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निजामुद्दीन जमात में शामिल हुए 441 लोगों में पाए गए कोरोना के लक्षण- अरविन्द केजरीवाल


नई दिल्ली: निजामुद्दीन के मकरज में आयोजित जमात में शामिल होने वाले 441 लोगो में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। दिल्ली के मुख्य्मंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ये जानकारी अभी कुछ देर पहले मीडिया को दी है। उन्होंने कहा कि अब तक1,548 लोगों को मरकज़ से बाहर निकला गया, उनमें से 441 लक्षणात्मक थे यानी किसी को बुखार, खांसी इस तरह के लक्षण लोगों में पाए गए। उन सभी को अस्पतालों में भर्ती कर दिया गया और उनके टेस्ट किए जा रहें।1,107 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया क्योंकि इनमें  लक्षण नहीं पाए गए। 

 उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने निजामुद्दीन मरकज़ मामले में FIR दर्ज़ करने के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखा था मुझे पूरी उम्मीद है कि वह इस मामले में जल्द ही आदेश देंगे। अगर किसी अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक दिल्ली में 97 केस हैं, 97 मामलों में से 24 मामले निज़ामुद्दीन मरकज़ के हैं। 41 ने विदेश की यात्रा की है और 22 विदेशी यात्रियों के परिवार के सदस्य हैं। 10 मामलों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। 

कोरोना पॉजीटिव मौलानाओं ने बसों से थूक-थूक कर दिल्ली में फैलाया कोरोना?


नई दिल्ली: दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात अब देश के सिरदर्द बन गई है। पूरे देश में कोरोना फैलने की आशंका है क्यू कि देश भर के लोग इस जमात में शामिल हुए थे और अब तक जमात में शामिल हुए 10 मुस्लिमों की मौत हो चुकी है जबकि तमाम लोग अस्पतालों में हैं। भारत में निजामुद्दीन अब कोरोना का केंद्र बन गया है। बिना इजाजत में जमात का आयोजन हुआ था और ढाई हजार से ज्यादा लोग शामिल थे।

अब कहा जा रहा है कि पुलिस जब कोरोना संदिग्धों को अल ले जा रही थी तब ये बसों में बैठ खिड़की खोल थूक रहे थे। इनमे से कई कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जिनकी संख्या 24 बताई जा रही है। ये लोग क्यू थूक रहे थे। क्या इनका मकसद दिल्ली में महामारी को फैलाना था। हाल में सोशल मीडिया पर थूक जिहाद ट्रेंड हुआ था। अब इन लोगों के थूकने पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। दिल्ली के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा है कि 𝗦𝗛𝗢𝗖𝗞𝗜𝗡𝗚अभी अभी आजतक पर निज़ामुद्दीन का कड़वा सच
डॉक्टर ने बताया निज़ामुद्दीन से बस में इलाज के लिए ले जाते समय ये लोग जगह जगह थूक रहे हैं, बसों की खिड़कियां बंद करवाई जा रही हैं, जगह जगह थूकने का मकसद - जानबूझकर शहर में कोरोना फैलाना की साजिश
तमाम और प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, दो दिन पहले इंदौर का ये वीडियो सामने आया था।

LIVE-निजामुद्दीन कोरोना बम से जावेद अख्तर भी डरे, कहा बंद कर दो देश की सभी मस्जिदें


नई दिल्ली: निजामुद्दीन की तब्लीगी जमात में शामिल हुए लगभग ढाई हजार लोगों को अब कोरोना बम बताया जाने लगा है क्यू कि में से कइयों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। अब अब अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष ताहिर महमूद  ने दारुल उलूम देवबंद  से कहा है कि जब तक कोरोना संकट है तब तक सभी मस्जिदों को बंद करने के लिए फतवा दें, अब इस पर लेखक जावेद अख्तर ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि मैं उनकी मांग का पूरी तरह से समर्थन करता हूं।  अगर काबा और मदीना में मस्जिदों को बंद किया जा सकता है तो भारतीय मस्जिदों को क्यों नहीं।

LIVE: निजामुद्दीन जमात, 24 कोरोना पॉजिटिव, जमात से तमिलनाडु लौटे 900 कोरोना संदिग्ध 


नई दिल्ली: वही हो रहा है जिसकी आशंका थी। दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने का कारण निजामुद्दीन के मरकज  की जमात बताया जा रहा है और ताजा जानकारी के मुताबिक निजामुद्दीन की मरकज बिल्डिंग में मौजूद लोगों में से अब तक 24 को कोरोना संक्रमित पाया गया है। जानकारी मिल रही है कि साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की टीम को पूरे इलाके को सैनिटाइज करने के लिए बुलाया गया है। यहां से लोगों को बसों में भरकर अब भी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। मरकज में अब भी तीन सौ लोग मौजूद हैं।  

 दिल्ली के स्वाथ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि जो आयोजक हैं उन्होंने बहुत ही घोर अपराध किया है। पूरे देश और दिल्ली के अंदर आपदा और महामारी रोग एक्ट लागू था। मैंने खुद Lt. गवर्नर को इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। दिल्ली सरकार ने इन लोगों पर FIR दर्ज़ करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि वहां 1500, 1600 के आस-पास लोग हैं। 1033लोगों को निकाला जा चुका है। जिनमें से 334लोगों को अस्पताल और 700के करीब लोगों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। स्क्रीनिंग चल रही है। मरकज़ में ठहरे 24 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। एक और जानकारी मिल रही है कि तबलीगी जमात के कार्यक्रम में तमिलनाडु के 900  मुस्लिम शामिल हुए थे जिन्हे कोरोना संदिध बताया जा रहा है क्यू कि इनमे  17 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमे 600 लोग फ्लाइट से तमिलनाडु लौटे थे। तमिलनाडु के मुख्य्मंत्री का कहना है कि हम इन सब पर नजर रख रहे हैं जो दिल्ली से लौटे हैं।

सावधान: निजामुद्दीन से पूरे देश में कोरोना ले गए मौलाना लोग- ड्रोन से नजर रख रही है पुलिस 


नई दिल्ली: पहले 1400 फिर 18 से 2 हजार और अब निजामुद्दीन के मकर में 25 00 लोगों का शामिल होना बताया जा रहा है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली के  मरकज़ भवन, निज़ामुद्दीन में मेडिकल टीम और पुलिस मौजूद है। इस महीने के शुरू में मरकज़ में लगभग 2500 लोग एक समारोह में शामिल हुए थे। 860 लोगों को इमारत से अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, 300 को शिफ्ट करना बाकी है।

जानकारी मिल रही है कि दिल्ली पुलिस अब इस इलाके में ड्रोन से निगरानी कर रही है। किसी को भी घर से निकलने की इजाजत नहीं है। आस-आस पास के लोग भी सहमे हुए हैं और वो अब खुद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। 
आपको बता दें कि यहाँ जमात 18 मार्च को आयोजित की गई थी  लेकिन तमाम लोग मकर में ही रुके रहे।  इसमें सऊदी और मलेशिया जैसे कोरोना प्रभावित देशों के लोग भी थे, जिनके जरिए कोरोना फैला और अब उसके मामले सामने आ रहे हैं। जमात के बाद कुछ लोग अन्य राज्यों में चले गए जो बीमार पड़े तो कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला और 10 लोगों की जान जा चुकी है। 

देश के तमाम हिस्सों से मुस्लिम समाज के लोग और मौलाना इस कार्यक्रम में आए थे और जब ये लोग वापस गए तो अपने साथ कोरोना भी ले गए। अब बताया जा रहा है कि यहाँ 2500 लोग शामिल हुए थे। इनमे से एक हजार मौलाना भी शामिल हुए होंगे तो वो हर जगह कोरोना ले जा चुके हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में अब हड़कंप मच गया है। देश में कुल 726 जिले हैं और अगर हर जिले के  एक भी मौलाना या मौलवी इस जमात में आये होंगे और अपने जिले में गए होंगे तो न जाने कितने लोगों को संक्रमित किये होंगे। बड़ी लापरवाही हुई है। 

नहीं माने थे दिल्ली पुलिस के आदेश, कइयों की कोरोना से मौत, मौलाना पर FIR, 163 अस्पताल में 


नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में भी धारा 144 लगी है लेकिन इस दौरान निजामुद्दीन के मकर  लगभग दो हजार लोग इकठ्ठा हुए और कई कोरोना पॉजीटिव पाए गए जिनमे 10 की मौत भी हो चुकी है। जिन लोगों की मौत हुई है वो इसी जमात में शामिल थे और अपने राज्यों में जा चुके थे। दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी भी लॉकडाउन के दौरान कैसे इकठ्ठा हो गई। अब दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है जिसमे पुलिस ने कहा कि इन लोगों को एक नहीं दो बार नोटिस दिया गया था लेकिन इन्होने आदेशों का उल्लंघन किया है। मकर के मौलाना पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 

अब तक निज़ामुद्दीन के 163 लोगों को दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कुल 174 ऐसे लोग जिनकी #COVID19 से ग्रस्त होने की संभावना है उनको लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें 163 मरीज निजामुद्दीन से हैं। कल 85 नए मामले सामने आए जबकि 34 को आज भर्ती कराया गया। हमने उनके लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं। 

अब साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी आरपी मीणा ने मीडिया से बताया कि  हमने कार्यक्रम को रद्द और भीड़ न एकत्रित करने को लेकर 2 बार नोटिस (23 मार्च और 28 मार्च ) दिया था।  साथ ही आग्रह किया था कि कोरोना महामारी फैली है, इसलिए कार्यक्रम का आयोजन रद्द कर दें।  लेकिन नोटिस देने के बाद भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जो लॉकडाउन के आदेशों का उल्लंघन है। अब दिल्ली पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी।

निजामुद्दीन मस्जिद जमात में शामिल 10 लोगों की कोरोना से मौत से पूरे देश में हड़कंप 


नई दिल्ली: कल तक देश में काफी कुछ ठीक था लेकिन कल जब दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित तबलीकी जमात की खबरें सामने आईं और कई कोरोना ग्रसित पाए गए उसके बाद हड़कंप मचा हुआ है क्यू कि जमात में लगभग डेढ़ हजार लोग शामिल थे जो पूरे देश में फ़ैल चुके हैं। अब इनमे से कइयों की कोरोना से मौत की सूचना से और हड़कंप मच गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक़ कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए 10 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई है। 

इनमें से सबसे ज्यादा मौतें तेलंगाना में हुई हैं, जबकि तमिलनाडु, कर्नाटक और जम्मू कश्मीर से भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है। एक अन्य व्यक्ति विदेशी बताया जा रहा है। इस तबलीगी जमात में हिस्सा लेकर अपने-अपने घर लौटे लोगों में सबसे पहले तेलंगाना से 6 लोगों की मौत की खबर थी। इसके बाद से सरकार में हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं क्यू कि जमात का आयोजन और इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले निजामुद्दीन की सड़कों पर जब घूम रहे थे तो स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर सवाल उठाया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। 23 मार्च का ये ट्वीट पढ़ें।
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस जमात में 1800 से दो हजार लोग शामिल थे जो देश के कई राज्यों से थे और ये जहां भी गए होंगे वहाँ कोरोना लेकर गए होंगे और न जाने कितनों में फैलाया होगा। कल से देश की पुलिस इन्हे ढूंढने में जुटी हुई है। लॉकडाउन के दौरान इतना बड़ा आयोजन किया गया इस पर भी सवाल उठ रहे हैं और अब दिल्ली सरकार ने मरकज मौलाना के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर लिया है जो कार्यक्रम का आयोजक बताया जा रहा है।

पूरे भारत में कोरोना फैला सकते हैं निजामुद्दीन मस्जिद से भागे लोग, 1000 लोगों को ढूंढ रही है पुलिस 

 

नई दिल्ली: देश के मुस्लिम समाज के तमाम लोगों को अब खुदा या भगवान् ही बचा सकता है क्यू कि अनजाने में ही सही या लापरवाही हुई, समाज से एक बड़ी गलती हो चुकी है जिस कारण आशंका जताई जा रही है कि कहीं कोरोना अब पूरे देश में न फ़ैल जाए। एक जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन सहित तमाम अपीलों के बावजूद दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात का सेंटर (मरकज) में लोगों की मौजूदगी चिंता का सबब बन गई है। निजामुद्दीन में हड़कंप मच गया है क्यू कि  दिल्ली में तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोगों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं।  तबलीगी जमात के चलते ही मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान देवबंद भी कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आ गया है। 

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के सेंटर से रविवार को दिल्ली के LNJP अस्पताल में 34 लोगों को जांच के लिए लाया गया और सभी कोरोना संक्रमण के संदिग्ध बताए जा रहे हैं।  इसमें एक 64 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है जो   तमिलनाडु का रहने वाला था. हालांकि, मौत किस वजह से हुई इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।  कार्यक्रम में शामिल तमाम  लोगों को LNJP अस्पताल में ही रखा गया है। पॉजिटिव केस के मरीज दिल्ली से बाहर ले जाये गए हैं। 

एक बड़ी जानकारी दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिल रही है कि कोरोना संक्रमण के बीच ये लोग जमा हुए  थे और अब देशभर में फैल चुके हैं। इनमे लगभग 1400 लोग शामिल हुए थे जिनमे सैकड़ों विदेशी थे। कई  केस कोरोना पॉजिटिव निकले।  माना जा रहा है कि 1400 लोगों में से  कई लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। लगभग 300 लोग ही मिले हैं जिनकी जाँच चल रही है। 1000 से ज्यादा गायब हैं और  अब कई राज्यों की सरकारें उन्हें ढूंढ रही हैं ताकि ऐसे लोगों को अलग किया जा सके। ये लोग न जाने किसे जिले से उस कार्यक्रम में गए थे और न जाने कितनी मस्जिदों में गए और न जाने कितनो को कोरोना बाँट आये हैं। कुछ मिनट पहले हरियाणा के फरीदाबाद जिले के भाजपा नेता विजय बैसला ने यही सब देख एक अपील की थी कि मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में न जाएँ। अपने घरों में रहें। 

निजामुद्दीन मस्जिद गए, 6 कोरोना पॉजिटिव, 300 संदिग्ध, विजय बैसला ने कहा मजस्दों में भीड़ जानलेवा 


नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री,  देश के गृह मंत्री, तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री, तमाम जिलों के पुलिस अधिकारी एवं अन्य विभाग के अधिकारी एक हफ्ते से लोगों से अपील कर रहे हैं कि घरों में रहेंगे तभी कोरोना महामारी से बचेंगे लेकिन कुछ लोग अब भी इस अपील की खिल्ली उड़ा रहे हैं जिस वजह से देश में कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। देश की राजधानी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। दिल्ली  में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 72 पहुंच गई है। ऐसे में दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से खबर आई है कि वहां करीब 300 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण होने की खबर है। यहां एक धार्मिक कार्यक्रम हुआ था जिसमें कुल 1400 लोग शामिल हुए थे इसके अलावा मस्जिद की जमात में 300 विदेशी लोग भी शामिल थे।  

अब तक 85 संदिग्ध लोगों को लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये सऊदी अरब व अन्य खाड़ी देशों से दिल्ली आए थे और  अब उनकी मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें निजामुद्दीन से आइसोलेटेड किये गए लोगों में से 6 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो गई है। सभी को एम्स झज्जर में शिफ्ट किया गया है। निजामुद्दीन में इस खबर से हड़कंप मच गया है। निजामुद्दीन से फरीदाबाद की दूरी ज्यादा नहीं है और यहाँ के लोग भी निजामुद्दीन आते जाते रहते हैं। 

अब फरीदाबाद के भाजपा नेता विजय बैसला ने एक अपील की है जिसमे उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जाति धर्म नहीं देखता इसलिए मुस्लिम समाज के भाई खास ध्यान दें और अब मस्जिदों में एक साथ एकत्रित न हों। विजय बैसला ने कहा कि अगर मुस्लिम समाज के लोग एक जगह इकठ्ठा हुए और उनमे से कोई निजामुद्दीन के कार्यक्रम में होकर आया हो तो वो इस महामारी को फरीदाबाद के मुस्लिम समाज के भाइयों में भी फैला सकता है इसलिए अबिलम्ब मस्जिदों में किसी भी कार्यक्रम को रद्द किया जाये। 

आपको बता दें कि टीम कृष्णपाल गुर्जर इस समय फरीदाबाद जिले की जनता को महामारी से बचाने का हर प्रयास कर रही है। जरूरतमंदों को राशन पहुँचाया जा रहा है और उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। स्थानीय सांसद एवमं केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर स्वयं पल-पल की जानकारी अधिकारीयों से ले रहे हैं और अपनी टीम से हर जरूरतमंद को राशन एवं अन्य जरूरी चीजें पहुँचाने को बोल रहे हैं और आज कई टन सब्जियां भी बांटी गईं। इस टीम के विजय बैसला लॉकडाउन के पहले ही दिन से जरूरतमंदों की सेवा में लगे हैं और अब उन्होंने जिले के मुस्लिम समुदाय से जो अपील की है उससे समाज की ही भलाई होगी, समाज सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कोरोना ने अब तक दुनिया में कई हजार जान ली है और कई लाख पीड़ित हैं इसलिए इस जानलेवा बीमारी से बचें।

50 किरायेदारों का डेढ़ लाख किराया माफ़ कर उन्हें राशन पानी भी मुफ्त में दे रहे है कुशल पाल


नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान जहाँ कुछ लोग कालाबाजारी कर अपनी तिजोरी भर रहे हैं तो कुछ लोग जरूरतमंदों की सहायता कर बड़ा दिल भी दिखा रहे हैं। देश के तमाम बड़े शहरों में करोड़ों लोग किराये पर रहकर कहीं न कहीं काम करते हैं लेकिन अब सभी तरह के काम काज बंद हैं इसलिए किरायेदार किराया नहीं दे पा रहे हैं। कुछ मकान मालिक अपने किरायेदारों से जबरन किराया लेने का प्रयास कर रहे हैं वरना उन्हें घरों से निकाल दे रहे हैं ऐसे में कुछ मकान मालिक बड़ा दिल भी दिखा रहे हैं। नोएडा उत्तर प्रदेश के बरोला गांव में रहने वाले कुशल पाल ने अपने एक दो नहीं 50 किरायेदारों का किराया माफ़ कर दिया है।

कुशल पाल ने किराया ही नहीं माफ़ किया वो अपने किरायेदारों की मदद भी कर रहे हैं। उन्हें जरूरी सामान और खाने पीने की चीजें भी दे रहे हैं। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 50 किराएदार हैं। सबसे करीब 1.50 लाख का किराया आ जाता है, जिनका  किराया माफ कर दिया गया है ।  सबको 5-5 किलो आटा भी दिया गया है । उन्होंने किरायेदारों से कहा है कि फिलहाल घर छोड़कर न जाएं। यही नहीं कुशल पाल अपने सिक्यॉरिटी गार्ड, ड्राइवर की भी मदद कर रहे हैं।

हज के लिए रखे 5 लाख स्वयंसेवकों देने पर खालिदा बेगम को सलाम ठोंक रहे हैं लोग 


नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की बुजुर्ग महिला खालिदा बेगम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ़ हो रही है। देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और खालिदा बेगम ने देश में चल रहे विकट दौर में हज के स्थान पर सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने 5 लाख रुपए की राशि सेवा भारती के सेवा कार्यों से प्रभावित होकर जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने के लिए दी। खालिदा बेगम ज.-क. के एलजी के सलाहकार फारुख खान की माता जी हैं। देखें देश के लोग उनकी कैसे तारीफ कर रहे हैं।

निजामुद्दीन की मस्जिद में छिपे 70 कोरोना संदिग्धों को अस्पताल ले जाया गया, AAP MLA पर FIR दर्ज


नई दिल्ली: मुंबई और हरियाणा में कोरोना को लेकर अफवाह फ़ैलाने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में कल एक व्यक्ति पर मामला दर्ज किया गया तो गाजियाबाद में भी एक एफआईआर दर्ज की गई है। गाजियाबाद में दिल्ली के आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्डा के खिलाफ थाना कविनगर में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। उनके ऊपर अफवाह फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। मुकदमा दर्ज करवाने वाले शख्स का नाम अश्विनी उपाध्याय है।

दिल्ली में लॉकडाउन की ज्यादा धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। हाल में आनंद बिहार बस अड्डे और दो दिन पहले ओखला में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने वाली वीडियो वायरल हुआ। ओखला मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र का ये वीडियो देख पुलिस जब मौके पर पहुँची तो स्थानीय लोग पुलिस से ही उलझ गए। हाल में कई मस्जिदों में भीड़ द्वारा नमाज बंद करवा दी गई तो कई मस्जिदों में अब भी जारी है। अब दिल्ली से एक बड़ी खबर आ रही है कि लोकनायक अस्पताल में कल देर रात डीटीसी बस में लाकर लगभग 50 से 70 संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। एक डॉक्टर ने बताया कि निजामुद्दीन की किसी मस्जिद में यह लोग रुके हुए थे। ये सभी जमात के लिए आए हुए थे। इसमें से कई लोग सऊदी अरब आदि देशों से आए थे। पुलिस इन्हें सबसे पहले आरएमएल अस्पताल लेकर गई थी लेकिन आरएमएल में सीट फूल होने के कारण इन्हें लोकनायक अस्पताल भेज दिया गया। हाल में पटना की एक मस्जिद में भी कई लोग छिपे थे। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया था तब पुलिस उन्हें वहां से ले गई थी। 


तेजी से बढ़ने लगे कोरोना के केस, अब घर से निकलने वालों पर होगी FIR, जब्त की जाएगी गाड़ी 


नई दिल्ली: हाल में लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में जब लोगों ने लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई तो कई जगहों पर पुलिस को डंडे बरसाने पड़े। पुलिस को डंडे बरसाते देख तथाकथित मानवाधिकार के लोग और वामपंथी पुलिस को ही खलनायक बताने लगे और गिद्ध टाइप के नेता भी पीछे नहीं रहे। जिन्हे एक दो लट्ठ लग गई उनकी तस्वीरें पोस्ट अपनी छाती पीटने लगे जिसके बाद पुलिस ने सख्ती कम कर दी । अब और ज्यादा लाकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और उसका देश को बहुत नुक्सान हो रहा है।

 पिछले दो-तीन दिनों में कोरोना के मामले में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है और दिल्ली एनसीआर के लिए अब बड़ा खतरा है। दिल्ली एनसीआर में तमाम मामले इन्ही दो-तीन दिनों में आये हैं। दिल्ली, नोयडा, मेरठ में कई मामले आने से हड़कंप मच गया है। यही कारण है कि हरियाणा सरकार ने कई सख्त आदेश दिए और सभी जिलों की सीमाएं पूरी तरह से सील करने के आदेश दिए और पलायन करने वाले प्रवासियीं को जहाँ हैं वहीं रोकने के आदेश दिए। 

देश में भी कोरोना के मामले अब 1100 के पार पहुँच गए हैं। नोएडा में 32 केस आने से सनसनी मच गई है। जानकारी मिल रही है कि  केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद दिल्ली और नोएडा में और सख्ती की तैयारी की गई है।  अब बेवजह कोई घर से बाहर निकला तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ उसकी गाड़ी को जब्त कर लिया जाएगा।  सिर्फ कर्फ्यू पास वालों को छूट दी जाएगी।  इसके अलावा नोएडा पुलिस ने कहा कि जबतक जरूरी न हो शाम 4 बजे के बाद घर से बाहर न निकलें। आज उत्तर प्रदेश के सीएम योगी भी नॉएडा आ सकते हैं। 

लॉकडाउन: बार- बार फोन कर 4 समोसे मांग रहा था, DM ने समोसे भिजवा साफ़ करवाई नाली


नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्तमान समय में देश भर में लॉकडाउन चल रहा है लेकिन प्रशासन हर जरूरी सहायता पहुंचा रहा है। कई राज्यों के तमाम जिलो में हेल्पलाइन नंबर जारी किये गए हैं लेकिन कुछ शरारती लोग हेल्पलाइन नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक ऐसा ही मामला आया है जहाँ एक व्यक्ति बार-बार हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर चार समोसे मांग रहा था। 
रामपुर के डीएम ने एक ट्वीट कर लिखा है कि 4 समोसा भिजवा दो... चेतावनी के बाद आखिर भिजवाना ही पड़ा। अनावश्यक मांग कर कंट्रोल रूम को परेशान करने वाले व्यक्ति से सामाजिक कार्य के तहत् नाली स
फाई का कार्य कराया गया। उन्होंने आगे लिखा है कि हम आपकी मदद कर सकें इसके लिए जरूरी है कि आप हमारा सहयोग करें। हमारे धैर्य की परीक्षा न लें। घर पर रहिए। सुरक्षित रहिए।

लॉकडाउन की धज्जियाँ, कोरोना से ज्यादा दुर्घटनाओं में मरने लगे लोग- कल से 10 मरे


नई दिल्ली: वही हो रहा है जो नहीं होना चाहिए था। कोरोना लॉकडाउन के बाद अब जितनी मौते कोरोना से नहीं हो रही हैं उससे ज्यादा दुर्घटनाओं से होने लगी हैं जबकि ट्रेन, बसें सब कुछ बंद है और पूरे भारत में लाकडाउन है लेकिन जनता लॉकडाउन तोड़ सड़कों पर घूम रही है। दिल्ली पलायन के बाद अब सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा होने लगी हैं जबकि अगर लॉकडाउन न तोडा जाता तो एक भी दुर्घटना शायद ही होती।

 आज फरीदाबाद में एक दुर्घटना तो कल एक दुर्घटना में चार लोगों की मौत तो अब गुरुग्राम से भी एक दुर्घटना की सूचना मिल रही है जहां गुरूग्राम में सब्जी के एक ट्रक ने कुछ लोगों को कुचल दिया। इस दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए हैं। ये जानकारी  जय प्रकाश यादव, SHO, बिलासपुर पुलिस स्टेशन, गुरूग्राम ने दी है। अगर जनता लाकडाउन का पालन करती तो ये जानें शायद ही जातीं। आपको बता दें कि कल पैदल चलकर लौट रहे 7 मजदूरों को मुम्बई अहमदाबाद हाईवे पर टेम्पो ने उड़ा दिया था । 4 की मौत हो गई थे । 3 की हालत गंभीर बताई गई। कल एक दुर्घटना बिहार में हुई थे और एक व्यक्ति की जान चली गई थी और इस तरह कल से अब तक 10 मौतें हो चुकी हैं। 


शाहीन बाग़ जाम करवा दिल्ली में दंगा करवा 53 जान लेने वाले मजदूरों के पलायन के जिम्मेदार, घिरे सिसौदिया 


नई दिल्ली: टुकड़े गैंग, वामपंथी, अर्बन नक्सली, जेहादियों के समर्थक और लगभग 100 दिनों तक दिल्ली की सड़क जाम करवाने वाले, शाहीन बाग़ की सड़क जैसे कई सड़क जाम करवा दिल्ली में दंगा करवा लगभग 53 लोगों की हत्या करवाने वाले कल से बहुत खुश दिख रहे हैं। इसका प्रमुख कारण दिल्ली में लॉकडाउन का फेल होना है। अफवाहें हैं कि जानबूझकर दिल्ली के लाखों मजदूरों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया गया और कल से ही लोग केजरीवाल और उनके कुछ खास नेताओं पर सवाल उठा रहे हैं। जैसे शाहीन बाग़ की सड़क जाम हुई और दिल्ली के उप मुख्य्मंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि मैं शाहीन बाग़ के साथ हूँ और तीन महीने से ज्यादा समय तक सड़क बंद रही। लाखों लोग परेशान रहे और अब वैसे दिल्ली के लाखों मजदूर परेशान होकर पलायन कर रहे हैं और अब भी कहा जा रहा है कि मनीष सिसौदिया दिल्ली पलायन के जिम्मेदार हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह टुकड़े गैंग और अर्बन नक्सली और उनके समर्थक लॉकडाउन फेल होने से खुश हैं उसे देख लगता है कि इन्ही लोगों ने लाखों मजदूरों की जान जोखिम में डाला है। 

कहा जा रहा है कि लॉकडाउन फेल करवा और कुछ मजदूरों की जान लेकर ये लोग उसी तरह केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे जैसे दिल्ली में दंगा करवा और कई लोगों को मरवा कर सरकार को घेरा था। अब दिल्ली के मजदूरों की जान जोखिम में है। आज फरीदाबाद में दिल्ली से मध्य प्रदेश जाने वाले मजदूरों से भरे एक ऑटो दुर्घटना ग्रस्त हुआ और 25 मजदूरों की जान बाल-बाल बची ,कई मजदूर घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब सोशल मीडिया पर वो लोग केंद्र और यूपी सरकार को घेर रहे हैं जो शाहीन बाग़ का समर्थन करते थे और वहाँ जाते भी थे। 
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लगता है फिर एक बार ये लोग बड़ी चाल चल रहे हैं। केंद्र सरकार दिल्ली से पलायन करने वाले मजदूरों का ध्यान रखे वरना ये गैंग फिर तमाम लोगों की जान ले सकता है। इनके फलहाल ट्वीट वगैरा देख ऐसा ही लगता है। कहा जा रहा है कि ये केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए ये गैंग चाहता है कि कोरोना और फैले और अधिक से अधिक लोगों की जान जाए। ये लोग कौन हैं इनके नामों का खुलासा जल्द, इन्तजार करें लेकिन देखें मनीष सिसौदिया अब भी कैसे घिर रहे हैं।

700 साल पहले हुआ था दिल्ली से ऐसा पलायन इसलिए केजरीवाल को मुहम्मद बिन तुगलक कह रहे हैं लोग 


नई दिल्ली: इन दिनों जितने लोग सड़कों पर पैदल जाते दिख रहे हैं ऐसा सैकड़ों साल पहले उस समय देखा गया था जब मुहम्मद तुगलग ने देश की राजधानी दिल्ली से दौलताबाद परिवर्तित करने की घोषणा की थी।  उलूग ख़ाँ उर्फ़ मुहम्मद बिन तुगलक  1325  ईसवी में  दिल्ली की सत्ता पर बैठा और 26 साल तक राज किया और इसी दौरान उसने तुगलकी फरमान जारी कर अचानक अपनी राजधानी को दिल्ली से महाराष्ट्र के देवगिरी ले जाने का फैसला किया, जिसका नाम उसने दौलताबाद रखा।  इस फैसले में सबसे खराब पहलू यह था कि उसने दिल्ली की आबादी को भी दौलताबाद स्थानांतरित होने के लिए मजबूर किया , बताया जाता है कि जो लोग स्थानांतरित हुए, उनमें से बहुतों की मौत रास्ते में ही हो गई , वैसे भी दौलताबाद खुश्क इलाका था, जहां बादशाह को पानी की ज़बरदस्त किल्लत का सामना करना पड़ा।  और आखिरकार राजधानी को वापस दिल्ली स्थानांतरित करना पड़ा और वापसी के समय में हजारों लोगों ने रास्ते में दम तोड़ दिया था क्यू कि उस समय साधन नहीं थे। 

वर्तमान में सारे साधन हैं लेकिन सड़कों पर पैदल चलते आप हजारों लोगों को देख सकते हैं। 700 पहले जब राजधानी बदलने का एलान हुआ था तो सभी लोग दौलताबाद नहीं गए थे। कुछ लोग अपने राज्यों में चले गए थे। 
कुछ लोग पैदल ही लगभग 1200 किलोमीटर दौलताबाद गए और पैदल ही आये। कुछ लोग अपने राज्यों में पैदल चले गए।  उस समय ही सड़कों पर इतने लोग पैदल दिखे थे जितने अब दिख रहे हैं और खासकर दिल्ली से पलायन करते हुए। यही कारण है कि अब दिल्ली के सीएम को मुहम्मद बिन तुगलक भी कहा जा रहा है। उस समय भी कहा गया था कि जो दिल्ली में रहेगा उसकी जान का खतरा है ,तुगलक के लोग उसे जिन्दा नहीं छोड़ेंगे और अब अफवाह है कि दिल्ली में रहे तो भूख से मर जाओगे, कोरोना भी मार सकता है। अफवाह फैलाने वालों में शाहीन बाग़ की टीम काम कर रही है। कुछ देर बाद अपडेट दूंगा। 

 द-बिन-तुगलक का पुनर्जन्म है। 😂😂😛 #OddEvenPlan pic.twitter.com/nUhWWuQ8MJ

UP, बिहार के लाखों मजदूरों को दिल्ली से भगाने के लिए उठी केजरीवाल की गिरफ्तारी की मांग 


नई दिल्ली- ट्विटर पर अरेस्ट केजरीवाल, राघव, बिहार, दिल्ली सरकार जैसे ट्रेंड चल रहे हैं। लोग केजरीवाल को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। टीम केजरीवाल पर दिल्ली से प्रवासियों को भगाने का आरोप लग रहा है। ये सब कल से हो रहा है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान जहां राज्य सरकारें अपने राज्यों में रहने वालों को राज्यों में रहने के लिए बोल रही हैं और उन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध करवा रही हैं तो दिल्ली का मामला थोड़ा हटकर है। ट्विटर पर एक वीडियो कल आधी रात्रि का वायरल हो रहा है जिसमे प्रवासियों से कहा जा रहा है कि डीटीसी की बसें आनंद विहार जा रही हैं और अब सब आनंद विहार तक इन बसों में चलें। वहाँ से यूपी, बिहार की बसें आपको मिल जाएंगी। कहा जा रहा है कि प्रवासियों को रात्रि में जगा-जागकर आनंद विहार भेजा गया। यही वजह है कि आनंद विहार में रात्रि में 60 हजार से ज्यादा लोग इकठ्ठा हो गए। केजरीवाल सरकार पर कई बड़े आरोप लग रहे हैं। उनके मंत्री मनीष सिसौदिया और विधायक राघव चड्ढा भी कल से लताड़े जा रहे हैं। कुछ गड़बड़ जरूर है तभी लाखों प्रवासी दिल्ली छोड़ने पर मजबूर हो गए। जैसे दिल्ली में प्रवासी रहते हैं उसी तरह हरियाणा के फरीदाबाद में लेकिन यहाँ तो न के बराबर पयालन हो रहा है। फरीदाबाद में कई लाख प्रवासी रहते हैं लेकिन सब सरकार के आदेश मान रहे हैं। जिन्हे समस्या है उनकी यहाँ के लोग मदद भी कर रहे हैं। उन्हें बाहरी नहीं समझ अपनों की तरह मदद पर रहे हैं लेकिन दिल्ली  में ऐसा न के बराबर देखा जा रहा है। खुद केजरीवाल के नेता ही मजदूरों को डराते देखे जा रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने मजदूरों को डराया, इसलिए कई लाख लोगों ने छोड़ दी दिल्ली, शर्म करो सिसौदिया 


नई दिल्ली- दिल्ली महापलायन की असली जिम्मेदार केजरीवाल सरकार ही है जो मजदूरों को दिल्ली छोड़ने पर मजबूर कर रही है। उनके दिल में डर बिठाया जा रहा है। ऐसा दिल्ली के उप मुख्य्मंत्री मनीष सिसौदिया के एक ट्वीट से लग रहा है। इस ट्वीट पर उन्हें लताड़ा भी जा रहा है। उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट कर लिखा है कि देश भर में कामगार लोग शहर छोड़कर जा रहे हैं. दिल्ली सहित महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा में सब जगह यही हाल है. महाराष्ट्र में चार मज़दूरों की दुखद मौत हुई है... यूपी के गोरखपुर की ये तस्वीर बेहद मर्मस्पर्शी है....इसके बाद लोग उन्हें लपेटने लगे। दिल्ली के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा कि
उन्हें लताड़ने वालों का कहना है कि दिल्ली के लाखों मजदूर सड़क पर हैं वो आपको नहीं दिख रहे हैं। गोरखपुर की एक तस्वीर आपको दिख गई जबकि दिल्ली के लाखों लोग जो सड़क पर हैं उनका कहना है कि दिल्ली में रहे तो भूख से मर जायेंगे। दिल्ली में कई दिनों से भूखे थे इसलिए हम दिल्ली छोड़कर पैदल अपने गांव जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि मजदूरों में मौत का डर फैला दिल्ली सरकार लाखों लोगों को दिल्ली से भगा रही है। लोग लिख रहे हैं सिसौदिया शर्म करो, मजदूरों को इस तरह से डरा आप बेहद घटिया राजनीति पर उतर आये हैं।  पढ़ें सिसौदिया का ट्वीट और जनता की प्रतिक्रिया उनके ट्वीट के नीचे




दिल्ली पलायन, घटिया राजनीति पर उतरे केजरीवाल के राघव चड्ढा को कहा जा रहा है राघव गधा 


नई दिल्ली: अपनी गलती दूसरों पर थोप दिल्ली की आम आदमी पार्टी लाख अपने मुँह मिया मिट्ठू बने लेकिन सच ये है कि दिल्ली के लाखों लोगों के पलायन का जिम्मेदार केजरीवाल सरकार है जो इन्हे अब भी नहीं रोक पा रही है। विधानसभा चुनावों में दिल्ली की जनता पर मुफ्तखोरी का आरोप लगा और कहा गया कि फ्री के लालच में दिल्ली की जनता बहक गई। अब दिखाई पड़ रहा है। दिल्ली में काम काज करने वाले कई लाख मजदूर सड़क पर हैं और कई हजार लोगों को उनके मकान मालिकों ने निकाल दिया है तो कई हजार लोगों को उन्होंने निकाल दिया जो दिल्ली में छोटे बड़े उद्योग चलाते थे। दिल्ली सरकार इन मजदूरों को समझा नहीं सकी न ही दिल्ली के सक्षम लोग इनकी मदद के लिए सामने आये और अब ये सब सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल अपने गांव पहुंचना चाहते हैं।

इसी दौरान केजरीवाल के विधायक राघव चड्ढा ने एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने लिखा कि सूत्रों के मुताबिक़ योगी जी दिल्ली से UP जाने वाले लोगों को दौड़ा दौड़ा के पिटवा रहे हैं। योगी जी बोल रहे हैं कि- तुम क्यों दिल्ली गए थे. अब तुम लोगों को कभी दिल्ली जाने नहीं दिया जाएगा. मेरी यूपी सरकार से अपील है ऐसा न करें, इस मुश्किल की घड़ी में लोगों की समस्याओं को बढ़ाइए मत
अब राघव चड्ढा पर बड़े आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि राघव चड्ढा  एक झूंठे अफवाह फैला क्रिमिनल हरकत कर रहे हैं। इन पर तुरंत कार्यवाही की जाये। लोगों का कहना है कि आनंद विहार में कई हजार लोग भूख प्यास से मर रहे हैं और केजरीवाल का ये नेता अफवाह फैला आरोप यूपी के सीएम पर लगा लगा रहे हैं। राघव चड्ढा को कुछ लोग राघव गधा भी बोल रहे हैं । पढ़ें ट्वीट के नीचे के कमेंट्स