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तंवर के दोस्तों ने फेरा हुड्डा-सैलजा के अरमानों पर पानी-अब कांग्रेसी गद्दारों पर गिरेगी गाज 


चंडीगढ़/ फरीदाबाद: हरियाणा भाजपा 50 सीटों पर हुई हार का आंकलन कर रही है तो हरियाणा कांग्रेस भी अब 59  सीटों पर हार का आंकलन करने लगी है। भाजपा की बात करें तो सीएम खट्टर ही भाजपा के खलनायक कहे जा रहे हैं। तमाम हारे हुए दिग्गज मंत्री खट्टर की जन आशीर्वाद यात्रा को एक गलत यात्रा बता रहे हैं। जिनका कहना है कि खट्टर की यात्रा के पहले प्रदेश में सब कुछ ठीक था लेकिन उसके बाद सब कुछ गलत हो गया। 
बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस भी अब मनन कर रही है कि कई विधानसभा सीटों पर हमारे उम्मीदवार बहुत कम वोटों से हारे और अगर ये सीटें हमें मिल जातीं तो प्रदेश में इस बार कांग्रेस की सरकार बन सकती थी। दिल्ली के एक बड़े कांग्रेसी नेताओं के सूत्रों से हवाले से खबर मिली है कि हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर के कारण हरियाणा में इस बार कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकी। सूत्रों से पता चला है कि अशोक तंवर ने कांग्रेस से जब स्तीफा दिया तो उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि हुड्डा सैलजा की जोड़ी को सबक सिखाओ और उनके उम्मीदवारों को हराओ। इसके बाद तंवर के समर्थक कांग्रेसी नेता हुड्डा-सैलजा के उम्मीदवारों से किनारा काटने लगे और उन्होंने कांग्रेस का साथ नहीं दिया। वो खामोश हो गए। खुद भले ही कांग्रेस को वोट दिए हों लेकिन उन्होंने अपने पड़ोसियों से भी नहीं कहा कि कांग्रेस को वोट दो। 

हरियाणा अब तक को अपने दिल्ली के सूत्रों द्वारा जानकारी मिली है कि हरियाणा में कांग्रेस की लुटिया डुबोने वाले तंवर के चहेतों की अब खटिया जल्द खड़ी होने वाली है। तंवर के कई समर्थक जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं लेकिन अब ये अपनी गली के अध्यक्ष भी नहीं बन पाएंगे। 73 पन्नों का एक डेटा कांग्रेस हाईकमान के पास पहुँच चुका है। इन पन्नों में फरीदाबाद के कई कांग्रेसियों के नाम भी हैं।पहले स्थान पर  फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र से कई कांग्रेसियों के नाम हैं उसके बाद बल्लबगढ़ और उसके बाद पृथला और उसके बाद तिगांव के कई कांग्रेसियों के नाम हैं। बड़खल विधानसभा क्षेत्र से एक बड़े नेता का नाम है जो बड़े पद पर रह चुका है और कहा जा रहा है कि विजय प्रताप के साथ इस नेता ने बहुत बड़ा धोखा किया। फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में अशोक तंवर के तमाम समर्थक हैं और उन्होंने भी अपनी पार्टी की खटिया खड़ी की है। अब ऐसे नेताओं का नाम हरियाणा कांग्रेस ने ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। दिल्ली के सूत्रों की बात करें तो अब हरियाणा कांग्रेस से गद्दारी करने वाले नेताओं की भैंस गहरे पानी में डूबने वाली है। 

पशुओं  को टैग लगाकर एक अलग आईडी दी जाए- कृषि मंत्री JP दलाल, हरियाणा 


चंडीगढ़, 20 नवंबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा पशुपालन मंत्री  जय प्रकाश दलाल ने प्रदेश के किसानों को कृषि के साथ-साथ देश-विदेश में रोजगार प्राप्त करने के लिए योग्य बनाने, हरियाणा को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाने, पशुधन के लिए बेहतर चिकित्तसा सेवाएं मुहैया करवाने और प्रदेश में ऊन के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबको मिलकर मिशन मोड में कार्य करने की आवश्यकता है।
    जय प्रकाश दलाल ने आज यहां पशुपालन विभाग की बैठक ली और उन्होंने विभाग के कार्यों और भविष्य की कार्य योजना की चर्चा की।
        श्री जय प्रकाश दलाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि के साथ-साथ अन्य विकल्पों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। इसी कड़ी में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि हर पशु को टैग लगाकर एक अलग आईडी दी जाए ताकि उससे संबंधित हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो सके, जिससे उनकी उत्पादकता व चिकित्सा तथा अन्य सभी प्रकार का भी रिकॉर्ड रहेगा।
बैठक में विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि भारत सरकार की योजना के अंतर्गत दिल्ली की एक कंपनी द्वारा हरियाणा के 5 लाख किसानों को विभिन्न श्रेणियों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे विदेशों में भी कार्य करने के योग्य बन सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत अभी 5 किसानों ने प्रशिक्षण पूरा कर सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है और उन्हें विदेश जाने का अवसर मिला है। इस पर श्री जे पी दलाल ने कहा कि इस योजना को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाए ताकि किसानों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें।
        उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना को लगभग 500 किसानों के साथ पायलट आधार पर शुरुआत की जाए, इसके उपरांत पूरे राज्य में इस योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने पानीपत के साथ-साथ दक्षिण हरियाणा में भी ऊन के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल पशुचिकित्सा के लिए जल्द से जल्द योजना तैयार की जाए।
बैठक में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार गुलाटी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दिल्ली का बाजार बहुत बड़ा बाजार है, बागवानी करने वाले किसानों की होगी आमदनी - दलाल 


चंडीगढ़, 20 नवंबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा बागवानी मंत्री  जय प्रकाश दलाल ने कहा कि प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा दिया जाए और किसानों के उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग करके सीधे बाजार में बेचे जाएं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
 जय प्रकाश दलाल आज यहां बागवानी विभाग की बैठक ले रहे थे, जिसमें विभाग द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की और बागवानी मंत्री ने आगामी वर्षों की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सैनी, संयुक्त निदेशक डॉ. रणबीर सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
        उन्होंने कहा कि हरियाणा को कृषि प्रधान राज्य के साथ-साथ बागवानी की दिशा में आगे बढ़ाना होगा और इसके लिए गांवों स्तर पर या कलस्टर तैयार करके ऐसे एफपीओ बनाए जाएं जो किसानों के उत्पादों को प्रोसेस कर उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा के साथ लगता हुआ दिल्ली का बाजार बहुत बड़ा बाजार है, जिससे किसानों के उत्पाद बाजार भाव पर बिकेंगे तो किसानों की आमदनी अवश्य बढ़ेगी।
        उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पर पानी की कमी है या रेतीली जमीन है, वहां पर उस मौसम के अनुसार उगने वाली कोई विशेष सब्जी या फलों या फूलों की खेती के बारे में रिसर्च की जाए।
        बैठक में बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सैनी ने बताया कि वर्ष 2014 में राज्य में बागवानी क्षेत्र 4.39 लाख हेक्टेयर था और वर्ष 2019 में 5.54 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 5.26 लाख हेक्टेयर पूर्ण हो गया है, जो 7.98 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक बागवानी क्षेत्र को 10 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि लगभग 1700 गांवों में बागवानी का कार्य हो रहा है।
        बैठक में बताया गया कि बागवानी विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर में 10 उत्कृष्टता केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिनमें मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना और सब्जियों व फलों की नई किस्में तैयार करना शामिल है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6 स्थानों पर प्रशिक्षण संस्थान संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न कोर्स चलाए जा रहे हैं और इन  संस्थानों के माध्यम से किसानों को सब्जियों व फलों की नई किस्मों, बीजों, फसलों के रख-रखाव और नई तकनीकों की जानकारियों दी जा रही हैं।

सीखों और कमाओं वर्तमान सरकार की सोच - केंद्रीय मंत्री पांडेय 


पलवल 20 नवंबर। श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय दूधौला ने मंगलवार को अपने पहले स्थापना दिवस कार्यकम का आयोजन किया, जिसमें मुख्यातिथि के रूप में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेन्द्रनाथ पांडेय ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्जलित करके तथा सरस्वती वंदना के साथ की गई।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, दूधौला (पलवल) राष्टï्र का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जो विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के कोर्स करवा रहा है। विद्यार्थी में कोई भी हुनर है, किसी भी तरह के कार्यक्रम में रूचि है, वह इस विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ा सकता है। एसवीएसयू देश की पहली यूनिवर्सिटी है जो प्लंबर से लेकर इलेक्ट्रिशियन के हुनर को पेशे में बदलने वाले स्किल्ड प्रोफेशनल्स तैयार कर रही है। स्किल यूनिवर्सिटी का सिलेबस इस तरीके से तैयार किया गया है कि पढ़ते-पढ़ते ही बच्चे कमाई भी कर रहे हैं, जिससे वे स्वरोजगार तो बन ही रहे हैं, साथ ही परिवार का भरण पोषण भी कर रहे हैं।

कें्रदीय मंत्री ने कहा कि हरियाणावासी खासकर दूधौला पलवल निवासियों के लिए इससे अधिक हर्ष का विषय क्या होगा, यहां के विद्यार्थी कौशलता में अत्यधिक निपुण होगें। आज अगर इंटरनेट पर एसवीएसयू को सर्च किया जाता है तो दूधौला का नाम सबसे पहले आता है। इसका अभिप्राय है कि दूधौला की पहचान संसार के हर कोने में विद्यमान हो गई है। उद्योगों ने भी इस विश्वविद्यालय को लेकर अपनी रूचि दिखाई है। लगभग 70 औद्योगिक ईकाइयों के साथ इस विश्वविद्यालय का एमओयू होना इस बात की गवाही देता है कि इतने कम समय में इतने उद्योगों को अपने साथ जोडऩा एवं विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देना अपने आप में एक अनूठी मिशाल है।
उन्होंने कहा कि  शैक्षणिक कार्यक्रमों के अंतगर्त विश्वविद्यालय कई प्रकार के कोर्सेज के माध्यम से लगभग पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को कौशल में निपुण कर चुका है। सीखों और कमाओं वर्तमान सरकार की सोच है, उसमें काफी योगदान मिला है। अब कंपनियां सीखाती भी हैं हायर भी करती हैं, कई जगह तो बड़ी-बड़ी कंपनियों ने कौशल संस्थानों को पूरा का पूरा अपने साथ जोड़ लिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा कौशल की ओर आकर्षित हो।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में नवनिर्मित कंस्ट्रक्शन स्कील एकेडमी में विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू ने मुख्यातिथि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत व्यक्त किया। इस मौके पर सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर पुष्पार्पित किया गया। साथ ही नेशनल स्कील क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के पहले बैच का उद्घाटन भी किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी गणमान्य अतिथियों को विश्विद्यालय में नवनिर्मित विभिन्नों कन्स्ट्रक्शन कार्यों की जानकारी दी एवं अतिथियों को विश्वविद्यालय परिसर का दौरा करवाया।
विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू ने इस दौरान सभी अतिथियों का विश्वविद्यालय के प्रागंण में प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पधारने पर स्वागत व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने जिस मिशन के तहत इस विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसके तहत विश्वविद्यालय कार्य कर रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मिशन कौशल विकास के कार्यों पर यह विश्वविद्यालय कार्य कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश व राष्टï्र के युवाओं को कौशल के क्षेत्र मे निपुण बनाएं, जिससे विद्यार्थी रोजगार लेने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बनें। इस अवसर पर  कुलपति ने उपस्थिति को विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी भी दी। विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रम एनएसक्यूएफ की संरचना के अनुरूप तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को कौशल के तौर पर अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर पहचान मिले। उद्योग 4.0 आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों में शामिल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी नई-नई तकनीक सीख रहे हैं, जिसमें थ्रीडी टैक्नॉलॉजी, स्मार्ट सेंसर, एंडवासंड रोबोटिक्स, बिग डेटा एनालिस्ट, थ्रीडी प्रिटिंग, क्लाउंड कंम्यूटिंग, लॉकेशन डिटेक्शन, रोबोटिक्स से लेकर आर्टीफिशल इंटेलिजेंश शामिल है। विश्वविद्यालय निर्माण के फेस-1 का निर्माण कार्य आगामी मार्च 2020 तक लगभग पूर्ण हो जाएगा, जिसमें शैक्षणिक भवन, छात्रावास, प्रशासनिक भवन एवं अन्य भवनों का निर्माण शामिल है।
कार्यक्रम में पृथला के विद्यायक नयनपाल रावत, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, फरीदाबाद के भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. ऋतु बजाज, कुलपति वाईएमसीए फरीदाबाद प्रो. दिनेश कुमार, प्रोफेसर आईआईटी चैन्नई डा. वेंकटे्स बालाशुभ्रमण्यम, दूधौला के सरपंच सुंदर सिंह, एनएसडीसी से जयकांत सिंह, चेयरमैन इरकॉन एम.के. सिंह, प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक ईकाइयों के सीईओ, चेयरमैन सहित विश्वविद्यालयों के कुलसचिव के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

दुष्यंत चौटाला ने की हवाई अड्डा परियोजना पर अधिकारियों के साथ समीक्षा


चंडीगढ़, 20 नवंबर- हरियाणा के उप मुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला, जिनके पास नागरिक उड्डयन विभाग का प्रभार भी है, ने आज विभाग के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित हवाई अड्डा परियोजना पर समीक्षा की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पहले हवाई अड्डे हिसार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री  मनोहर लाल से भी चर्चा की है तथा गत दिनों नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की तथा इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह ने उप मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि तीन चरणों में विस्तार किया जाना है। पहले चरण में हवाई पट्टी की लम्बाई 3600 फुट से बढ़ाकर 4200 फुट की जाएगी तथा इसे 12,000 फुट तक बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हिसार हवाई अड्डे पर वायु सेना व सेना के विमानों और हेलिकॉप्टरों की सर्विस के लिए हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑवरहॉल (एमआरओ) हब स्थापित करने का अनुरोध हरियाणा सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को पहले ही किया जा चुका है। गौरतलब है कि हिसार में लगभग 3 हजार एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा, हिसार दिल्ली से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर है और राष्ट्रीय राजमार्ग 10 के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ा हुआ है।
श्री देवेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि स्पाइस जैट ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हिसार में फ्लाइंग स्कूल चलाने के लिए एमओयू किया जा चुका है और हरियाणा की दो लड़कियों को स्पाइस जैट फ्लाइंग प्रशिक्षण नि:शुल्क देगा तथा हरियाणा के युवाओं को 50 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट भी देगा। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण में इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम स्थापित करने से रात्रि में भी हवाई जहाजों को उड़ान भरने की सुविधा उपलब्ध होगी और अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट की सुविधा भी हिसार में उपलब्ध हो सकेगी।

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री  कमलेश ढाण्डा की अधिकारीयों के साथ खास बैठक 


चण्डीगढ़, 20 नवम्बर- हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढाण्डा ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को पूरे तालमेल और  इमानदारी से लागू करते हुए पूरी मजबूती से कार्य करने के निर्देश दिए।
श्रीमती ढाण्डा ने यह निर्देश विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा के लिए आज यहां बुलाई गई एक बैठक में दिए।
यह बताये जाने पर कि प्रदेश में महिलाओं की सुविधा के लिए दिसम्बर, 2018 से शुरू की गई महिला हैल्पलाइन 181 पर अब तक की गई 9624 कॉल्स में से 1114 कॉल्स महिलाओं से सम्बन्धित प्रभावी कॉल थीं, श्रीमती ढाण्डा ने तुरन्त महिला हैल्पलाइन पर कॉल किया और स्वयं इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारी द्वारा वह बताए जाने पर कि लाइन्स कम होने के कारण कई बार लाइन बिजी आती रहती है, उन्होंने इन लाइन्स को बढ़वाने का आश्वासन दिया।
बैठक में बताया गया कि बालिकाओं का अस्तित्व बनाए रखने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने, उनके प्रति लोगों की मानसिकता को बदलने और घटते लिंगानुपात को संतुलित करने के उद्देश्य से जनवरी, 2015 में  शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के फलस्वरूप अक्तूबर, 2019 तक लिंगानुपात 830 से बढकऱ 919 हो गया है। राज्य सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किए गए प्रयासों के कारण ही ऐसे उत्साहवर्धक परिणाम सामने आए हैं और हरियाणा अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन गया है।
बैठक में बताया गया कि किशोरियों, गर्भवती एवं स्तनपान करवाने वाली माताओं और शून्य से छ: वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए राज्य के सभी जिलों में पोषण अभियान चलाया जा रहा है। सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में हर महीने समुदाय आधारित कार्यक्रमों के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत के सहयोग से हर महीने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष अब तक 15,19,305 ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, केन्द्र व राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग से क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को 5,000 रुपये तीन किश्तों में दिए जाते हैं। इस योजना के तहत अक्तूबर, 2019 तक 3,15,609 लाभानुभोगियों को 135.44 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा हाल ही में आंगनवाड़ी दत्तक कार्यक्रम के तहत शुरू की गई ‘हमारी फुलवारी’ योजना के तहत 882 आंगनवाड़ी केन्द्रों को अपनाया गया है और इन्हें अपनाने वाले लोगों द्वारा इन आंगनवाड़ी केन्द्रों की मरम्मत एवं शौचालयों का निर्माण करवाने के अलावा अन्य वस्तुएं दान में दी जा रही हैं।
बैठक में बताया गया कि घटते लिंगानुपात की समस्या को समाप्त करने और स्कूलों में लड़कियों के दाखिलों की संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘आपकी बेटी-हमारी बेटी’ योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों को 22 जनवरी 2015 के बाद जन्मी पहली बेटी के लिए, सभी परिवारों को दूसरी बेटी के जन्म पर और 24 अगस्त 2015 के बाद तीसरी बेटी के जन्म पर भी 21,000 रुपये की राशि एलआईसी के माध्यम से जमा करवाई जाती है। बेटी के 18 वर्ष के होने पर उसे लगभग एक लाख रुपये की राशि मिलती है। इस योजना के तहत चालू वर्ष के दौरान अक्तूबर 2019 तक 34,250 लाभानुभोगियों को कवर किया जा चुका है। वर्ष 2019-20 के लिए 17,000 लाख रुपये बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से अक्तूबर 2019 तक 9732.14 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, हिंसा पीडि़त महिलाओं के सहायता के लिए सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से ‘वन स्टॉप सैण्टर’ खोले गए हैं ताकि पीडि़त महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और परामर्श जैसी विभिन्न सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सके।
इसके अतिरिक्त, बैठक में बताया गया कि समेकित बाल विकास सेवाएं योजना के तहत शून्य से छ: वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों और गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के पूरक पोषाहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, प्री-स्कूल शिक्षा तथा पोषाहार एवं स्वास्थ्य शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। उनमें खून की कमी को दूर करने के लिए पोषक तत्वों से युक्त पोषाहार दिया जा रहा है। इसी प्रकार, देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों और कानून को अपने हाथों में लेने वाले बच्चों के लिए समेकित बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जा सके।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती दीप्ति उमाशंकर और निदेशक श्रीमती गीता भारती के अतिरिक्त अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने सभी आईटीआई में सोलर सिस्टम लगाने के  निर्देश दिए


चंडीगढ़, 20 नवंबर- हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री  मूलचंद शर्मा ने सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशकों की भर्ती प्राथमिकता आधार पर करने, भवन निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करवाने और सभी आईटीआई में सोलर सिस्टम लगाने के  निर्देश दिए हैं।
=मूलचंद शर्मा आज यहां कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा कौशल विकास मिशन और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, निदेशक श्री प्रभजोत सिंह तथा कौशल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री राज नेहरू भी उपस्थित थे।
= मूलचंद शर्मा ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अपने भवन और पर्याप्त संख्या में इंस्ट्रक्टर का होना बेहद जरूरी है क्योंकि जब हमारे पास बुनियादी ढांचा मजबूत होगा तभी हम अपने युवाओं को समुचित प्रशिक्षण दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग में इंस्ट्रक्टर समेत विभिन्न श्रेणियों के खाली पदों को प्राथमिकता आधार पर भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के साथ पैरवी की जाएगी। उन्होंने कौशल विश्वविद्यालय में दुधौला गांव के बच्चों के दाखिले की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश में समय-समय पर लगाए गए रोजगार मेलों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि उनकी तरफ से विभाग के अधिकारियों को हर तरह का सहयोग मिलेगा।

बैठक के दौरान मंत्री को बताया गया कि इस समय विभाग द्वारा 172 सरकारी आईटीआई तथा क्राफ्ट्समैन ट्रेंनिग स्कीम के तहत 246 निजी आईटीआई के एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि वे कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निजी क्षेत्र में भी आसानी से रोजगार हासिल करने के काबिल बन सकें। इन संस्थानों में एक और दो वर्ष की अवधि के इंजीनियरिंग व गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड कोर्स चलाए जा रहे हैं। चालू शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के दौरान सरकारी आईटीआई में दाखिले हेतु 2610 ट्रेड यूनिटस में 57328 स्वीकृत सीटें तथा निजी आईटीआई में 1593 ट्रेड यूनिटस में 34388 सीटें थी। सत्र 2019-20 के दौरान सरकारी तथा निजी आईटीआई में 65627 प्रशिक्षुओं को दाखिला दिया गया। इस दौरान जानकारी दी गई कि वर्ष 1966 में हरियाणा गठन के समय प्रदेश में 48 सरकारी आईटीआई थी जिनकी दाखिला क्षमता 7156 थी। अब प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट आईटीआई की संख्या 418 है जिनमें 80 विभिन्न ट्रेडों में 91716 स्वीकृत सीटें हंै।

 बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह ने विभाग के  विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं का संक्षिप्त विवरण देते हुए कहा कि विभाग का उददेश्य है कि ट्रेनिंग स्टेज पर ही युवा इंडस्ट्री से जुड़ें जिसके लिए विभाग में प्रशिक्षण स्तर पर आमूल-चूल परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए हरियाणा को देशभर में प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा युवाओं में कौशल विकास को प्रोत्साहित करने और उन्हें रोजगार के काबिल बनाने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं। इसी दिशा में प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए आईटीआई स्टार रेटिंग पोर्टल शुरू किया गया है। यह पूरे देश में अपनी तरह का अनूठा पोर्टल है जो आईटीआई का चयन करने के संबंध में छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस पोर्टल को ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल के साथ भी लिंक किया गया है।  
श्री देवेंद्र सिंह ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा सभी आईटीआई के विद्यार्थियों को दसवीं और 12वीं की समकक्षता देने का निर्णय लिया गया है। दसवीं की समकक्षता प्राप्त करने के लिए आईटीआई के विद्यार्थियों को दो वर्षीय कोर्स पूरा करने के बाद दसवीं स्तर की हिन्दी और अंग्रेजी विषय की परीक्षा पास करनी होगी। इसी तरह, 12वीं कक्षा की समकक्षता प्राप्त करने के लिए दो वर्षीय कोर्स पूरा करने के बाद आईटीआई के छात्रों को बोर्ड द्वारा संचालित 12वीं कक्षा की हिंदी और अंग्रेजी की परीक्षा उर्तीण करनी होगी।  
कौशल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री राज नेहरू ने बैठक के दौरान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा को विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में जर्मन भाषा में कोर्स शुरू किया गया है जिसका लाभ विशेष रूप से हरियाणा के युवाओं को हो रहा है। जर्मन भाषा में 6 मास का कोर्स करने के बाद कोई भी युवा 20-25 हजार रूपये आराम से कमा सकता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा इनोवेशन स्कूल के नाम से एक फीडर स्कूल खोला जा रहा है जिसमेें खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों को 9वीं कक्षा में दाखिला दिया जाएगा और संबंधित विधा से जुड़े लोग ही उनकी दाखिला परीक्षा लेंगे।

लाल डोरे से मुक्त होने वाला हरियाणा का पहला गांव होगा करनाल जिले का सिरसी गांव- खट्टर 


चंडीगढ़, 20 नवंबर- सुशासन दिवस के अवसर पर करनाल जिले का सिरसी गांव हरियाणा का पहला गांव होगा जो  लाल डोरे से मुक्त होगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने आज यहां हुई एक समीक्षा बैठक में लिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रकार की सम्पत्तियों की टेगिंग की जानी चाहिए चाहे वह कृषि भूमि है, निजी भूमि है, सरकारी विभागों की है, शामलात है, पंचायती है सभी प्रकार की श्रेणियों का अलग-अलग ढंग़ से चिन्हित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत  एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल को निर्देश दिए  कि लाल डोरे के अन्दर की ग्राम पंचायत की सम्पत्तियों का रिकॉर्ड का ब्यौरा सर्वेक्षण ऑफ इण्डिया को उपलब्ध करवाएं। बाद में ड्रोन द्वारा तैयार किए गए नक्शे के साथ मिलान करवाकर ग्राम सभा से इसे सत्यापित करवाएं की उक्त सम्पत्ति की मलकियत किस की है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा  के साथ लगते अन्य राज्यों की सीमाओं की निशानदेही भी सर्वेक्षण ऑफ इण्डिया  द्वारा तैयार किए गए नक्शों के अनुरूप सुलझाया जाएं। उल्लेखनीय है कि 1 नवम्बर, 2018 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा के  सभी गांवों को  लाल डोरे से मुक्त करने की घोषणा की थी  ताकि लाल डोरे के अन्दर के प्लाटों व मकानों की रजिस्ट्री करवाई जा सकें और लोग अपनी सम्पत्तियों का क्रय-विक्रय कर सकें और इससे गांव में झगड़े व विवाद भी कम होंगे।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, भारतीय सर्वेक्षण के महानिदेशक लेफ्टि. जनरल गिरीश कुमार विशिष्टï सेवा मैडल, मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, मुुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, उप अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती नवराज सन्धू, करनाल के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह के अलावा सर्वेक्षण ऑफ इण्डिया, विकास एवं पंचायत, राजस्व विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केबिनेट की पहली बैठक में अपने मंत्रियों को मलाई- हरियाणा के गरीबों को भूल गए खट्टर चाचा और साबू 


चंडीगढ़: हरियाणा मंत्रिमंडल की पहली बैठक पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि खट्टर चाचा और साबू से जो उम्मीदें हैं पहली बैठक में दोनों नेता जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। 
कैबिनेट गठन के बाद आज उनके मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक थी जिसमे अपने मंत्रियों के HRA में सीधे 30 हज़ार रुपए की वृद्धि करके मंत्रियों का मकान किराया भत्ता 50 हज़ार से सीधा 80 हज़ार रुपये कर दिया गया। इसके अलावा 20 हज़ार रुपये तक का बिजली का बिल सरकार द्वारा अलग से देने का प्रस्ताव पास किया गया।

खट्टर चाचा और उनकी टीम  नाम के आगे चौकीदार लिखकर खुद को चौकीदार बताने का प्रयास किया लेकिन  पहली कलम से ही टीम मलाई चाटने में जुट गई। अपने मंत्रियों के भत्ते तो चाचा चौधरी और साबू ने पहली कलम से बढ़ा दिये लेकिन बुढापा पैंशन में बढ़ोतरी, सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, किसान कर्ज माफी, बेरोजगारी भत्ता बढ़ाने और किसान का एक -एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के नाम पर इस कलम की स्याही पता नही क्यों सूख गई। 

चाचा और साबू की टीम का कोई मंत्री करोड़पति से कम नहीं है फिर न जानें उनके भत्ते बढ़ाने की क्या जल्दी थी। पहले किसानों, गरीबों के लिए अपनी कलम चलाते तो बात की कुछ और होती। शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में कोई बड़ा एलान करते तो लगता कि चाचा और साबू मिलकर कुछ ख़ास करने वाले हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रदेश के ढाई करोड़ लोग पहली केबिनेट की बैठक के बड़े फैसले का इंतजार करते रहे लेकिन फैसला सिर्फ 
मंत्रियों के फायदे के लिए लिया गया। जिनकी संख्या कुल 10 है और चाचा सीएम हैं जबकि साबू डिप्टी सीएम हैं। लोगों का कहना है कि चाचा और साबू दस करोड़पति मंत्रियों के ही नेता नहीं हैं पूरे हरियाणा के हैं। 
हरियाणा के मंत्रियों की बात करें तो कोई मंत्री करोड़पति से कम नहीं है। यही नहीं भाजपा के 40 में से 37 विधायक करोड़पति हैं। जननायक जनता पार्टी के सभी 10 विधायक करोड़पति हैं।  देखें मंत्रियों की संपत्ति कितनी है। जेपी दलाल के पास 76 करोड़ तो दुष्यंत चौटाला के पास 74 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। 
नाम-             संपत्ति ( करोड़ में )
मनोहर लाल 1.27
दुष्यंत चौटाला 74.77
अनिल विज 1.17
कंवर पाल       4.31
मूल चंद्र शर्मा 12.44
रंजीत सिंह 27.08
जेपी दलाल 76.75
डॉ. बनवारी लाल 2.76
ओमप्रकाश यादव 1.55
कमलेश ढांडा 2.62
अनूप धानक 1.38

संदीप सिंह 2.88

हरियाणा के खेल मंत्री की बैटिंग शुरू, कहा गलत काम करने वाले अधिकारी बर्दाश्त नहीं 


कुरुक्षेत्र 20 नवम्बर राकेश शर्मा: हरियाणा के खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि आम नागरिकों के कार्यो को लम्बित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, यहां तक की सस्पैंड करने में भी देरी नहीं लगाई जाएगी। इस प्रदेश में ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करके राज्य सरकार के सपनों को साकार करना है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी ईमानदारी और निष्ठïा के साथ काम करके लोगों के छोटे से छोटे कार्य को तीव्रता के साथ करे और अपने पास कोई भी काम पैंडिंग ना छोड़े।
खेल मंत्री संदीप सिंह बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों के साथ पहली बैठक में बोल रहे थे। इससे पहले खेल मंत्री संदीप सिंह ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वे भारतीय हाकी टीम के कप्तान रह चुके है और 13 बार राष्टï्रीय टीम का नेतृत्व करके 2 वल्र्ड रिकार्ड और एक राष्टï्रीय रिकार्ड अपने नाम करवा चुके है। इसके अलावा 10 पुलिस में डीएसपी पद के अलावा भारतीय रेलवे सहित कई अन्य विभागों में भी कार्य कर चुके है। अब पिहोवा की जनता ने प्रदेश की सेवा करने के लिए विधायक बनाया और सरकार ने खेल मंत्री बनाकर एक नई जिम्मेवारी सौंपने का काम किया है। इसके साथ ही उपायुक्त डा. एसएस फुलिया, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, एडीसी पार्थ गुप्ता सहित सभी अधिकारियों ने अपना परिचय देकर विभागीय योजना और जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद अपने नए जीवन की शुरुआत करने जा रहे है, इस नई पारी में सिर्फ एक लक्ष्य विकास को लेकर आगे बढ़ेंगे और जिले का विकास सही तरीके व ईमानदारी के साथ हो, यह जिला ओर अधिक चमके तथा पर्यटन के क्षेत्र में पूरे विश्व में एक मुकाम हासिल हो, को लेकर चलेंगे। इससे पहले जो कुछ भी चलता रहा और जो हुआ उसके लिए अधिकारी स्वयं जिम्मेवारी होंगे और आज के बाद कोई भी गैर कानूनी कार्य कतई सहन नहीं किया जाएगा। सही और ईमानदारी के साथ काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहेंगे और उनके साथ संघर्ष भी करेंगे, लेकिन गलत काम करने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में जरा सा भी गुरेज नहीं करेंगे।
खेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ईमानदारी और पारदर्शीता के साथ काम करके प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो सपना संजोया है, उस सपने को साकार करने के लिए 24 घंटे कार्य करेंगे। इतना ही नहीं इससे पहले अधिकारियों को लोगों की छोटी से छोटी बात को सुनना होगा और समय रहते उसका समाधान भी करना होगा। कोई भी अधिकारी और कर्मचारी पब्लिक के कार्य को कल-परसों पर न छोड़े और लोगों के कार्यो को वरियता देकर तुरंत करना सुनिश्चित करेंगे। इतना ही नहीं सभी अधिकारी और कर्मचारी जनता की सेवा के लिए काम कर रहे है और इसी सेवाभाव से आगे काम करते रहे। इस जिले के अधिकारी पहले भी अच्छा काम कर रहे है और भविष्य में भी अच्छा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वो केवल हाकी खेल को ही नहीं बल्कि हर गेम को उपर उठाने का काम करेंगे और ग्रास रुट लेवल से लेकर राष्टï्रीय स्तर के खिलाड़ी के लिए काम करेंगे ताकि खेलों में हरियाणा का दबदबा पूरे विश्व में बना रहे।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि आनलाईन सेवाओं की सुविधा देने में कुरुक्षेत्र जिला पूरे हरियाणा में अव्वल स्थान पर रहा है और हर पैरामीटर पर कुरुक्षेत्र प्रदेश में पहले स्थान पर है, इस जिले के अधिकारियों ने हर कार्य यहां तक की प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में भी उम्दा कार्य किया है। इस जिले में हर सोमवार को सरकार की योजनाओं और विकास कार्यो पर चर्चा की जाती है तथा खामियों को दूर किया जाता है। इस जिले के अधिकारी खेल मंत्री के मार्गदर्शन में भविष्य में भी सराहनीय कार्य करने का प्रयास करेंगे। पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने कहा कि जिले में सभी अधिकारी आपसी तालमेल के साथ अच्छा कार्य कर रहे है, इस जिले में रोजाना हजारों पर्यटक पहुंचते है और वीवीआईपी लोगों का भी आना-जाना लबा रहता है, इन तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद अधिकारी अच्छा काम कर रहे है। एडीसी पार्थ गुप्ता ने विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभी हाल में सरकार की तरफ से विकास कार्यो के लिए 9 करोड़ रुपए की राशि पहुंची है जिससे विकास कार्य किए जा रहे है। इस मौके पर एसडीएम अनिल यादव, एसडीएम संजय कुमार, एसडीएम राजीव प्रसाद, सीटीएम सतबीर कुंडू सहित जिले के सभी अधिकारी उपस्थित थे।