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इस कलयुगी ने ढूंढ लिया आपदा में अवसर, नकली  रेमडेसिविर इंजेक्शन बना बेंचते पकड़ा गया 

 

नई दिल्ली - देश के चोरों, लुटेरों, ठगों ने आपदा में अवसर ढूंढ लिया है और वो अपनी तिजोरी भरने के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। मेडिकल क्षेत्र में काफी लुटेरे सक्रिय हैं। आपदा में काम आने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन को कहीं 16 से 20 हजार रूपये में बेंचा जा रहा है तो कहीं अब नकली इंजेक्शन बनाया जाने लगा है।  

 इंदौर पुलिस ने 400 नकली  रेमडेसिविर इंजेक्शनके साथ इपोक फार्मा कंपनी के मालिक विनय शंकर त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उधर यूपी पुलिस ने भी तीन लोगों को Remdesiver इंजेक्शन की कालाबाज़ारी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।

चुनावी रैलियां, कुम्भ जैसे अन्य बड़े आयोजन के कारण देश में बेकाबू हुआ कोरोना?

 

नई दिल्ली - देश में जब मात्र 1000 नए मामले कोरोना के थे तब पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। अब रोजाना दो लाख के ऊपर केस आ रहे है तो कई राज्यों में रैलियां जारी हैं। महाकुम्भ जारी है जबकि इन चुनावी राज्यों में भी हजारों की संख्या में रोज नए मामले आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल जहाँ बड़ी बड़ी रैलियां और रोड शो हो रहे हैं वहाँ  पिछले 24 घंटों में 6,769 COVID19 मामले आये  और 22 मौतें दर्ज़ की गई हैं। यहाँ कुल मामले: 6,36,885 जबकि सक्रिय मामले: 36,981 हैं ऐसे में लाखों की भीड़ इकठ्ठा की जा रही है। 

हरिद्वार में भी एक हजार से ज्यादा नए मामले और यहाँ कुम्भ में हजारों लोग पहुँच रहे हैं जबकि कर्नाटक उपचुनाव की रैली में हजारों की भीड़ देखी जा रही है। अन्य चुनावी राज्यों में भी कुछ ऐसा ही है। शायद चुनावों के कारण बड़ी लापरवाही हुई है तभी रोजाना नए मामले रिकार्ड बना रहे हैं। विपक्ष के नेता भी कुछ खास नहीं बोल रहे हैं क्यू कि उनकी पार्टी भी चुनाव लड़ रही है और उनकी भी रैलियां हो रहीं हैं। बड़े नेताओं को ही देख आम जनता अति लापरवाह हो गई है और अब लोग बेमौत मरने लगे हैं। जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं का नारा देने वाले खुद बड़ी रैली को सम्बोधित कर रहे हैं जहां हजारों लोग बिना मास्क के दिख रहे हैं। जब घर का मालिक ही लापरवाही करेगा तो अन्य लोग तो करेंगे ही। 


बल्लबगढ़- सोहना रोड, टोल टैक्स देते रहें, सड़क के गड्ढों में गिरकर मरते रहें, मास्क लगा लें, कुछ न बोलें 

 

फरीदाबाद - कई महीने से बल्लबगढ़ से सोहना जाने वाली सड़क एनआईटी फरीदाबाद के क्षेत्र में काफी जर्जर है और लोग आवाज भी उठा चुके हैं लेकिन अब तक सड़क की वही हालत है। इस सड़क पर आने-जाने वालों से टोल टैक्स वसूला जाता है। कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं और लोग घायल हो चुके हैं। शहर का हाल इतना बेहाल कभी नहीं हुआ। लोग बिजली, पानी सड़क के लिए चिल्ला रहे हैं और कोई सुनने वाला नहीं है। 

अब एनआईटी के विधायक नीरज शर्मा ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं और उन्होंने लिखा है कि

मदद मांगते-मांगते चली गई पत्नी की जान, अब डेड बॉडी उठाने वाला कोई नहीं, पूर्व जज का छलका दर्द 

नई  दिल्ली - कोरोना ने कई  बड़े शहरों में रहने वाले खास लोगो को हिलाकर रख दिया है। अब सोशल मीडिया पर लखनऊ में एक रिटायर्ड ज़िला जज की लिखी चिट्ठी  वायरल हो रही है। उन्होंने लिखा है कि  कोरोना संक्रमण के बाद वो  और उनकी पत्नी 3 दिन तक अस्पताल और सरकार से मदद की अपील करते रहे लेकिन  ना तो एम्बुलेंस आई और ना अस्पताल में बेड मिला।  तीसरे दिन पत्नी की कोरोना से मौत हो गई. घर में डेड बॉडी उठाने वाला भी कोई नहीं। पढ़ें चिट्ठी 



कोरोना से फरीदाबाद की जनता को बचाने के लिए सख्त कदम उठाएगी फरीदाबाद पुलिस 

 

फरीदाबाद- पुलिस आयुक्त  ओपी सिंह ने कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोगों को जागरूक करने और कोविड नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए पुलिस अधिकारियों को उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

माननीय मुख्यमंत्री  मनोहर लाल खट्टर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाने का फैसला लिया गया। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार नाइट कर्फ्यू के दौरान मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने वाले लोगों को ही आवागमन की अनुमति रहेगी और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति स्वास्थ विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें, आइसोलेशन में रहे, अपने घर से बाहर ना निकले, परिवार के लोगों से भी उचित दूरी बनाकर रखें वरना दूसरे व्यक्ति भी इसके संक्रमण का शिकार हो सकते हैं।  फरीदाबाद पुलिस द्वारा कोविड से ग्रसित मरीजों को ट्रेस करने के लिए टीम लगाई गई है, जो इस महामारी से संक्रमित व्यक्तियों और उसके संपर्क में आने वाले लोगों पर निगरानी रखेगी। यदि कोई व्यक्ति उक्त नियमों का उल्लंघन करता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आईपीसी की धारा 188 एवं डिजास्टर  मैनेजमेंट के तहत  मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

पुलिस आयुक्त  ने निर्देश देते हुए कहा कि शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य स्थानों पर ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी और उनके द्वारा लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा और पुलिस के नाको पर स्वास्थ विभाग की टीम ( सैंपलिंग) कोविड जांच भी करेगी।

शहर में भीड़भाड़ वाले मुख्य स्थानों जैसे सब्जी मंडी, अनाज मंडी, बस स्टैंड, बाजार इत्यादि स्थानों पर पुलिस नाके लगाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करके इस महामारी से सुरक्षित रखा जा सके।

पलिस द्वारा चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान में लोगों को मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, सैनिटाइजेशन और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत सभी शादी  समारोह के अंदर इंडोर में 50 और आउटडोर में 200 लोगों को कोविड-19 की पालना के साथ अनुमति प्रदान की गई है वहीं अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन द्वारा घोषित कंटेनमेंट जोन में पुलिसकर्मियों द्वारा विशेष तौर पर निगरानी रखी जाएगी। केवल आवश्यक सामान की आपूर्ति करने वाले लोगों को ही कंटेनमेंट जोन में जाने दिया जाएगा।

पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से कोविड-19 का पालन करके पुलिस प्रशासन द्वारा इस महामारी के नियंत्रण में सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि इस महामारी को फैलने से रोकने में आमजन पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

सीएम के आदेश, रात्रि के बजाय दिन में करें शादियां, अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग नहीं 

 

चंडीगढ़, 15 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश और प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ते कोरोना मामलों के चलते हमें कड़ी सावधानी बरतनी होगी। गत वर्ष लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियां रूक गई थीं जिन्हें पटरी पर आने में लगभग 6 महीने लग गए। इसलिए हमें इस बात का ध्यान रखना है कि प्रदेश में आर्थिक चक्र भी चलता रहे और किसी की जान भी न जाए।

  मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा में कोविड- 19 मामलों और टीकाकरण की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उप-मुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे जबकि स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री  अनिल विज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि कौन सी चीज अपरिहार्य है और किस चीज को टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस बार कोरोना का विस्तार शिक्षण संस्थानों से शुरू हुआ है, इसलिए वहां अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। हमें सार्वजनिक समारोहों आदि में भीड़ को भी कम करने की जरूरत है। इसलिए निर्णय लिया गया है कि अब से सार्वजनिक समारोह में खुले में 200 और इंडोर में 50 से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे। इसी तरह, अंतिम संस्कार में भी 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जिलों में एडवाइजरी जारी कर रात के समय होने वाले शादी समारोहों का समय बदलकर दिन में किया जाए। इसके अलावा, नवरात्रों के कार्यक्रम भी रात की बजाय दिन में आयोजित किए जाएं।

 मनोहर लाल ने कहा कि आंदोलन करना हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है और आंदोलन करने वालों से हमारा कोई विरोध नहीं है। लेकिन हर काम का अपना समय होता है। इस समय कोरोना के चलते जीवन का संकट हो सकता है, इसलिए आंदोलन करने के लिए यह समय सही नहीं है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि मानवीयता के नाते इस समय वे अपना आंदोलन वापस लें। अगर अपनी किसी मांग के लिए उन्हें धरने या प्रदर्शन करने हैं तो ये हालात ठीक होने पर भी किए जा सकते हैं। उन्होंने उपायुक्तों को भी निर्देश दिए कि वे आंदोलनरत किसानों से संपर्क करके उन्हें मनाने की कोशिश करें। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे जरूरत पडऩे पर ही अपने घरों से निकलें और जब भी घर से बाहर निकलें, मास्क, सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और बैड की समुचित व्यवस्था है। इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि कल विभिन्न राज्यों के राज्यपालों के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रेडक्रॉस को सक्रिय किए जाने की बात कही है। इसी तरह, हमें कोराना से निपटने के कार्य में वालंटियर, एक्स सर्विस मैन और सक्षम युवाओं को भी शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग को 30 तक ले जाने की बात कही है। हाल ही में जिस तरह से कोरोना की गति बढ़ी है उसे देखते हुए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करना बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन हालात से निपटने के लिए अपने स्तर पर योजना बनाए और सख्ती के साथ-साथ अपील भी करे क्योंकि अक्सर सख्ती की बजाय अपील का  असर ज्यादा होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे से सभी बैठकें ऑनलाइन या वैबिनार के जरिए की जाएं ताकि लोगों का आना-जाना कम हो सके।

 मनोहर लाल ने कहा कि अब खरीद का समय चल रहा है। ऐसे में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि जल्द से जल्द फसल की खरीद हो और भीड़ जमा न हो। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि आगामी 10-12 दिन के लिए राइस मिल, स्कूलों और शैड आदि में खरीद केंद्र बनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जिलों में उठान कम हो रहा है। उन्होंने सोनीपत, पानीपत, हिसार, जींद, सिरसा, दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम और पलवल जिलों के उपायुक्तों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आगामी शनिवार को बारिश के आसार बन रहे हैं, इसलिए उठान का कार्य जल्द से जल्द किया जाए। किसानों, आढ़तियों या सरकार को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए।

   गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री  अनिल विज ने कहा कि कोरोना को फैलने से रोकने के दो तरीके हैं। पहला तरीका लॉकडाउन और दूसरा- सख्ती है। हम चाहते हैं कि प्रदेश में लॉकडाउन की बजाय सख्ती बरतकर हालात से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि हम सख्ती बरतकर लोगों की नाराजगी झेल सकते हैं लेकिन लोगों को मरते हुए नहीं देख सकते। इस बार कोरोना अति सक्रिय है। पिछले साल यह धीरे-धीरे बढ़ा था लेकिन इस बार एक ही दिन में लगभग साढ़े पांच हजार मामले सामने आना गंभीर चिंता की बात है। इसलिए हमें कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने होंगे। अतिरिक्त बैड की व्यवस्था करें। जरूरत पडऩे पर स्कूलों, धर्मशालाओं में भी बैड लगाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि उपायुक्त मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर नियमित निगरानी करें। उन्होंने रेमेडिशिविर की कालाबाजारी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए ड्रग्स टीमें लगाकर चैकिंग की जाए। ऐसे समय में भी जो व्यक्ति पैसे कमाने की लालसा रखता है, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के घर जाकर कम से कम दो दिन में एक बार अवश्य उनकी जांच की जाए। इसके लिए बाकायदा एक ऐप बनाई गई है। श्री विज ने कहा कि उन्होंने पिछली बार हर जिले में लोगों से पूछा था और इस बार भी रियलिटी चैक जरूर किया जाएगा।

आल इंडिया रोटी बैंक के संस्थापक उर्फ़ रोटी वाले भैया किशोर कान्त का कोरोना से निधन 

 नई दिल्ली - कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक है और युवाओं को भी अपना निशाना बना रही है। सोशल मीडिया पर आज तमाम वो लोग दुखी हैं जो रोटी बैंक के संस्थापक किशोर कान्त तिवारी के बारे में जानते हैं। बताया जा रहा है कि गरीबों की सेवा करते हुए वह कोविड पॉजिटिव हो गए थे और उनका निधन हो गया। 

वाराणसी उत्तर प्रदेश में रह रहे किशोर कान्त तिवारी ने 2017 में आल इंडिया रोटी बैंक की स्थापना की थी और गरीब मज़दूरों में रोटी वाले भैया के नाम से मशहूर थे जिनका  गुरुवार को कोरोना से निधन हो गया। पिछले दिनों तेज़ बुखार की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया था। 5 दिन पहले उन्होंने अपने फेसबुक पर लाइव आकर शहरवासियों से सतर्कता बरतने को कहा था। 


वैक्सीन पर चोरो की नजर, राजस्थान में 320 वैक्सीन चोरी हुई 

 

नई दिल्ली - कोरोना महामारी के दौरान अब चोरों की नजर वैक्सीन पर है। राजस्थान में वैक्सीन चोरी का पहला मामला आया है। थाना इंचार्ज दिलीप सिंह, जयपुर, राजस्थान का कहना है कि एक अस्पताल की तरफ से चोरी की FIR दर्ज़ कराई गई है। अस्पताल के अधीक्षक ने कहा है कि उन्होंने जांच में पाया कि कोवैक्सीन के 320 डोज़ गायब है। हम अस्पताल के CCTV के द्वारा मामले की जांच करेंगे

कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में मृतकों के शव ले जाते देख लोग हैरान 

नई दिल्ली - पिछले कुछ दशकों से अब तक का अगर आंकड़ा देखा जाए तो पाएंगे कि देश के 95 फीसदी  नेताओं के ही अच्छे दिन आये हैं। किसी भी पार्टी के नेता हों। अगर देश के दिन अच्छे आये होते तो देश की सरकारी अस्पतालों और सरकारी स्कूलों का हाल इतना बेहाल न होता। वर्तमान में कोरोना हाहाकार मचा रहा है और ऐसी तस्वीरें देखने को मिल रहीं हैं जिन्हे देख लोग बोल रहे हैं कि ऐसी न्यू इंडिया नहीं चाहिए। कहीं दवा नहीं तो कहीं इंजेक्शन तो अस्पतालें भी कम पड़ रहीं हैं और यहाँ तक शमशान घाट में भी लाइन लग  रही है। 

अब छत्तीसगढ़ से कुछ तस्वीरें आई हैं जहां कोरोना से मरने वालों के शव कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में ले जाया जा रहा है देखें

थूक लगा रोटी बनाने वाले उस्मान, इब्राहिम भेजे गए जेल, इंस्पेक्टर रावल ने कहा ऐसों पर रखी जाएगी नजर 

 

नई दिल्ली- पिछले कुछ महीनों से देश में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमे एक समुदाय के लोग किसी ढाबे या होटल पर थूक कर रोटी बनाते हुए कैमरे में कैद हुए और अधिकतर पकडे भी गए। एक दिन पहले हरियाणा के गुरुग्राम में थूक लगाकर रोटी बनाने का मामला सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय  पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपियों  को गिरफ्तार कर लिया है।

 मामला गुरुग्राम के सेक्टर 12 स्थित एक ढाबे का है। सेक्टर-12 इलाके में अलसीफा नाम से संचालित एक ढाबे मेें थूक लगाकर रोटी बनाने का मामला सामने आया वीडियो देखने के बाद देवीलाल नगर निवासी भगत सिंह ने ढाबे के बारे में सेक्टर-14 थाना पुलिस को मंगलवार शाम शिकायत दी। इसके बाद थूक लगाकर रोटी बनाने वाले के साथ ही ढाबा संचालक काे भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान दिल्ली की न्यू सीमापुरी इलाके में रहने वाले मोहम्मद इब्राहिम एवं उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के गांव कुराली निवासी उस्मान मलिक के रूप में की गई। मोहम्मद इब्राहिम ढाबा संचालक है। दोनों के खिलाफ धर्म भ्रष्ट करने व कोरोना जैसी महामारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के मुताबिक भगत सिंह ने मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल एक वीडियो देखा। उसमें उन्हें रोटी में थूक लगाते हुए दिखा। वह पहले उस ढाबे पर गए हुए थे। इस वजह से कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंच गए। ढाबे पर वह अपने जानकार दीपचंद के साथ पहुुंचे थे। दोनों ने देखा कि वीडियो में दिखाई देने वाला युवक रोटी बेल रहा था। इसके बाद उन्होंने उसका नाम पूछा। फिर होटल मालिक का नाम पूछा। फिर जाकर सेक्टर-14 थाने में शिकायत दे दी।

सेक्टर 14 के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्येंद्र रावल  ने बताया कि दोनों आरोपितों को शिकायत मिलने के कुछ ही देर बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें बुधवार शाम इलाके के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया। प्रारंभिक छानबीन के मुताबिक पीछे छह महीने से ढाबा संचालित किया जा रहा था। इस तरह की शिकायत आगे न सामने आए इसके लिए इलाके में संचालित सभी ढाबों के ऊपर नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर  मुक़दमा नम्बर 149 धारा  3 महामारी अधिनियम , धारा 51 आपदा प्रबंधन ऐक्ट , धारा 114,188,269,270,295A, 505 ipc में मुक़दमा दर्ज जेल भेज दिया गया है।