64 से घटकर इस साल 62 रह गए। इसी अवधि के दौरान दहेज हत्या के मामले 24 से कम होकर 22 दर्ज हुए। धोखाधड़ी के मामलों में भी अधिक गिरावट नहीं हुई क्योंकि अप्रैल 2019 में 293 मामलों की तुलना में अप्रैल 2020 में 287 मामले दर्ज किए गए।
        डीजीपी ने चेताया कि गंभीर अपराधों में आई गिरावट एक अस्थायी घटना है क्योंकि यह असााधारण परिस्थितियों में हुआ है। उन्होंने जनता को चेताया कि लॉकडाउन खुलते ही अपराध में उछाल आएगा। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस इकाइयों को इस संबंध में बहुत सावधानी बरतने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लॉकडाउन के खुलने पर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए सभी नागरिकों को अधिकतम सावधानी और सतर्कता बरतने के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ भी पहुँच गया कोरोना वायरस


चंडीगढ़: लॉकडाउन के तीसरे चरण में हरियाणा में काफी छूट दी गई है। सड़कों पर आवागमन काफी बढ़ गया है जो अब प्रदेश पर भारी पड़ रहा है और कई जिलों में कोरोना के मरीजों की संख्या लगाता महेंद्रगढ़ जिले में दो कोविड-19 पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है । दो जिले – महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी अब तक पूरी तरह से कोरोना से बचे हुए थे, लेकिन अब केवल रेवाड़ी ही संक्रमण मुक्त है।

वहीं दूसरी ओर, प्रदेश में कोरोना के 31 नये केस सामने आए हैं। बुधवार तक कोविड-19 मरीजों की संख्या 596 थी, जो अब बढ़कर 627 हो गई है। अभी तक 260 मरीज ठीक हुए हैं। हरियाणा में रिकवरी रेट भी लगातार गिर रहा है। दो सप्ताह पहले तक प्रदेश में करीब 73 प्रतिशत रिकवरी रेट हो चुका था। अब यह घटकर 41.60 प्रतिशत हो गया है। 24 घंटों के अंतराल में गुरुग्राम में 13 पॉजिटिव केस मिले। गत दिवस भी 20 मरीज मिले थे। इसी तरह से सोनीपत में 3, फरीदाबाद में 6, झज्जर में 3, पानीपत में तथा जींद में 3 नये केस सामने आए हैं। हरियाणा में जहां एक दर्जन से अधिक जिले ग्रीन जोन की ओर बढ़ गए थे, वहां अब केवल 5 ही जिले ऐसे हैं, जिनमें अब कोई एक्टिव केस नहीं है। इनमें पूरी तरह से बचा हुआ रेवाड़ी भी शामिल हैं। इसके अलावा दादरी, कुरुक्षेत्र, कैथल व भिवानी के मरीज ठीक हो चुके हैं।

अवैध सम्बन्ध और घरेलू विवाद के कारण हुआ था बहादुरगढ़ में डबल मर्डर 


 चंडीगढ़- अनूप कुमार सैनी- हरियाणा अब तक: हरियाणा के बहादुरगढ़ में पिछले सोमवार को हुए दोहरे हत्याकाण्ड में खुलासा हुआ है कि उनकी हत्या के पीछे आपसी घरेलू विवाद तथा अवैध सम्बन्ध थे। झज्जर पुलिस ने वारदात को सुलझाते हुए हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 दिन के अंदर ही सुलझाने में कामयाबी हासिल की गई है। थाना लाइनपार बहादुरगढ़ के पर्यवेक्षण अधिकारी डीएसपी राहुल देव के मार्गदर्शन व थाना प्रबंधक देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम द्वारा 3 आरोपियों को काबू करके लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी 2 व्यक्तियों की हत्या की वारदात को 2 दिन के अंदर ही सुलझाने में सफलता हासिल की गई है।

 बीते दो दिन पूर्व 4 मई को बहादुरगढ़ में हुई दोहरी हत्या की वारदात को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसपी झज्जर अशोक कुमार ने मामले में गहनता से कार्रवाई करने तथा दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के सम्बन्ध में दिए कड़े दिशा निर्देश के बाद बहादुरगढ़ के डीएसपी राहुल देव के मार्गदर्शन व थाना प्रबंधक देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने मामला सुलझाने में कामयाबी हासिल की गई है।

 थाना सैक्टर-6 बहादुरगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान डीएसपी राहुल देव ने वत्स कॉलोनी लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी 2 व्यक्तियों की हत्या की वारदात के षड्यंत्र का खुलासा करते हुए बताया कि उपरोक्त मामले पर गहनता से जांच पड़ताल करने व दोषियों की धरपकड़ के लिए 4 अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में दोहरी हत्या के पूरे षडयंत्र का खुलासा किया। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत पूर्व योजना व पूर्ण तैयारी के साथ हत्या की उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया था। पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ में उनकी पहचान लाइनपार बहादुरगढ़ वत्स कोलोनी निवासी रणबीर उर्फ फौजी पुत्र बलबीर सिंह, गांव जोली जिला सोनीपत हाल किराएदार फ्रेंड्स कॉलोनी लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी पवन पुत्र रामफल तथा रघुवीर नगर, नई कॉलोनी, दिल्ली हाल किराएदार फ्रेंड्स कॉलोनी लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी तेजपाल उर्फ धूणी पुत्र श्यामलाल के तौर पर की हुई है।
डीएसपी राहुल देव ने बताया कि आपसी घरेलू विवाद तथा अवैध सम्बन्धों के संदेह के चलते आरोपी रणबीर उर्फ फौजी द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर किए गए षड्यंत्र के तहत योजना बनाकर दोहरी हत्या की उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया गया था। पकड़े गए हत्यारोपियों के खिलाफ थाना प्रबंधक देवेंद्र कुमार की टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए तीनों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां अदालत से तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
      ध्यान रहे कि बहादुरगढ़ में गत सोमवार को बहादुरगढ़ लाइनपार क्षेत्र से गुजर रही मुंगेसपुर ड्रेन पर सोमवार की सुबह वत्स कॉलोनी निवासी दिल्ली पुलिस कर्मी 35 वर्षीय मनोज और उसके पड़ौसी 52 वर्षीय रमेश की उस समय गोलियां मार कर नृशंस हत्या कर दी गई थी, जब वे दोनों प्रतिदिन की तरह ही सोमवार को सैर करने जा रहे थे। इस वारदात में रमेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दिल्ली पुलिस कर्मी ने अस्पताल जाते समय बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। इस मामले में मृतक मनोज के भाई संदीप कुमार की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में मामला अंकित किया था। 

हरियाणा में 19,626 उद्योगों को खोलने की अनुमति मिली,  11,21,287 श्रमिक इनमे करते हैं काम 


चंडीगढ़,- हरियाणा सरकार राज्य में लोगों को रोजगार दिलाने व अर्थ व्यवस्था को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में  https://saralharyana.gov.in/   पोर्टल पर औद्योगिक इकाईयों को पुन: खोलने के लिए आटोमैटिक स्वीकृृतियां उद्यमियों को प्रदान की जा रही है और अब तक 19,626 इकाईयों को स्वीकृतियां प्रदान कर दी गई है तथा 11,21,287 श्रमिकों को कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है।

        यह जानकारी  हरियाणा की मुख्य सचिव मती केशनी आनंद अरोड़ा ने राज्य की विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों व उद्यम संगठनों के प्रतिनिधियों से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नए दिशानिर्देशों के तहत 4 मई, 2020 से आटो स्वीकृति को एक्टीवेट कर दिया गया है और 7338 आवेदनों के तहत 4,89,182 श्रमिकों को उद्योगों में काम करने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 4164 इकाईयों के 3,02,084 श्रमिक शहरी क्षेत्रों तथा 3174 इकाईयों के 1,84,098 श्रमिक ग्रामीण क्षेत्रों में काम करेंगें।

        बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से कहा कि वे उद्योगों को खोलने के साथ-साथ केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं के दिशानिर्देशों का पालन करें ताकि नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से श्रमिकों व कामगारों को बचाया जा सकें। उन्होंने कहा कि https://edisha.gov.in/eForms/MigrantService  और  https://saralharyana.gov.in/  पर उद्योगों को पुन: संचालित करने व श्रमिकों को बुलाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा, आवश्यक व गैर-आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं हैं।

        उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों व उद्यम संगठनों के प्रतिनिधियों से आहवान करते हुए कहा कि हम सब लोगों को मिलकर जनता की मदद करनी है और आपातकालीन सेवाओं व अर्थ-व्यवस्था का संतुलन भी बनाए रखना है ताकि हमारी भावी पीढिय़ां सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि हमें अपने-अपने क्षेत्र को नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से भी बचाए रखना है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि वे उनके अपने-अपने प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रमिकों को समझाएं कि घर जाने के बाद उन्हें वहां की राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा जांच के पश्चात 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा, इसलिए वे यहीं पर रूककर अपने-अपने प्रतिष्ठानों में काम करें।

        बैठक में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि कोविड-19 महामारी की वजह से, हरियाणा में औद्योगिक इकाइयों की सुविधा के लिए उनके अपने कार्यों को पुनर्जीवित करने तथा कम आर्थिक गतिविधि के कारण से वित्तीय अवरोध के चलते अपने कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए, हरियाणा सरकार ने ‘हरियाणा एमएसएमई रिवाईबल ब्याज लाभ योजना’ तैयार की है। यह एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद करेगा ताकि वे स्थायी/अनुबंधित कर्मचारियों व श्रमिकों सहित अपने कर्मचारियों को मजदूरी का भुगतान कर सकें और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा कर सकें।  इसके तहत हरियाणा में 15 मार्च, 2020 तक या उससे पहले काम करने वाली सभी एमएसएमई इकाइयाँ प्रति कर्मचारी अधिकतम 20 हजार रूपए तक कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के भुगतान के लिए प्राप्त ऋण पर छह महीने की अवधि के लिए ब्याज में लाभ की पात्र होंगी।

        बैठक में एचएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों व निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए खुले मन से स्वागत करती है। इसके अलावा, कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते चीन में स्थापित बहुराष्ट्रीय कंपनियों की ईकाईयों को राज्य में स्थापित करने के लिए भी पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों व उद्यम संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी अपना बेस चीन से स्थानातंरित कर हरियाणा में स्थापित करना चाहती है तो हरियाणा सरकार की ओर से उस कंपनी को पूरा सहयोग किया जाएगा।

        बैठक के दौरान विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के पदाधिकारियों व उद्यम संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार व राज्य के अधिकारियों का औद्योगिक प्रतिष्ठानों को मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत पुन: खोलने के लिए धन्यवाद किया। इस मौके पर औद्योगिक संस्थाओं व संगठनों के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों द्वारा बताए गए विभिन्न सुझावों को क्रियान्वित करने तथा समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्य सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया।

        बैठक में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री विनित गर्ग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल, उद्योग विभाग के निदेशक डॉ साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हरियाणा सरकार ने 1205 मजदूरों को ट्रेन से हिसार से कटिहार भेजा


चंडीगढ़, - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य सरकार द्वारा विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों के माध्यम से बिहार भेजे जा रहे प्रवासी मजदूरों से बातचीत करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार के साथ अपने सम्बंधों के बारे में अवगत करवाया और कहा कि ‘‘नीतीश बाबू को हमारा राम-राम कहिएगा’’। 

        इस बारे में जानकारी देते हुए, एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि श्री मनोहर लाल व्यक्तिगत रूप से फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों में वापस भेजने के लिए विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों के परिचालन की गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं।       

        उन्होंने कहा कि एक विशेष श्रमिक रेलगाड़ी ने आज 1205 खेतिहर मजदूरों को हिसार से कटिहार भेजा है। उन्होंने कहा कि श्री मनोहर लाल ने मोबाइल पर वीडियो कॉल के माध्यम से मजदूरों के साथ बातचीत की और ट्रेन में सवार होने से पहले उनका कुशलक्षेम पूछा तथा इंतजामों के बारे में फीडबैक लिया ताकि कहीं कोई खामी न हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को खेतिहर मजदूरों द्वारा सूचित किया गया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्थापित विभिन्न आश्रय गृहों में भोजन और आवास उपलब्ध कराया जा रहा है और यहां तक कि उनकी यात्रा से पहले चिकित्सा जांच भी की गई है।

        बिहार के मधेपुरा के रहने वाले अंकेश कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार से लॉकडाउन के दौरान बड़ी मदद मिली है, लेकिन वह अपने घर की कमी महसूस कर रहा था। अपनी वापसी पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा उनके परिवार को भी उनकी घर वापसी के बारे में बता दिया गया है।

        दो अन्य प्रवासी खेतिहर मजदूरों, प्रकाश मंडल और पवन कुमार, जो मधेपुरा के निवासी हैं, ने कहा कि ट्रेन से उनके घर तक पहुँचने का किराया 600 रुपये से अधिक है और फिलहाल उनके पास इतना पैसा भी नहीं था, लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा की गई व्यवस्था के कारण, अब वे एक भी रुपया खर्च किए बिना सुरक्षित घर लौट सकेंगे।

        कटिहार के रहने वाले एक अन्य मजदूर मक्खन ने कहा कि उसे और उसके 26 साथियों को भोजन और चिकित्सा सहायता जैसी सभी सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन फिर भी उसका अपने परिवार से मिलने का मन हो रहा था। जब उसे इस बात का पता चला कि हरियाणा सरकार फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को घर लौटने में मदद कर रही है तो उसके मन में आशा की एक किरण जगी। स्वास्थ्य जांच और अन्य औपचारिकताओं के बाद, उसे बस से हिसार लाया गया, जहां पहले से ही उनके ठहरने और जाने की व्यवस्था की गई थी। कल तीन श्रमिक ट्रेनें कृषि गतिविधियों से जुड़े प्रवासी मजदूरों को लेकर अंबाला से बिहार के कटिहार, हिसार से मुजफ़्फरपुर, बिहार और रेवाड़ी से मध्य प्रदेश के सागर के लिए रवाना होंगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) श्री अनिल राव ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कल प्रस्थान करने वाली निर्धारित ट्रेनों के लिए चिन्हित किये गए लगभग 3600 प्रवासी मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा स्थापित आश्रय गृहों में ठहरा दिया गया है और जिला प्रशासन द्वारा उनके भोजन, ठहरने और चिकित्सा जांच के सभी प्रबन्धों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी के लिए लगने वाला रेल का किराया राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया है।

        उन्होंने आगे बताया कि आश्रय गृहों, स्टेशन प्लेटफार्मों पर और ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान दिया जा रहा है और प्रति ट्रेन 1200 मजदूरों को भेजा जा रहा है। यात्रा के दौरान उन्हें भोजन के पैकेट और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है।

नीलाम हो सकते हैं अवैध खनन में पकडे गए सैकड़ों वाहन, शराब की तस्करी न होने पाए -CM


चंडीगढ़, 6 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर, विशेषकर अंतर राज्यीय सीमा वाले क्षेत्रों में अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर पर एक मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस तथा आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की विशेष टीमों का गठन करें तथा डिस्टलीरी से ठेकों तक बिना डयूटी की अदायगी वाली शराब की आपूर्ति पर भी रोक लगाएं।

        मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन अवधि के दौरान कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के लिए सभी जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के कार्य की प्रशंसा भी की।

मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को डिस्टलीरिज में तत्काल फलोमीटर लगवाना और प्रत्येक डिस्टलीरि में इनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में शराब के अवैध गोदामों का पता लगाएं। इसके अलावा, पुलिस द्वारा जब्त की गई शराब की भी इन्वेंटरी तैयार की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को इस बात के भी निर्देश दिए कि वे खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों, जिनके पास वैध ई-रवाना स्लीप है, ऐसे वाहनों को अनाश्यक रूप से न रोकें।

 मनोहर लाल ने कहा कि अवैध खनन गतिविधियों में लगे 400 से 500 वाहनों को जब्त किया गया है, जो अधिकतर सोनीपत, अम्बाला, पंचकूला, फरीदाबाद, नारनौल और पलवल जिलों से हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के उपायुक्तों से कहा कि यदि कोई वाहन मालिक अपने वाहन को नहीं छूड़वाता है तो उचित बोली प्रक्रिया अपनाकर ऐसे वाहनों की  नीलामी की जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि प्रवासी मजदूर अपने गृह जिलों में जाने को उत्सुक हैं, फिर भी सम्बंधित उपायुक्तों को इस बात के प्रयास करना चाहिए कि ऐसे मजूदर हरियाणा में ही रहें क्योंकि अब राज्य में लॉकडाउन अवधि के दौरान ही चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक एवं अन्य गतिविधियां संचालित हो गई हैं। देश के अन्य राज्यों से आए खेतिहर मजदूर व अन्य प्रवासी मजदूर, जो अपने राज्यों में वापिस जाने के इच्छुक हैं, उनकी पंजीकरण प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर आरंभ हो गई है।

 मनोहर लाल ने कहा कि आज से ही राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए हिसार से बिहार में कटिहार तक विशेष रेलगाड़ी रवाना की है। इसी प्रकार, अगले एक-दो दिन में आठ विशेष रेलगाडिय़ां विभिन्न गंतव्य स्थलों पर भेजी जाएंगी। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के विशेष प्रबन्ध भी किये गए हैं। उन्होंने कहा कि गृह विभाग द्वारा इस सम्बंध में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है तथा सभी जिला उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि अपने राज्यों को लौट रहे प्रवासी मजदूरों और खेतिहर मजदूरों की रवानगी सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से हो।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूर, जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है उनके लिए मई एवं जून महीने के डिस्ट्रेस राशन की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसा कोई व्यक्ति राज्य में भूखा न रहे।

        बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक मनोज यादव तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी, अनिल राव के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कोरोना  काल मे बदला खाकी का रूप, जनता का पुलिस के प्रति बढ़ा विश्वास


कुरूक्षेत्र राकेश शर्मा- पूरे देश में कई लगभग ४३ दिनों से लॉक डाउन घोषित किया हुआ है और करोना महामारी से बचने के लिए लॉक डाउन ही सबसे बेहतर उपाय है। देश की जनता भी लॉक डाउन का पालन कर जहाँ अपने परिवार के साथ घर पर रह कर इससे बचने का सही उपाय मान रही ही वही देश मे लॉक डाउन तोड़ने वालों की भी कमी नही है जिसके लिए केन्द्र सरकार के द्वारा बार बार राज्य सरकारों से आग्रह किया जा रहा है कि वे लॉक डाउन का सख्ती से पालन करवाना सुनिश्चित करें जिंसके कारण जिला प्रशासन को भी ज्यादा मशकत करनी पड़ रही है। पुलिस, चिकित्सक, सफाई कर्मचारी से लेकर पर्दे के पीछे रहकर भी कई विभाग और सामाजिक व धार्मिक संस्थाए भी प्रशासन के साथ कंधा से कंधा मिलाकर कोरोना माहमारी से बचाने के लिए दिन रात प्रयास कर रही है। जिसके कारण देश की जनता का कोरोना योद्धाओं के प्रति सम्मान भी बड़ा है और जनता का पुलिस के प्रति सम्मान वाकई पहली बार देखने को मिल रहा है जोकि उत्साहवर्धक है। और कोरोना काल मे खाकी वर्दी पहने पुलिस विभाग पर जनता का विश्वास बढ़ गया है जिनके कारण उनका रूप भी बदल गया है।

पुलिस जिसके नाम से ही जनता में भय का माहौल पैदा था औऱ पुलिस भी अपनी छवि को साफ सुथरा बनाने के लिए जनता के साथ समन्यव बनाए रखने के लिए अनेक प्रयत्न करती है जोकि सत्य है। लेकिन कोरोना काल में पुलिस की छवि का अलग ही रूप देश मे देखने को मिल रहा है जोकि अच्छी बात है।
देश के अलग अलग राज्यों से हर रोज अनेक समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक पुलिस की अलग तस्वीर सामने आ रही है जोकि प्रमुखता से प्रकाशित भी की जा रही है। पुलिस विभाग लॉक डाउन के कारण जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाती नजर आ रही है , कही जनता को जागरूक करने का काम पूरी इमानदारी व निष्ठा से कर रही है , चौक चौराहों पर दिन रात खड़े पुलिस के जवान अपने घर से दूर अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहे है तो कही किसी परिवार की  खुशियों के दौरान केक पहुचाने का काम कर रही है यही नहीं दो दिन पहले खुले कई राज्यों में शराब के ठेकों पर पुलिस शराबियों को भी संभाल रही है और वहां भी पुलिस को पसीना बहाते देखा जा रहा है। आज कोरोना काल मे जहाँ जनता के सोचने समझने से लेकर खानपान और दिनचर्या पर असर पड़ा है वही पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ना एक अच्छा संदेश भी है।

पुलिस के सम्मान में जनता जहाँ पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बड़ा रही है वही उनके साथ कार्य भी कर रही है ताकि उनको ये अहसास ना हो उनकी फिक्र करने वाला कोई नही ।
और जानकरों की मानी जाए तो जनता का पुलिस के प्रति विश्वास जहाँ पहले घटा हुआ दिखाई दिया था वही अब कोरोना काल मे ही ८० प्रतिशत विश्वास बढ़ा है।
इसलिए सभी देशवासियों से अपील भी है वो कोरोना माहमारी के बीच इन कोरोना योद्धाओं का सम्मान जरूर करे आज इस संकट की घड़ी में भगवान बन कर जनता की सेवा कर रहे है इसलिए इनसे दुर्व्यवहार देश को शर्मशार करता है और समन्यव जनता और इन कोरोना योद्धाओ के बीच बना है उसको बनाये रखने के लिए अपना सहयोग दे-----

पलवल के बाजारों में खुली इवन नंबर्स वाली दुकानें, डीसी ने खुद जाना बाजारों का हाल


पलवल, 06 मई। पलवल जिला में जिला प्रशासन के बाजारों को ऑड-इवन फार्मूले पर खोलने के निर्णय को व्यापारियों से भरपूर समर्थन मिला। पलवल-होडल-हथीन के बाजारों में बुधवार को सम (इवन) संख्या वाली दुकानें खुली रही। उपायुक्त नरेश नरवाल ने पलवल शहर के आगरा चौक, कैंप मार्केट, सोहना रोड, ओल्ड जीटी रोड, मीनार गेट एरिया, बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन रोड, जीटी रोड आदि क्षेत्रों का स्वयं दौरा करते हुए बाजारों में व्यवस्था का जायजा लिया।

श्री नरेश नरवाल ने मीनार गेट स्थित बाजार में खुद पैदल चलकर स्थिति की जानकारी। उन्होंने विभिन्न दुकानों पर जाकर हैंड सेनेटाइजर की उपलब्धता, फेस मास्क का प्रयोग तथा सोशल डिस्टेंस की पालना आदि आवश्यक इंतजामों का जायजा लिया। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से जिलावासियों के बचाव के लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। पलवल में बीते माह बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले आए थे। जिला प्रशासन की सतर्कता व जिलावासियों की समझदारी के चलते उन पर नियंत्रण पाया गया लेकिन राज्य के अन्य जिलों में जिस प्रकार अब तक कोरोना के मामले आ रहे उसे देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
उन्होंने कहा कि ओरेंज जोन के लिए लॉकडाउन 3.0 में सरकार की ओर से बाजार खोलने की रियायत दी गई थी। पलवल जिला में पहले दो दिन सोमवार व मंगलवार को बाजारों में सोशल डिस्टेंस की पालना व स्थिति का अध्ययन किया गया था। जिसके उपरांत मार्केट एसोसिएशन व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से बाजारों को सुचारू रूप से खोले जाने के लिए आवश्यक सुझाव भी मिले थे। जिसके चलते जिला प्रशासन ने बाजारों में ऑड-इवन फार्मूला लागू किया गया। उन्होंने जीटी रोड पर खुली शराब की दुकान के बाहर भी पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सोशल डिस्टेंस की पालना सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि दुकानों पर उसी ग्राहक को सामान दिया जिसने फेस मास्क लगा रखा हो। पलवल जिला में सार्वजनिक स्थलों पर फेस मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य है। अगर कोई ऐसा नहीं करेगा तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम व भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन के इस निर्णय से बाजारों में एक दुकान छोडक़र प्रतिदिन दुकानें खुली रहेंगी। बुधवार का जहां सम (इवन) संख्या वाली दुकानें खुली थी वहीं गुरूवार को विषम (ऑड) संख्या वाली दुकानें खुलेंगी। वहीं विभिन्न व्यापारिक संगठनों, मार्केट एसोसिएशन व सामान्य जनों द्वारा जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत भी किया गया है।

हरियाणा के शराब के ठेके वीरान, दिल्ली के शराब के ठेकों पर आज भी भारी भीड़


चंडीगढ़: हरियाणा में आज से शराब के ठेके खुल गए हैं । ये ठेके सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक ठेके खुले रहेंगे। प्रदेश के शराब के ठेकों पर दिल्ली जैसा कोई नजारा नहीं देखा जा रहा है। तमाम ठेके सुबह आठ बजे तक सूनसान पड़े थे। इक्का दुक्का लोग ही कुछ ठेकों पर दिख रहे हैं तो कहीं कहीं ज्यादा से ज्यादा एक दर्जन लोग दिखे जिसे देख लग रहा है कि यहाँ दिल्ली जैसी मारामारी शायद ही हो फिर भी कई ठेकों पर पुलिस के जवान समय से पहुँच गए। 

दिल्ली की भीड़ देख कुछ शराब के शौक़ीन कल रात्रि कुछ ठेकों पर दिखे लेकिन जब उन्होंने देखा कि यहाँ हमारे अलांवा कोई है ही नहीं तो वो भी अपने घर चले गए। प्रदेश के फरीदाबाद जिले में भी अधिकतर ठेके सुबह आठ बजे तक सूने पड़े थे। अब इक्का दुक्का लोग दिख रहे हैं। दिल्ली के ठेकों पर हजारों लोग कैसे टूट पड़े ये देख हर कोई सोंचने पर मजबूर है। आज भी दिल्ली के ठेकों पर भारी भीड़ दिख रही है। 

लॉकडाउन में हरियाणा में करोड़ों का शराब घोटाला, विज ने 2 SHO पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए


चंडीगढ़: लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है और प्रदेश के सोनीपत का शराब घोटाला सुर्ख़ियों में है। ताजा जानकारी के मुताबिक़ गृह मंत्री अनिल विज ने इन मामले में 2 SHO पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामले सामने आने के बाद  ये दोनों अधिकारी अभी तक निलंबित चल रहे थे। अब इन पर आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है। SHO समालखा और SHO गोहाना पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ आबकारी विभाग द्वारा जब्त की गई करोड़ों की शराब गोदाम के पीछे की दीवार तोड़कर निकाल लिया गया और बाद में उस टूटी दीवार को  ईंट और सीमेंट से बंद कर दिया गया। इस गोदाम में वो शराब रखी जाती थी जो अवैध रूप से ले जाते हुए पकड़ी जाती थी और यहाँ कई ट्रक शराब रखी गई थी। 
लॉकडाउन के दौरान गोदाम  से निकाली गई शराब ट्रकों में भरकर बाहर भेजी गई। किसी नाके पर ट्रकों को चेक नहीं किया गया। यहाँ से एक और चौंकाने वाली खबर ये आई है कि 2019 में सील किये गए स्टॉक में 2020 मार्च की बनीं बीयर की बोतलें पाई गईं। ये बोतलें स्टॉक में कहा से आईं बड़े सवाल उठ रहे हैं। 


सुबह घूमने निकले दिल्ली पुलिस कर्मी और पड़ौसी की गोली मारकर हत्या


अनूप कुमार सैनी की रिपोर्ट:  बहादुरगढ़ में सोमवार को लाइनपार लाइनपार क्षेत्र से गुजर रही मुंगेसपुर ड्रेन पर सोमवार की सुबह वत्स कॉलोनी निवासी दिल्ली पुलिस कर्मी और उसके पड़ौसी की गोलियां मार कर नृशंस हत्या कर दी गईं। रमेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पुलिस कर्मी ने अस्पताल जाते समय बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
 कॉलोनियों में गोली की आवाज सुनने की चीख-पुकार मच गई। इस दौहरे हत्याकांड के पीछे क्या कारण हैं और मारने वाले कौन थे, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारे फरार हो गए। पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है।
    सूचना मिलने पर डीएसपी अजायब सिंह, राहुल देव व लाइनपार थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए वारदात स्थल पर बुलाया गया है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। कुछ व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।

       जानकारी के अनुसार मूल रूप से गांव खांडा व हाल वत्स कॉलोनी निवासी लाइन पार की वत्स कॉलोनी में रहने वाले 35 वर्षीय मनोज अपने पड़ौस में रहने वाले 52 वर्षीय रमेश के साथ प्रतिदिन की तरह ही सोमवार को भी घूमने के लिए गया था। मनोज रमेश को चाचा कह कर बुलाता था। सुबह के समय करीब 7 बजे दोनों को मुंगेशपुर ड्रेन की पटरी पर अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली मारने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर दोनों के परिजन मौके पर पहुंचे और इसकी खबर पुलिस को भी दी।
          बताया गया है कि मनोज दिल्ली पुलिस में विकास पुरी में तैनात था जबकि रमेश लॉकडाऊन से पहले गलियों में घूमकर कपड़े बेचने का काम करता था। रमेश के सिर में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि दिल्ली पुलिस कर्मी मनोज के पेट के पास गोली लगी। वह जान बचाने के लिए मौके से भागा। बाद में उक्त पुलिस कर्मी ने अपने एक साथी को मदद के लिए भी बुलाया। वह उसे स्कूटी पर बैठा कर इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहा था तो रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस में भी हड़कंप मच गया। वारदात स्थल पर डीएसपी राहुल देव, डीएसपी अजायब सिंह, थाना लाइनपार प्रभारी देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने खेतों में काम करने वाले व अन्य लोगों से जानकारी भी जुटाई। 
        जानकारी के अनुसार हमलावर दो थे तो और बाइक पर सवार होकर आए थे। हालांकि पुलिस अधिकारी इस मामले को लेकर गहन छानबीन में जुटे हुए हैं। आसपास कहीं सीसीटीवी कैमरे तो नहीं लगे थे, इसकी भी जांच की जा रही है।

दोनों शादीशुदा थे मरने वाले
दिल्ली पुलिस कर्मी मनोज शादीशुदा था। वह दो बेटों का पिता था। उसका पड़ोसी रमेश भी शादीशुदा था। उसके पास एक बेटा व एक बेटी है। उसके एक बेटे की काफी दिनों पहले किसी बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। रमेश के दोनों बच्चे अविवाहित हैं जबकि पुलिस कर्मी मनोज के बेटे किशोर हैं।

पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा
दोनों शवों को नागरिक अस्पताल में भिजवाया गया। सोमवार शाम तक तक शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। लाइनपार थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।

हरियाणा में भी जल्द खुल सकते हैं शराब के ठेके, थोड़ी मंहगी मिलेगी शराब


नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में कल शराब के ठेके खुल गए जिसके बाद अब हरियाणा में भी जल्द शराब के ठेके खुल सकते हैं। इस बारे में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला दो दिन से लगातार बैठक कर रहे हैं। उन्होंने आबकारी एवं कराधान मंत्री होने के नाते ये बैठक ली जिसमें विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। ठेकेदार इस बात पर अड़े थे कि मार्च में जब बोलियां लगाई थी, उस समय देश और प्रदेश की स्थिति अलग थी। कोरोना के कारण स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। ऐसे में उन्हें आबकारी डयूटी में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए।

उपमुख्यमंत्री इस मुद्दे पर सीएम मनोहर लाल के साथ दो से तीन बार बैठक कर चुके थे। आखिर में यह निर्णय हुआ कि ठेकेदारों की 20 मई तक की आबकारी डयूटी माफ की जाएगी। लॉकडाउन अवधि की पूरी फीस भी माफ रहेगी। सरकार ने अगले वर्ष मई तक नई आबकारी नीति को विस्तार देने की भी मंजूरी दे दी है। इसके बाद सोमवार को पानीपत में ठेकेदारों की बैठक हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से फैसला करबठेकेदारों ने सरकार को सूचित किया है कि वे प्रदेशहित में ठेके खोलने को तैयार हैं।

रेड जोन में जितने भी दिन ठेके बंद रहेंगे, उतने दिन की डयूटी माफ की जाएगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार देसी शराब के पव्वे पर रेट में लगभग 2, आधे पर 3 और बोतल पर 5 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इससे देसी पव्वे की पेटी पर 100, आधे की पेटी 75 और बोतल की पेटी पर 60 रुपये का इजाफा होगा। 

यह बढ़ोतरी ‘कोरोना सेस’ के नाम पर होगी। अंग्रेजी शराब पर 7 से 10 रुपये बोतल तब बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विदेशी शराब की बोतल पर 20 रुपये तक कोरोना सेस लगाया जाएगा। इस ड्रॉफ्ट को मुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। सीएम की मंजूरी मिलते ही ठेके खोलने के आदेश जारी हो जाएंगे।

शराब की बिक्री को लेकर किसी तरह की दिक्कत न आए, इसके लिए सरकार ने तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। सूत्रों का कहना है कि दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, खेल एवं युवा राज्य मंत्री संदीप सिंह को शामिल किया जा सकता है। ठेकों में भीड़ रोकने के लिए कमेटी सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला भी लागू करना सुनिश्चित करेगी।

IAS रानी नागर के स्तीफे को लेकर PM मोदी से बात करें गुर्जर समाज के बड़े नेता- राजेश खटाना


फरीदाबाद: राजेश खटाना एडवोकेट इंचार्ज लीगल विभाग हरियाणा युवा कोंग्रेस ने जारी एक बयान में कहाँ की भारत की  बेटी रानी नागर के इस्तीफ़ा सरकार द्वारा बिना इस मामले की उच्च जाँच करवाए स्वीकार करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हैं आज इस घटना ने देश में बड़े पदों पर भी अगर महिला सुरक्षित नहीं हैं तो आम महिला की सुरक्षा का अंदाज़ा लगाया जा सकता हैं रानी नागर की घटना ने इस प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर एक सवालिया निशान लगा दिया हैं मेरी सरकार से माँग हैं की रानी नागर के केस में रानी द्वारा दी गयी शिकायत पर सरकार ने क्या कार्यवाही की उसका सासार्वजनिक करना होगा ताकी लोंग जान सके की सरकार की मंशा क्या हैं। 
राजेश खटाना ने कहाँ की वर्तमान सरकार और समाज के नेताओ को इस मामले मे देश के प्रधानमंत्री से इस केस की उच्च जाँच करवाने के लिए माँग करनी ज़रूरी हैं बहुत चिंता का विषय हैं की देश की एक बेटी किसी इंसान के शोषण से परेशान हो कर इस्तीफ़ा दे देती हैं और इस देश और प्रदेश की सरकार मौन रहती हैं रानी ने किन हालतों में इस्तीफ़ा दिया हैं कम से कम प्रदेश के मुखिया का बात करके या मिलकर ये पता करना था परंतु ये सब नहीं हुआ जो बहुत दुःख की बात हैं। 

राजेश खटाना ने कहा  की अगर हम गुर्जर समाज की बात करे तो कृष्णपाल गुर्जर केंद्र सरकार में मंत्री हैं और सचिन पाइलट राजस्थान के उपमुख्यमंत्रीहैं और भी काफ़ी नेता पवाँर मे समाज के हैं इनको सीधा इस मामले में प्रधानमंत्री जी बात करनी  चाहिए। खटाना ने माँग की इस मामले मे देश के सभी समाजिक और राजनीतिक दल दलगत राजनीति से हटकर देश की इस बेटी की मदद करे।

हरियाणा पर थोपे CM खट्टर पर भड़का गुर्जर समाज, पूंछा क्या रानी नागर का गुर्जर होना गुनाह है?


नई दिल्ली- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आज जन्मदिन है। तमाम नेता उन्हें जन्मदिन की बधाइयाँ देते दिख रहे हैं तो कुछ लोग उन्हें घेर भी रहे हैं क्यू कि कल ही आईएएस अधिकारी रानी नागर ने स्तीफा दिया था जिससे हरियाणा के गुर्जर समाज के लोग सीएम खट्टर को कल से ही खरी खोटीसुना रहे हैं। उन्हें थोपा हुआ सीएम कहा जा रहा है और कहा जा रहा है कि हरियाणा के CM को जन्मदिन मनाने का कोई हक नहीं है, उनके राज में एक महिला IAS ने इस्तीफा दे दिया और आप बेटी बचाओं का नारा देते हैं।। क्या रानी नागर जी का गुर्जर होना गुनाह  है, इसलिए गुलाटी पर कारवाई नहीं हुई।
सीएम के पहले कार्यकाल में भी कुछ लोग आवाज उठा रहे थे कि एक खास समुदाय के लोगो का वो खास ध्यान रख रहे हैं उस समाज के अधिकारीयों को मलाईदार पदों पर बिठा रहे हैं और यही कारण है कि गत वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान जाट वर्ग उनके खिलाफ लामबंद हो गया था और भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिली। दुष्यंत की वैशाखी लेकर खट्टर चंडीगढ़ पहुंचे। अब गुर्जर समाज के लोग भी काफी नाराज दिख रहे हैं।

 अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा का कहना है  कि इसका गलत असर समाज की बेटियों पर पड़ेगा। प्रदेश और केंद्र सरकार ने कोई गंभीर कदम न उठाकर ये बेटियों का अपमान किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह भाटी ने कहा कि रानी नागर के इस कदम से समाज की जो अन्य बेटियां अधिकारी बनने का सपना देख रही हैं, उनके दिमाग पर गहरा असर पड़ेगा। यह इस्तीफा भाजपा सरकार सरकार की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे सारे दावों की पोल खोल रहा है।

आपको फिर बता दें कि हरियाणा की 2014 बैच की आईएएस रानी नागर ने कल  इस्तीफा दे दिया बताया जा रहा है कि रानी नागर का आईएएस सुनील गुलाटी से कोर्ट में विवाद चल रहा है और कल जब उन्होंने स्तीफा दिया था तब लिखा था कि  - मैं समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर तैनात हूं। पिछले 2 साल से मुझे यूटी (चंडीगढ़) गेस्ट हाउस में सिर्फ 1 कमरे के मकान में समय व्यतीत करना पड़ रहा है। कई बार मांगने पर मुझे मकान नहीं दिया गया। मैं और मेरी बहन 1 कमरे के मकान में रह रहे हैं। 1 कमरे में दो महिलाओं का रहना बड़ा मुश्किल है जिसको लेकर हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जान का खतरा भी बना रहता था लॉकडाउन के दौरान मेरी जान को खतरा बढ़ता जा रहा था। इस स्थिति में मेरे लिए ड्यूटी करना बहुत ही मुश्किल था। जिसको लेकर मैंने आईएएस पद से त्यागपत्र देना उचित समझा। 

विशेष ट्रेनों से भेजे जायेंगे हरियाणा में फंसे UP, बिहार, झारखंड, MP के प्रवासी


चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा में फंसे बिहार, झारखंड तथा मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूरों तथा खेतिहर मज़दूरों को शीघ्र उनके गृह राज्यों में सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों के माध्यम से नि:शुल्क भेजा जाएगा। शेष राज्यों के प्रवासी मजदूरों की संख्या हरियाणा में कम है, इसलिए नई दिल्ली से विशेष ट्रेनों के माध्यम से उनकी वापसी सुनिश्चित की जाएगी। 
        इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों के खेतिहर मजदूरों को बसों के माध्यम से उनके घर भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है।

        गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि वे जहां है, वहीं रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सरकार द्वारा उन्हें भेजने की पूर्ण व्यवस्था की जा रही है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए विभिन्न नोडल अधिकारी भी नामित किए हैं।

        एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे सभी प्रवासी लोगों को सरकार द्वारा ई-दिशा पोर्टल पर सृजित वेब पेज https://edisha.gov.in/eForms/MigrantServiceपर अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण में सहायता के लिए एक कॉल सेंटर भी चलाया जाएगा जो ई-दिशा पोर्टल पर पंजीकरण करने में लोगों की सहायता करेगा।

        प्रवक्ता ने बताया कि कोविड-19 के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों में फंसे हरियाणा के लोगों और हरियाणा में फंसे अन्य राज्यों के लोगों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। मूवमेंट पास प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति नम्बर-1950 पर संबंधित जिलों के नियंत्रण कक्ष से या नंबर-1100 पर राज्य नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं। हरियाणा आने और हरियाणा से बाहर जाने वाले लोगों से संबंधित सभी जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक या कागजी रिकॉर्ड के रूप में रखा जाएगा और चिकित्सा जांच के दौरान प्रवेश या निकास बिंदुओं पर उनकी जांच की जाएगी।

        गृह विभाग के सचिव श्री टी.एल. सत्यप्रकाश को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न राज्य सरकारों के साथ समन्वय के लिए राज्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसी प्रकार, श्री अनुराग रस्तोगी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब के लिए, श्री अजय सिंह तोमर को राजस्थान के लिए, श्री टी.एल. सत्यप्रकाश को कर्नाटक के लिए, मोहम्मद शाहीन को केरल एवं तमिलनाडु के लिए, श्री अजीत बालाजी जोशी को गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार एवं झारखंड के लिए और आमना तस्नीम को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लिए राज्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

        लोगों को भेजने वाले राज्य यह सुनिश्चित करेंगे कि जो लोग हरियाणा में आने के इच्छुक हैं उनकी चिकित्सा जांच की जाए और केवल उन्हें ही अनुमति दी जाए जिनमें कोविड -19 के लक्षण नहीं हैं। इसी प्रकार, हरियाणा से बाहर भेजे जाने वाले सभी व्यक्तियों की भी उचित रूप से जांच की जाएगी। हरियाणा आने और बाहर जाने वाले सभी लोगों के पास चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र होना चाहिए कि उनकी जांच की गई है और कोई कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं है।

        श्री अनिल कुमार राव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी), श्री वीरेंद्र कुमार दहिया, निदेशक, राज्य परिवहन और श्री राकेश आर्य पुलिस उप-महानिरीक्षक, कानून एवं व्यवस्था की एक टीम भारतीय रेलवे एवं परिवहन विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ बातचीत करके लोगों को भेजने की व्यवस्था के संबंध समन्वय स्थापित करेंगे।