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हरियाणा पर 1 लाख 98 हजार 700 करोड़ का कर्ज, हर व्यक्ति पर 80 हजार, हुड्डा ने खट्टर को घेरा


चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने कल बजट पेश किया। अब पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा सरकार को घेरा है जिनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने बजट में सिर्फ़ हवा-हवाई वादे किये हैं। क्योंकि बजट की 30% राशि तो कर्ज़ का ब्याज, मूल देने में चली जाती है। शेष राशि पेंशन, वेतन, अन्य सेवाओं के भुगतान, संचालन, संरक्षण में लग जाती है। ऐसे में स्कूल, कॉलेज, सड़क, हॉस्पिटल,यूनिवर्सिटी बनाने के लिए राशि कहां से आएगी?

हुड्डा के मुताबिक इस बजट ने स्पष्ट कर दिया कि गठबंधन सहयोगी ने सत्ता के लालच में BJP का समर्थन नहीं, बल्कि BJP के सामने समर्पण कर दिया है। बजट में उनकी किसी भी चुनावी घोषणा को जगह नहीं मिली। गठबंधन सरकार के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का जुमला भी हवा में उड़ गया।

हुड्डा ने कहा कि ये बजट प्रदेश को कर्ज़ में डुबोने,विकास को धक्का पहुंचाने वाला है। BJP ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। 2013-14 में जो कर्ज़ 61 हज़ार Cr रुपये था,वो आज 3 गुणा से भी ज़्यादा बढ़कर 1 लाख 98 हजार 700 Cr हो गया।यानी हरियाणा का हर बच्चा करीब 80 हज़ार रुपये का कर्ज़ सिर पर लेकर पैदा होता है।

झज्जर :  फैक्टरी में बायलर फटने से 4 लोगों की मौत, दर्जनों घायल, CM ने जताया दुःख 


चण्डीगढ,  हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने  जिला झज्जर के बहादुरगढ इण्डस्ट्रियल एरिया में एक निजी कैमीकल फैक्टरी में बायलर फटने से चार लोगों की हुई मृत्यु और घायल हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रूपए की सहायता देने तथा घायलों के निशुल्क इलाज की घोषणा की है।

अपने संवदेना संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला झज्जर के उपायुक्त को निर्देश दिए गए कि इस दुर्घटना में हुए घायलों के इलाज के लिए तुरंत समुचित व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा राहत प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंच गई है और दुर्घटना में फंसे लोगों को निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे है।

हरियाणा बजट 2020: ‘मेरा शहर सर्वोत्तम शहर’ नामक परियोजना लांच 


चंडीगढ़, 28 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने आज कहा कि राज्य सरकार शहरी स्थानीय निकाय विभागों के सशक्तिकरण के साथ ही उन्हें स्वाययता देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए इस वर्ष 4916.51 करोड़ रुपये आबंटित किये गए हैं।

मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने आज यहां हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान बतौर वित्त मंत्री राज्य का वर्ष 2020-21 का बजट प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसीलिए नगर निगमों के मेयर पद तथा नगर परिषदों व नगरपालिकाओं में प्रधान के पद पर प्रत्यक्ष चुनाव का प्रावधान बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 से सभी शहर के सभी मार्गो पर समुचित प्रकाश के लिये एक नई योजना ‘जगमग शहर योजना’ का प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत सभी शहरी क्षेत्रों के लगभग 5 लाख लाईट प्वाईंटों को एल.ई.डी. लाईटों से बदला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ चुने हुये शहरों के सर्वागीण विकास के लिये भी ‘मेरा शहर सर्वोत्तम शहर’ नामक एक नई योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत चयनित किये गये शहरों में आधुनिक जन सुविधाओं जैसे न्यूनतम 18 घण्टे पेय जल वितरण, आवारा पशु मुक्त बनाना, पार्कों का आधुनिकरण, प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों पर शौचालयों की व्यवस्था, एक मुख्य सडक़ पर बिजली के तारों को भूमिगत करना इत्यादि का प्रबन्ध किया जाएगा। चयनित शहरों को उनकी वित्तीय स्थिति के अनुसार सरकार द्वारा अनुदान दिया जाएगा एवं इसके लिये बजट में उपयुक्त धनराशि का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि सरकार का लक्ष्य सभी स्थानीय निकायों को पूर्ण रूप से स्वायत्त बनाना है, इस कार्य में कुछ समय लगने की सम्भावना है। ऐसे सभी वित्तीय रूप से कमजोर निकायों में आधारभूत सुविधायें देने के लिये ‘मंगल शहर योजना’ में 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवर की सफाई में लगे कर्मियों की सुरक्षा के लिये हमारी सरकार अत्यन्त संवेदनशील है। यह सुनिश्चित करने के लिये कि किसी भी स्थिति में सफाई  कर्मी को सीवर में उतरना ना पड़े, सभी शहरों में आधुनिक सफाई उपकरण जैसे कि जैटिंग मशीन, सुपर सकर मशीन एवं निजी सुरक्षा उपकरण वांछित मात्रा में तुरन्त उपलब्ध करवाये जाएंगे। सडक़ पर सीवर के ढक्कन के खुले होने या टूटने पर गम्भीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, इसे दूर करने के लिये सीवर के ढक्कन को बदलने को ‘सेवा के अधिकार अधिनियम’ के तहत शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि शहरी क्षेत्रों में डेयरी मालिकों द्वारा गोबर डालने के कारण सीवर जाम हो जाता है, इस समस्या के समाधान के लिये शहरी निकायों द्वारा ‘डेयरी टू डेयरी’ गोबर एकत्रित किया जायेगा और इस सेवा के लिये डेयरियों पर उचित शुल्क भी लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अनाज मण्डियों में फायर ब्रिगेड की समुचित व्यवस्था की जाएगी और गुरुग्राम, सोनीपत, पंचकूला, फरीदाबाद जैसे बड़े महानगरों में बहुमंजिला ईमारतों की अग्नि सुरक्षा के लिये हाईड्रोलिक प्लैटफार्म उपलब्ध करवाये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण एक प्रमुख समस्या है। इसके समाधान के लिये ‘ई-मोबिलीटी’ अभियान चलाया जायेगा जिसके अन्तर्गत पुराने डीजल ऑटो को ई-ऑटो, ई-रिक्शा, सी0एन0जी0 ऑटो से बदलना, शहरी क्षेत्रों में बिजली-चालित बसों का संचालन, घर-घर से कूडा इक_ा करने के लिये ई-रिक्शा आदि की व्यवस्था की जायेगी। शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी एवं फड़ी लगाने वाले विक्रेताओं के पुनस्र्थापन के लिये ‘सायंकालीन हाट’ स्थापित किये जाएंगे।

सरकारी नौकरी छोडक़र अपना व्यवसाय प्रांरभ करने वालों को ऋण की गारंटी - खट्टर 


चंडीगढ़, 28 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा सरकारी कर्मचारियों के अनुभव से फायदा उठाने के लिए, जो सरकारी कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा के उपरांत नौकरी छोडक़र अपना व्यवसाय प्रांरभ करना चाहेंगे, उनके बैंकों के द्वारा ऋण लेने पर गांरटी देगी।
मुख्यमंत्री ने आज यहां हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान बतौर वित्त मंत्री वर्ष 2020-21 का बजट प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन की परिकल्पना को मूर्त रूप देने में कर्मचारियों व अधिकारियों की अहम भूमिका है। वर्ष 2020-21 से इनके प्रशिक्षण हेतु एक व्यापक कार्यक्रम चलाया जाएगा। हर नए भर्ती हुए कर्मचारी को समग्र रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। हर कार्यरत कर्मचारी को अगले तीन वर्षों में उसकी आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। पदोन्नति पर कार्यभार संभालने से पहले भी सभी को प्रशिक्षण लेना होगा। हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान को शीर्ष संस्थान के रूप में यह दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार, पंचायती राज संस्थाओं व नगर निकायों के सदस्यों को भी नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा । 
मुख्यमंत्री ने बजट अनुमान 2020-21 के लिए सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण के लिए 142.05 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित करते हुए कहा कि हमारे लिए यह बड़ी गर्व की बात है कि देश का हर 10वां जवान हरियाणा से है। राज्य सरकार सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों व अर्ध सैनिक बलों के जवानों के साथ-साथ उनके परिवारों के कल्याण एवं उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे वीर सैनिकों के द्वारा राष्ट्र के प्रति की गई सेवाओं और उनके महान बलिदानों का सम्मान करते हुए, राज्य सरकार द्वारा भूतपूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं को वित्तीय सहायता, सरकारी नौकरियां देने और युद्ध में शहीद हुए वीरों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान और शौर्य अवार्ड व विशिष्ट अवार्ड प्राप्त करने वाले को नगद राशि, उनकी लड़कियों की शादी पर अनुदान, हरियाणा से नये कमीशन्ड अधिकारियों को नकद पुरस्कार जैसी कई स्कीमें चलाई जा रही हैं। 
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में गठित सैनिक और अर्धसैनिक कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई स्कीमों के लिए 50 करोड़ रुपये बजट में निर्धारित किए गए हैं। इनमें सैनिकों और अर्ध सैनिकों के आश्रितों के लिए निशुल्क कोंचिग स्कीम, सैनिकों और अर्ध सैनिकों के आश्रितों के लिए उच्च कोटि की शिक्षा स्कीम, सैनिकों और अर्ध सैनिकों के आश्रितों के लिए एम. फिल. एवं पी.एच.डी. के लिए फैलोशिप स्कीम और सैनिकों और अर्धसैनिकों के आश्रितों के लिए कौशल विकास स्कीम शामिल हैं।

सीएम ने किया मनोहर बजट बनाने का प्रयास, जानें और क्या-क्या है बजट में 


चंडीगढ़, 28 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज कहा कि सरकार की किसानों को परम्परागत खेती के साथ-साथ फसल विविधिकरण के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसी लिए बजट 2020-21 में  बागबानी के लिए 492.82 करोड़ रुपये, पशुपालन के लिए 1157.41 करोड़ रुपये और मत्स्य पालन के लिए 122.42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान बतौर वित्त मंत्री राज्य का वर्ष 2020-21 का बजट प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी। 
उन्होंने बागवानी क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में बागवानी के तहत वर्तमान के 8.17 प्रतिशत क्षेत्र को वर्ष 2030 तक दोगुना और बागवानी उत्पादन को बढ़ाकर तीन गुणा करने का लक्ष्य है। इसे और भी जल्दी पूरा करने के लिए बजट में कई नए प्रावधान किये गए हैं। बागवानी में प्रदर्शनकारी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सतत उत्पादन के लिए, दो और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से एक शुष्क भूमि बागवानी के लिए और दूसरा कटाई उपरान्त प्रबंधन के लिए है। उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए फसल समूह विकास कार्यक्रम लागू किया गया है। इसके अलावा, किसानों की उपज के बेहतर संग्रह और प्रत्यक्ष विपणन के लिए 75581 किसानों की सदस्यता वाले 409 किसान उत्पादक संगठनों का गठन किया गया है। वर्ष 2022 तक 1000 और नए किसान उत्पादक संगठन बनाये जाएंगे। 
उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग ने अम्बाला, यमुनानगर और पंचकूला में हल्दी की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक उपज वाली हल्दी की किस्मों की पहचान की है। वर्ष 2020-21 में किसान उत्पादक सगठनों को भी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। टमाटर, प्याज, आलू, किन्नू, अमरूद, मशरूम, स्ट्राबेरी, अदरक, गोभी, मिर्च, बेबीकॉर्न, स्वीटकॉर्न की प्रोसेसिंग के लिए राज्य भर में चिह्निïत फसल समूहों में नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी। वर्ष 2020-21 में किन्नू, अमरूद एवं आम के बागों के स्थापना खर्च के अनुदान को 16,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति एकड़ किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए खाद्य सामग्री को पैकिंग व ब्रांडिंग के साथ बिक्री हेतु वीटा एवं हैफेड की तर्ज पर राज्य भर में चिह्निïत स्थानों पर 2000 आधुनिक बिक्री केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इस काम को और बढ़ाने के लिए शीघ्र ही एक अलग संस्था भी खड़ी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं डेयरी के लिए बजट में 1157.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का देश के पशुधन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान है। पशुपालन गतिविधियां आय और रोजगार सृजन में अपना योगदान देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य में पशुपालन एवं डेेयरी विभाग 2883 पशु चिकित्सा संस्थाओं के आधारभूत ढांचे के माध्यम से 89.98 लाख पशुधन को पशु चिकित्सा व पशु प्रजनन सुविधाएं प्रदान करवा रहा है। राज्य में गाय और भैसों को मुँह-खुर व गलघोटू रोग से मुक्त बनाने के लिए संयुक्त वैक्सीन प्रयोग करके सफलतापूर्वक कार्य किया गया है जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक साल से इन बीमारियों का कोई मामला सामने नहीं आया है। 
उन्होंने कहा कि ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुधन सुरक्षा बीमा योजना’ के तहत 2.20 लाख पशुओं का बीमा किया गया है। हरियाणा पहला राज्य है जिसने पशुओं के कल्याण और आनुवांशिक सुधार तथा पशु प्रजनन गतिविधियों को विनियमित करने के लिए ‘हरियाणा पशु (पंजीकरण, प्रमाणन और प्रजनन) अधिनियम, 2019’ लागू किया है। राज्य के पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान की बेहतर सुविधायें उपलब्ध करवाने के लिए ‘‘राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम’’ राज्य के पांच जिलो में 16 सितम्बर,2019 से शुरू किया है और इसके अंतर्गत अब तक 76,000 कृत्रिम गर्भाधान किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेसहारा पशुओं विशेष तौर पर विदेशी एवं संकर नसल के सांडो के खतरे से निपटने के लिए भी दृढ़ संकल्पित है। राज्य की गायों में कृत्रिम गर्भाधान हेतु सभी पशु संस्थाओं में सैक्स सोर्टिड सीमन उपलब्ध है जिससे 85-90 प्रतिशत मादा बच्चे ही पैदा होने की सम्भावना होती है। यह सैक्स सोर्टिड सीमन 850 रुपये प्रति स्ट्रा की दर से खरीदा गया है। वर्तमान में इसे पशुपालकों को 500 रुपये की दर से दिया जाता है। राज्य सरकार ने वर्ष 2020-21 में इस राशि को कम करके पशुपालकों को मात्र 200 रुपये प्रति स्ट्रा की रियायती दर पर प्रदान करने का फैसला लिया है।

 मनोहर लाल ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास हेतु नाबार्ड की योजना के अंतर्गत 52 राजकीय पशु चिकित्सालयों व 115 राजकीय पशुधन औषधालयों के भवनों का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 से ‘पशु संजीवनी सेवा’ के माध्यम से पशु स्वास्थ्य सेवायें पशुपालक के घर द्वार पर उपलब्ध करवाने के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां भी आरम्भ की जाएंगी। उन्होंने कहा बजट में राज्य की गौशालाओं में बेसहारा पशुओं के नियंत्रण व आश्रय प्रदान करने के लिए प्रावधान को 30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया है। यह राशि अब सरकार गौसेवा आयोग की संस्तुति पर उन गौशालाओं को वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी जो उस गौशाला की कुल गौवंश संख्या में से न्यूनतम एक-तिहाई भाग बेसहारा पशुओं को रखेगी। वर्ष 2020-21 से पशुपालन एवं डेयरी विभाग बेसहारा और घायल पशुओं को पहचान करके उन्हें पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने के बाद ऐसे पशुओं को गौशालाओं में पुर्नवासित करवाएगा। साथ ही जिन गौशालाओं में बेसहारा पशुओं के आवास के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है, उनको विकास एवं पंचायत विभाग गौचरान भूमि प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है इसलिए मत्स्य पालन के तहत क्षेत्र को वर्ष 2020-21 में 55,000 एकड़ करने तथा मत्स्य उत्पादन 2.60 लाख मीट्रिक टन का करने लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2020-21 में, खारे पानी के मत्स्य फार्म के तहत जल क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा और दो बड़े पेल्लेट फीड मिल प्लांट और 10 छोटे फीड मिल प्लांट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, प्रदेश में पहली बार 250-250 एकड़ क्षेत्रों में कैट फिश तथा पिलापिया कल्चर शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, गहन मत्स्य विकास कार्यक्रम के तहत मत्स्य पालन के लिए सामुदायिक भूमि की खुदाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि खारे पानी मे झींगा पालन व जल भराव वाले क्षेत्रों में मछली पालन को बहुत बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2020-21 में झींगा किसानों के लिए एक प्रॉन चिल्लिंग एण्ड प्रोसेसिंग सेंटर बनाया जाएगा एवं किसानों को कोल्ड चेन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस प्रोसेसिंग केन्द्र की स्थापना से अन्तर्राष्ट्रीय व घरेलू बाजार में किसान अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। 
उन्होंने कहा कि पंचकूला में टिक्करताल तथा यमुनानगर, करनाल और पानीपत में पश्चिमी यमुना नहर जैसे प्राकृतिक जलाशयों में घटती मछली प्रजातियों के संरक्षण से प्राकृतिक मछलियों के संरक्षण और संवर्धन पर बल दिया जाएगा। अभी दो राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म तथा 13 राजकीय मत्स्य बीज फार्म नवीनतम तकनीकी के माध्यम से उत्तम किस्म का मछली बीज तैयार करके मत्स्य पालकों को न्यूनतम दरों पर उपलब्ध करवा रहे हैं। आगामी वित्त वर्ष में तीन मत्स्य बीज फार्मों का ढांचागत सुदृढ़ीकरण करवाया जाएगा तथा परम्परागत मछली पालन प्रजातियों से हटकर नई कैटफिश प्रजातियों का पालन आरम्भ किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि सरकार जिला जींद, झज्जर, चरखी दादरी, रोहतक, सोनीपत, पलवल, नूंह, हिसार, फतेहाबाद तथा फरीदाबाद के जल भराव वाले क्षेत्र में मत्स्य पालन करवाने के लिए  प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में लगभग 2500 एकड़ जलमग्न क्षेत्र को मत्स्य पालन के अधीन लाने के लिए बजट प्रावधान किया गया है। 

हरियाणा बजट: जानें मनोहर के पिटारे से क्या-क्या निकला 


चंडीगढ़, 28 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज कहा कि राज्य सरकार ने कृषि को भविष्योन्मुखी बनाने तथा किसान की आय को दुगुनी करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्घता को पूरा करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण गतिविधियों के लिए इस वर्ष 6481.48 करोड़ रुपये आबंटित करने का प्रस्ताव है जोकि गत वर्ष के बजट आबंटन से 23.92 प्रतिशत अधिक है। 
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान बतौर वित्त मंत्री राज्य का वर्ष 2020-21 का बजट प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण गतिविधियों के लिए किए गए कुल आबंटन में से कृषि क्षेत्र के लिए 3364.90 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 
उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए अधिक से अधिक मात्रा में फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ के ई-खरीद पोर्टल पर किसानों के पूर्व-पंजीकरण की प्रक्रिया अब काफी प्रचलित हो गई है। राज्य में कृषि उत्पादन के विपणन के लिए सिस्टम लिंकेज को सुचारू, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से 54 मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) योजना के साथ भी जोड़ा गया है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा पिंजौर में सेब मंडी, गुरुग्राम में फूल मंडी और सोनीपत में मसाला मंडी जैसी वस्तु विशिष्ट मंडियां विकसित की जा रही हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के जोखिम को कम करने तथा उन्हें नवीन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत, पिछले तीन वर्षों में किसानों को क्लेम के रूप में 2097.94 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है, जो बीमा कम्पनियों को अदा किए गए 1672.99 करोड़ रुपये के प्रीमियम से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए अब इस योजना को स्वैच्छिक कर दिया है। राज्य को योजना के क्रियान्वयन में बढ़ाए गए अधिकार से यह योजना और अधिक कारगर सिद्ध होगी। वर्ष 2020-21 से राज्य सरकार कृषि व किसान कल्याण विभाग के प्रत्येक खण्ड कार्यालय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधि की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी ताकि किसानों के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सम्बन्धित सभी कार्य ब्लॉक स्तर पर ही पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ‘‘प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना‘‘ को भविष्य में ट्रस्ट मॉडल की रूपरेखा पर चलाने के बारे में भी गंभीरता से विचार कर रही है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’ के तहत भी किसानों के फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने का प्रावधान किया है। 
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा भूजल प्रबंधन और संरक्षण गतिविधियों में सुधार लाने के उद्देश्य से ‘अटल भूजल योजना’ के नाम से एक नई योजना शुरू की गई है। भूजल प्रबंधन और संरक्षण गतिविधियां क्रियान्वित करने के लिए राज्य द्वारा पानी की कमी वाले 36 खण्डों की पहचान की गई है। साथ ही, इस कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए शीघ्र ही एक नया कानूनी ढांचा भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों के लिए लाभप्रद मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘भावान्तर भरपाई योजना’ के नाम से एक योजना शुरू की गई है। इसमें 10 फलों एवं सब्जियों नामत: टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, बैंगन, अमरूद, शिमला मिर्च, किन्नू तथा तीन फसलों नामत: सरसों, बाजरा और सूरजमुखी को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत 360477 किसानों को लगभग 309.53 करोड़ रुपये की राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग रोकने के लिए सरकार ने 2015-17 के दौरान पहले चरण में 45.21 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड और 2017-19 के दौरान दूसरे चरण में लगभग 36.36 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए हैं। राज्य की सभी मंडियों में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना करने के लक्ष्य पर चलते हुए 2019-20 में विभिन्न सरकारी भवनों व मंडियों में कुल 111 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। अब सॉयल हैल्थ कार्ड को ‘‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा‘‘ पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा। सॉयल हैल्थ कार्ड में दी गई सिफारिश के आधार पर जिन किसानों द्वारा फसल की बिजाई की जाएगी, उन्हें 50 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 11 लाख एकड़ भूमि लवणीय व जलभराव की समस्या से प्रभावित है। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2020-21 में इस समस्या से ग्रस्त एक लाख एकड़ भूमि को सुधारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए इस कार्य को मिशन मोड में पीपीपी के तहत बढ़ावा दिया जाएगा। 

मनोहर लाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत सरकार ने नई कृषि पद्धतियों और मशीनरी के माध्यम से फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए एक व्यापक अभियान चलाया है। 1637 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से इस वर्ष 5225 किसानों को रियायती दरों पर कृषि मशीनरी प्रदान की गई। किसानों के सक्रिय सहयोग से प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। वर्ष 2018-19 की तुलना में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में 35.32 प्रतिशत की कमी आई है। अब राज्य सरकार ने खेत में फसल अवशेषों का प्रबंधन करने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रोत्साहन देना शुरू कर दिया है।  
कृषि क्षेत्र के लिए वर्ष 2020-21 में उठाए जाने वाले जिन नए महत्वपूर्ण कदमों के लिए बजट प्रावधान किया गया है उनका जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत कृृषि विकास के लिए राज्य में जैविक व प्राकृतिक खेती का क्षेत्र बढ़ाना बहुत आवश्यक है। अगले महीने अल्प बजट प्राकृतिक खेती पर आयोजित की जा रही एक राज्यस्तरीय कार्यशाला में राज्य भर के प्रगतिशील किसानों से विस्तृत चर्चा उपरान्त एक कार्य योजना तैयार की जाएगी। अगले तीन वर्ष में एक लाख एकड़ क्षेत्र में जैविक व प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। हरियाणा की सभी बड़ी मण्डियों में क्रॉप ड्रायर लगाए जाएंगे ताकि किसानों को फसल उत्पाद सुखाने में कोई परेशानी न आए एवं उनको फसलों का पूरा भाव बिना किसी कट के मिल सके। इसके अतिरिक्त, हरियाणा की सभी सब्जी मण्डियों में महिला किसानों के लिए अलग से 10 प्रतिशत स्थान आरक्षित किया जाएगा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए किसान कल्याण प्राधिकरण में विशेष महिला सैल की स्थापना की जाएगी।
इसीप्रकार, गोदामों में चोरी की समस्या को रोकने के लिए, राज्य के भण्डारण निगम, हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इत्यादि के सभी गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस वर्ष 52 गोदामों में कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शेष गोदामों को अगले चरणों में लिया जाएगा। जिन प्रगतिशील किसानों ने फसल विविधिकरण को अपनाया है, उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया जाएगा। इन मास्टर ट्रेनर्स को दूसरे किसानों को फसल विविधिकरण के लिए सफलतापूर्वक प्रोत्साहित करने पर पुरस्कृत किया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त, इस समय ब्याज मुक्त ऋण सुविधा केवल सहकारी संस्थाओं से लिए गये ऋणों पर उपलब्ध है और इसकी सीमा 1.5 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि अब ब्याज रहित ऋणों की सुविधा उन किसानों को भी मिलेगी जो किसी भी राष्ट्रीयकृृत बैंक या सहकारी बैंक से प्रति एकड़ 60 हजार रुपये तक का, अधिकतम 3 लाख रुपये तक का फसली ऋण लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के लिए तीन शर्तें होंगी -पहली-किसान निर्धारित समय पर ऋण की अदायगी करे, दूसरी-किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर लिए गये सभी सहकारी ऋणों को घोषित करे और तीसरी-यह कि फसल के खरीद मूल्य में से ऋण की सीमा तक की अदायगी खरीद एजेंसी द्वारा सीधे उस संस्था के खाते में जमा करवाई जाएगी, जिससे किसान ने ऋण लिया हुआ है। उन्होंने कहा कि एक किसान दूसरे किसानों के कृषि उपकरणों जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर, कंबाइन हारवेस्टर इत्यादि का उपयोग कर सके, इसके लिए किसान कल्याण प्राधिकरण द्वारा एक मोबाइल ऐप बनाई जाएगी। हरियाणा के विद्यालयों और महाविद्यालयों के विज्ञान के विद्यार्थियों को मिट्टी व जल परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा और उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा ताकि यदि वे चाहें तो अपने प्राध्यापक की देख-रेख में मिट्टी व जल परीक्षण का काम एक प्रमाणित व्यवसायी के रूप में कर सके। 
इसके अतिरिक्त, एग्रीकल्चर मैकेर्नाइंजेशन स्कीम के अन्तर्गत विभाग द्वारा कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि यन्त्रों पर अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी पात्र छोटे व सीमान्त किसानों को मशीनों व कृषि यन्त्रों पर अनुदान वर्ष 2021-22 तक बिना लाटरी के उपलब्ध हो। साथ ही, कृषि उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए छोटे कृषि उपकरणों के निर्माताओं को भी सब्सिडी दी जाएगी। फसल अवशेषों के स्थल पर तथा दूसरे स्थान पर प्रबंधन हेतु एक व्यापक प्रबंधन योजना तैयार की गई है। इसके तहत सभी प्रभावित जिलों के हर ब्लॉक में पराली खरीद केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने निर्णय किया है कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग को आदेश देकर ’’विशेष कृषि आधारित गतिविधियों’’ के नाम से एक नई कैटेगरी बनवाई जाएगी, जिसमें 7.50 रुपये प्रति यूनिट की बजाय 4.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जाएगी। इस कैटेगरी में पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्रीकूलिंग तथा राइपनिंग चैबंर, मधुमक्खी पालन, शहद प्रसंस्करण, टिशू कल्चर, झींगा एवं मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, बल्क दूध शीतकरण तथा एफपीओ द्वारा स्थापित 20 किलोवाट लोड तक के कोल्ड स्टोर आदि शामिल होंगे। ऐसे हजारों किसानों का अब बिजली का बिल 2.75 रुपये प्रति यूनिट कम हो जाएगा। 

भड़ाना को नहीं भाया खट्टर का बजट, कहा दिल्ली की तर्ज पर दो सुविधाएं


फरीदाबाद, 28 फरवरी : हरियाणा सरकार द्वारा विधानसभा में पेश कि गए वार्षिक बजट आप पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मबीर भड़ाना ने निराधार एवं युवा बेरोजगार के लिए निरर्थक बताया। उन्होंने कहा कि केवल संस्कृत श्लोकों के उच्चारण से आप प्रदेश के युवाओं को लुभा नहीं सकते। आज प्रदेश के युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, उद्योग धंधे पतन की ओर है प्रदेश मंदी की मार झेल रहा है। मगर सरकार की इस ओर कोई गंभीर सोच नहीं है।

 उन्होंने शिक्षा बजट में मात्र 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी को ऊंट के मुंह में जीरा बताया और कहा कि शिक्षा सबसे महत्वपूण है इसका बजट बढ़ाया जाने की जरूरत है। भड़ाना ने बताया कि आज भी हरियाणा कर्ज के बोझ तले डूबा हुआ है, मगर प्रदेश सरकार बड़े-बड़े दावे करते हुए नहीं थक रही है। खनन खुलवाने की हरियाणा सरकार की एक प्रमुख समस्या थी, जिसको अभी तक भी दूर नहीं किया जा सकता है। हरियाणा के मंत्री खनन खुलवाने की बात करते हैं, मगर सरकार इस ओर कोई गंभीर कदम नहीं उठा पाई, जिसका खामियाजा प्रदेश को राजस्व नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य जोकि एक महत्वपूर्ण पहलू है के बारे में सरकार ने कुछ खास नहीं किया। दिल्ली की तर्ज पर सभी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सरकार को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है, ऐसा कुछ भी बजट में नहीं है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल सके।


खट्टर ने पेश किया हरियाणा का बजट, मलिक ने कहा बहुत अच्छा 


गुरुग्राम। भाजपा नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पेश किए गए बजट की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश का बजट सभी वर्गों का जीवन बदलने और खुशहाल कर देने वाला बजट है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर पूरा फोकस किया गया है। बजट हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। यह पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री ने बजट पेश किया है। ऐसे में कुछ खास होना बहुत जरूरी थी। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि इस बार के बजट के सबसे खास बात यह रही कि बजट पेश करने से पूर्व विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और विधायकों को मंत्रणा और चर्चा करवाई गई। इसके बाद विशेषज्ञों और विधायकों के सुझावों पर बजट तैयार किया गया। 

प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। सभी बड़ी मंडियों में क्रॉप ड्रायर (फसल सुखाने के संयंत्र) लगाए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सभी सब्जी मंडी में महिला किसानों के लिए अलग से 10 फीसदी स्थान आरक्षित होंगे। किसान कल्याण प्राधिकरण में विशेष महिला सेल की स्थापना होगी। चोरी रोकने के लिए 52 गोदामों में कैमरे लगेंगे। फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को पुरस्कृत किया जाएगा और राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को भी ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा मिलेगी। किसानों को 4.75 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। 355 करोड़ की लागत से पानीपत व 263 करोड़ से करनाल चीनी मिलों का आधुनिकीकरण होगा। शाहबाद चीनी मिल में 60 करोड़़ से एथोनाल संयंत्र लगाया जाएगा। जींद, झज्जर, नूंह, गुरुग्राम, फरीदाबाद के जल भराव के क्षेत्रों में 2500 एकड़ में मत्स्य पालन के अंतर्गत लाया जाएगा। पशुपालकों को 200 रुपए प्रति स्ट्रा की दर से अच्छे पशुओं के प्रजनन के लिए सीमन देंगे। पशु संजीवनी के माध्यम से मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां बनेंगी।

शिक्षा के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उच्च शिक्षा के लिए 2936 करोड़ रुपए का प्रावधान है। प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने इतिहास में पहली बार शिक्षा बजट 15 प्रतिशत का प्रस्ताव किया है। सरकार ने महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। इसके लिए सभी महाविद्यालयों में 24 घंटे निगरानी करने के लिए 2000 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए बजट में प्रावधान किया है। भारत से बाहर के विश्वविद्यालयों तथा विदेश में रोजगार के अवसरों से अवगत कराने के लिए महाविद्यालयों में एक नई महत्वाकांक्षी योजना पासपोर्ट सहायता के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत अंतिम वर्ष के सभी विद्यार्थियों के पासपोर्ट नि:शुल्क बनाए जाएंगे।आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को मुख्यधारा में लाने के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के सभी छात्रावासों में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। स्नातक स्तर तक की छात्राओं से कोई भी शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं स्नातकोत्तर स्तर तक सभी संकायों में 1 लाख, 80 हजार रूपये तक को वार्षिक आय वाले गरीब परिवारों की छात्राओं से प्रदेश के किसी भी महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाएगा। 18 नए राजकीय महाविद्यालय खुलेंगे।

हर विद्यालय के गेट तक पक्का रास्ता बनाया जाएगा। शुरूआती शिक्षा में सुधार के लिए कक्षा आठ के लिए बोर्ड की परीक्षा शुरू होगी। चार हजार प्ले वे स्कूल खुलेंगे। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत नर्सिंग की छात्राओं को अंग्रेजी की पढ़ाई कराएगी। प्रदेश के दो हजार वेलनेस सेंटर जिम में तबदील होंगे। प्रदेश के लोगों की सभी शारीरिक जांच फ्री होगी। भिवानी, जींद, महेंद्रगढ़ गुरुग्राम में चार नए मेडिकल कालेज खोले जाएंगे। कुटैल में दीनदयाल उपाध्याय हेल्थ यूनिवर्सिटी, यमुनानगर, कैथल व सिरसा में तीन नए मेडिकल कालेज खुलेंगे। दिल के अटैक से बचने को सार्वजनिक स्थानों पर सार्बिटेट की गोली मुफ्त मिलेगी। एक लाख 80 हजार रुपए से कम आय व पांच एकड़ से कम जमीन वालों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। राज्य में कैथ लैब एमआरआइई सभी जिलों में होगी। अलंट्रासाउंड हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होगा, जबकि वेंटीलेटर हर जिला स्तर पर होगा।  

प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिकने कहा कि विभिन्न शहरों के बाईपास के निर्माण के लिए 905.67 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। ये बाईपास टोहाना, कोसली, हथीन, पुन्हाना, पिंगवाना, छुछकवास, बहादुरगढ़, गोहाना, उचाना और सोनीपत शहर में प्रस्तावित हैं। टोहाना बाईपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष बाईपासों के निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता है, जिसके लिए ई-भूमि पोर्टल पर प्रस्ताव मांगे गए हैं। रमन मलिक ने मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रीमंडल और बजट तैयार करने वाले अधिकारियों को बेहतर बजट देने के लिए बधाई दी।

शीरा घोटाला-खट्टर बोले बिना तथ्यों के पूर्व मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं विधायक कुंडू 


चंडीगढ़, - हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा है कि हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चार दिन की चर्चा के बाद सदन के नेता के रूप में जब वे अपना जवाब दे रहे थे तो विपक्षी सदस्यों का रवैया ठीक नहीं था। लोकतंत्र में सता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे की अलोचना करना तो स्वाभाविक है परंतु निंदा नहीं होनी चाहिए ताकि विकास कार्यों में रूकावट पैदा ना हो।

मुख्यमंत्री कल  विधानसभा सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जब उनसे कल प्रस्तुत किये जाने वाले बजट के बारे में पूछा गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट सबके के हितों के अनुरूप जनता का बजट होगा। 

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में भू-जल प्राधिकरण बिल लेकर आएंगे ताकि डार्कजोन क्षेत्रों में नलकूपों के कनैक्शन दिए जा सकें। पहले इसके लिए केन्द्रीय भू-जल बोर्ड से अनुमति लेनी होती थी। अब राज्य भू-जल बोर्ड अपनी सिफारिशें केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के समक्ष रखेगा। उन्होंने बताया कि सदन में चर्चा के दौरान पानीपत  जिले के बापौली खंड को भी डार्कजोन क्षेत्र श्रेणी में रखा गया है जबकि आमतौर पर वहां भू-जल का स्तर काफी ऊपर रहता है। इसी प्रकार, टोहाना व यमुनानगर में भी ऐसे मामलों की जानकारी मिली है जबकि सामान्यत: वहां पर भू-जल का स्तर काफी ऊपर रहता है।

सहकारी चीनी मिलों में निर्दलीय विधायक  बलराज कुण्डू द्वारा पूर्व सहकारिता मंत्री पर शीरा घोटाला करने का आरोप के बारे पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में व्यक्तिगत रंजिश से बिना तथ्यों के किसी पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। इस मामले में एसआईटी गठित की गई है जो प्रारम्भिक जांच के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। पिछले चार वर्षों में केवल एक बार शीरे का भाव 200 रुपये रहा है। शीरे के लिए सभी चीनी मिलें एक साथ निविदा लगाने की प्रक्रिया अपनाती है।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर उनकी जीरो टोलरेंस की नीति है। वे पहले भी सदन में कह चुके हैं कि भरोसे के लिए विश्वनीय प्राथमिक सामग्री (Credible Primary Material to Belief) सबूतों के साथ दें तो वे हर किसी मामले की जांच करवाने को तैयार हैं, चाहे वह अब की सरकार की बात हो या पहले की सरकारों की बात हो। 

विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अपराध चरम सीमा पर होने के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें गुमशुदा व्यक्तियों के आंकड़ें शामिल हैं, जो तकनीकी रूप से सही नहीं है। इसका विशलेषण करवाया जाएगा कि एफआईआर में दर्ज गुमशुदा व्यक्तियों में अपराधी हैं, महिला हैं, बच्चे हैं या वृद्ध व्यक्ति हैं।

हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य द्वारा 20 फरवरी को प्रस्तुत किये गए  अभिभाषण को आज विधान सभा सदन में सर्वसम्मति से पारित कर इसका समावेदन राज्यपाल को भेजा जाएगा।

मैं सभी की बात सुनता हूं और सबको बराबर तवज्जो देता हूं- अनिज विज


चंडीगढ़,- हरियाणा के गृह मंत्री  अनिज विज ने कहा है कि मुख्यमंत्री  मनोहर लाल के एक वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला बजट पेश करने जा रहे हैं और मुझे आशा है कि यह बजट सर्वागीण बजट होगा और इसमें सबका साथ-सबका विकास की धारणा का ख्याल रखा जाएगा। बजट से पहले सभी वर्गों से प्री-बजट बैठकें आयोजित की गई हैं, चाहे वह अधिकारी हो, विधायक हो, नेता हो या अन्य कोई वर्ग हो। विज कल  हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन प्रैस दीर्घा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

सदन में कुछ विपक्षी पार्टियों के विधायकों द्वारा उनकी सीट पर आकर बातें करने बारे पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में  विज ने कहा कि वे सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं और उनके पास कोई भी आ सकता है, चाहे वह जनता हो, अधिकारी हो या नेता हो। मैं सभी की बात सुनता हूं और सबको बराबर तवज्जो देता हूं।

दिल्ली में हिंसा के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में  विज ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक बार भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश नहीं की गई और उनके द्वारा केन्द्रीय गृह मंत्रालय को लिखकर भी नहीं दिया गया। दिल्ली हिंसा के बाद राष्ट्र राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा में पुलिस तंत्र पूरी तरह से अलर्ट है और किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।

शहरी स्थानीय निकायों में ठेकेदारों के एकाधिकार को खत्म करेंगे विज


चण्डीगढ़, 27 फरवरी- हरियाणा की सभी शहरी स्थानीय निकाय के कार्यों में और अधिक  पारदर्शिता लाने के दृष्टिगत तथा ठेकेदारों के एकाधिकार को खत्म करने के उद्देश्य से भविष्य में 100 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य अब ठेकेदारों के समूह को संयुक्त रूप से न देकर अलग-अलग आवंटित किये जाएंगे।

यह जानकारी शहरी स्थानीय निकाय मंत्री  अनिल विज ने आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के पांचवे दिन प्रश्नकाल के समय सोनीपत शहर के बस स्टैण्ड के पास गुजर रहे नाला नम्बर 6 को ढकने का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा होने के बारे में पूछे गए प्रश्न उत्तर में सदन को दी।

 विज ने सदन को अवगत करवाया कि यह कार्य 25 करोड़ रुपये के लागत से पूरा होना चाहिए और ठेकेदार निर्धारित समय अवधि में कार्य को पूरा नहीं कर पाया जिसके फलस्वरूप कार्य का अनुबंध रद्द कर दिया गया था। कार्य को नई सिरे से निविदा आमंत्रित करने उपरांत पिछली एजेंसी के जोखिम को लागत के आधार पर निष्पादन किया जाएगा और इस कार्य को 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि वे भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर किसी भी तरह की भ्रष्टाचार की जानकारी सदन के सदस्यों के पास है तो वे उनके संज्ञान में ला सकते हैं।  वे उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह उतरेंगे और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

अरावली पर बने अवैध फ़ार्म हाउस मालिकों को नोटिस जारी


चंडीगढ़, 27 फरवरी- हरियाणा के वन मंत्री  कंवर पाल ने कहा कि अरावली क्षेत्र में अवैध निर्माण कतई नहीं होने दिया जाएगा और जिन लोगों ने अवैध रूप से फार्म हाऊस बनाए हुए हैं उनको नोटिस दिया गया है।

वन मंत्री आज हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक विधायक द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन पटल पर फरीदाबाद व गुरूग्राम जिला के अरावली क्षेत्र में स्थित फार्म हाऊसों का विवरण रखते हुए बताया कि पंजाब भू-संरक्षण अधिनियम,1900 की धारा 4 व 5 के अधीन अधिसूचित अरावली क्षेत्रों में विकसित हुए फार्म हाऊसों को बिजली कनैक्शन दिए जाने संबंधी सूचना दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से ली जा रही है।

वन मंत्री  कंवर पाल ने यह भी बताया कि अरावली क्षेत्र में अवैध निर्माणों की जांच के लिए समय-समय पर ड्रोन से मैपिंग करते रहते हैं, अगर किसी अवैध निर्माण का पता चलता है तो उसको तुरंत गिरा दिया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि कोर्ट ने इस क्षेत्र में अवैध निर्माणों के मामले में कमेटी गठित की हुई है, विभाग ने कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

जैसे वर्जीनिया वाशिंगटन डी.सी के लिए है, वैसे ही हरियाणा दिल्ली के लिए- मनोहर लाल


चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सतलज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के माध्यम से हरियाणा को अपने पानी का हिस्सा मिलने से कोई भी नहीं रोक सकता है, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय (एससी) ने पहले ही हरियाणा के पक्ष में अपना फैसला दे दिया है कि नहर के पानी में राज्य की अपनी वैध हिस्सेदारी है।
 मनोहर लाल कल  हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।

पत्रकारों द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री  अमरिंदर सिंह द्वारा एसवाईएल मुद्दे पर दिए गए एक बयान से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा को पानी मिलने के लिए एसवाईएल नहर के निर्माण से संबंधित एकमात्र मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सुप्रीम कोर्ट जल्द ही किसी एजेंसी को कार्यान्वयन आदेश जारी करेगा, जोकि शायद केंद्र सरकार की एजेंसी हो सकती है ताकि एसवाईएल नहर का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके  नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी और उनसे एसवाईएल नहर के जल्द पूरा करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि राज्य के हित में पार्टी लाइनों से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं।

 मनोहर लाल ने कहा कि उन्होंने  ट्रम्प को सूचित किया कि जैसे वर्जीनिया वाशिंगटन डी.सी के लिए है, वैसे ही हरियाणा दिल्ली के लिए है। समानताओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हरियाणा तीन तरफ से दिल्ली को घेरता है, उसी तरह वर्जीनिया शहर वाशिंगटन को तीन तरफ से घेरे हुए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की है।

हरियाणा के कई जिलों के 4463 गांवों को मिल रही है 24 घंटे बिजली-बिजली मंत्री 


चण्डीगढ़, 26 फरवरी- हरियाणा में ‘म्हारा गांव-जगमग गांव योजना’ के तहत इस समय 9 जिलों-अम्बाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, सिरसा और फतेहाबाद में 11 केवी के 1048 आरडीएस फीडरों के 4463 गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। इनमें से उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 528 फीडरों के 2637 गांव और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 520 फीडरों के 1826 गांव शामिल हैं।
इस बात की जानकारी हरियाणा के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री  रणजीत सिंह ने आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री जयवीर सिंह द्वारा पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में सदन को दी।
उन्होंने सदन को अवगत करवाया कि ‘म्हारा गांव-जगमग गांव योजना’ ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों की तर्ज पर बिजली प्रदान करने के उद्देश्य से पहली जुलाई, 2015 को शुरू की गई थी। इस योजना के तहत सेवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नंगी तारों को एबी केबल के साथ बदलने, खराब या इलैक्ट्रो मैकेनिकल मीटरों को बदलने, बिजली मीटरों को घरों से बाहर शिफ्ट करने, वितरण ट्रांसफार्मरों का अनुरक्षण करने तथा एलडी प्रणाली का अनुरक्षण जैसी गतिविधियां चलाई जाती हैं। इसके तहत, एक बार मीटर बदलने या पुन: लगाने का कार्य मौके पर किया जाएगा और मीटर को एम एंड टी लैब में आगे चैकिंग के लिए नहीं भेजा जाएगा।

हरियाणा पुलिस ने 75 हजार रूपये के ईनामी मोस्ट वांटेड एंव शातिर बदमाश को दबोचा


चंडीगढ, 26 फरवरी- पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने समस्त हरियाणा पुलिस को मोस्ट वांटेड एवं बदमाशो की धर पकड़ के निर्देश दिये हुये है। इन्ही निर्देशो की पालना करते हुये सोनीपत जिले की सी0आई0ए0 स्टाफ ने यू0पी0 एवं सोनीपत पुलिस के 75 हजार रूपये के ईनामी मोस्ट वांटेड एंव शातिर बदमाश को अवैध हथियारो सहित गिरफतार किया है। गिरफतार आरोपी नितिन निवासी धोबीवाडा जटवाडा शहर सोनीपत का रहने वाला है।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि सी0आई0ए0 की टीम अपराधियो एवं असामाजिक तत्वो की खोज मे महाराजा अग्रसेन चैक सोनीपत की सीमा मे मौजूद थी कि इन्हे अपने विश्वस्त सूत्रो से पता चला कि 75 हजार रूपये का ईनामी मोस्ट वांटेड एंव शातिर बदमाश नितिन अवैध हथियारो सहित किसी अपराधिक घटना को अन्जाम देने की फिराक मे घूम रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा अविलम्ब कार्यवाही करते हुये उक्त बदमाश को धर दबोचा। तलाशी लेने पर इसके कब्जा से एक अवैध देसी पिस्तौल व एक जिन्दा कारतूस मिला। गिरफतार आरोपी के विरूद्ध शस्त्र अधिनियम के अन्तर्गत थाना सिविल लाईन सोनीपत में अभियोग दर्ज किया गया।

दिल्ली हिंसा: हरियाणा पुलिस की खास एडवाइजरी जारी 


चंडीगढ़, 26 फरवरी - हरियाणा पुलिस ने सीएए/एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुई हिंसा के मद्देनजर राज्य भर में विशेष रूप से दिल्ली से सटे जिलों के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा, पथराव, आगजनी आदि की कई घटनाएं देखी गई हैं। पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए, राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को एडवाइजरी जारी कर पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्क रहने और अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में हिंसा की किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सभी आवश्यक एहतियाति उपाय करने के लिए कहा गया है।

एडवाइजरी की जानकारी देते हुए, श्री विर्क ने कहा कि फील्ड में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकतम पुलिस बल जुटाने के लिए कहा गया है। दिल्ली में हाल की हिंसा के मद्देनजर, पुलिस अधिकारियों को आवश्यक सावधानी बरतने और प्रदेष में विशेष रूप से फऱीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, नूंह जिलों में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए सभी संभव संसाधन जुटाने के लिए निर्देष दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने राज्य में गश्त बढ़ा दी है और एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी से सटी सीमाओं में चैकसी भी तेज कर दी है।

कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए जिला उपायुक्तों, एसडीएम, तहसीलदारों और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को कहा गया है। आवश्यकता की स्थिति में ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति निरोधात्मक आदेशों को लागू करने का भी निर्देश दिया गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक जानकारी साझा करने वालों को चेतावनी देते हुए, श्री विर्क ने नागरिकों से ऐसे अफवाह फैलाने वालों के बहकावे में न आने और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करने का आग्रह भी किया। उन्होंने असामाजिक तत्वों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि कानून एवं व्यवस्था से खिलवाड़ करने और किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल होने वालों से कानून अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।

ट्रंप संग भोजन कर खुश हुए खटृर, दिल्ली हिंसा पर भी बोले 


चंडीगढ़, - हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल कल  भारत में दो दिवसीय दौरे पर आए अमेरिका के राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में  राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रि भोज में शामिल हुए जिसका उन्हें खास रूप से निमंत्रण मिला था। 

        हरियाणा विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही के समाप्त होने के उपरांत  कल  पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि यह उन्हें विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत करने और उन्हें हरियाणा के बारे जानकारी देने का अवसर प्रदान करेगा।’

        कांग्रेस द्वारा लगाए गये इस आरोप की कि दिल्ली की हिंसा के लिए भाजपा नेताओं द्वारा दिए जा रहे वक्तव्य जिम्मेदार हैं, पर टिप्पणी करने को कहे जाने पर  मनोहर लाल ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस द्वारा ऐसे समय पर ऐसी बात कही जा रही है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप भारत के दौरे पर हैं। इसे एक शरारतपूर्ण प्रयास बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार समस्त मामले की जांच करवाएगी और जिसने भी घृणित काम किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

हर शराब के बोतल का बिल देंगे ठेके वाले- दुष्यंत चौटाला


चंडीगढ़, 25 फरवरी- हरियाणा के उप मुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला, जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है, ने कहा कि प्रदेश की वर्ष 2020-21 की आबकारी नीति में कई महत्वूर्ण निर्णय लेकर नियमों को कड़ा किया गया है। इससे शराब तस्करी में संलिप्त लोगों को छ: महीने तक जमानत नहीं मिलेगी जो पहले 15 दिनों में मिल जाती थी। फ्लो मीटर के माध्यम से डिस्टलरिज पर भी कड़ी निगरानी की जाएगी।
 उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान सदन में बोल रहे थे।

        कांग्रेस की किरण चौधरी द्वारा वर्ष 2020-21 की आबकारी नीति पर उठाए गए संदेह पर सदन को अवगत करवाते हुए उन्होंने कहा कि शायद श्रीमती किरण चौधरी को अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2007-08 के दौरान लागू की गई आबकारी नीति की ही जानकारी नहीं है, जिसमें घर में शराब रखने का प्रावधान था। इंस्पैक्टरी राज खत्म करने के उद्देश्य से सामाजिक समारोह के दौरान शराब परोसने के लिए पहली बार ऑनलाइन परमिट की सुविधा प्रदान की गई है। इसकी अवधि सुबह 6.00 से अगली सुबह 6.00 बजे तक रहेगी और इसकी फीस 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई है। उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2005 से वर्ष 2020 तक की आबकारी नीतियों के प्रावधानों के अनुरूप ही व्यक्तिगत रूप से शराब रखने का निर्धारित कोटा अबकी बार भी कायम रखा गया है। 

        श्री दुष्यंत चौटाला ने सदन को इस बात की भी जानकारी दी कि सभी ठेकों पर पीओएस मशीन रखना अनिवार्य होगा और उन्हें उपभोक्ता को हर बोतल का बिल देना होगा। यदि ठेकेदार द्वारा बिल नहीं दिया जाता है तो उस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

        उन्होंने बताया कि हर बोतल पर क्यूआर कोड होगा और इसके माध्यम से डिस्टलरिज से लेकर वेयरहाऊस तक निगरानी रहेगी। ठेकों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने अनिवार्य होंगे। डिस्टलरिज से उत्पादित ईएनए स्प्रिट से फ्लो मीटर से निगरानी की जाएगी और एक-एक बूंद का हिसाब रखा जाएगा कि स्प्रिट से कितनी शराब उत्पादित हुई है। गलत तरीके से अवैध शराब की आपूर्ति करने वाली डिस्टलरियों पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहली बार पकड़े जाने पर 1 लाख रुपये, दूसरी बार पकड़े जाने पर 2.5 लाख रुपये और तीसरी बार पकड़े जाने पर 5 लाख रुपये तथा चौथी बार पकड़े जाने पर डिस्टलरिज का लाईसेंस रद्द किया जाएगा। डिस्टलरिज से बाहर शराब ले जाने वाले ट्रकों का समय सुबह 9.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक रखा गया है और वेयरहाऊस या उनके गंतव्य स्थल पर हर प्रकार से उनकी ट्रैकिंग की जाएगी।

जींद, भिवानी, नारनौल व गुरुग्राम में नये चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण करवाएं विज


चंडीगढ़, 24 फरवरी- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री  अनिल विज ने कहा कि राज्य में जींद, भिवानी, नारनौल व गुरुग्राम में नये चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्य के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
 विज ने यह जानकारी आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान जींद में चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के बारे पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में सदन को दी।

        स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को इस बात से अवगत करवाया कि जींद के नये चिकित्सा महाविद्यालय की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट लगभग तीन साल में दो चरणों में पूरी होगी। प्रथम चरण के निर्माण के लिए 524.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और दूसरे चरण के लिए 139.63 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।  जींद चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए चारदीवारी का कार्य पूरा हो चुका है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार 663.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 6,42,30,131  रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

 विज ने  सदन को जानकारी दी कि भिवानी में चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए  विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है और तीन महीने के अन्दर-अन्दर कार्य शुरू हो जाएगा। कोसली के नागरिक अस्पताल का दर्जा 50 बिस्तर से बढ़ाकर 100 विस्तर करने का उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कोसली के अस्पताल का दर्जा बढ़ाने के मामले पर सर्वे करवाया गया और अस्पताल जनसंख्या की शर्त को पूरा नहीं करता, इसलिए दर्जा नहीं बढ़ाया जा सकता। वर्तमान में यह अस्पताल 1. 27 लाख की जनसंख्या को कवर करता है, जो दर्जा बढ़ाने के लिए कम है।

डीजीपी मनोज यादव के कामकाज से खुश नहीं हैं गृह मंत्री अनिल विज- जानें कारण


चंडीगढ़: गृह मंत्री अनिल विज की अब पुलिस महानिदेशक मनोज यादव पर टेढ़ी नजर है। विज अब डीजीपी के काम काज से नाखुश हैं और उन्होंने डीजीपी यादव को पत्र लिखा है। इसके पीछे वजह 19 नवंबर 2019 को पुलिस मुख्यालय में पुलिस विभाग को लेकर हुए फैसलों में से एक का भी लागू न हो पाना है। जिससे अनिल विज को कड़ा रुख अपनाना पड़ा है।
19 नवंबर की बैठक में ये हुए थे निर्णय
. सीआईडी क्राइम पैट्रोल सीरियल में अपराध के मामलों की तर्ज पर पुलिस जांच।
. हर जिले में अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित थाने हों।
. पुलिस आधुनिकीकरण, फॉरेंसिक लैब को और अत्याधुनिक बनाया जाए।
. मोबाइल फॉरेंसिक लैब का आधुनिकीकरण।
. पुलिस कल्याण के लिए समिति गठित करें।
. विशेष व आपात ड्यूटी के समय पुलिस कर्मियों को भोजन मुहैया कराएं।
. पंजाब समान वेतनमान को लेकर कमेटी गठित करें।
. पुलिस थानों को अपग्रेड किया जाए, खस्ताहाल थानों की मरम्मत करें।
. पुलिस दोस्ताना व्यवहार करे, अत्याधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग जवानों को दें।
. पारदर्शिता व आधुनिकीकरण से पुलिस में भ्रष्टाचार को दूर करें।
. जाम से निपटने के लिए ऑटो, रिक्शा, बस व टैक्सी स्टैंड पूरे प्रदेश में चिह्नित करें।