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ठाकरे ने मार ली शिव सेना के पैरों पर कुल्हाड़ी, आगे राह काँटों भरी


नई दिल्ली- इस दुनिया में अगर सब कुछ संभव है तो राजनीति के क्षेत्र में संभव है। कुर्सी के लिए बड़े-बड़े दुश्मन दोस्त बनते देखे गए हैं और देखे जा रहे हैं। महाराष्ट्र में अब शिव सेना और एनसीपी की सरकार बनने जा रही है और कांग्रेस बाहर से सरकार का समर्थन करेगी। उद्धव ठाकरे की अगुवाई में शिवसेना नेताओं ने कुछ देर पहले राज्यपाल से मुलाकात की है।  कांग्रेस और शिव सेना की विचारधारा हमेशा अलग रही है इसलिए राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शिव सेना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है और अब पार्टी खात्मे के तरफ बढ़ चुकी है।
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में पंद्रह दिन पहले विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो बीजेपी और शिवसेना को स्पष्ट बहुमत मिला था।  लेकिन, मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के अड़ जाने के चलते बीजेपी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के कदम को पीछे खींचकर शिवसेना को सरकार गठन का मौका दे दिया है।  ऐसे में शिवसेना अपने धुरविरोधी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही है  इससे बीजेपी को लगता है कि कांग्रेस-एनसीपी के साथ शिवसेना का सफर बहुत लंबा नहीं चल सकेगा, क्योंकि विचारधारा के स्तर पर एक दूसरे के धुर-विरोधी रही हैं।
महाराष्ट्र में शिवसेना उग्र हिंदुत्व, मुसलमान विरोध और पाकिस्तान पर हमलावर विचारधारा को लेकर चली थी, बीजेपी उससे ज्यादा उग्र तेवर अपनाकर और नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे नेताओं को आगे करके शिवसेना के सामने बड़ी लकीर खींच चुकी है।  महाराष्ट्र में शिवसेना का बालासाहेब ठाकरे के दिनों वाला जलवा खत्म हो चुका है।  इसी का नतीजा था कि 2019 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन में बीजेपी को 164 और शिवसेना को 124 सीटों पर किस्मत आजमानी पड़ी। अब शिव सेना जिस रास्तें पर चल रही है वो रास्ता उसके लिए घातक साबित हो सकता है। भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि ये सरकार ज्यादा समय तक नहीं चल सकेगी और महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं और उस समय शिव सेना के पास कोई मुद्दा नहीं होगा। जिनके खिलाफ बोलकर शिवसेना यहाँ तक पहुँची है अब उन्ही से मिलकर सरकार बना रही है। सोशल मीडिया पर उद्धव ठाकरे को जमकर लोग लताड़ रहे हैं।
बाला साहेब ठाकरे के वीडियो वाइरल होने लगे हैं जिसमे उन्होंने कांग्रेस को बहुत कुछ कहा था। उन्होंने कहा था कि हिजड़े झुकाते हैं सोनिया गांधी के सामने सिर? आज उद्धव ने सोनिया को फोन किया, बड़ी फजीहत शुरू हो गई है। ये वीडियो देखें

महाराष्ट्र में बह सकती है उलटी गंगा


नई दिल्ली: भाजपा के सरकार बनाने से मना करने के बाद महाराष्ट्र में हलचल तेज हो गई है। आज कांग्रेस, एनसीपी सहित शिव सेना की भी बैठक हो रही है। कहा जा रहा है कि शिव सेना कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाएगी। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र में अब उलटी गंगा बहेगी क्यू कि शिव सेना  कांग्रेस में पहली बार एक हो सकते हैं। शिवसेना राज्य में सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन ले सकती है। 

मालूम हो  कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (55 विधायक) और कांग्रेस (44 विधायक) से बाहर से समर्थन हासिल कर सकती है।  एनसीपी और कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि कि उनका समर्थन इस शर्त पर होगा कि शिवसेना-बीजेपी के साथ अपना गठबंधन खत्म कर दे।  साथ ही यह शर्त भी रखी कि शिवसेना के केंद्रीय मंत्रिमंडल में उसके एकमात्र मंत्री अरविंद सावंत इस्तीफा दे दें। अब शिवसेना कोटे से मोदी सरकार में मंत्री अरविंद सावंत ने  इस्तीफा देने का ऐलान कर  दिया है और कहा जा रहा है कि भाजपा और शिव सेना का पुराना गठबंधन आ टूट जाएगा जिसके बाद महाराष्ट्र में उलटी गंगा बहने लगेगी।सोशल मीडिया पर लोगों का क्या कहना है पढ़ें 

SPS: राम मंदिर के लिए थैंक्स, अब देश में राम राज्य भी लाओ मोदी जी वरना गहरे पानी में डूबेगी भाजपा की भैंस 


नई दिल्ली: केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में महज 7 महीने में अपनी लिस्ट के तीन बड़े एजेंडे को लगभग पूरा कर लिया। तीन तलाक बिल, फिर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटाना और अब राम मंदिर का रास्ता भी साफ़ हो गया। भाजपा का अगला एजेंडा क्या होगा अब इस पर चर्चाएं चलने लगी हैं। कुछ लोगों का  कहना है कि अब शायद मथुरा और काशी का मुद्दा उभरेगा। हालांकि भाजपा नेतृत्व की ओर से साफ संकेत है कि उसके लिए फिलहाल यह एजेंडा नहीं है। ध्यान रहे कि राम मंदिर को लेकर भी भाजपा संवैधानिक दायरे की बात करती रही है। मथुरा और काशी में फिलहाल तो कानून से ही रोक है।

कुछ लोगों का ये भी कहना है कि पाक अधिकृत कश्मीर भी भाजपा का अगला एजेंडा हो सकता है लेकिन अधिकतर लोगों का कहना है कि देश के लगभग 130 करोड़ लोगों में से लगभग 100 करोड़ लोग किसी न किसी समस्या से परेशान हैं और केंद्र की मोदी सरकार को अब जनता की समस्याएं दूर करने के लिए काम करना चाहिए। राम मंदिर लगभग तीन साल में बन जाएगा। अब देश में राम राज्य भी आना चाहिए। देश के हजारों चौराहों पर लोग रोटी की भीख मांगते दिखते हैं जबकि देश के लाखों छोटे बड़े होटलों और ढाबों पर लोग प्लेट में उतना भोजन छोड़ देते हैं जितने से किसी गरीब का पेट भर सकता है। देश के करोड़ों लोग 18 से 20 घंटे काम करते हैं फिर भी अपने परिवार को उस तरह की खुशियां नहीं दे पाते जैसे परिवार चाहता है। कोई अपने बच्चों को उचित शिक्षा नहीं दे पाता तो किसी के बच्चे अस्पतालों में इस लिए दम तोड़ देते हैं क्यू कि उनके पास अस्पताल का भारी भरकम बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं होते। पीएम ने आयुष्मान भारत योजना लागू कर स्वास्थ्य के छेत्र में बड़ा सुधार लाने का ऐतिहासिक प्रयास किया है लेकिन देश के लगभग आधे गरीबों से ये योजना कोसों दूर है। गरीबों से ज्यादा अमीर इस योजना का फायदा उठा रहे हैं क्यू कि 2011 की जनगणना के लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। उस समय 70 फीसदी धनकुबेरों के बीपीएल कार्ड बने थे और यही वजह है कि जब ये योजना लागू हुई तो देश के कई बड़े मंत्री और खरबपतियों का नाम भी इस योजना के लाभार्थियों का आया था। 

मेरी केंद्र सरकार से यही मांग है कि अब आपका असली मुद्दा कुछ और नहीं राम मंदिर की तरह राम रामराज्य होना चाहिए। अगर भाजपा सरकार इस दिशा में काम करेगी तो कलयुग रहने तक देश पर भाजपा का राज्य होगा लेकिन इस दुनिया में संभव और असंभव नाम के दो शब्द हैं। भारत में राम राज्य अगर लाया जाएगा तो तीर अपनों पर भी चलाने पड़ेंगे क्यू कि हरियाणा अब तक को अपने सूत्रों द्वारा पता चला है कि पूरे देश में भाजपा के बड़े पदों पर बैठे 53. 96 फीसदी नेता भ्रष्ट हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में भाजपा को निराशा हाथ लगी है। पीएम के गढ़ गुजरात में भाजपा को पसीना बहाना पड़ा तो राजस्थान, मध्य प्रदेश, छतीसगढ़ जैसे राज्य कांग्रेस ने भाजपा से छीन लिया, हरियाणा भी छीनने वाला था लेकिन चौटाला के पोते ने खट्टर को बचा लिया। महाराष्ट्र की बात करें तो आज रविवार 8 बजकर 10 मिनट पर हरियाणा अब तक को जानकारी मिल रही है कि महाराष्ट्र में जो हो रहा है उसे देख कई बड़े भाजपा नेताओं का ब्लड प्रेशर 140 से 214 पर पहुँच गया है। जानकारी मिल रही है कि महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार नहीं बनाएगी। कई  दिनों से बीजेपी और शिवसेना में सरकार को लेकर तनातनी चल रही है । शिवसेना ढाई-ढाई साल के सीएम पद पर अड़ी हुई है। 

हरियाणा अब तक को महाराष्ट्र से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा  नेता चंद्रकांत पाटिल ने अभी कुछ देर पहले कहा है  कि शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है। हम सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं। शिव सेना चाहे तो कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बना सकती है। जानकारी मिल रही है कि कई नेता कुछ देर पहले राज्यपाल से मिले हैं जिनमे  कार्यकारी मुख्यमंत्री देंवेंद्र फडणवीस, चंद्रकांत पाटिल, विनोद तावड़े और पंकजा मुंडे प्रमुख थे। 
केंद्र सरकार अच्छा काम काज कर रही है। ऊपर बताया हूँ कि मोदी ने जो कहा था या भाजपा ने जो कहा था वो एजेंडे पूरे हो चुके हैं लेकिन राज्यों में भाजपा की दुर्गति हो रही है आखिर क्यू? इसका जबाब यही है कि  53. 96 फीसदी नेता भ्रष्ट हैं और कई प्रदेशों के नेता इस सूची में शामिल हैं। यही वजह है कि अधिकतर राज्यों से अब मोदी लहर गायब हो चुकी है क्यू कि ये महाभ्रष्ट मोदी लहर पर बहुत भारी पड़ रहे हैं। केंद्र में पीएम के आस पास भी कई भ्रष्ट मौजूद हैं जो विभिन्न राज्यों में घोटालेबाजों को भाजपा की टिकट दिलवाते हैं। पीएम को इसकी जानकारी नहीं है। घोटालेबाज टिकट तो पा जाते हैं क्यू कि अपने कार्यकाल में वो अरबों के मालिक बन गए हैं इसलिए उसमे से कुछ माल देकर भाजपा की टिकट पा जाते हैं लेकिन चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं। जनता इन भ्रष्टो का चुनाव में माल भी खा जा रही है लेकिन इन्हे वोट नहीं दे रही है। 

कल अयोध्या पर फैसला आया और हो सकता है 2023 तक राम मंदिर बन जाये और अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा को इसका फायदा मिले लेकिन भाजपा से बड़े राज्य छिनते जा रहे हैं इसलिए टीम मोदी को अब बहुत कुछ सोंचना पड़ेगा। देश से भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करना पड़ेगा और एक तरह से देश में राम राज्य की स्थापना ही अब भाजपा को बचा सकती है वरना अगली बार तो मोदी आ जायेंगे लेकिन आगे भाजपा का कोई पीएम बनेगा, मुमकिन नहीं है। 
राम राज्य की बात करें तो इस इतिहास के बारे में जहाँ तक हरियाणा अब तक को जानकारी है उसके मुताबिक 
हिन्दू संस्कृति में राम द्वारा किया गया आदर्श शासन राम राज्य' के नाम से जाना जाता है। राम के राज्य में जनता हर तरह से सुखी और समृद्ध थी। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सबकुछ दांव पर लगा दिया जाता था। जीने का अधिकार और सुरक्षा-न्याय का अधिकार सभी को मिला था। 
हरियाणा अब तक के पाठकों को बता दें कि हमने जो जानकारी हासिल की है उसके मुताबिक त्रेतायुग में मयार्दापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम द्वारा आदर्श शासन स्थापित किया गया। 
गोस्वामी तुलसीदास ने स्वयं रामचरित मानस में कहा है -
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहहिं काहुहि ब्यापा।।
- इस चौपाई के मुताबिक राम राज्य में शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और सांसारिक तीनों ही दु:ख नहीं थे।
- राम राज्य में रहने वाला हर नागरिक उत्तम चरित्र का था।
- सभी नागरिक आत्म अनुशासित थे, वह शास्त्रो व वेदों के नियमों का पालन करते थे। जिनसे वह निरोग, भय, शोक और रोग से मुक्त होते थे।
- सभी नागरिक दोष और विकारों से मुक्त थे यानि वह काम, क्रोध, मद से दूर थे।
- नागरिकों का एक-दूसरे के प्रति ईष्र्या या शत्रु भाव नहीं था। इसलिए सभी को एक-दूसरे से अपार प्रेम था।
- सभी नागरिक विद्वान, शिक्षित, कार्य कुशल, गुणी और बुद्धिमान थे।
- सभी धर्म और धार्मिक कर्मों में लीन और निस्वार्थ भाव से भरे थे।
- रामराज्य में सभी नागरिकों के परोपकारी होने से सभी मन और आत्मा के स्तर पर शांत ही नहीं बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी शांति और सुकून से रहते थे।
- रामराज्य में कोई भी गरीब नहीं था। रामराज्य में कोई मुद्रा भी नहीं थी। माना जाता है कि सभी जरूरत की चीजों का बिना कीमत के लेन-देन होता था। अपनी जरूरत के मुताबिक कोई भी वस्तु ले सकता था। इसलिए बंटोरने की प्रवृत्ति रामराज्य में नहीं थी।
- मान्यता यह भी है कि पर्वतों ने अपने सभी संपत्ति मणि आदि और सागर ने रत्न, मोती रामराज्य के लिए दे दिये। इसलिए वहां के नागरिक शौक-मौज के जीवन की लालसा नहीं रखते थे बल्कि कर्तव्य परायण और संतोषी थे।
हरियाणा अब तक के प्रिय पाठकों यहाँ हम आपको बता दें कि भाजपा नेता राम-राम तो करते हैं लेकिन अधिकतर नेता काम नहीं करते। माल बटोरने में जुटे हैं। देश बहुत बड़ा है। पीएम मोदी हर किसी पर ध्यान नहीं रख सकते जिसका फायदा भाजपा के 53. 96 भ्रष्ट नेता उठा रहे हैं। अपने 10 पीढ़ियों के लिए माल इकठ्ठा कर ले रहे हैं। यही कारण है कि कई राज्यों की जनता भाजपा को अब पसंद नहीं कर रही है ,हाँ मोदी अब भी देश की जनता की पहली पसंद हैं। कल राम मंदिर के फैसले के बाद देश के 83 फीसदी लोग मोदी-मोदी कर रहे हैं। अब मोदी का अगला टारगेट राम राज्य हुआ तो सब ठीक होगा वर्ना मोदी तो रहेंगे, भ्रष्ट भाजपा को कहीं का नहीं छोड़ेंगे। झारखण्ड में जल्द चुनाव हैं सट्टेबाज भाजपा को आज 10 नवम्बर की रात्रि लगभग 8 बजकर 40 मिनट पर 30 से 35 सीटें दे रहे हैं जबकि दिल्ली में भी चुनाव जल्द हैं और केजरीवाल को भी झारखण्ड जैसे भाव मिल रहा है।
 इसके बाद यूपी में चुनाव हैं और यहाँ फिर योगी सीएम बन सकते हैं क्यू कि मंदिर तो उत्तर प्रदेश में ही बन रहा है। इसके बाद जहाँ विधानसभा चुनाव होंगे वहां भी भाजपा कमजोर? लाओ राम राज्य वरना जिस नदी के किनारे खड़ी है आपके भैंस वो नदी बहुत गहरी है ,भैंस ने नदी में कदम रखा तो डूब सकती है। ये एक कड़वा सत्य है। जल्द में खबर लिखी गई है क्यू कि हमारे पास खबरों का भंडार होता है, कोई स्पेलिंग मिस्टेक हो तो हरियाणा अब तक अपने पाठकों से माफी चाहता है। 

मंदिर मुहिम से जुडे कारसेवकों ने कहा राममंदिर हमारे लिए गर्व और गौरव की बात


फरीदाबाद 10 नवंबर। रामजन्म मंदिर मुहिम से जुडे स्वयं सेवकों ने अयोध्या राम मंदिर के ऐतिहासिक फैसले को गर्व और गौरव की बात कहा है। अदालती निर्णय की अपने अपने तरीके से खुशी का इजहार किया। निर्णय के बाद कारसेेवकों ने सभी को बधाई दी। लोगों ने खुशी में मिठाईयां बांटी गई। ग्रामीण अंचल में घर आंगन और मंदिर प्रांगण में दीप जलाए गए। एक दूसरी दिवाली के रूप में मनाया गए दीपोत्सव से लोगों ने अपनी भावनाओं को बहुत ही सादगी के साथ व्यक्त किया।
रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन से जुडे स्वयं सेवकों ने देश की सर्वोच्च अदालत के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि आस्था से जुडे राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण संबंधित सर्वोच्च न्यायालय का सर्वमान्य निर्णय हम सभी को स्वीकार्य हैै। राममंदिर का निर्माण देश के लिए गौरव और हमारे लिए गर्व की बात है।
मंदिर आंदोलन से जुडकर कार्य करने वाले ददसिया गांव के तीन स्वयं सेवक नीरज त्यागी, अजय गोयल और डॉ सुभाष त्यागी ने बताया कि अदालत के निर्णय के उपरांत राममंदिर निर्माण का रास्ता स्पष्ठ हो गया अब जल्द ही अयोध्या में रामजन्म भूमि पर एक भव्य एवं अलौकिक मंदिर बनेगा जो भारत ही नही अपितु विश्व के हिंदुओं का सबसे बडा धार्मिक स्थल एवं आस्था का केंद्र होगा। रविवार को गांव में मंदिर मुहिम से जुडे कार सेवकों का डां सुभाष त्यागी के भाई एवं भाजपा नेता कृष्ण त्यागी ने मुंह मीठा कराकर उनका सम्मान किया।

मंदिर मुहिम से जुडे कार सेवक नीरज त्यागी ने बताया कि 21 अक्टूबर, 1990 को विश्व हिंदुपरिषद के अशोक सिंघल, महंत नृत्य गोपाल दास के नेतृत्व में हुई कार सेवा में शामिल होने के लिए मैं अपने साथी अजय गोयल, सुभाष त्यागी, लालपुर निवासी विरेंद्र और बादशाहपुर निवासी जीतेन शर्मा उर्फ चुक्कन ने योजना बनाई। गांव बादशाहपुर के तत्कालीन सरपंच कालूराम शर्मा ने हमे तिलक लगाकर रवाना किया था। बुआपुर से प्रदीप नागर  और सराय ख्वाजा से गोपाल शर्मा के नेतृत्व में तिगांव, सेहतपुर, पल्ला एवं अन्य गांवों से काफी संख्या में कारसेवक अयोध्या जाने के लिए बाटा चौक स्थित वैश्य धर्मशाला से 101 के जत्थों में फरीदाबाद ओल्ड रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। फरीदाबाद से करीब 7 जत्थे रवाना हुए थे। उसके बाद दिल्ली से लखनउ ट्रेन से और लखनउ से फिर फै जाबाद के लिए रवाना होते हुए कार सेवकों को मनकापुर पहुंचना था। सभी सेवकों को गुप्त मुहिम के साथ एक दूसरे से अंजान बनकर यात्रा करनी थी।
कार सेवक अजय गोयल ने बताया कि सरयु नदी के तट पर पहुंचे तो वहां लाखों कारसेवक मौजूद थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव हेलीकोटर से स्थिति का जायजा ले रहे थे। उन्हीं के आदेश पर कार सेवकों पर गोलियां चलाई गई। श्री गोयल ने बताया कि मेरे साथ खडे आठ-दस कार सेवकों को गोलिया लगी और हजारों की संख्या में घायल हुए। हमे गिरफ्तार कर लिया गया, वहां से बडी मुश्किल से बचकर हम सकुशल वापिस लौटे। आज सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक एंव सर्वमान्य निर्णय से सभी वर्ग खुश हैं हमारे लिए अदालती फैसला गर्व और देश के लिए गौरव भरा हैं।

मंदिर और मस्जिद निर्माण के लिए दो चांदी की ईंटें देगी प्रे फॉर इंडिया


फरीदाबाद:  अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले  को एक एतिहासिक निर्णय बताते हुए प्रे फॉर इंडिया संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक जार्ज ने एलान किया है कि उनकी संस्था मंदिर और मस्जिद दोनों के निर्माण के समय एक-एक किलोग्राम की चांदी की ईंटें देगी। उन्होंने कहा कि इन ईंटों को मंदिर और मस्जिद की नीव में लगाया जाए और इसके लिए खुद अयोध्या इन ईंटों को लेकर जायेंगे। 
फरीदाबाद के मैगपाई टूरिस्ट काम्प्लेक्स पहुंचे जार्ज ने  कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक बहुत बड़े विषय पर सर्वसम्मति से एक एतिहासिक निर्णय दिया है। इस स्थायी समाधान से सभी को संतोष हुआ है। मंदिर का निर्माण निश्चित तौर पर हो सकेगा। मुस्लिम पक्ष पांच एकड़ भूमि पर एक भव्य मस्जिद बना सकेगा।

उन्होंने कहा कि शनिवार सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद देश में आपसी सौहार्द व सामाजिक भाईचारा की  मिसाल  दिखी। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग फैसले से खुश दिखे और अब वो चाहते हैं कि सभी धर्मों के लोग मिलकर मंदिर और मस्जिद के निर्माण में अपना योगदान देकर भाईचारे की एक और मिसाल पेश करें। उन्होंने मंदिर और मस्जिद के निर्माण के समय भाईचारे की नींव को और मजबूती मिले इसलिए उनकी संस्था ने एक-एक किलोग्राम  की चांदी की दो ईंट देने का एलान किया है। एक ईंट मंदिर की नींव के लिए और एक ईंट मस्जिद की नींव के लिए दी जाएगी। 
इस मौके पर युवा समाजसेवी राजेश खटाना, एडवोकेट ने कहा कि  सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्‍या पर बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया। इसके पीछे देश के न्यायाधीश, न्यायालय और हमारी न्यायिक प्रणाली ने दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से हमारी संस्कृति को नई मजबूती मिली है। भारत की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करते हुए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय देश में आपसी सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देगा।



अयोध्या पर सुप्रीम फैसले के बाद JNU में मातम, दुखी छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली: राम मंदिर-बाबरी मस्जिद को लेकर कल सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और पूरे देश फैसले को स्वीकार लिया लेकिन राजधानी दिल्ली में कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध भी किया। फैसले का विरोध करने वाले वहीं लोग हैं जिन्हे आजादी गैंग या टुकड़े गैंग कहा जाता है और ये जेएनयू  में छात्र के रूप में रह रहे हैं।
जवाहर लाल यूनिवर्सिटी में बने साबरमती ढाबा के पास इन छात्रों ने यह विरोध प्रदर्शन किया। ये जब फैसले का विरोध कर रहे थे उसी दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कुछ छात्र पास में जय श्री राम के नारे लगाने लगे। कल का वीडियो वाइरल हुआ है जिसमे जेएनयू के छात्र शरजील इमाम के नेतृत्व में फैसले का विरोध किया जा रहा है।

SPS: विवादित ढांचा ढहाने पैदल ही पहुँच गए आडवाणी के शेर, कइयों ने दी कुर्बानी, अब बनेगा राम मंदिर 


नई दिल्ली: भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बाद दूसरे सबसे बड़े आंदोलन में शामिल होने का अवसर दिया। सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने अयोध्या मामले पर जो फैसला सुनाया वह ऐतिहासिक है और मैं फैसले से बेहद खुश हूँ। ये कहना है कि 1992 के हीरो लाल कृष्ण आडवाणी का जिनके योगदान को अयोध्या मामले पर शायद जल्द कोई भूल सके। वर्षों तक कोर्ट में केस चला और आज उसका फैसला आया और देश की बड़ी अदालत में माना कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। कोर्ट ने कहा कि मस्जिद के नीचे विशाल संरचना थी। एएसआई ने इसे 12वीं सदी का मंदिर बताया था। कोर्ट ने कहा कि वहां से जो कलाकृतियां मिली थीं, वह इस्लामिक नहीं थीं। विवादित ढांचे में पुरानी संरचना की चीजें इस्तेमाल की गई थीं। इसके बाद मंदिर बनने का रास्ता साफ़ हो गया और अब वहाँ भव्य मंदिर बनेगा लेकिन कई लोगों ने इसके लिए त्याग किया तो कइयों ने कुर्बानी भी दी।

.1990 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा जोर पकड़ रहा था।  इसी बीच लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक 'रथयात्रा' निकालने की घोषणा कर दी। बिहार में जहां लालकृष्ण आडवाणी का रथ रोकते हुए उन्हें गिराफ्तार कर लिया गया, वहीं अयोध्या में विवादित स्थल का ढांचा बचाए रखने के लिए कारसेवकों पर गोली चला दी गई।  पुलिस फायरिंग में कई लोग मारे गए। कार सेवा में बड़ी मात्रा में गुजरात और महाराष्ट्र के लोग पहुंचे थे। उस समय हम उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले  में रहते थे जहाँ से अयोध्या लगभग 40 किलोमीटर दूर है। उस समय विश्व हिंदू परिषद 06 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के पास कार सेवा का ऐलान कर चुकी थी। देश भर से कारसेवक अयोध्या कूच कर रहे थे।  तमाम इन्टेलिजेंस रिपोर्ट कुछ और कह रही थीं। 6 दिसंबर के कई दिन पहले अयोध्या की तरफ जाने वाली ट्रेनों और बसों में जांच पड़ताल शुरू होने लगी और कार सेवकों को अयोध्या पहुँचने से रोका जाने लगा। इसके बाद कार सेवक पैदल ही अयोध्या पहुँचने का प्रोग्राम बनाने लगे और ट्रेनों बसों की बजाय सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे।



दिसंबर में सर्दी शुरू हो जाती है और उस समय मैंने कालेज में पढाई कर रहा था और सुबह खेतों पर जाकर खेतों की देखभाल करने की जिम्मेदारी भी थी। क्यू कि किसान परिवार से ताल्लुक रखता हूँ।  3 या चार दिसंबर की बात रहे होगी जब हमने देखा कि तमाम लोग खेतों के रास्ते आगे बढ़ रहे हैं। कइयों के पैरों में चप्पलें भी नहीं थीं। शायद ज्यादा पैदल चलने के कारण टूट गईं थीं और लोग भूखे भी थे। वो लोग हिंदी नहीं बोल पाते थे। 1990 में मैं गुजरात के कांडला बंदरगाह पर लगभग दो हफ्ते रह चुका था जिस कारण थोड़ी गुजराती समझ लेता था। खेतों के रास्ते अयोध्या पहुँचने वाले डर भी रहे थे लेकिन पेट के लिए इंसान कुछ भी कर सकता है इसलिए कई लोगों ने सुबह मुझसे पीने का पाने माँगा और जब हमने उन्हें पानी दिया तो कई लोग अपना पेट भी दिखाने लगे और कहने लगे कि कुछ खाने को मिल जाएगा क्या। जब हमने उन्हें कहा कि भोजन घर से बनवाकर लाना पड़ेगा तो उनके से कई लोग डरे भी कि कहीं पुलिस से कोई शिकायत न कर दी जाए तो कुछ लोग पास में ही शकरकंदी और आलू के खेत की तरफ इशारा करने लगे और हम उनका इशारा समझ गए। तुरंत आलू और शकरकंदी खोद उसे भूनकर उन्हें दिया गया। ये सिलसिला अगले दिन भी चला। सैकड़ों लोग उधर से गुजरे और अधिकतर गुजरात के लोग थे। कुछ महाराष्ट्र के लोग भी उनके साथ थे। स्थानीय लोग उस समय अयोध्या नहीं गए थे। अधिकतर कार सेवक दूसरे राज्यों के थे और गुजरात के सबसे ज्यादा थे। किसी ने लखनऊ में ट्रेन बस छोड़ दी थी तो किसी ने अमेठी में और ये सब पैदल ही अयोध्या के लिए निकल पड़े थे।

6 दिसंबर 1992 की बात करें तो उस दिन जो हुआ उसका अंदाजा इसका अंदाजा शायद बहुतों को नहीं रहा होगा। लेकिन कुछ बड़ा होने जा रहा है, ऐसा वहां के माहौल को देखकर समझा जा सकता था। तभी वहां मौजूद कार सेवकों के साथ लोगों की बड़ी संख्या विवादित स्थल के अंदर घुस गई। देखते ही देखते ढांचे के गुंबदों पर उनका कब्जा हो गया। हाथों  में बल्लम, कुदाल, छैनी-हथौड़ा लिए उन पर वार पर वार करने लगे। जिसके हाथ में जो था, वही उस ढांचे को ध्वस्त करने का औजार बन गया। और देखते ही देखते वर्तमान, इतिहास हो गया। यह सब होने में करीब दो घंटे लगे या कुछ ज्यादा।

 केंद्र की नरसिंह राव सरकार, राज्य की कल्याण सिंह सरकार और सुप्रीम कोर्ट देखते रह गए। यह सब तब हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल पर किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पाबंदी लगाई हुई थी। एक ऑब्जर्वर भी नियुक्त किया हुआ था। दिलचस्प बात यह थी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि उसके आदेशों का पूरा पालन होगा। लेकिन भरोसे का वादा खरा नहीं उतरा। उस समय अयोध्या और आस पास के जिलों में अफवाह फ़ैली की पुलिस और वहां तैनात अन्य तरह की फिरस ने भी कार सेवकों का साथ दिया। तब जाकर ढांचा गिराया जा सका। ये भी अफवाह फ़ैली कि सुरक्षाबल के तमाम जवानों ने भी ढांचा गिराने में कार सेवकों के साथ जुट गए।

चारों तरफ धूल ही धूल थी। यहां कोई आंधी नहीं चल रही थी, लेकिन यह मंजर किसी आंधी से कम भी नहीं था। अपार जनसैलाब से यही भ्रम हो रहा था। इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि भीड़ हजारों में थी या लाखों में। हां, एक बात जो उस पूरी भीड़ में थी, वह था-जोश और जुनून। इसमें रत्तीभर भी कमी नहीं थी। ऐसा लग रहा था-जैसे वहां मौजूद हर व्यक्ति अपने आप में एक नेता था। ‘जय श्रीराम’, ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’, ‘एक धक्का और दो... जैसे गगनभेदी नारों के आगे आकाश की ऊंचाई भी कम पड़ती दिख रही थी। और विवादित ढांचा ध्वस्त हो गया और आज देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। अब तीन महीने बाद वहां भव्य मंदिर निर्माण शुरू होगा। देश में शांति का माहौल है। सभी धर्मों के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकारा है।
उस समय मंदिर आंदोलन में लालकृष्ण आडवाणी और फ़ैजाबाद के भाजपा नेता विनय कटियार का अहम् योगदान था।  शायद यही वजह है कि भाजपा के लौह पुरुष आडवाणी आज कह रहे हैं कि उन्होंने दूसरे स्वतन्त्रता आंदोलन में भाग लिया था और वो आज बहुत खुश हैं। सोशल मीडिया पर मात्र कुछ लोग इधर उधर की बातें कर रहे हैं जिन्हे जेहादी गैंग कहा जाता है। उनका कहना है कि राम में ऐसा क्या है तो उन्हें मालुम हो कि देश की अधिकतर आबादी सुख-दुःख में राम का नाम जरूर लेती है। इस दुनिया से अलविदा होते समय भी अधिकतर लोगों राम कहकर ही अलविदा कहते हैं।

इन्होने सबसे पहले बताया था कि बाबरी मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष हैं


नई दिल्ली: देश का सबसे चर्चित मामले का आज फैसला आ गया और देश ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को माना है। आपको बता दें कि केके मुहम्मद को बहुत कम लोग जानते होंगे। भारतीय पुरातत्विक सर्वेक्षण  के  अधिकारी केके मुहम्मद ने ही सबसे पहले कहा था कि बाबरी मस्जिद के नीचे मंदिर था।  1992 में जब ढांचा गिराया गया तो उसके बाद कोर्ट में मामला दर्ज हुआ और ढांचे के नीचे की खुदाई में कई ऐसे सबूत मिले जिससे ये साबित हुई कि बाबरी मस्जिद बनने के पहले यहां कोई मंदिर था। 

वर्ष  1977 में विवादित भूमि का पुरातात्विक सर्वेक्षण किया था तब उस टीम में केके मुहम्मद प्रशिक्षु के तौर पर शामिल थे।  इसके बाद 2003 में भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर विवादित जमीन की खुदाई की थी जिसके बाद कई सबूत मिले थे जिसके आधार पर आज सुप्रीम कोर्ट ने ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया। केके मुहम्मद का कहना है कि मैंने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाई और जो कुछ मुझे दिखा था वही बताया। 

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, अयोध्या में विवादित जमीन पर अब बनेगा भव्य राम मंदिर


नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ चुका है।  सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जगह को रामलला का बताया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए वैकल्पिक जमीन दी जाए।चीफ जस्टिस ने कहा कि हिंदू बाहर सदियों से पूजा करते रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड को कहीं और 5 एकड़ की जमीन दी जाए। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बनाकर स्कीम बताए।
कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण खाली जगह पर हुआ था, जमीन के नीचे का ढांचा इस्लामिक नहीं था। ASI के निष्कर्षों से साबित हुआ कि नष्ट किए गए ढांचे के नीचे मंदिर था। 

BREAKING: राम जन्म भूमि न्यास को मिली विवादित जमीन 


नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला जारी है। अब कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक जमीन देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में नाकाम रहा है। कोर्ट ने सुनने वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने के आदेश। कोर्ट ने कहा कि राम जन्मभूमि न्यास को विवादित जमीन दे दी जाएगी। कोर्ट है कि केंद्र विवादित भूमि पर मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाए, 3 महीने की भीतर इसका नियम बनाए। 

LIVE: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, खुदाई में इस्लामिक ढांचे के सबूत नहीं मिले


नई दिल्ली: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ अपना फैसला सुना रहे हैं। शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सहित सभी पांच जजों  ये याचिका ख़ारिज की। चीफ जस्टिस ने माना कि बाबर के समय में ये मस्जिद बनाई गई थी। एक खबर और मिल रही है जिसमे निर्मोही अखाड़े के दावे को भी ख़ारिज कर दिया गया है।

फैसला पढ़ते हुए सीजेआई ने कहा कि बाबरी मस्जिद को मीर तकी ने बनाया था। कोर्ट ने ASI की रिपोर्ट के आधार पर यह भी कहा है कि मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदुओं की यह आस्था और उनका यह विश्वास की भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था, यह निर्विवाद है। कोर्ट के मुताबिक  मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की भी पुख्ता जानकारी नहीं है।

 सीजेआई ने कहा की खुदाई के साक्ष्यों को अनदेखा नहीं कर सकते हैं।  खुदाई में इस्लामिक ढांचे के सबूत नहीं मिले थे. सीजेआई ने यह भी कहा कि अंग्रेजों के आने से पहले हिंदू वहां राम चबूतरे और सीता रसोई पर पूजा होती रही थी।

अयोध्या LIVE: गृह मंत्री अमित शाह ने बुलाई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक


नई दिल्ली: देश के करोड़ों लोगों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर है जहाँ लगभग आधे चंद मिनटों में अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया जायेगा। सभी पाँचों जज सुप्रीम कोर्ट में पहुँच चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी भारी सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं।  मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ये फैसला सुनाएगी।
फैसले के पहले गृह मंत्री अमित शाह नेने अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई है । बैठक में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।

LIVE: अयोध्या पर फैसले के पहले कई शहरो में स्कूल, कालेज, इंटरनेट बंद, पूरा UP छावनी में तब्दील 


नई दिल्ली: देश के लिए आज ऐतिहासिक दिन है।  सबसे चर्चित केस राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने वाला है। 5 सदस्यीय संविधान पीठ सुबह साढ़े 10 बजे से अपना फैसला पढ़ना शुरू करेगी। इस बेहद संवेदनशील मामले को देखते हुए देशभर में पुलिस अलर्ट पर है।
राजस्थान सरकार ने आदेश दिया है कि प्रदेश के सभी स्कूल कालेज आज बंद रखा जाये। भरतपुर  जिले में कल सुबह तक इंटरनेट बंद करने के आदेश दिए गए हैं। 

देश के तमाम बड़े नेता शांति बनाये रखने की अपील करते दिख रहे हैं। उत्तर प्रदेश को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है. राज्य के हर जिले में भारी पुलिस फोर्स तैनात है।  केंद्र ने उत्तर प्रदेश की मदद के लिए 4000 अर्द्धसैनिक बल भेजे हैं।  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने 40 कंपनी अतिरिक्त सुरक्षा बल उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराए हैं. उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर आदि संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। कई शहरों में आज इंटरनेट बंद किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है। 

नोटबंदी, “मानव निर्मित एक भयावह आपदा थी”- रणदीप सिंह सुरजेवाला


नई दिल्ली: नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर आज फिर कई विपक्षी पार्टियां भाजपा को घेर रही हैं। यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमों मायावती ने एक ट्वीट कर भाजपा को घेरा और लिखा कि बीजेपी की केन्द्र सरकार द्वारा बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी व अपरिपक्व तरीके से किये गये नोटबन्दी का दुष्परिणाम पिछले 3 वर्षों में विभिन्न रूपों में जनता के सामने लगातार आ रहा है बल्कि देश में बड़ती बेरोजगारी व बिगडत़ी आर्थिक स्थिति इसी का मुख्य कारण है जिसपर जनता की पैनी नजर है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भाजपा को घेरते हुए लिखा है कि सत्यमेव जयते!

नोटबंदी की तीसरी वरसी पर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने देश की अर्थव्यवस्था की आउटलुक को नेगटिव कर फिर साबित कर दिया कि नोटबंदी, “मानव निर्मित एक भयावह आपदा थी”

नोटबंदी की तीसरी वरसी पर सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरान, मौन क्यों हैं?
आपको बता दें कि जानी-मानी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है लेकिन भारत सरकार इकॉनमी के फंडामेंटल्स मजबूत होने का दावा कर रही है। मूडीज का मानना है कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ पहले के मुकाबले धीमी रह सकती है, जिसका कारण सरकार के प्रयासों का कम प्रभावी होना है।

92 साल का हो गया 92 का नायक, आडवाणी को कभी नहीं भूल पाएगी भाजपा


नई दिल्ली: अटल-आडवाणी को भाजपा शायद ही कभी भूल सके। 1984 में 2 सीटों के सफर से शुरुआत कर भाजपा 2019 में 303 सीटों पर आ चुकी है इसमें आडवाणी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। आडवाणी भाजपा के लौह पुरुष कहे जाते हैं जो आज 92 साल के हो गए। सोशल मीडिया पर सभी भाजपा नेता उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं। पीएम मोदी ने भी कई ट्वीट किये हैं।
देश में इन दिनों अयोध्या चर्चा में है जहां राम मंदिर-बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। अयोध्या आंदोलन का सूत्रपात  लालकृष्ण आडवाणी ने ही किया था। बीजेपी के पितामह लालकृष्ण आडवाणी 1992 के अयोध्या आंदोलन के नायक रहे थे।  अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 1990 में गुजरात के सोमनाथ से शुरू की गई उनकी रथ यात्रा ने भारत के सामाजिक ताने-बाने पर अंदर तक असर डाला।  बड़ी विडंबना है कि 92 के हीरो आडवाणी आज जब जीवन के नितांत अकेले पलों में अपना जन्मदिन मना रहे हैं तो उसी अयोध्या आंदोलन पर हिन्दुस्तान की सर्वोच्च अदालत का फैसला आने वाला है। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि 1992 के नायक को आज ही बड़ी खुशखबरी मिल जाती तो आज का दिन उनके लिए और ऐतिहासिक हो जाता। 

नोटबंदी के तीन साल पूरे, लोगों को भा रहे हैं PM लेकिन नहीं भाये भाजपा शासित राज्यों के CM


नई दिल्ली: नोटबंदी के आज तीन साल पूरे हो रहे हैं। तीन साल पहले आज की शाम को एक तरह से भूकंप आया था। 8 नवंबर, 2016, इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद ही मानो पूरे देश में भूकंप सा आ गया। एटीएम के बाहर लंबी लाइनें, जमकर शॉपिंग और ढेर सारी प्रतिक्रियाएं। हमें बहुत कुछ देखने को मिला। सियासी बयानबाजी भी खूब हुई। सत्ता पक्ष ने जहां फैसले को देशहित में बताया, तो वहीं विपक्ष ने जमकर आलोचना भी की। कांग्रेस अब भी इस मुद्दे को उठाती रहती है। 
विपक्ष को नोटबंदी के बाद तो खास फायदा नहीं मिला। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए जिसमे भाजपा को जीत मिली लेकिन इसके बाद भाजपा का नुक्सान होने लगा। गुजरात विधानसभा चुनावों में भाजपा पहले से कमजोर दिखी उसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छतीसगढ़ में भाजपा सत्ता से दूर हो गई और अब महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए जहाँ हरियाणा में तो जजपा की वैशाखी के सहारे भाजपा की सरकार बन गई लेकिन महाराष्ट्र में अब भी सरकार बनाने की मारामारी चल रही है। माना जा रहा है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस आज स्तीफा दे सकते हैं। 
इसी साल लोकसभा चुनाव हुए जिसमे भाजपा को पहले से ज्यादा सीटें मिलीं लेकिन राज्यों में भाजपा कमजोर होने लगी है। गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव इसके उदाहरण हैं। जल्द दिल्ली और झारखण्ड में भी भाजपा की परीक्षा है। नोटबंदी के बाद अधिकतर बड़े राज्यों के मुख्य्मंत्री जनता को नहीं भाये। उनमे कुछ न कुछ कमियां जरूर रही होंगी। 

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से लुढ़का एनसीआर का तापमान 


नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड  में बर्फबारी से एनसीआर सहित हरियाणा के कई जिलों का तापमान आज काफी लुढ़का दिख रहा है। हरियाणा के कई जिलों में बारिश की सम्भावना है तो फरीदाबाद के कई हिस्सों में हल्की बारिश की भी सूचना है। दो दिनों तक ऐसे ही मौसम रह सकता है।

मौसम विभाग ने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में 5 से 8 नवंबर के बीच मौसम बिगड़ने और बर्फबारी की आशंका जताई थी। ताजा बर्फबारी व बारिश से मैदान से पहाड़ों तक तापमान में भारी कमी आई है और घाटी पूरी तरह ठंड की चपेट में आ गई है। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में बुधवार सुबह ही बर्फबारी शुरू हो गई। आज सुबह श्रीनगर में बर्फबारी हुई है। ये वीडियो देखें

पंजाब में इमरान खान के साथ पोस्टर- घिरी कांग्रेस- सिद्धू को कहा जा रहा है गद्दार 


नई दिल्ली: अपने कारनामें और बकवासबाजी से कांग्रेस के तमाम विकेट गिराने वाले नवजोत सिंह सिद्धू फिर एक बार चर्चा में हैं। कई दिनों से वो पाकिस्तान जाने पर अड़े हैं जहाँ करतारपुर गलियारे का  उद्घाटन होना है। अब कांग्रेस एक बड़े विवाद में फंस गई है। पंजाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के तस्वीरों वाले पोस्टर देखने को मिले हैं।  इन पोस्टरों में एक तरफ इमरान खान और दूसरी तरफ सिद्धू की तस्वीर लगी है जिसको लेकर पंजाब में सियासत फिर से गरमा गई है। मेजर गौरव का ये ट्वीट पढ़ें खबर आगे जारी है।
सिद्धू और इमरान की तस्वीरों वाले पोस्टर्स में दोनों को असली हीरो बताया गया है।  पोस्टर्स के लगने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सिद्धू को पाकिस्तान का आईएसआई एजेंट करार दिया. हालांकि, तस्वीरों के तेजी से शेयर होने के बाद तुरंत इन्हें हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि नगर निगम वाले खोज-खोज कर ये पोस्टर हटा रहे हैं लेकिन अब सोशल मीडिया पर ये पोस्टर वाइरल होने लगे हैं। सिद्धू फिर कांग्रेस के लिए खलनायक बन गए हैं जैसे कई महीनों से देखा जा रहा था। उनका मंत्रालय भी इन्हे कारणों से छीन लिया गया था। हाल में हरियाणा विधानसभा चुनावों में उन्हें प्रचार करने नहीं आने दिया गया। इसके पहले लोकसभा चुनावों में उन्होंने जहां भी कांग्रेस का प्रचार किया वहां कांग्रेस के अधिकतर प्रत्याशी चुनाव हार गए। सोशल मीडिया पर लोग क्या लिख रहे हैं एक पोस्ट पढ़ें

अयोध्या  मामले पर मायावती की अपील- कोर्ट के फैसले का हर हाल में सम्मान करें 


नई दिल्ली: यूपी की पूर्व सीएम एवं बसपा चीफ मायावती को लगता है कि राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज या कल आ सकता है। उन्होंने दो ट्वीट किये हैं और लिखा है कि  अयोध्या प्रकरण के सम्बंध में मा सुप्रीम कोर्ट का फैसला आजकल में ही आने की संभावना है जिसको लेकर जनमानस में बेचैनी व विभिन्न आशंकायें स्वाभाविक हैं। ऐसे में समस्त देशवासियों से विशेष अपील है कि वे कोर्ट के फैसले का हर हाल में सम्मान करें यही देशहित व जनहित में सर्वोत्तम उपाय है।

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि सत्ताधारी पार्टी व केन्द्र एवं राज्य सरकारों की भी यह संवैधानिक व कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वे इस खास मौके पर लोगों के जानमाल व मज़हब के सुरक्षा की हर प्रकार की गारण्टी सुनिश्चित करें और सामान्य जनजीवन को प्रभावित न होने दें।

महिलाओं को कैसे करवाते हैं फ्री में सफर- कहा से आता है पैसा- दिल्ली सरकार ने खोला राज 


नई दिल्ली- 2017  में गुजरात विधानसभा चुनाव हुआ था और कांग्रेस ने कांटे की टक्कर दी थी और बहुत मुश्किल से भाजपा की सरकार बनी थी। अब गुजरात के मुख्य्मंत्री विजय रूपणी फिर सुर्ख़ियों में हैं। गुजरात सरकार ने उनके लिए 191 करोड़ रूपये का नया विमान खरीदा है। बताया जा रहा है कि इस महीने के तीसरे हफ्ते में 'बोम्बार्डियर चैलेंजर 650' विमान डिलीवर किया जाएगा। यह 7000 किमी तक उड़ान भर सकता है।

अब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भाजपा पर तंज कसते हुए लिखा है कि लोग पूछते हैं कि महिलाओं का सफ़र फ़्री करने के पैसे कहाँ से आए। क्योंकि आपके CM ने अपने लिए विमान ख़रीदने की बजाए उस पैसे से आपका सफ़र फ़्री कर दिया। किसी भी सरकार में पैसे की कमी नहीं है।