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सूरजकुंड मेले में हुई स्कूली विद्यार्थियों की फेस पेंटिंग प्रतियोगिता

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 03 फरवरी। 37वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्त शिल्प मेला परिसर में शनिवार को रंगोली व फेस पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

वरिष्ठ वर्ग की रंगोली प्रतियोगिता में मुरारी लाल ग्लोबल स्कूल फरीदाबाद की अंजली, मुस्कान, अर्जुन व अंकित रॉय ने प्रथम तथा डीएवी पुलिस स्कूल फरीदाबाद की दीपिका, नर्गिस, निवेदिता व तनु यादव ने द्वितीय और के.एम. ग्लोबल स्कूल की लक्ष्मी, तनु, वंशिका व गुड्डन ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। 

कनिष्ठ वर्ग की रंगोली प्रतियोगिता में होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल जवाहर कॉलोनी की हर्षिता, मोक्षिता, तनिष्का ने प्रथम तथा फेनटेक्स कॉन्वेंट स्कूल की साक्षी कुमारी, लक्ष्मी, आकांक्षा व मंजीत ने द्वितीय और होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल सेक्टर-29 फरीदाबाद के आराध्य, काव्या, आकांक्षा सिंह व स्वर्णिका ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।

इसी कड़ी में फेस पेंटिंग की वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिता में अरावली इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद की कामिक्षा, गौरी व जसमिंदर ने प्रथम और विद्या सागर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-2 फरीदाबाद की परिधि व लक्षिता ने द्वितीय तथा डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल सेक्टर-30 फरीदाबाद की जागृति व इशिका ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। 

वहीं फेस पेंटिंग की कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिता में सेंट जॉन स्कूल फरीदाबाद की समीक्षा, क्रस्टिना लेनी ने प्रथम तथा अरावली इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद के जाग्रित, झलक व चिराग ने द्वितीय और सैंट जॉन स्कूल फरीदाबाद के विनायक चौहान व वैष्भव ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।

बाल कल्याण परिषद बच्चों के साथ-साथ महिलाओं का भी हुनर दिखाने का कर रही है कार्य : रंजीता मेहता


सूरजकुंड (फरीदाबाद), 13 फरवरी। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव रंजीता मेहता ने कहा है कि लड़कियों के लिए फैशन डिजाइन कोर्स जल्दी शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लड़कियां आज किसी क्षेत्र में पीछे नहीं है और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद पूरी तरह प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही बेहतर पढ़ाई और रोजगारोन्मुखी शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्किल इंडिया के तहत महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है, जिसमें वह अपनी आय के साधन बढ़ा सकती हैं। सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी प्रशिक्षण के कोर्स हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से अलग-अलग जिलों में चलाए जा रहे हैं।

फैशन डिजाइनिंग क्षेत्र में युवा लड़कियों के लिए बहुत स्कोप है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को भी अपनी बेटियों को फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। रंजीता मेहता ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दिशा-निर्देशानुसार नए कोर्स शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा। निश्चित तौर पर फैशन डिजाइनिंग के कोर्स शुरू किए जाएंगे।


रंजीता मेहता ने हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर जिला फरीदाबाद का निरीक्षण किया और वहां पर बच्चों की देखभाल के लिए दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने खुशी जताई कि बच्चों की देखरेख के लिए सभी कर्मचारी और अधिकारी बेहतर कार्य कर रहे हैं। 

इसके बाद रंजीता मेहता ने सूरजकुंड मेला में रिबन काटकर हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के स्टॉल का उद्घाटन किया। रंजीता मेहता ने कहा कि सूरजकुंड का मेला उन्होंने लगभग 27 वर्ष के बाद देखा है और काफी अच्छे स्टॉल और रंगारंग कार्यक्रम देखने को मिले हैं। 

देशहित फाउंडेशन ने हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के साथ मिलकर निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया, जिसमें 176 लोगों की आंखों की जांच कर निशुल्क चश्में वितरित किए गए।

इस अवसर पर नूंह के जिला बाल कल्याण अधिकारी कमलेश शास्त्री, फरीदाबाद जिला बाल कल्याण अधिकारी सुंदरलाल खत्री, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर, कार्यक्रम अधिकारी शिवानी जिंदल, उत्तर पूर्वी राज्यों के मुख्य प्रबंधक पूर्व फौजी अधिकारी ब्रिगेड राजीव, लोक उत्थान क्लब के चेयरमैन आर.पी. हंस, पूनम सिंधु, आई.टी. प्रोफेशनल संजीत कुमार सिंह, प्रधानाचार्य सुशील कन्वा और बाल कल्याण परिषद के आजीवन सदस्य व कर्मचारी मौजूद रहे।

सूरजकुंड मेले में अद्भुत कला और सांस्कृति के बीच जिला विधिक दे रहे है कई जानकारियां


सूरजकुंड (फरीदाबाद), 4 फरवरी। 36वें अन्तर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में अद्भुत कला और कल्चर के बीच हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोगों को निशुल्क में भारतीय संविधान के कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की विस्तृत कानूनी जानकारियां निशुल्क में दी जा रही हैं। 

इसके लिए हरियाणा विधि सेवा प्राधिकरण द्वारा भारत सरकार के कानून मंत्रालय  द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रंखला में लोगों को कला और संस्कृति की अमिट छाप के जरिए कानूनी रूप से भी जागरूक किया जा रहा है। वहीं इस कार्य के लिए प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए और पंपलेट व किताबों के वितरण करके भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायाधीश कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन वाईएस राठौर और डीसी विक्रम सिंह के कुशल मार्गदर्शन में लोगों को जागरुक करने का कार्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा आपसी तालमेल करके चलाया जा रहा है।

सीजेएम कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुकिर्ती गोयल एवं पलवल जिला के सीजीएम कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुनाल गर्ग के मार्गदर्शन में विभिन्न देशों, प्रदेशों के बुजुर्गों, युवाओं महिलाओं को सास्कृतिक कार्यक्रमों और कला के जरिए जागरूक किया जा रहा है।

बता दें कि 36वें अन्तर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में दुकान नंबर 826 व 827 में एक छोटी सी चौपाल का रूप देकर लोगों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए और निजी काउंस्लिंग के साथ कानूनी रूप से जागरूक किया जा रहा है। 

इसी कड़ी में आज मेले के दूसरे दिन शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्टॉल पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस राजेश भारद्वाज की अध्यक्षता में कला और कल्चर के कार्यक्रमों के जरिए लोगों को कानूनी रूप से जागरूक किया गया।

 वहीं शिक्षा विभाग के राजकीय गल्र्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल बल्लभगढ़ की छात्राओं द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके कानूनी अधिकारों बारे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर लोगों को जागरूक किया। 

राधा-कृष्ण आइडियल पब्लिक स्कूल अगवानपुर के विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्ति का नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करके उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने के लिए और नशे के विरोध के लिए बनाए गए कानूनों और उनके अधिकारों बारे भी जागरूक किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुकिर्ती गोयल ने बताया कि 36वें  अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्टॉल का मुख्य थीम मध्यस्थता है, ताकि मध्यस्ता करके अधिक से अधिक लोगों को कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जा सके। 

उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ताओं द्वारा लोगों को गिरफ्तारी से पूर्व और गिरफ्तारी के बाद की कानूनी सलाह निशुल्क में दी जाती है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क में कानूनी सलाह व सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और परियोजनाओं की जानकारी निशुल्क में दी जा रही है। 

इसके अलावा कानूनी सहायता बुकलेट और पंपलेट दिए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास और  स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आईसीडीएस के जरिए जागरूक किया जा रहा है। 

इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी वर्कर तथा स्वास्थ्य विभाग की एएनएम व आशा वर्कर आपस में तालमेल करके लोगों को सरकार की विभिन्न स्कीमों बारे में मुख्य रूप से पोषक आहार, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटी के जन्म पर कुआं पूजन सहित विभिन्न कार्यक्रमों में बेटी के जन्म को बेटे के जन्म के रूप में मनाने सहित अन्य तमाम पहलुओं पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। 

स्टॉल पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता, रचना गोयल, आशा अरोड़ा, विनोद महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला संयोजक, शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर रहे हैं।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 36वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले का किया शुभारंभ


सूरजकुंड (फरीदाबाद), 3 फरवरी। महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 36वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला-2023 का शुभारंभ किया। यह मेला आगामी 19 फरवरी को सम्पन्न होगा। उप राष्टï्रपति जगदीप धनखड़ व उनकी धर्मपत्नी डा. सुदेश धनखड़, प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल, मुख्य सचिव संजीव कौशल के साथ गोल्फ कार्ट में सवार होकर मेला परिसर का अवलोकन किया।

महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सूचना, लोकसंपर्क, भाषा तथा संस्कृति विभाग द्वारा लगाई गई डिजीटल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 

उन्होंने बांस से बनाए गए नॉर्थ ईस्ट पविलियन में प्रदर्शित हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया। महामहिम उपराष्ट्रपति को फटका पहनाकर सम्मानित किया गया।

मोदी आर्काइव का किया अवलोकन

इसके उपरांत महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किर्गिस्तान द्वारा लगाए गए स्टॉल पर प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया। इसके उपरांत उन्होंने मोदी आर्काइव में प्रदर्शित डिजीटल प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

 उन्होंने मेला परिसर में सुरीली धुन से पर्यटकों का मनोरंजन करने वाली बीन पार्टी की प्रस्तुति भी देखी। उन्होंने श्रीलंका द्वारा लगाए गए स्टॉल में हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया

म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान में हरियाणा की प्राचीन विरासत को देखा

-विरासत हरियाणा के पोस्टर का किया विमोचन

मेला परिसर में विरासत हरियाणा सांस्कृतिक प्रदर्शनी म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान में पहुंचकर प्रदेश की प्राचीन संस्कृति का अवलोकन किया। इस स्टॉल पर महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मान-सम्मान का प्रतीक पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को विरासत हरियाणा का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, उनकी धर्मपत्नी डा. सुदेश धनखड़ व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विरासत हरियाणा द्वारा 2016 से 2023 तक की सांस्कृतिक गतिविधियों से तैयार किए गए पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने इस स्टॉल में हरियाणा प्रदेश में प्राचीन समय में घरों में प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है।

मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महामहिम उपराष्ट्रपति का किया स्वागत

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचने पर महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा उनकी धर्मपत्नी डा. सुदेश धनखड़ का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। वेशभूषा से सुसज्जित विभिन्न सांस्कृतिक मंडलियों ने मुख्य अतिथि व पर्यटकों का स्वागत अभिवादन किया।

इस अवसर पर बडखल की विधायक सीमा त्रिखा, पृथला के विधायक नयनपाल रावत, हरियाण पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन अरविंद यादव, प्रधान सचिव एम.डी. सिन्हा, प्रबंध निदेशक डा. नीरज कुमार, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, उपायुक्त विक्रम सिंह,डीसीपी नितिश अग्रवाल, मेला प्रशासक अमित कुमार गुलिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


उपराष्ट्रपति कल करेंगे 36 वे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का शुभारंभ


फरीदाबाद, 02 फरवरी। सूरजकुंड मेला मैदान की बड़ी चौपाल, फरीदाबाद में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए श्री अरविंद सिंह, आईएएस, सचिव, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि "36वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला -2023 एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ इतिहास रचने जा रहा है।

36वां संस्करण दुनिया भर से और पूरे भारत से अभूतपूर्व भागीदारी का गवाह बनेगा। भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 36वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता 3 फरवरी, 2023 को शाम 4:00 बजे करेंगे।

इस अवसर पर हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, हरियाणा के माननीय पर्यटन मंत्री श्री कंवर पाल, श्री कृष्ण पाल, माननीय केंद्रीय बिजली और भारी उद्योग मंत्री, भारत सरकार तथा श्री मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री, खान और भूविज्ञान, चुनाव और उच्च शिक्षा, श्रीमती सीमा त्रिखा, एमएलए, बडखल भी उपस्थित रहेंगी। हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष डॉ. अरविंद यादव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे।

सूरजकुंड शिल्प मेला 1987 में पहली बार हस्तशिल्प, हथकरघा और भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, यह त्योहार अपने प्रदर्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर पर गर्व और प्रमुखता के स्थान पर आ गया है।

श्री अरविंद सिंह ने आगे कहा कि यह शिल्प मेला भारत भर के हजारों शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने में मदद करता है। इस प्रकार, मेले ने भारत के विरासत शिल्प को पुनर्जीवित करने में भी मदद की है। 

समय के साथ चलते हुए, आगंतुकों को लंबी कतारों की परेशानी के बिना आसानी से मेला परिसर में प्रवेश करने में मदद करने के लिए Bookmyshow.com जैसे पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टिकट उपलब्ध कराए जाएँगे। आसपास के क्षेत्रों के आगंतुकों को मेला स्थल तक ले जाने के लिए विभिन्न बिंदुओं से विशेष बसें चलाई जाएंगी।

सूरजकुंड शिल्प मेले के इतिहास में एक मानदंड स्थापित किया गया था क्योंकि इसे 2013 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड किया गया था। 2022 में यूरोप, अफ्रीका और एशिया के 30 से अधिक देशों ने मेले में भाग लिया।

श्री अरविंद सिंह ने आगे कहा कि इस वर्ष 40 से अधिक देश मेले का हिस्सा होंगे, जिसमें भागीदार राष्ट्र - शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शामिल हैं, जिसके तहत कजाकिस्तान, चीन, रूस, उजबेकिस्तान, अजरबैजान, अर्मेनिया जैसे 25 से अधिक देश शामिल हैं। तुर्की, कंबोडिया, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, सऊदी अरब, कतर जैसे कुछ नाम बहुत उत्साह के साथ भाग लेंगे।

भारत का उत्तर पूर्वी क्षेत्र 36 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला 2023 के लिए थीम स्टेट है, जो इस क्षेत्र से विभिन्न कला रूपों और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित कर रहा है। आगंतुकों को अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा राज्यों से विरासत और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

 पूर्वोत्तर क्षेत्र के सैकड़ों कलाकार विभिन्न लोक कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक नृत्य कला से लेकर उत्कृष्ट शिल्प तक, दर्शकों को लुभाने के लिए उत्तर पूर्वी क्षेत्र की विरासत और संस्कृति का गुलदस्ता है। थीम स्टेट पूरे क्षेत्र की विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक स्मारक द्वार का निर्माण करेगा। 

मेमोरियल गेट बांस की वास्तुकला की भाषा का पालन करेगा और इसे कार्डिनल दिशाओं के अनुसार घन उन्मुख से नक्काशीदार एक गुंबददार शून्य के रूप में बनाया गया है। पूरे स्थान को प्रत्येक उत्तर पूर्वी राज्य के इतिहास का प्रतिनिधित्व करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आगंतुकों के मूड को जीवंत करने के लिए, भाग लेने वाले विदेशी देशों के अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा भारत के राज्यों के कलाकारों सहित शानदार प्रदर्शन प्रस्तुत किए जाएंगे।

मेले में राजस्थान के कच्ची घोड़ी, पंजाब के भांगड़ा, हरियाणा के लोक नृत्य, हिमाचल प्रदेश के जमकदा और नाटी, हिमाचल पुलिस बैंड, उत्तर प्रदेश के लोक नर्तक और सदाबहार बहरूपिया जैसे विभिन्न प्रकार के कलाकार मेले में आगंतुकों का मनोरंजन करेंगे। मेला ग्राउंड के भीतर अपनी करामाती प्रतिभा और शोमैनशिप से लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे।

मेला पखवाड़े के दौरान शाम को होने वाले आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आगंतुकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। शुभा मुद्गल, मीका सिंह, काका, नूरान सिस्टर्स, मामे खान, यूफोरिया जैसे बैंड्स, टेटसेओ सिस्टर्स के अलावा उत्तर पूर्वी राज्यों के फुट टैपिंग डांस और सॉन्ग शो और भाग लेने वाले विदेशी देशों के शानदार प्रदर्शन का आनंद लें। शाम 7.00 बजे से चौपाल में सारी हलचल और उत्साह देखें।

36वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला 2023 का शुभारंभ हुआ


फरीदाबाद, 02 फरवरी। सूरजकुंड मेला मैदान की बङी चौपाल, फरीदाबाद में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए श्री अरविंद सिंह, आईएएस, सचिव, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि "36वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला -2023 एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ इतिहास रचने जा रहा है। 36वां संस्करण दुनिया भर से और पूरे भारत से अभूतपूर्व भागीदारी का गवाह बनेगा।

भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 36वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता 3 फरवरी, 2023 को शाम 4:00 बजे करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, हरियाणा के माननीय पर्यटन मंत्री श्री कंवर पाल, श्री कृष्ण पाल, माननीय केंद्रीय बिजली और भारी उद्योग मंत्री, भारत सरकार तथा श्री मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री, खान और भूविज्ञान, चुनाव और उच्च शिक्षा, श्रीमती सीमा त्रिखा, एमएलए, बडखल भी उपस्थित रहेंगी। हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष डॉ. अरविंद यादव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे।

सूरजकुंड शिल्प मेला 1987 में पहली बार हस्तशिल्प, हथकरघा और भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, यह त्योहार अपने प्रदर्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर पर गर्व और प्रमुखता के स्थान पर आ गया है।

श्री अरविंद सिंह ने आगे कहा कि यह शिल्प मेला भारत भर के हजारों शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने में मदद करता है। इस प्रकार, मेले ने भारत के विरासत शिल्प को पुनर्जीवित करने में भी मदद की है। 

समय के साथ चलते हुए, आगंतुकों को लंबी कतारों की परेशानी के बिना आसानी से मेला परिसर में प्रवेश करने में मदद करने के लिए Bookmyshow.com जैसे पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टिकट उपलब्ध कराए जाएँगे। आसपास के क्षेत्रों के आगंतुकों को मेला स्थल तक ले जाने के लिए विभिन्न बिंदुओं से विशेष बसें चलाई जाएंगी।

सूरजकुंड शिल्प मेले के इतिहास में एक मानदंड स्थापित किया गया था क्योंकि इसे 2013 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड किया गया था। 2022 में यूरोप, अफ्रीका और एशिया के 30 से अधिक देशों ने मेले में भाग लिया।

श्री अरविंद सिंह ने आगे कहा कि इस वर्ष 40 से अधिक देश मेले का हिस्सा होंगे, जिसमें भागीदार राष्ट्र - शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शामिल हैं, जिसके तहत कजाकिस्तान, चीन, रूस, उज्बेकिस्तान, अजरबैजान, अर्मेनिया जैसे 25 से अधिक देश शामिल हैं। तुर्की, कंबोडिया, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, सऊदी अरब, कतर जैसे कुछ नाम बहुत उत्साह के साथ भाग लेंगे।

भारत का उत्तर पूर्वी क्षेत्र 36 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला 2023 के लिए थीम स्टेट है, जो इस क्षेत्र से विभिन्न कला रूपों और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित कर रहा है। आगंतुकों को अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा राज्यों से विरासत और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। 

पूर्वोत्तर क्षेत्र के सैकड़ों कलाकार विभिन्न लोक कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक नृत्य कला से लेकर उत्कृष्ट शिल्प तक, दर्शकों को लुभाने के लिए उत्तर पूर्वी क्षेत्र की विरासत और संस्कृति का गुलदस्ता है। थीम स्टेट पूरे क्षेत्र की विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक स्मारक द्वार का निर्माण करेगा। 

मेमोरियल गेट बांस की वास्तुकला की भाषा का पालन करेगा और इसे कार्डिनल दिशाओं के अनुसार घन उन्मुख से नक्काशीदार एक गुंबददार शून्य के रूप में बनाया गया है। पूरे स्थान को प्रत्येक उत्तर पूर्वी राज्य के इतिहास का प्रतिनिधित्व करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

आगंतुकों के मूड को जीवंत करने के लिए, भाग लेने वाले विदेशी देशों के अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा भारत के राज्यों के कलाकारों सहित शानदार प्रदर्शन प्रस्तुत किए जाएंगे।

मेले में राजस्थान के कच्ची घोड़ी, पंजाब के भांगड़ा, हरियाणा के लोक नृत्य, हिमाचल प्रदेश के जमकदा और नाटी, हिमाचल पुलिस बैंड, उत्तर प्रदेश के लोक नर्तक और सदाबहार बहरूपिया जैसे विभिन्न प्रकार के कलाकार मेले में आगंतुकों का मनोरंजन करेंगे। मेला ग्राउंड के भीतर अपनी करामाती प्रतिभा और शोमैनशिप से लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे। 

मेला पखवाड़े के दौरान शाम को होने वाले आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आगंतुकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। शुभा मुद्गल, मीका सिंह, काका, नूरां सिस्टर्स, मामे खान, यूफोरिया जैसे बैंड्स, टेटसेओ सिस्टर्स के अलावा उत्तर पूर्वी राज्यों के फुट टैपिंग डांस और सॉन्ग शो और भाग लेने वाले विदेशी देशों के शानदार प्रदर्शन का आनंद लें। शाम 7.00 बजे से चौपाल में सारी हलचल और उत्साह देखें।

श्री एम.डी. सिन्हा, प्रमुख सचिव, पर्यटन, हरियाणा-सह-उपाध्यक्ष, सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला ने कहा कि मेला मैदान 43.5 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और शिल्पकारों के लिए 1179 वर्क हट्स और एक बहु-व्यंजन फूड कोर्ट है, जो बेहद लोकप्रिय है। 

मेले का माहौल पूर्वोत्तर क्षेत्र के रूपांकनों और सजावट के साथ जातीय जीवंतता और भारत की विशाल विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक रूपांकनों को ले जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि सूरजकुंड मेला अब विदेशों में अपार लोकप्रियता के साथ एक पर्यटन कार्यक्रम है और हम आने वाले संस्करणों में नए नवाचारों के साथ इस आयोजन को और भी भव्य बनाने की उम्मीद करते हैं।

हरियाणा का एक परिवार राज्य की प्रामाणिक जीवन शैली को प्रदर्शित करने के लिए नए डिजाइन किए गए 'अपना घर' में रहने जा रहा है। 

सूरजकुंड मेले की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं


फरीदाबाद, 20 जनवरी। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एमडी सिन्हा ने कहा कि तीन फरवरी से शुरू होने वाला अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला इस बार अन्य वर्षों की अपेक्षा ज्यादा भव्य व विशाल होगा। उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए इस बार मेले में टिकटों की बिक्री में पारदर्शिता पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक टिकट पर होलोग्राम लगाया जाएगा।

इससे न तो डुप्लीकेट टिकट तैयार होगी और न ही फोटोस्टेट हो सकेगी। श्री सिन्हा शुक्रवार को होटल राजहंस में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों की समीक्षा मीटिंग आयोजित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जी-20 समिट के चलते इस बार मेले में विदेशी मेहमानों की संख्या दोगुनी होगी। ऐसे में एंबेसडर मीट दो दिन होगी। जी-20 से संबंधित देशों के राजदूत 9 फरवरी को आएंगे और एससीओ से संबंधित देशों के राजदूतों के दौरे के लिए जल्द ही तिथि घोषित कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारे देश की मजबूत सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे में हमें मेले में किसी भी तरह की तैयारियों को लेकर कमी नहीं रखनी है। उन्होंने कहा कि मेले में इस बार 45 देशों के विदेशी कलाकार हिस्सा लेंगे जिससे विदेशी कलाकारों की संख्या भी पिछले वर्षों की अपेक्षा दोगुनी रहेगी। 

उन्होंने बताया कि नॉर्थ ईस्ट के आठ स्टेट हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में इन सभी राज्यों से कलाकार आएंगे। इसके साथ ही वीआईपी भी ज्यादा संख्या में रहेंगे। इनमें नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्यों के मुख्यमंत्री व राज्यपाल भी आएंगे।

उन्होंने बताया कि इस दौरान एक दिन विदेशी पत्रकारों का एक दल भी सूरजकुंड मेला परिसर का भ्रमण करेगा। उन्होंने मेले के दौरान पार्किंग व्यवस्था अतिरिक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जीएम रोडवेज को निर्देश दिए कि प्रात: आठ बजे से फरीदाबाद, आईएसबीटी दिल्ली व गुरुग्राम से लगातार बसों के फेरे मेला परिसर के लिए लगाए जाएंगे। 

उन्होंने पार्किंग में दिक्कत आने पर अतिरिक्त क्रेन की व्यवस्था करने और अतिरिक्त पुलिस बल नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मीटिंग में सड़कों की स्थिति, शौचालयों, पेयजल, बिजली, टेलीफोन व इंटरनेट की स्थिति सहित सभी विषयों पर सभी विभागों से क्रमश: जानकारी ली।

मीटिंग में पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, उपायुक्त विक्रम सिंह, एचएसवीपी प्रशासक डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अभिषेक मीणा, डीसीपी नितीश अग्रवाल, एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, सीटीएम अमित मान, पर्यटन विभाग के जीएम यूएस भारद्वाज, एजीएम हरविंद्र सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

सूरजकुंड मेले की तैयारी शुरू वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा


फरीदाबाद, 13 जनवरी। तीन फरवरी से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के मद्देनजर शुक्रवार को नॉर्थ ईस्ट स्टेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला परिसर का दौरा किया। 

इस दौरान सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला में विभिन्न स्थानों पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया व मेले के दौरान लगने वाले विभिन्न स्टालों की जानकारी भी ली। इस दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी हरप्रीत सिंह और अंशुमन डे ने टीम की अगुवाई की।

इस दौरान नॉर्थ स्टेटस से एनईएचएचडीसी के एमडी ब्रिगेडियर आरके सिंह, राजीव अशोक भी मौजूद थे। गौरतलब है कि इस बार नॉर्थ ईस्ट स्टेट मेले के दौरान थीम स्टेट के तौर पर शामिल हो रहे हैं। इस दौरान हरियाणा पर्यटन विकास निगम के जीएम यूएस भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

शायराना अंदाज में दिखे केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री, कहा 'याद रखना कफन पर जेब नहीं होती'-अजय भट्ट

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चंडीगढ़: हरिया के परिदाबाद में सूरजकुंड केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि सूरजकुंड मेले के माध्यम से पर्यटन विभाग का देखो अपना देश का नारा चरितार्थ हो रहा है। यहां हम अपने देश को भी देख रहे हैं और दूसरे देशों की संस्कृति, सभ्यता व कला को देखने का भी मौका मिल रहा है। ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग जल्द ही भजन-कीर्तन जैसी एक सांस्कृतिक नाइट का भी आयोजन कराएगा। इसमें सभी संस्कृति व धर्म के लोगों को मौका दिया जाएगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्री आज सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में बड़ी चौपाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम रिदम आफ इंडिया माटी बानी के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन ही एक ऐसा क्षेत्र है जो विभिन्न संस्कृति को जोड़ता है। हमारी बोली व भाषा भले ही अलग हो लेकिन हम सबका लक्ष्य एक है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से देखो अपना देश कार्यक्रम चलाया है ताकि हमारी युवा पीढ़ी हमारे देश को सही तरीके से जान सके। देश में बहुत से ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं जिनका विशेष सांस्कृतिक महत्व है। इस संस्कृति को जानने के लिए ऐसे आयोजन बहुत जरूरी है। उन्होंने मेले के आयोजन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बधाई देते हुए कहा कि इस मेले में हरियाणा सरकार ने देश ही नहीं दुनिया को एक बड़ा मौका दिया है। यह मेला ऐतिहासिक कार्य है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि कला एवं संस्कृति के मामले में हरियाणा प्रदेश विश्व स्तर पर मशहूर है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में दुनिया की कला एवं संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच मिलता है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर देश में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि संस्कृति का इसी तरह मेल मिलाप हो।इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव एमडी सिन्हा, अतिरिक्त्त प्राइवेट सेक्रेटरी पीके सुरेश,हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ नीरज कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट आज सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में शायराना अंदाज में दिखे। उन्होंने देश के नागरिकों से आह्वान  किया कि वे अपने परिवार को विभिन्न राज्यों के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण जरूर कराएं।इसके लिए उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि तू लाख कमाले हीरे, पर मेरी ये बात याद रखना कफन पर जेब नहीं होती।इस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाकर पर्यटन मंत्री का अभिवादन किया। पर्यटन मंत्री ने कहा कि हम सभी को चले जाना है लेकिन  उसकी यादें इन  संस्कृति के माध्यम से ही  ताजा होती हैं। उन्होंने कहा कि हमें टेंशन फ्री होने के लिए इस तरह के मेलों में जरूर जाना चाहिए।

दोनों हाथों पे प्लास्टर फिर भी फौगाट संग नाची छोटी लड़की

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हरियाणा: फरीदाबाद 35 वें सूरजकुंड मेले में आज की शाम गजेंद्र फोगाट के नाम रही कार्यक्रम में दोनों टूटे हुए हाथों पर प्लास्टर बंधे एक छोटी बच्ची खुद को नाचने से रोक नहीं पाई और फोगाट के गीतों पर मंच पर आकर उनके साथ जुड़ने लगी गजेंद्र फोगाट ने उस बच्ची को ₹500 इनाम दिया। मौका था चौपाल दो पर गजेंद्र फोगाट लाइव का जिसमें सैकड़ों दर्शक 2 घंटे तक गजेंद्र फोगाट के गीतों पर झूमते रहे ।

फोगाट ने अपना कार्यक्रम देशभक्ति गीतों से शुरू किया उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सांस्कृतिक विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस समय पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है तो कार्यक्रम की शुरुआत भी शहीदों को नमन करने से करनी चाहिए । उन्होंने सबसे पहले अपना गीत "एक शाम तो होनी चाहिए नाम शहीदा ने सबसे पहले कर लो तुम प्रणाम शहीदा नै" से शुरू किया और उसके बाद मेरा रंग दे बसंती चोला और वंदे मातरम गाकर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया उसके बाद छोटे-छोटे बच्चों ने स्टेज पर आकर अपने अपने पसंदीदा गानों की डिमांड की जिसे पूरा करते हुए गजेंद्र फोगाट ने उन्हें सब गीतों पर नचाया।

इसके साथ-साथ दर्शकों ने भी अपने कुछ गीत उनसे गवाह जिसमें बहु काले की सेक्टर वाली कोठी में नहीं लगता जी मैं तेरे गांव की हवा गजेंद्र वह उनका सुपरहिट गीत माता का ईमेल कुल मिलाकर कितने लोगों की शाम बना दी लोगों ने गजेंद्र फोगाट को खूब आशीर्वाद दिया । कार्यक्रम  के दौरान भाजपा  कला  एवं  सांस्कृतिक  प्रकोष्ठ  के प्रदेश  सह  संयोजक अभिषेक देशवाल के साथ खुसी,  मोटी , डिम्पल  मोजूद रहीं।

सूरजकुंड मेले SC के न्यायमूर्ति शाह ने हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगाए गए स्टाल का किया उद्घाटन

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हरियाणा: फरीदाबाद, 35वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम आर शाह ने हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला द्वारा लगाए गए स्टॉल का विधिवत उद्घाटन किया।जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाई एस राठौड़ और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निदेशक पुनीत सहगल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद के सचिव मंगलेश कुमार चौबे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पलवल के सचिव पीयूष शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नूह के सचिव प्रतीक जैन, फरीदाबाद के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तैयब हुसैन, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के उप अधीक्षक पुरुषोत्तम सैनी, जिला ब्लड कोऑर्डिनेटर विमल खंडेलवाल ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाई एस राठौर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सेवा एवं सहायता प्रदान की जा रही है। जन जागरूकता कैंपों और लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों को आसानी से न्याय की उपलब्धता हो सके। इसी कड़ी में मंगलेश चौबे ने बताया कि सूरजकुंड मेले में आमजन न्याय स्टॉल की विजिट कर रहे हैं और पैनल एडवोकेट सभी लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं ताकि लोग आसानी से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें, जो प्राधिकरण द्वारा लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि समाज के कमजोर वर्ग को आसानी से न्याय मिल सके।


रेडक्रॉस वाइस चेयरपर्सन सुषमा गुप्ता का भी यहां पर पहुंचने पर पुष्प कुछ और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। जिला रेडक्रॉस द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों की भरपूर प्रशंसा की गई। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के उप अधीक्षक पुरुषोत्तम सैनी ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। जिला ब्लड कोऑर्डिनेटर ने  कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा रक्तदान के क्षेत्र में किये गये कार्य के  बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई, जिसके लिए पूरे हरियाणा में फरीदाबाद नंबर वन पर रहा है। इस उपलब्धि में सभी रक्तदाताओं का विशेष योगदान है। चाहे प्लाज्मा की बात हो या ऑक्सीजन की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं रेड क्रॉस के सोसाइटी वॉलंटरों द्वारा मानवता के कार्यों में सदैव बढ़-चढ़कर कार्य किए गए हैं। इस मौके पर दर्शन भाटिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता गण, लीगल वालंटियर, अन्य समाज सेवी संगठन मौजूद रहे।

सूरजकुंड मेले में DCP के नेतृत्व में आपात स्थिति से निपटने के लिए की गई मौक ड्रिल

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हरियाणा: फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प क्राफ्ट मेला में आने वाले लोगों के लिए जिला प्रशासन द्वारा मेला परिसर में सभी मूलभूत सुविधाएँ मुहैया करवाई गयी है। पुलिस द्वारा वाहन पार्किंग एवं सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये गये हैं। डीसीपी  नितीश अग्रवाल के नेतृत्व में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौक ड्रिल की गयी, जिसमे पुलिस के साथ साथ अग्निशमन तथा अन्य विभागों ने भाग लिया।

डीसीपी  नितीश अग्रवाल के नेतृत्व में की गयी मौक ड्रिल में मेला परिसर में अचानक लगी आग को बुझाने व राहत बचाओ कार्यों की समीक्षा की गयी। मेला प्रशासन को मेला परिसर के एक हिस्से में अचानक आग लगने की सूचना मिली। प्रशासन द्वारा तुरंत घटना स्थल पर अग्निशमन वाहन के साथ अन्य सभी आवश्यक उपकरणों सहित टीमें पहुंची। अग्निशमन वाहन द्वारा तुरंत घटना स्थल पर पहुँच कर आग पर काबू पाया इसके लिए अग्निशमन यंत्रों का भी प्रयोग किया गया। इनमे स्ट्रेचर भी शामिल थे, जिनके माध्यम से घटना स्थल से घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। इस अवसर पर सम्बंधित विभागों के अधिकारी व अग्निशमन कर्मचारी मौजूद रहे।

राज्यपाल और CM ने लिया सूरजकुंड मेले में शतरंज का आनंद

Governor-and-CM-enjoyed-Chess-at-Surajkund-Mela


चंडीगढ़: हरियाणा फरीदाबाद,  हमें क्या खेलना आता है, हम तो वैसे ही मोहरे बदल रहे हैं। शायद खेलना तुम भी नहीं जानते और हमारी फोटो खींच रहे हो। सूरजकुंड की धरती पर हर्षोल्लास और ढोल बाजे की थाप पर शुरू हुए 35वें अंतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड मेले का अवलोकन करते हुए हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री मनोहर लाल उज्बेकिस्तान की स्टाल पर शतरंतज खेल रहे थे तो सीएम साहब मजाक में ये शब्द कहे। महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने वीवीआईपी गेट दंतेश्वरी द्वार पर फीता काटकर मेले का आगाज किया। चार अप्रैल तक जारी रहने वाले इस मेले में इस बार स्टेट थीम बनाए गए जम्मू-कश्मीर व अन्तराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी देश उज्बेकिस्तान की मेले में विशेष भागेदारी रहेगी।


राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने अपने सहयोगी केंद्रीय विद्युत एवं भारी ऊर्जा मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व उज्बेकिस्तान के राजदूत दिलशोद ओख्तोव के साथ गोल्फ कार्ट में बैठकर मेले की सैर की। यहां ढप, नगाड़े, बीन, चंग, ढोल, सारंगी बजा  रहे सैंकड़ों कलाकारों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एवं सूरजकुंड मेले  के वाइस चेयरमैन एमडी सिन्हा उन्हें एक-एक स्टाल का अवलोकन करवा रहे थे। मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने सबसे पहले कश्मीर पैवेलियन का अवलोकन किया। जम्मू-कश्मीर से आर्ट एंड क्राफ्ट विभाग के निदेशक मामूद शाह ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री   मनोहर लाल को अपने पहाड़ी राज्य के खान-पान व कहोवा पिलाने की संस्कृति से अवगत करवाया। मुख्य अतिथि पैवेलियन के अंदर थे तो बाहर कश्मीरी बालाएं व कलाकार अपने लोक गीतों व सरोद, मटका आदि लोक वाद्य बजाकर उनका स्वागत कर रहे थे। महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने कश्मीरी वेशभूषा से सुसज्जित लड़कियों के साथ फोटो भी खिंचवाई  और उनको आर्शीवाद दिया।


इसके बाद महामहिम राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ कश्मीर के काष्ठï हस्तशिल्प, बुनाई की दस्तकारी व कश्मीर की डोगरा कला संस्कृति से सरोबार पांडालों का अवलोकन किया। गोल्फ कार्ट से उतरकर पैदल ही महामहिम राज्यपाल  बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री मनोहर लाल उज्बेकिस्तान के गलियारे में पहुंचे, जहां राजदूत दिलशोद ओख्तोव ने अपने साथी अधिकारियों के साथ दोनों महान हस्तियों का आदर-सत्कार से स्वागत किया। यहां राजदूत दिलशोद ओख्तोव ने अपने देश के शिल्पकारों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का परिचय दिया। राज्यपाल व मुख्यमंत्री स्टाल पर उज्बेकिस्तान की सुंदर शंतरंज देखकर एक-दूसरे के साथ खेलने लगे। यहां मुख्यमंत्री ने भी फोटो ले रहे मीडियाकर्मियों के साथ हंसी-ठिठोली की। दिल्ली दौलतराम कालेज में हिंदी पढ़ रही ताशकंद से आई छात्रा जलाला ने दोनों अतिथियों से बातचीत की। जलाला ने बताया कि वह पिछले दो सालों से भारत में है और हिंदी उसे विशेष प्रिय है। मुख्यमंत्री ने उज्बेकिस्तान की करेंसी आदि के बारे में यहां के कलाकारों से बात की।


महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने अफगानिस्तान के दस्तकारों से भी बातचीत की और उनके बनाए कालीन को देखा। बाद में महासिंह पूनिया की हरियाणवी संस्कृति को परिलक्षित करती पैवेलियन में  राज्यपाल  ने बड़े हुक्के की नाल  पकडक़र देखी तथा बटेऊ गिलास में अतिथियों ने लस्सी का आनंद लिया। यहां राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने विरासत नाम की पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल, विधायक नैनपाल रावत, नरेंद्र गुप्ता, राजेश नागर, सीमा त्रिखा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, ओएसडी अजय गौड़, गजेंद्र फौगाट, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।

2 साल के अंतराल के बाद सूरजकुंड शिल्प मेला का हुआ आगाज

Surajkund-Crafts-Mela-started-after-a-gap-of-2-years


चंडीगढ़:हरियाणा के 
अपने पसंदीदा मेले सूरज कुंड का बेसब्री से इंतजार कर रहे आगंतुकों के लिए दो साल के लंबे अंतराल के बाद अंतत: हरियाणा के अनूठे सूरजकुंड शिल्प मेले का आज से आधिकारिक रूप से उद्घाटन हो गया। इस बार मेले की सबसे अच्छी बात यह है कि आगंतुक मेले की प्रवेश और पार्किंग टिकट पेटीएम इनसाइडर और हरियाणा पर्यटन की वेबसाइट से बुक कर सकते हैंइससे अब उन्हें लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा और वे मेला परिसर में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावावेबसाइट www.srajkundmelaauthority.com पर एक ऐप के माध्यम से वर्चुअल टूर और शिल्पकारों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावादिव्यांगजनोंवरिष्ठ नागरिकोंरक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों को प्रवेश टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके साथ हीआसपास के क्षेत्रों से यात्रियों को मेला स्थल तक ले जाने के लिए विभिन्न स्थानों से विशेष बसें भी चलेंगी।

35वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2022 नई ऊर्जा के साथ किया गया है आयोजित

        वर्ष 1987 से सूरजकुंड शिल्प मेला लगातार भारत की हस्तशिल्पहथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता रहा है। हालाँकिवैश्विक कोविड-19 महामारी के कारण, 2 साल से मेले का आयोजन नहीं किया गया थालेकिन 35 वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2022 नई ऊर्जा के साथ एक बड़े आयोजन के वादे के साथ आया है।

        केंद्रीय पर्यटनकपड़ासंस्कृतिविदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से सूरजकुंड मेला प्राधिकरण तथा हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस हस्तशिल्प उत्सव ने अपने शिल्पसंस्कृति और भारत के व्यंजनों के प्रदर्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर पर प्रमुखता से अपनी पहचान कायम की हैजो गर्व की बात है।

 

इस वर्ष मेले के मुख्य आकर्षणों में वैष्णो देवी मंदिरअमरनाथ मंदिरअपना घर की प्रतिकृतियां

        चूंकि जम्मू एवं कश्मीर 35वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला 2022 का 'थीम स्टेटहैइसलिए वैष्णो देवी मंदिरअमरनाथ मंदिरकश्मीर से वास्तुकला का प्रतिनिधित्व करने वाले अपना घरहाउस बोट का लाइव प्रदर्शन और स्मारक द्वार 'मुबारक मंडी-जम्मू की प्रतिकृतियां मुख्य आकर्षण रहेंगे।

        साथ हीजम्मू-कश्मीर के सैकड़ों कलाकार विभिन्न लोक कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक नृत्य कला रूपों से लेकर उत्कृष्ट शिल्प तकजम्मू-कश्मीर की विरासत और संस्कृति का एक गुलदस्ता विभिन्न कला रूपों और हस्तशिल्प के माध्यम से अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाले इस मेले का मुख्य आकर्षण रहेगा।

भारत से आने वाले हजारों शिल्पकारों को अपनी कला को दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक मंच मिलता है

इस मेले के माध्यम सेभारत भर के हजारों शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक सुनहरा मंच मिलता है। इतना ही नहींयह मेला भारत के विरासत शिल्प को पुनर्जीवित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सूरजकुंड शिल्प मेले के इतिहास में एक बेंचमार्क स्थापित हुआ जब इसे वर्ष 2013 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड किया गया था। 2020 मेंयूरोपअफ्रीका और एशिया के 30 से अधिक देशों ने मेले में भाग लियाजबकि इस वर्ष भी 30 से अधिक देश इस मेले का हिस्सा बनेंगेजिसमें पार्टनर नेशन - उज्बेकिस्तान शामिल है।

इसके अलावालैटिन अमेरिकी देशोंअफगानिस्तानइथियोपियाइस्वातिनीमोजाम्बिकतंजानियाजिम्बाब्वेयुगांडानामीबियासूडाननाइजीरियाइक्वेटोरियल गिनीसेनेगलअंगोलाघानाथाईलैंडनेपालश्रीलंकाईरानमालदीव और अन्य देशों से भी उत्साही भागीदारी होगी।

'अपना घरहरियाणा की प्रामाणिक जीवन शैली को प्रदर्शित करेगा

         हरियाणा का एक परिवार हरियाणा की प्रामाणिक जीवन शैली को प्रदर्शित करने के लिए विशेष रूप से बनाए गए 'अपना घरमें रहने जा रहा है। 'अपना घरआगंतुकों को राज्य के लोगों की जीवन शैली का अनुभव करने का मौका देता है और उन्हें अपनी संस्कृति के बारे में बातचीत करने और सीखने का मौका भी प्रदान करता है। अपना घर में पारंपरिक मिट्टी के बर्तन आदि दिखाए जाएंगे और शिल्पकार इन पारंपरिक शिल्पों का जीवंत प्रदर्शन करेंगे ।

पारंपरिक प्रॉप्स के उपयोग के साथ-साथ दर्शकों के लिए प्रदर्शन को जीवंत बनाने के लिए इस बार दोनों चौपालों को भाग लेने वाले राज्य और भागीदार राष्ट्र के तत्वों से प्रेरित होकर एक नया रूप दिया गया है।

दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकारों का शानदार प्रदर्शन

आगंतुकों के मूड को जीवंत करने के लिए भारत के राज्यों के कलाकारों सहित भाग लेने वाले विदेशों के अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। पंजाब के भांगड़ाअसम के बिहूबरसाना की होलीहरियाणा के लोक नृत्यहिमाचल प्रदेश के जमाकड़ामहाराष्ट्र का लावणीहाथ की चक्की का लाइव प्रदर्शन और हमेशा से मशहूर रहे बेहरुपिया जैसे विभिन्न प्रकार के कलाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

इसके अलावामेला पखवाड़े के दौरान चौपाल पर शाम सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का मनोरंजन होगा। रहमत-ए-नुसरतरिंकू कालिया की गज़लमंत्रमुग्ध कर देने वाली डांस परफॉर्मेंसभावपूर्ण सूफी परफॉर्मेंसमाटी बानी द्वारा रिदम ऑफ इंडियाजम्मू-कश्मीरउजबेकिस्तान और अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के फुट-टैपिंग डांस और सॉन्ग शो जैसे बैंड के शानदार प्रदर्शन का दर्शक आनंद ले पाएंगे।

शिल्पकारों के लिए बनाए गए हैं 1183 वर्क हट्स

मेला मैदान 43.5 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और शिल्पकारों के लिए 1183 वर्क हट्स और एक बहु-व्यंजन फूड कोर्ट हैजो आगंतुकों के साथ बेहद लोकप्रिय है। मेले का माहौल महुआनरगिसपांचजन्य जैसे रूपांकनों और सजावट के साथ जातीय जीवंतता पर ले जाएगा। इसके अलावाआगंतुकों को स्वतंत्रता पदकतिरंगे बंटिंग और स्मारक टिकटों के रूपांकनों और प्रतिकृतियों के साथ स्वतंत्रता के 75 साल के थीम की भी झलक मिलेगी।

        मेले की अन्य प्रमुख विशेषताएं

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला मैदान में नाइट विजन कैमरों के साथ 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना को रोकने के लिए मेला परिसर में महिला गार्ड सहित बडी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

 तकनीकी नवाचारों के माध्यम से परेशानी मुक्त पार्किंग।

मेला पार्किंग में प्रवेश करने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पहचान करने के लिए ई-निगरानी के लिए एनपीआर प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।

•  भीड़ गिनने की तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।

• मेले में प्रवेश करने वाले अतिचारियों की घुसपैठ की जांच की जाएगी।

• पूरे मेले में किसी भी आपात स्थिति के लिए फायर ब्रिगेड की टीम और चिकित्सा दल उपलब्ध रहेंगे।

दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं होंगी और मेला परिसर में प्लास्टिक/पॉलीथिन की थैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

कला एवं संस्कृति विभाग पारंपरिक और सांस्कृतिक कलाकारों जैसे कच्ची घोड़ीस्टिक वॉकरकालबेलियाराजस्थान से बेहरुपियाहिमाचल से कांगड़ी नाटीअसम से बिहूपंजाब के भांगड़ाजिंदुआझूमेरउत्तराखंड के चैपलउत्तर प्रदेश के बरसाना की होलीमेघालय से वांगियासंभलपुरी ओडिशामध्य प्रदेश से बधाईमहाराष्ट्र से लावणी का प्रदर्शन करेगा।

• मेला पखवाड़े के दौरान निर्यातकों और खरीदारों की बैठक का आयोजन किया जाएगाजो शिल्पकारों को निर्यात बाजार तक पहुंचने और उसका दोहन करने के लिए एक तैयार समर्थन प्रणाली प्रदान करती है।

क्रमांक- 2022

गौरव



स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को बनाएंगे आत्मनिर्भर- राज्यमंत्री कमलेश ढांडा

चण्डीगढ, 19 मार्च- हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने कहा कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी प्रदेश सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि 10 हजार नए स्वयं सहायता समूहों के गठन के साथ-साथ 50 हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा लिया गया है।

राज्यमंत्री आज कैथल में आमजन की समस्याएं सुन रहीं थी। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह प्राथमिकता के आधार पर आमजन की परेशानियों का निवारण करें।  श्रीमती ढांडा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देखा हैउसे पूरा करने के लिए हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल मार्गदर्शन में निरंतर कदम उठा रही है।

उन्होंने आम बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में गांव-गांवशहर-शहर में स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित वर्ष 2022-23 के दौरान 10 हजार नए स्वयं सहायता समूह तैयार किए जाएंगे और 50 हजार महिला सदस्यों को विशेष तौर पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना का लाभ दिया जाएगा। इन स्वयं सहायता समूहों को केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता के अतिरिक्त 1 लाख 80 हजार रूपए से कम आय वाली महिला सदस्यों पर आने वाली संपूर्ण ब्याज की लागत को प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की आय में बढ़ोतरी होगी और उनके परिवार का आर्थिक उत्थान सुनिश्चित होगा।

राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि समाज के अंतिम छोर पर मौजूद नागरिकविशेषकर महिलाओं के उत्थान के लिए योजनाओं को लेकर जागरूक करेंताकि महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा जा सके।