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आतंकी के धमकी के बाद बढ़ाई गई CM खट्टर की सुरक्षा

चंडीगढ़- आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा धमकी देने के बाद हरियाणा के मुख्य्मंत्री मनोहर लाल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सोनीपत और पानीपत के पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट माँगी गई है। सीएम मनोहर लाल अब चंडीगढ़ जाए या पंचकूला हर जगह डबल सुरक्षा कवर रहेगा। चंडीगढ़ पुलिस उन्हें अलग से सुरक्षा प्रदान करेगी। सीएम जब भी चंडीगढ़ जाएंगे रास्ते में चंडीगढ़ पुलिस रास्ते में तैनात रहेगी। 

आपको बता दें कि किसान आंदोलन के दौरान आतंकी पन्नू ने सीएम को धमकी दी थी कि वह आंदोलनकारी किसानों को तंग न करें और उन्हें दिल्ली जाने दें अन्यथा अपना अंजाम भुगत लें। 

किसानों से मिलने बार्डर पहुंचे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय कृषि मंत्री को घेरा 

नई दिल्ली- केंद्र सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी है। तमाम किसान दिल्ली में प्रवेश कर चुके हैं तो हजारों किसान अभी भी बार्डर पर डटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश से आये किसान राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बार्डर पर डेरा जमाये हैं तो सिंधु और बहादुरगढ़ हरियाणा बार्डर पर भी हजारों किसान मौजूद हैं। तमाम पार्टियों के नेता चाहते हैं कि केंद्रीय कृषि मंत्री तुरन्त किसानों से बात करें। तीन दिसंबर का इंतजार न करवाएं। किसान आंदोलन की बात करें तो शाहीन बाग़ वाले किसानों के खलनायक बन रहे हैं। कुछ ऐसे लोग किसान आंदोलन में पहुंचे हैं जो शाहीन बाग़ में भी  पहुंचे थे और इन लोगों की बयानबाजी किसान आंदोलन पर पानी फेरती दिख रही है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर सभी किसानों को खालिस्तानी आतंकी और न जाने क्या-क्या कह रहे हैं। किसान समर्थकों का कहना है किया किसान नेताओं को अपने बीच से ऐसे लोगों को भगाना चाहिए। ये खेल खराब करने के लिए किसी से फंड लेकर आये हैं और बिन बुलाये मेहमान हैं और बिन बुलाया मेहमान अच्छा कम गलत ज्यादा साबित होता है। 

किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों में अब बहस भी छिड़ गई है। खट्टर-कैप्टन एक दुसरे पर बड़े आरोप लगा रहे हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्य्मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कल अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि पंजाब या हरियाणा से आंदोलन में पहुंचे किसानों का ख़याल रखें और उनकी जरूरत पूरी करें। पूर्व सीएम के पुत्र और राज्य सभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा आज शाम दिल्ली-हरियाणा बार्डर, बहादुरगढ़ पहुंचे और उन्होंने कहा कि किसानो को भारत के कृषि मंत्री ने 3 दिसंबर को बातचीत का का समय दिया है। जब सैकड़ों किसान दिल्ली बॉर्डर पर आ चुके है - तो ये बातचीत अभी तुरंत क्यू नही हो सकती? क्या व्यस्तता है आपकी? दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बहादुरगढ़ बार्डर पर रोके गए किसानों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना और समर्थन दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सर्दी के इस मौसम में किसानों का ख़याल रखें। वैसे कल पूर्व सीएम हुड्डा की अपील के बाद ही कांग्रेसी कार्यकर्ता कई हजार कम्बल किसानों को बाँट चुके हैं। उनके लिए  भोजन की भी व्यवस्था कर रहे हैं। 


मेरे किसानों ने साथ निर्दयता हुई, मांगी मांगे खट्टर वरना कभी उनसे बात नहीं करूंगा- कैप्टन अमरिंदर सिंह

नई दिल्ली-चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य्मंत्री मनोहर लाल ने आज कहा कि  किसान के नाम पर जो राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंदोलन मुख्य रूप से पंजाब के राजनीतिक दल तथा वहां के कुछ संगठनों द्वारा प्रायोजित है। उन्होंने कहा कि मैंने आंदोलन को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह से तीन दिन के दौरान कई बार बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बात नहीं की। हमने 6-7 बार फोन मिलाया और उसके बाद भी हमारी एक्सचेंज से उन्हें फोन लगाते रहे लेकिन हर बार उनके स्टाफ की ओर से यही कहा जाता रहा कि अब कराते हैं, थोड़ी देर में कराते हैं। 

अब पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पलटवार किया है।  मीडिया से बात करते हुए कैप्टन ने कहा कि अमरिंदर सिंह ने कहा कि मेरे किसानों पर जो निर्दयता दिखाई गई, उस पर मनोहर लाल खट्टर माफी मांगें।  जब तक वो माफी नहीं मांगते हैं, तब तक मैं उनसे बात नहीं करूंगा।   कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर ने झूठ बोला कि उन्होंने पहले मुझे फोन करने की कोशिश की और मैंने जवाब नहीं दिया। लेकिन अब, जो भी उन्होंने मेरे किसानों के साथ किया है, उसके बाद 10 बार भी वो मुझे फोन करेंगे तब भी मैं नहीं बात करूंगा। 

सीएम खट्टर से बेहद नाराज दिख रहे कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि उन्होंने (मनोहर लाल खट्टर) पंजाब के किसानों के साथ गलत किया है।  वो इस चीज को स्वीकार करें।  मैं उन्हें माफ नहीं करूंगा।  सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिस तरह से मेरे किसानों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई किसान घायल हुए, ऐसे हालात में मनोहर लाल खट्टर से बात करने को कोई मतलब नहीं। वो माफी नहीं मांगेंगे तो उनसे कभी बात नहीं करूंगा। कैप्टन ने खट्टर पर झूंठ बोलने का आरोप भी लगाया। 

पहले मुझसे आधे-आधे घंटे बात करते थे कैप्टन, 6-7 बार फोन मिलाया लेकिन नहीं की बात- खट्टर

 

चण्डीगढ़, 28 नवम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि किसान के नाम पर जो राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। साथ ही, उन्होंने पंजाब के किसानों से भी अपील की है कि उनके प्रतिनिधि इस मामले में केन्द्र सरकार से बात करें क्योंकि बातचीत ही इसका समाधान है।  मनोहर लाल ने यह बात आज गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं लोक निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान कही। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंदोलन मुख्य रूप से पंजाब के राजनीतिक दल तथा वहां के कुछ संगठनों द्वारा प्रायोजित है। उन्होंने कहा कि मैंने आंदोलन को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह से तीन दिन के दौरान कई बार बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बात नहीं की। हमने 6-7 बार फोन मिलाया और उसके बाद भी हमारी एक्सचेंज से उन्हें फोन लगाते रहे लेकिन हर बार उनके स्टाफ की ओर से यही कहा जाता रहा कि अब कराते हैं, थोड़ी देर में कराते हैं। 

 मनोहर लाल ने कहा कि ऐसी अजीबो-गरीब स्थिति पहली बार हुई है जब एक मुख्यमंत्री दूसरे मुख्यमंत्री से बात करने की कोशिश कर रहा है लेकिन बात नहीं करवाई जा रही। पिछले 6 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, अन्यथा पहले जब भी हम फोन करते तो व्यस्तता होने पर घंटे-आध घंटे में बातचीत हो जाती थी। इसका कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह तो पंजाब के मुख्यमंत्री ही बता सकते हैं कि उन्होंने बात क्यों नहीं की। किसान आंदोलन के पीछे पंजाब सरकार की साजिश सम्बन्धी एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि बिल्कुल ऐसा लगता है क्योंकि उनके ऑफिस के कार्डहोल्डर आंदोलन में आगे-आगे चल रहे थे और किसानों का नेतृत्व कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस किसान आंदोलन में हरियाणा के किसानों ने हिस्सा नहीं लिया जिसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूँ। इसके साथ, उन्होंने हरियाणा पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने इस दौरान पूरे संयम से काम लिया और कहीं भी बल प्रयोग नहीं किया। पुलिस ने केवल उन्हें रोकने का काम किया क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में दिल्ली में जाने का कोई औचित्य नहीं है। 

कोरोना योद्धाओं को सबसे पहले लगेगा कोरोना का टीका- खट्टर 

चण्डीगढ़, 28 नवम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी इलाज के लिए इंजेक्शन के ट्रायल का तीसरा स्टेज चल रहा है और इंजेक्शन आते ही सबसे पहले अग्रिम पंक्ति में रहने वाले कोरोना योद्धाओं को लगाया जाएगा। आज गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं।

 मनोहर लाल ने कहा कि इस महामारी से बचाव के लिए हर व्यक्ति को सावधानी बरतनी जरूरी है क्योंकि सावधानी बरतकर ही अपने आप को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। संक्रमण होने के बाद तो इलाज करवाना पड़ता है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कोरोना महामारी के इलाज के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। 

उन्होंने आज फिर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि लोग सही ढंग से मास्क पहनें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें और एक-दूसरे के बीच कम से कम दो गज की दूरी बनाकर रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबका दायित्व है कि इस बीमारी से बचाव के लिए हम स्वयं सावधानी बरतें और अपने परिवार के लोगों तथा परिचितों को भी इस बारे में जागरूक करें।

सरकारी स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क टेबलेट देगी हरियाणा सरकार 

चंडीगढ़, 28 नवंबर- हरियाणा सरकार ने कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क टेबलेट देने की योजना बनाई है।  एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा आठवीं से बाहरवीं के सभी वर्गों जैसे सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के साथ-साथ अल्पसंख्यक वर्गों के लडक़े एवं लड़कियों को डिजिटल एजुकेशन की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए टेबलेट देने का मामला हरियाणा सरकार के विचाराधीन है, इस सुविधा से अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी डिजिटल शिक्षा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

  प्रवक्ता ने बताया कि लाइब्रेरी की तर्ज पर इस योजना में यह टेबलेट विभाग की सम्पत्ति होगी, जिसे विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाया जाएगा तथा बाहरवीं पास करने पर विद्यार्थियों को यह टेबलेट स्कूल को वापिस लौटाना होगा।

 इसमें प्री-लोडेड कंटेंट के तौर पर डिजिटल पुस्तकों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के टेस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री भी रहेगी जो सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों के अनुसार होगी तथा कक्षावार होगी। इससे न केवल विद्यार्थियों को घर बैठे ही विभिन्न  विषयों की पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी बल्कि अब वे ऑनलाइन शिक्षा तथा ऑनलाइन परीक्षा भी दे सकेंगे।

Happy Birthday : आज भी DSP राजेश चेची को उतना ही चाहते हैं फरीदाबाद के लोग

चंडीगढ़- मार्च 2018 के पहले हफ्ते में फरीदाबाद से एसीपी क्राइम राजेश चेची तबादला हुआ था। शहर के तमाम लोग उस समय उनके तबादले के विरोध में सड़क पर उतरे थे। वर्तमान में राजेश चेची रेवाड़ी के डीएसपी है लेकिन फरीदाबाद अच्छे अधिकारियों को कभी नहीं भूलता और यही वजह है कि आज उनके जन्मदिन पर सोशल मीडिया  फरीदाबाद के हजारों लोग उन्हें बधाई दे चुके हैं। 

 राजेश चेची जितने अच्छे पुलिस अधिकारी माने जाते हैं उनने अच्छे समाजसेवी भी हैं । वो जिस जिले में जाते हैं वहां के लोगों से जुड़ जाते है और समाजसेवी संस्थाओं से मिलकर समाज के लिए भी काम करते हैं। वो समाजसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर एक टीम बना लेते हैं और ये टीम पूरे शहर पर बारीकी से निगाह रखती है और जहाँ गलत काम होते हैं टीम उन्हें सूचना भी देती है। फरीदाबाद में उन्होंने एक बड़ी टीम बना रखी थी जिसमे हजारो लोग जुड़े थे। 

पुलिस अधिकारी होने के नाते वो अपराधियों पर कड़ी नजर रखते हैं। उनके साथ काम कर चुके प्रदेश के तमाम पुलिस इंस्पेक्टरों की मानें तो अपराधियों को पकड़ने के लिए वो आधी रात्रि में भी कहीं भी निकल लेते है और किसी भी समय उन्हें अपराधियों के बारे में सूचना मिलती है तो उठ कर चल देते हैं। चौबीसों घंटे अलर्ट रहते हैं। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर किसी भी समय उन्हें फोन करने में हिचकिचाते नहीं हैं। उनमे तमाम ऐसी खूबियां हैं जिस वजह से वो जिससे भी मिलते है वो उन्हें भूल नहीं पाता है। आज उनके जन्मदिन पर उनके दीर्घायु होने की कामना फरीदाबाद के हजारों लोग कर रहे हैं।


सेन्ट्रल जोन में पुलिस की सख्ती को गंभीरता से ले रहे लोग, 97% लोग लगा रहे हैं मास्क- DCP मुकेश मल्होत्रा

फरीदाबाद: सेंट्रल जोन में जागरूकता अभियान चला कर बीट पुलिसकर्मियों के द्वारा अब तक 58149 लोगों से मिलकर कोरोना से बचने के लिये जागरूक किया गया है और लोगों को मास्क पहनने के लिये लगातार प्रेरित किया जा रहा है।  सभी लोग मास्क पहने इसके लिये अभी तक 32580 लोगों को निशुल्क मास्क वितरित किये गये है। जो लोग नियमों की उल्लघंना करके मास्क नही पहनते उनके अभी तक 13958 चालान करके 6,97,9000/- रूपये का जुर्माना वसूला गया है।

सेन्ट्रल जोन के पुलिस उपायुक्त  मुकेश मल्होत्रा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये जारी की गई गाईड लाईन के अनुसार सभी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य है। मास्क पहनकर ही इस बीमारी से बचा जा सकता है। 

पुलिस टीम द्वारा लोगों को कोविड के समय में सावधानी बरतने के बारे में समय-समय पर जागरूक किया जाता है| इसके साथ ही लोगों को मास्क निशुल्क भी वितरित किए गए हैं ताकि जितना हो सके लोगों को इस महामारी से बचाया जा सके|

उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा चलाये गये जागरूकता अभियान और मास्क ना पहनने वालों के खिलाफ की गई सख्ती के नतीजे अब सामने आने लगे है। पुलिस द्वारा अपना सर्वे करवाया गया है जिसमें पाया गया है कि अब लगभग 97 प्रतिशत लोग मास्क पहनकर घर से निकलते है। 

उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों से अनुरोध है कि कोविड-19 से बचने के लिए उचित दूरी बनाए रखें, सेनिटाईजर का प्रयोग अवश्य करें व बिना मास्क घर से बाहर न निकलें|

केन्द्रीय कृषि मंत्री शीघ्र किसानों से सीधा संवाद करें- सुशील गुप्ता

 नई दिल्ली, 28 नवंबर। आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील गुप्ता ने कृषि विधेयक के विरोध में हरियाणा और पंजाब के किसानों के दिल्ली पहुंचने के बावजूद,केन्द्र सरकार द्वारा बातचीत के लिए देरी किए जाने पर तीखीं प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटृर बिना देरी किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को शीघ्र हल करना चाहिए।

पार्टी के हरियाणा के सहप्रभारी सुशील गुप्ता ने कहा कि बेहतर तो यह होता कि किसानों के दिल्ली पहुंचने से पूर्व ही केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटृर को कृषि के तीनों काले कानून का हल निकालने के लिए किसानों से बात करनी चाहिए थी। अगर वह किसानों से दिल्ली कूच करने से पूर्व बातचीत करते तो शायद यह माहौल दयनीय नहीं होता। किसान शांति के साथ अपनी बात रखना चाहते थे। मगर उनके रास्ते में डाली गई रूकावटों के कारण यह माहौल खराब हुआ। आज भी केन्द्र और हरियाणा की भाजपा सरकार की हठ के कारण किसान दिल्ली व उसकी सीमाओं पर डटे हुए है। यहीं नहीं किसान कई कई घंटो तक चलकर तथा अपना घर द्वार छोडकर सडकों पर उतरने के लिए मजबूर है।

उन्होंने कहा कि इस शीतलहर के बावजूद देश का अन्नदाता दिल्ली के संत निरंकारी मैदान बुराडी में डटा हुआ है।इस समस्या का हल तभी हो सकता है कि जब केन्द्र की भाजपा सरकार किसानों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का हल कर उनको विश्वास दिलाए।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी 2 चरणों में अपने स्तर पर, सचिव स्तर पर किसानों से वार्ता हो चुकी है। मगर कोई हल नहीं निकला। जिसके कारण किसान एक बार फिर से आंदोलन पर निकल पडे। ऐसे में केन्द्र सरकार ने बातचीत के लिए एक सप्ताह बाद का समय रखा  है, जोकि गलत है। केन्द्र सरकार को तुरंत किसानों को बुलाकर बातचीत करनी चाहिए।

सुशील गुप्ता ने कहा कि देश का किसान मोदी सरकार द्वारा तीन काले कानून बनाए जाने के विरोध में है। आम आदमी पार्टी पहले ही दिन से इसका विरोध करती आई है। उन्होंने इन तीनों काले कानूनों को खेती-किसानी की कब्र खोदने वाला बताया।  उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि तुरंत एमएसपी पर अध्यादेश लाए और समस्या का हल करें।

आतंकी संगठन के निशाने पर खट्टर, सुरक्षा एजेंसियां चौकस

 

चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्य्मंत्री मनोहर लाल खट्टर आतंकियों के निशाने पर हैं जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद एजेंसियां चौकसी बरत रहीं हैं। किसान आंदोलन के दौरान कुछ शरारती तत्वों द्वारा खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने की बात कही जा रही है और मुख्य्मंत्री को धमकी देने वाले पोस्टर जारी  होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुई हैं। इस पोस्टर में  लिखा गया है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ क्या जारी किया जाए मौत का वारंट? आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ये गीदड़ भभकी दी है।  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इसे शरारती तत्वों की कारस्तानी करार दिया।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम एक्ट (UAPA) के तहत सिख फॉर जस्टिस के संचालक गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी  इस केस की जांच कर रही है।  जांच एजेंसी ने गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम एक्ट के अंतर्गत गुरपतवंत सिंह की संपत्ति भी जब्त की थी।