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मोदी को सत्ता से दूर करने के लिए वामपंथियों ने ईजाद किया मुस्लिम कोरोना बम, कइयों को मरवाया 


नई दिल्ली: 15 दिसंबर से ये दिल्ली के शाहीन बाग़ की सड़क पर बैठे और लगभग 100 दिन बाद जबरन भगाये गए लेकिन देश का क़ानून को शायद सच में कुछ दिखाई नहीं देता। इन लोगों पर कोई एफआईआर नहीं हुई जबकि देश के लाखों ऐसे लोगों पर एफआईआर हुईं हैं जिन्होंने किसी सड़क को एक घंटे तक भी जाम किया था। इनका हौसला अंधे क़ानून ने बढ़ाया इसलिए ये दिल्ली पुलिस की बात न मान निजामुद्दीन के मकराज में इकठ्ठा हुए। अंधे क़ानून के कारण शाहीन बाग़ वालों ने सवा तीन महीने लाखों को रुलाया क्यू कि कई लाख लोगों का मुख्य मार्ग बंद था और काफी घूमकर जाना पड़ता था। अगर शाहीन बाग़ में कानून ने अपना काम ईमानदारी से किया होता तो निजामुद्दीन के मकराज में इतने लोग इकठ्ठा न होते। 

मकरज में इकठ्ठा हुए लोगों में से कइयों की जान जा चुकी है और सैकड़ों कोरोना संक्रमित हैं। सबसे ज्यादा यहाँ तेलांगना  के लोग आये थे। तेलंगाना सरकार का अनुमान है कि प्रदेश  से करीब 1000 लोगों ने निजामुद्दीन में जमात में हिस्सा लिया था। इसी तरह हिमाचल प्रदेश सरकार ने ऐसे 17 लोगों को चिह्नित किया है। यूपी में भी कम से कम 19 जिलों से लोग जमात में हिस्सा लेने आए थे। सभी की जाँच चल रही है। केंद्रीय गृह  मंत्रालय ने  बताया कि अब तक देशभर में ऐसे 2,137 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इन लोगों की मेडिकल जांच की जा रही है और इन्हें क्वारंटीन में रखा गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक ऐसे अभी और लोगों की पहचान की जा रही है। मध्य प्रदेश के लगभग 100 लोग इस जमात में शामिल हुए थे। सीएम शिवराज चौहान ने सभी के जांच के आदेश दिए हैं। 

सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि देश में कोरोना जिहाद चल रहा है। ये सब केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए हो रहा है और ज्यादा से ज्यादा लोगों की मौत होने का इन्तजार है। इसके पीछे वामपंथी मीडिया, टुकड़े गैंग, अर्बन नक्सली, जेहादी सहित कई गैंग का हाथ है। लगता भी यही है। अर्बन नक्सलियों के ट्वीट्स देख लगता है सच में वो? आपको बता दें कि ये अर्बन नक्सली हाल में दिल्ली में दंगा करवा 53 लोगों की जान ले चुके हैं। मरने वाले हर धर्म के लोग थे लेकिन इन हरामियों को लाशें गिनने से मतलब है। ये हरामखोर अब भी तमाम लाशें देखना चाहते हैं। निजामुद्दीन कांड में मुस्लिम समाज के लोगों की मौत कोरोना से हो रही है। ये हरामखोर यहां भी लाशें ही गिन रहें हैं ताकि केंद्र सरकार को घेर सकें। ये हरामी किसी के सगे नहीं हैं। इन्हे सिर्फ लाशें चाहिए ताकि ये अपना धंधा चमका सकें। ये कुत्ते मुस्लिम समाज के लोगो को भड़काकर उनकी ही जान ले रहे हैं। इस समाज में ज्यादा अनपढ़ हैं इनके बहलाने में आ जाते हैं। ये हरामखोर देश के मुस्लिमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हे इसके लिए मोटा माल भी मिल रहा है। देश के मुस्लिम समाज के लोग इन कुत्तों को समझ नहीं पा रहे हैं क्यू कि समाज के अधिकतर लोग अनपढ़ हैं, समाज के युवा तो सब समझ रहे हैं लेकिन तमाम मस्जिदों में अनपढ़ मौलवी बैठे हैं। ये एक कड़वा सत्य है। जिस पाठक को कड़वा लगे वो आज मिर्ची न खाये। और कभी न खाये, सत्य समझ में आ जायेगा। 

हरियाणा की 87 पालिकाओं को 288.92 करोड़ रुपये का अनुदान जारी- विज


चंडीगढ़ 31 मार्च- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री  अनिल विज ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के कार्यों की मॉनिटरिंग व निगरानी मुख्यालय स्तर पर करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए विभाग ने सभी 10 निगमों के आयुक्तों के साथ-साथ पालिकाओं में 18 तालमेल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इसके अलावा, सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के कार्यों के लिए सभी 87 पालिकाओं को 288.92 करोड़ रुपये की राशि अनुदान के रूप में जारी की है। 
 विज ने इस सम्बंध में आज यहां विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु सरकार ने सम्बन्धित पालिकाओं के फंड से किए जाने वाले खर्च को भी फिट चार्जिज घोषित करने किया है। इसके अलावा, सभी पालिकाओं में पानी व सीवरेज के बिलों, सम्पत्ति कर तथा पालिकाओं की दुकानों का किराया, तहबाजारी,  लाईसैंस फीस की जमा करने की तय तिथि को भी आगे बढ़ाया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सभी पालिकाओं में 22,440 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं तथा सफाई कार्यों के लिए 3466 वाहन लगाए गए हैं, जबकि इसके साथ-साथ 25 से अधिक  शहरों की मुख्य सडक़ों पर मकैनिकल स्वीपिंग मशीनों द्वारा सफाई की जा रही है। सफाई व स्प्रे कार्यों में लगे सभी कर्मचारियों की व्यक्गित सुरक्षा के लिए उन्हें मास्क, ग्लवस, साबुन आदि की आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार मुनादी तथा समाचार पत्रों तथा विज्ञापनों के माध्यम से भी जानकारी दी जा रही है।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि इस विकट परिस्थिति में असगठित क्षेत्रों के श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों तथा इस आपदा में फंसे बेसहारा लोगों की खाने तथा ठहरने की व्यवस्था के लिए पालिकाओं द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से 164 ठहराव केन्द्र स्थपित किए गए है जिनमें इस समय 1273  व्यक्ति  ठहरे हुए हैं। इस सभी केन्द्रो में सफाई व सैनेटाइजेशन तथा दवाईयों का समुचित छिडक़ाव किया जा रहा है। इसके अलावा, विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं औद्योगिक संस्थानों के माध्यम से 3,04,230 व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध करवाया गया है तथा 93,454 परिवारों को सप्ताह में एक बार सूखे राशन की आपूर्ति करवाई गई है। 

श्री विज ने इस बात से भी अवगत करवाया कि प्रदेश के सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर कैमिकल स्प्रे नियमित रूप से करवाया जा रहा है। पालिका क्षेत्रों में भी एक बार स्प्रे का कार्य करवाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय के कर्मचारियों जो आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनकी सेवाएं भी एक माह के लिए अर्थात 30 अप्रैल, 2020 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

लॉकडाउन का पालन कर हरियाणा से कोरोना को भगाएं- खट्टर 


चंडीगढ़, 31 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन की अवधि की अनुपालना में हरियाणा सरकार ने समाज के सभी वर्गों चाहे वह प्रवासी मजदूर हो, गरीब परिवार हो, किसान हो, सरकारी कर्मचारी व व्यापारी हो या अन्य प्रबुद्ध व्यक्तियों सभी के बचाव के लिए अब तक समुचित कदम उठाए हैं। इस महामारी से बचाव का स्वयं को क्वारंटाइन में रखना व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना ही एकमात्र उपाय है।

          मुख्यमंत्री आज यहां कोरोना वायरस के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे जानकारी देने के लिए टेलीविजन के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में एकांत में रहकर अपनी दिनचर्या को इस ढंग से व्यवस्थित बनाएं कि हमारा मन अनुशासन में रहकर आने वाली 14 अप्रैल तक लॉकडाउन को सफल बनाकर देश के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत करें, जैसा कि 22 मार्च को जनता कफ्र्यू के दौरान हरियाणा की जनता ने दिया था। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान पिछले 7 दिनों से लोग अपने घरों में ही रह कर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे हैं, ऐसे सभी लोगों को मैं कहना चाहूंगा कि वे घरों में रहकर अपने मन पर किसी प्रकार की कठिनाई का अनुभव न होने दें बल्कि इस समय का सदुपयोग करें।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को सफलतापूर्वक लागू करने और लोगों का आवागमन रोकने के लिए के लिए थोड़ी सख्ती भी की गई है, जिसके तहत राज्य और जिलों की सीमाएं सील की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्या भली-भांती समझती है, इसलिए लॉकडाउन अवधि के दौरान सरकार ने लोगों के घरों तक आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं को पहुंचाया है। इसके लिए आपूर्ति श्रंखला को मजबूत किया गया है और इसके लिए ऑनलाइन पास की भी व्यवस्था की है ताकि जो लोग आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के कार्य में लगे हैं उनकी आवाजाही निर्बाध हो सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर-1075 और 1100 जारी किए गए हैं।          

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलाज की व्यापक व्यवस्था की गई है। लगभग 6500 बैड की व्यवस्था की गई है और अस्पतालों में भी आइसोलेशन के लिए 4000 बैड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, जिलों में अलग से कोविड-19 अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कोई गंभीर स्थिति होती है तो उनको अलग से दाखिल करके उनका इलाज किया  जा सके और इस बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके।

        उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 2 सरकारी टेस्टिंग लैब हैं, इकसे अलावा, 5 निजी टेस्टिंग लैब को भी अनुमति मिल गई, जिसमें से 1 लैब शुरू हो गई है और बाकी जल्दी शुरू होने वाली हैं। इसके साथ ही, सरकारी तौर पर भी टेस्टिंग लैब की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, करनाल मेडिकल कॉलेज, नलहड़ मेडिकल कॉलेज और पीजीआई, रोहतक में एक एक अलग से टेस्टिंग लैब बनाई जाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल उपकरणों और दवाइयों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की है चाहे वह पीपीई किट हो, मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करना हो।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लॉकडाउन के अनुपालना के दौरान गरीब परिवार और मजदूर वर्ग हैं, उनकी कठिनाई बड़ी है। इसलिए सरकार की ओर से उद्योग जगत के लोगों से कहा गया है कि मजदूरों को काम से न हटाएं और उनका वेतन दें। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र ऐसे बहुत से मजदूर जिनको अपने काम के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और उनकी इच्छा घर जाने की होने लगी है। ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों के लिए हमने रिलीफ कैंप स्थापित किए हैं। प्रदेशभर में 437 रिलीफ कैंप्स बनाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 70 हजार की है।

         उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ स्वैच्छिक संस्थाएं भी लोगों की सेवाओं में लगी हैं। एनजीओ, सामाजिक संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं और प्रदेश में संपन्न ऐसे लोग हैं जो स्वयं सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। धार्मिक संस्थाओं ने अपने बड़े-बड़े भवन कैंप लगाने के लिए दिए हैं ताकि प्रवासी मजदूरों के लिए उनके भवनों का उपयोग कर सकें। इसके अलावा, ऐसे कैंपों में भोजना की व्यवस्था करने के लिए भी ये सभी संस्थाएं सेवा कर रही हैं।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड भी बनाया है, जिसमें लोग बढ़-चढ़ कर अपना अपना योगदान दे रहे हैं।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की चिंता भी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो, इसके फसल की कटाई के लिए लिए ट्रैक्टर और कंबाइन के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित किया है। इसके अलावा, इनकी वर्कशॉप को भी खुला रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आवश्यक जितनी भी सेवाएं हैं वह लगातार चलती रहेंगी और किसान सरकार का पूरा सहयोग करें।

दिल्ली के कोरोना जमातियों से सबक लेकर फरीदाबाद की मस्जिदों में जांच करने पहुँची पुलिस


फरीदाबाद: हाल ही में दिल्ली में जमात के लिए इकट्ठा हुए लोगों में कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने से काफी लोग संक्रमित हो गए हैं। जिसके मद्देनजर फरीदाबाद पुलिस अलर्ट हो गई है और जिन धार्मिक स्थलों में जमात के लिए लोग आए थे उनका पूरा डाटा एकत्रित किया गया है। फरीदाबाद पुलिस ने प्रत्येक धार्मिक स्थल में रुके हुए लोग को चेक किया गया लेकिन किसी भी धार्मिक स्थल पर ज्यादा व्यक्ति इकट्ठे होने का मामला सामने नहीं आया है।

प्रत्येक धार्मिक स्थल को चेक करने में फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हरेंद्र की टीम को साथ लगाया गया था। अजी कॉलोनी में बने धार्मिक स्थल पर 10 लोग जमात के लिए बाहर से आए थे जोकि इंडोनेशिया इत्यादि देशों में वापस चले गए हैं वह जिनके संपर्क में आए थे उन लोगों को भी डॉक्टर हरेंद्र की टीम ने चेक किया तो वह सभी ठीक है।

जिस भी धार्मिक स्थल पर दो चार लोग रह रहे हैं उनको सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जागरूक किया गया है। स्वास्थ विभाग  के हरिंदर की टीम द्वारा चेक किया गया है। फरीदाबाद के किसी भी धार्मिक स्थल में ऐसा कोई मामला नहीं पाया गया है जहां पर जमात के लिए काफी लोग इकट्ठे हुए हो, स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी को कोविड-19 के बारे में  सचेत किया गया है समझाया गया है। है।

एसजीएम नगर की मदरसे में कोई नमाज नहीं पढ़ी जा रही है वहां ष्म केवल हाजी  (मियां बीवी) और उनके 8 बच्चे रह रहे हैं। उनको भी चेक किया गया है और ठीक है। और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन की बात समझाई गई है। बड़खल एरिया की 3 मस्जिदों को भी चेक किया गया है। उनमें रहने वाले  8, 10 और हेल्थ इंस्पेक्टर हरेंद्र के द्वारा कल चेक किया गया था, सभी ठीक है। उनको भी सोशल डिस्टेंसिंग की हिदायत दी गई है।

गोची गांव में बढ़ वाली मस्जिद में 11 लोग 3 मार्च को बिहार से आए थे। जिनको PHC द्वारा चेक किया गया है सभी ठीक है। इसके अलावा उनको सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए कहा गया है। कोई मस्जिद में अंदर नहीं जाएगा और जो अंदर है उनमें से कोई बाहर नहीं आएगा। पुलिस की टीम  व डॉक्टर नजर बनाए रखे हुए हैं।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि फरीदाबाद जिले की सभी सीमाएं सील की जा चुकी है बिना मूवमेंट पास के किसी को भी आने जाने की अनुमति नहीं है। फरीदाबाद पुलिस बारीकी से हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अगर जिले में कोई भी लॉक का उल्लंघन करेगा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

प्रवासियों के लिए फरीदाबाद में बनाये गए हैं  21अस्थाई आश्रय स्थल, दिया जा रहा है दोनों टाइम भोजन 


फरीदाबाद, 31 मार्च।जिला प्रशासन ने बाहर से आए हुए प्रवासियों को राधा स्वामी सत्संग ब्यास  सूरजकुंड में ठहराया गया है। उपायुक्त यशपाल ने बताया  कि कोरोना के संभावित संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से घोषित लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को ठहरने व खाने-पीने की सुविधा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने  जिला में 21 अस्थाई आश्रय स्थल बनाए हैं। इन सभी आश्रय स्थलों में बिजली, पानी, शौचालय सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। 

उपायुक्त ने बताया कि सभी अस्थाई आश्रय स्थलों पर ठहरने वाले प्रवासी उचित दूरी बनाए रखें। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आमजन को कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन विशेष ध्यान रख रहा है आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए जिले में पूरा प्रशासन सतर्क है, उन्होंने बताया कि जिला में आए प्रवासी श्रमिकों व अन्य जरूरतमंद लोगों को सहयोग प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है और इसी के साथ बहुत सारी सामाजिक संस्थाएं भी इसमें भागीदार बन रही हैं।  है। उपायुक्त ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी आदमी रात को भूखा ना सोए इसके लिए पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है। इन शेल्टरो में चिकित्सकों की टीम भी जांच के लिए भेजी जा रही है।

उपायुक्त ने बताया कि  इन जगहों पर  खाने व ठैरने की उचित व्यवस्था के साथ-साथ प्रवासियों के लिए शौचालय ,बिजली व अच्छे बिस्तरों का इंतजाम किया गया है। जिससे वहां पर ठहरने वालों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।

राधा स्वामी सत्संग ब्यास सूरजकुंड सेंटर के संचालक शील चंदीला ने बताया कि जिला प्रशासन की मदद वह हमारे सभी स्वयंसेवकों द्वारा यहां पर लगभग 209 प्रवासी ठहरे हुए हैं और उन सभी परवासियों को दोनो टाइम खाना व दिन में दो बार चाय और नाश्ता दिया जाता है वह सभी का जरूरत पड़ने पर मेडिकल चेकअप भी करवाया जाताहै। काउंसलर द्वारा उनकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।

ठग ने पत्रकार की फेसबुक ID हैक कर जानकार से माँगा 10 हजार, पकड़ने में जुटी पुलिस


फरीदाबाद, 31 मार्च। हाड़ौती अधिकार दैनिक समाचार-पत्र के एग्जिक्यूटिव एडीटर उत्तमराज के फेसबुक एकाउंट को हैक करके उनके जानने वालों से सहायता के नाम पर रुपए मांगने वाले हैकर के खिलाफ पुलिस की साइबर क्राइम शाखा तत्परता से जांच कर आरोपी को दबोचने का प्रयास कर रही है।

        उल्लेखनीय है कि आज सुबह उत्तमराज की फेसबुक आईडी को हैक करके किसी अज्ञात धोखेबाज ने उनके एक जानकार को पफोन कर सहायता के नाम पर दस हजार रुपए की मदद मांगी, जब जानकार ने किसी भी प्रकार के आनलाइन सिस्टम प्रयोग न करने की बात कहीं तो धोखेबाज ने किसी अन्य परिचित से मोबाइल फोन नंबर 9887947258 पर आनलाइन पैमेंट कराने को कहा लेकिन जानने वाला स्वयं घर आकर
रुपए देने की बात कहता रहा और बाद में उन्होंने उत्तमराज को मोबाइल फोन पर संपर्क साधा तो उत्तमराज ने मदद मांगने की बात से इनकार किया। तब उन्हें पता चला कि उनके फेसबुक एकाउंट को किसी ने हैक करके यह कारनामा किया है। इसके तुरंत बाद उत्तमराज ने पुलिस आयुक्त केके राव व सहायक पुलिस आयुक्त क्राइम अनिल यादव को शिकायत दर्ज कराई। इस पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने मामले को साइबर क्राइम शाखा को सौंप दिया और आश्वासन दिया कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

गुलाबी, पीले और खाकी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन मुफ्त - CM


चंडीगढ़ 31 मार्च- हरियाणा के श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रवासी मजदूरों और बेघर लोगों को भोजन और आश्रय की सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से, प्रदेश में 70,000 लोगों की क्षमता के 467 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इस समय 10,000 से अधिक लोगों को इन शिविरों में रखा गया है और उन्हें पर्याप्त भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
 मनोहर लाल ने यह जानकारी आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दी। बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा भी उपस्थित थीं। शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल, ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल, परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री अनूप धानक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री ओम प्रकाश यादव तथा खेल राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुलाबी, पीले और खाकी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन मुफ्त उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे 27 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित होंगे और इस पर 48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को 5 अप्रैल, 2020 तक  राशन  वितरित किया जाएगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि जिन गरीब या प्रवासी मजदूरों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें पैक्ड राशन वितरित किया जा रहा है ताकि लॉकडाउन अवधि के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, खास तौर पर शहरों में झुग्गियों में रहने वाले गरीबों को भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च, 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों के मद्देनजर, कर्मचारियों को सेवा विस्तार प्रदान करने के लिए छ: विभागों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लडऩे के लिए स्थापित कोरोना रिलीफ फंड में अब तक 3000 से अधिक लोगों ने लगभग 21 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।  इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोगों ने इस फंड में योगदान देने के लिए फोन के माध्यम से भी अपनी इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन लोगों के लिए covidss.haryana.gov.in के नाम से एक पोर्टल भी स्थापित किया है, जो जरूरत के इस समय में स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। अब तक  लगभग 60,000 वॉलंटियर्स ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिसमें 800 डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ और राहत शिविरों में भोजन वितरण के काम में लगे अन्य लोग शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन इन वॉलंटियर्स को जरूरत के आधार पर काम सौंपेगा और उन्हें पास भी जारी करेगा।

       श्री मनोहर लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत पंजीकृत कुल 12.50 लाख परिवारों में से 6.29 लाख परिवारों के बैंक खातों में 4000 रुपये की वित्तीय सहायता की किस्त पहले ही जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शेष पात्र परिवारों को भी अगले कुछ दिनों में वित्तीय सहायता मुहैया करवा दी जाएगी। इसी तरह, 3.50 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में 1000 रुपये प्रति सप्ताह की वित्तीय सहायता हस्तांतरित की गई है। यह राशि लॉकडाउन के दौरान प्रत्येक सोमवार को इन लाभार्थियों को हस्तांतरित की जाएगी।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे गरीब परिवार हैं जो बीपीएल, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना और निर्माण श्रमिकों की श्रेणियों के तहत कवर नहीं होते। ऐसे परिवारों को भी प्रति सप्ताह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के सत्यापन के लिए  एसएमएस आधारित एक अनूठी प्रणाली विकसित की गई है, जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि या वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है और उन्हें किसी अन्य श्रेणी के तहत कोई वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है। श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हरियाणा के जो नागरिक दूसरे राज्यों से आए हैं, उन्हें भी एहतियात के तौर पर 14 दिनों के क्वारेंटाइन में रखा जाए। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों के साथ संबंधित उपायुक्त राहत शिविरों का दौरा करें ताकि शिविरों में उचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी राहत शिविरों के लिए अपने शेड का इस्तेमाल करने की पेशकश की है और इसलिए उपायुक्त अपनी आवश्यकता के अनुसार इन शेड्स का उपयोग कर सकते हैं।

        बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती किशनी आनंद अरोड़ा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन  विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के दास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, कार्मिक, प्रशिक्षण, विजिलेंस और संसदीय  मामले विभाग के सचिव श्री नितिन यादव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री पी.सी मीणा, मुख्यमंत्री की उप-प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा 

फरीदाबाद में गेंहूं की कालाबाजारी करते दो दबोचे गए 


फरीदाबाद ( 31 मार्च ) फरीदाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राशन   डिपो पर मिलने वाले गेहूँ की कालाबाज़ारी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर के 12 कट्टे गेहूँ बरामद किए हैं। ये कार्रवाई धौज थान पुलिस ने की है। 

धौज थाना में तैनात एसआई सत्य प्रकाश ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग धौज गांव में राशन डिपो पर आए गेहूं की  कालाबाजारी कर रहे हैं। उन्होंने इस के बारे में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सूचित किया। विभाग ने इंस्पेक्टर वीरेन्द्र सिंह को इस मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसआई सत्य प्रकाश ने वीरेंद्र सिंह के साथ इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए छापा मारी की और धौज निवासी समीम पुत्र रियासत, फिरदौस पुत्र सर्फुदीन, मोनू पुत्र बॉबी निवासी शाहबाद हाथरस उत्तर प्रदेश के खिलाफ मामला दर्ज कर  कार्रवाई करते हुए समीम और मोनू को गिरफ्तार कर उनके पास से 12 कट्टे गेहूं बरामद किए।जब की फिरदौस फरार है पुलिस ने बताया कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

गौरतलब है कि कोरोना संकट के समय लोकडाउन की वज़ह से जिला प्रशासन, समाज सेवी  गरीब लोगों को मुफ्त में राशन वितरित कर रहें है। ऐसे में भी कुछ आपराधिक किस्म के लोग गेहूं जैसी ज़रूरी खाद्य की कालाबाज़ारी कर अमानवीय हरकत कर रहे हैं। जिसे किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। ऐसे लोगो के खिलाफ प्रशासन को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। 

निजामुद्दीन जमात में शामिल हुए 441 लोगों में पाए गए कोरोना के लक्षण- अरविन्द केजरीवाल


नई दिल्ली: निजामुद्दीन के मकरज में आयोजित जमात में शामिल होने वाले 441 लोगो में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। दिल्ली के मुख्य्मंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ये जानकारी अभी कुछ देर पहले मीडिया को दी है। उन्होंने कहा कि अब तक1,548 लोगों को मरकज़ से बाहर निकला गया, उनमें से 441 लक्षणात्मक थे यानी किसी को बुखार, खांसी इस तरह के लक्षण लोगों में पाए गए। उन सभी को अस्पतालों में भर्ती कर दिया गया और उनके टेस्ट किए जा रहें।1,107 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया क्योंकि इनमें  लक्षण नहीं पाए गए। 

 उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने निजामुद्दीन मरकज़ मामले में FIR दर्ज़ करने के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखा था मुझे पूरी उम्मीद है कि वह इस मामले में जल्द ही आदेश देंगे। अगर किसी अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक दिल्ली में 97 केस हैं, 97 मामलों में से 24 मामले निज़ामुद्दीन मरकज़ के हैं। 41 ने विदेश की यात्रा की है और 22 विदेशी यात्रियों के परिवार के सदस्य हैं। 10 मामलों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। 

विदेशी लापरवाहों और लॉकडाउन तोड़ने वालों ने हरियाणा में फैलाया कोरोना वायरस- एडवोकेट खटाना


फरीदाबाद: हरियाणा युवा कोंग्रेस लीगल विभाग के इंचार्ज और यूथ इटक के राष्ट्रीय सचिव राजेश खटाना एडवोकेट ने देश मे इस महामारी को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर माँग की और अपने सुझाव दिए हैं की हरियाणा मे जिन लोगों ने विदेश से आ कर अपनी लापरवाही से हरियाणा में यह बीमारी फैलाई हैं और जो लोग आज भी सरकारी लोकडाउन के आदेशों की धज़्ज़ाई उड़ा कर इकट्ठा हो रहे हैं  क्योंकि जिनको मालूम हैं की उनमें इस बीमारी के लक्षण हैं ये जानते हुए भी वह लोगो से मिले अवम उनसे कुछ दिन घर में रहने को सरकार द्वारा कहाँ गया था। 

उसका भी उन विदेश से आए लापरवाह लोगो ने पालन नहीं किया..उनसे जुर्माने के रूप कम से कम  51 लाख रूपये  प्रति व्यक्ति ले कर ग़रीब लोगो के इलाज हमारे पुलिस के जवानो और जो भी सरकारी लोग इस मुश्किल घड़ी में अपने परिवार की फ़िक्र किए बिना सेवा कर रहे हैं उनके उत्थान और विकास व उनको इस समय अधिक से अधिक सुविधा देने में ख़र्च किया जाए..राजेश खटाना ने आगे लिखा की इस समय सभी लोगो का सरकार पर पुरा भरोसा हैं और कहाँ की इस लड़ाई को सब मिलकर लड़ेंगे और सब मिलकर जीतेंगे। 

कोरोना पॉजीटिव मौलानाओं ने बसों से थूक-थूक कर दिल्ली में फैलाया कोरोना?


नई दिल्ली: दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात अब देश के सिरदर्द बन गई है। पूरे देश में कोरोना फैलने की आशंका है क्यू कि देश भर के लोग इस जमात में शामिल हुए थे और अब तक जमात में शामिल हुए 10 मुस्लिमों की मौत हो चुकी है जबकि तमाम लोग अस्पतालों में हैं। भारत में निजामुद्दीन अब कोरोना का केंद्र बन गया है। बिना इजाजत में जमात का आयोजन हुआ था और ढाई हजार से ज्यादा लोग शामिल थे।

अब कहा जा रहा है कि पुलिस जब कोरोना संदिग्धों को अल ले जा रही थी तब ये बसों में बैठ खिड़की खोल थूक रहे थे। इनमे से कई कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जिनकी संख्या 24 बताई जा रही है। ये लोग क्यू थूक रहे थे। क्या इनका मकसद दिल्ली में महामारी को फैलाना था। हाल में सोशल मीडिया पर थूक जिहाद ट्रेंड हुआ था। अब इन लोगों के थूकने पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। दिल्ली के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा है कि 𝗦𝗛𝗢𝗖𝗞𝗜𝗡𝗚अभी अभी आजतक पर निज़ामुद्दीन का कड़वा सच
डॉक्टर ने बताया निज़ामुद्दीन से बस में इलाज के लिए ले जाते समय ये लोग जगह जगह थूक रहे हैं, बसों की खिड़कियां बंद करवाई जा रही हैं, जगह जगह थूकने का मकसद - जानबूझकर शहर में कोरोना फैलाना की साजिश
तमाम और प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, दो दिन पहले इंदौर का ये वीडियो सामने आया था।

कोई भी गरीब व्यक्ति बिना खाना खाए या बिना राशन के नहीं रहना चाहिए- DC, Faridabad


फरीदाबाद, 31 मार्च। उपायुक्त यशपाल ने कहा कि जिला में लॉकडाउन के दौरान कोई भी गरीब व्यक्ति बिना खाना खाए या बिना राशन के नहीं रहना चाहिए। निगम के सभी वार्डों में एक-एक अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है, जो पार्षदों व स्थानीय लोगों के सहयोग से हर जरूरतमंद के लिए खाने की व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। सभी अधिकारी अपने वार्डों में यह भी चेक करेंगे कि बगैर जरूरतमंद व्यक्ति अगर खाना या राशन ले रहा है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

उपायुक्त ने लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि सभी वार्डों के लिए एचएसवीपी के प्रशासक प्रदीप दहिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा तीनों उपमंडल के एसडीएम,  एचएसवीपी के संपदा अधिकारी परमजीत चहल व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर व एक तहसीलदार सहित छह अधिकारियों को प्रत्येक सात वार्ड के लिए विशेष निगरानी अधिकारी लगाया गया है। सभी वार्ड अधिकारी अपने वार्ड में ही अस्थाई कार्यालय स्थापित करेंगे तथा खाने के पैकेट व राशन के सही वितरण का कार्य देखेंगे तथा उनके साथ नगर निगम के संबंधित एरिया के अधिकारी भी साथ रहेंगे। वार्ड अधिकारियों के साथ जिला रैड क्रॉस सोसायटी के वालिंटियर भी साथ रहेंगे। ये अधिकारी पूरी निष्ठा व तत्परता से अपना कार्य करें। किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि वार्ड अधिकारी अपने वार्ड के जरूरतमंद लोगों की एक सूची तैयार करेंगे, जिसमें यह पता लगेगा कि प्रतिदिन कितने व्यक्तियों को खाना दिया जाना है। अपने वार्ड को जोन में बांट लें ताकि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की सही पहचान हो सके। जो भी सामाजिक संगठन या स्वयंसेवी संगठन हैं, वे पहले अपने वार्ड में जरूरतमंद लोगों को राशन वितरण करना सुनिश्चित करें तथा वहां सभी लोगों को राशन वितरण की पूर्ति होने पर ही अन्य वार्ड में राशन वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि पका भोजन के पैकेट सुबह-सायं वितरित किए जाएं तथा खाद्य सामग्री को दिन के समय वितरित किया जाए। वार्डों में अस्थाई कार्यालय किसी सार्वजनिक स्थान पर बनाएं जाएं, जैसे मंदिर, गुरूद्वारा, सामुदायिक केंद्र, स्कूल आदि में तथा पूरे वार्ड के लोगों को इसकी जानकारी हो। वार्ड के लोकल वालिंटियर का भी इसमें सहयोग लिया जाए। वार्ड अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके वार्ड में किन व्यक्ति को पका भोजन की आवश्यकता है तथा किन परिवारों को राशन वितरण किया जाना है। जिला स्तर पर खाद्य सामग्री के वितरण का कार्य जिला सैनिक बोर्ड के सचिव देखेंगे और भोजन पकाने की व्यवस्था टूरिज्म विभाग के हरविंद्र सिंह देखेंगे।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, एचएसवीपी के प्रशासक प्रदीप दहिया, एमसीएफ के संयुक्त आयुक्त सतबीर मान, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लबगढ़ त्रिलोकचंद, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, एचएसवीपी के संपदा अधिकारी परमजीत चहल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर तथा सभी वार्ड अधिकारी उपस्थित थे।

LIVE-निजामुद्दीन कोरोना बम से जावेद अख्तर भी डरे, कहा बंद कर दो देश की सभी मस्जिदें


नई दिल्ली: निजामुद्दीन की तब्लीगी जमात में शामिल हुए लगभग ढाई हजार लोगों को अब कोरोना बम बताया जाने लगा है क्यू कि में से कइयों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। अब अब अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष ताहिर महमूद  ने दारुल उलूम देवबंद  से कहा है कि जब तक कोरोना संकट है तब तक सभी मस्जिदों को बंद करने के लिए फतवा दें, अब इस पर लेखक जावेद अख्तर ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि मैं उनकी मांग का पूरी तरह से समर्थन करता हूं।  अगर काबा और मदीना में मस्जिदों को बंद किया जा सकता है तो भारतीय मस्जिदों को क्यों नहीं।

LIVE: निजामुद्दीन जमात, 24 कोरोना पॉजिटिव, जमात से तमिलनाडु लौटे 900 कोरोना संदिग्ध 


नई दिल्ली: वही हो रहा है जिसकी आशंका थी। दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने का कारण निजामुद्दीन के मरकज  की जमात बताया जा रहा है और ताजा जानकारी के मुताबिक निजामुद्दीन की मरकज बिल्डिंग में मौजूद लोगों में से अब तक 24 को कोरोना संक्रमित पाया गया है। जानकारी मिल रही है कि साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की टीम को पूरे इलाके को सैनिटाइज करने के लिए बुलाया गया है। यहां से लोगों को बसों में भरकर अब भी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। मरकज में अब भी तीन सौ लोग मौजूद हैं।  

 दिल्ली के स्वाथ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि जो आयोजक हैं उन्होंने बहुत ही घोर अपराध किया है। पूरे देश और दिल्ली के अंदर आपदा और महामारी रोग एक्ट लागू था। मैंने खुद Lt. गवर्नर को इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। दिल्ली सरकार ने इन लोगों पर FIR दर्ज़ करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि वहां 1500, 1600 के आस-पास लोग हैं। 1033लोगों को निकाला जा चुका है। जिनमें से 334लोगों को अस्पताल और 700के करीब लोगों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। स्क्रीनिंग चल रही है। मरकज़ में ठहरे 24 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। एक और जानकारी मिल रही है कि तबलीगी जमात के कार्यक्रम में तमिलनाडु के 900  मुस्लिम शामिल हुए थे जिन्हे कोरोना संदिध बताया जा रहा है क्यू कि इनमे  17 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमे 600 लोग फ्लाइट से तमिलनाडु लौटे थे। तमिलनाडु के मुख्य्मंत्री का कहना है कि हम इन सब पर नजर रख रहे हैं जो दिल्ली से लौटे हैं।

सावधान: निजामुद्दीन से पूरे देश में कोरोना ले गए मौलाना लोग- ड्रोन से नजर रख रही है पुलिस 


नई दिल्ली: पहले 1400 फिर 18 से 2 हजार और अब निजामुद्दीन के मकर में 25 00 लोगों का शामिल होना बताया जा रहा है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली के  मरकज़ भवन, निज़ामुद्दीन में मेडिकल टीम और पुलिस मौजूद है। इस महीने के शुरू में मरकज़ में लगभग 2500 लोग एक समारोह में शामिल हुए थे। 860 लोगों को इमारत से अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, 300 को शिफ्ट करना बाकी है।

जानकारी मिल रही है कि दिल्ली पुलिस अब इस इलाके में ड्रोन से निगरानी कर रही है। किसी को भी घर से निकलने की इजाजत नहीं है। आस-आस पास के लोग भी सहमे हुए हैं और वो अब खुद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। 
आपको बता दें कि यहाँ जमात 18 मार्च को आयोजित की गई थी  लेकिन तमाम लोग मकर में ही रुके रहे।  इसमें सऊदी और मलेशिया जैसे कोरोना प्रभावित देशों के लोग भी थे, जिनके जरिए कोरोना फैला और अब उसके मामले सामने आ रहे हैं। जमात के बाद कुछ लोग अन्य राज्यों में चले गए जो बीमार पड़े तो कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला और 10 लोगों की जान जा चुकी है। 

देश के तमाम हिस्सों से मुस्लिम समाज के लोग और मौलाना इस कार्यक्रम में आए थे और जब ये लोग वापस गए तो अपने साथ कोरोना भी ले गए। अब बताया जा रहा है कि यहाँ 2500 लोग शामिल हुए थे। इनमे से एक हजार मौलाना भी शामिल हुए होंगे तो वो हर जगह कोरोना ले जा चुके हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में अब हड़कंप मच गया है। देश में कुल 726 जिले हैं और अगर हर जिले के  एक भी मौलाना या मौलवी इस जमात में आये होंगे और अपने जिले में गए होंगे तो न जाने कितने लोगों को संक्रमित किये होंगे। बड़ी लापरवाही हुई है। 

नहीं माने थे दिल्ली पुलिस के आदेश, कइयों की कोरोना से मौत, मौलाना पर FIR, 163 अस्पताल में 


नई दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में भी धारा 144 लगी है लेकिन इस दौरान निजामुद्दीन के मकर  लगभग दो हजार लोग इकठ्ठा हुए और कई कोरोना पॉजीटिव पाए गए जिनमे 10 की मौत भी हो चुकी है। जिन लोगों की मौत हुई है वो इसी जमात में शामिल थे और अपने राज्यों में जा चुके थे। दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी भी लॉकडाउन के दौरान कैसे इकठ्ठा हो गई। अब दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है जिसमे पुलिस ने कहा कि इन लोगों को एक नहीं दो बार नोटिस दिया गया था लेकिन इन्होने आदेशों का उल्लंघन किया है। मकर के मौलाना पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 

अब तक निज़ामुद्दीन के 163 लोगों को दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कुल 174 ऐसे लोग जिनकी #COVID19 से ग्रस्त होने की संभावना है उनको लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें 163 मरीज निजामुद्दीन से हैं। कल 85 नए मामले सामने आए जबकि 34 को आज भर्ती कराया गया। हमने उनके लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं। 

अब साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी आरपी मीणा ने मीडिया से बताया कि  हमने कार्यक्रम को रद्द और भीड़ न एकत्रित करने को लेकर 2 बार नोटिस (23 मार्च और 28 मार्च ) दिया था।  साथ ही आग्रह किया था कि कोरोना महामारी फैली है, इसलिए कार्यक्रम का आयोजन रद्द कर दें।  लेकिन नोटिस देने के बाद भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जो लॉकडाउन के आदेशों का उल्लंघन है। अब दिल्ली पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी।

गुरुग्राम के इन तीन लैब में ही होंगे कोरोना सैम्पल टेस्ट


चंडीगढ़, मार्च- हरियाणा सरकार ने कोरोना संक्रमण के सैम्पल टेस्ट के लिए गुरुग्राम जिले में तीन प्राइवेट लैबोरेट्री को अधिकृत किया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी  देते हुए बताया कि इन तीन लैब में गुरुग्राम के सेक्टर-34 स्थित स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज, सेक्टर 18 स्थित एसआरएल लिमिटिड तथा गुरुग्राम के उद्योग विहार फेस-एक स्थित कोर डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ये लैबोरेट्री आईसीएमआर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वार दिशा-निर्देशानुसार कोविड- 19 के सैंपल की जांच करेंगी।

        प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा इन लैब हिदायत दी गई है कि यह लैब अपनी सैम्पल टेस्टिंग क्षमता का 50 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों द्वारा भेजे जाने वाले सैम्पलों के लिये आरक्षित रखेंगे। उन्होंने बताया कि इन तीनों लैब संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे सैंपलो के टेस्टों के लिए आईसीएमआर द्वारा निर्धारित 4500 रुपये की फीस ही लेंगी जिसमें 1500 रुपए स्क्रीनिंग टेस्ट तथा 3000 रुपये कंफर्मेटरी टेस्ट के चार्जेज शामिल हैं।

        उन्होंने बताया कि प्राइवेट चिकित्सकों को भी हिदायत दी गई है कि वे जो भी कोरोना का संदिग्ध केस टेस्ट करने के लिए प्राइवेट लैब में रेफर करेंगे, उसकी पूरी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देंगे, जिसमें मरीज का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि होना चाहिये। इसके साथ ही, प्राइवेट चिकित्सक तथा लैब कोरोना पॉजिटिव केसों की भी पूरी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को सिविल सर्जन के माध्यम से देंगे।

निजामुद्दीन मस्जिद जमात में शामिल 10 लोगों की कोरोना से मौत से पूरे देश में हड़कंप 


नई दिल्ली: कल तक देश में काफी कुछ ठीक था लेकिन कल जब दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित तबलीकी जमात की खबरें सामने आईं और कई कोरोना ग्रसित पाए गए उसके बाद हड़कंप मचा हुआ है क्यू कि जमात में लगभग डेढ़ हजार लोग शामिल थे जो पूरे देश में फ़ैल चुके हैं। अब इनमे से कइयों की कोरोना से मौत की सूचना से और हड़कंप मच गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक़ कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए 10 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई है। 

इनमें से सबसे ज्यादा मौतें तेलंगाना में हुई हैं, जबकि तमिलनाडु, कर्नाटक और जम्मू कश्मीर से भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है। एक अन्य व्यक्ति विदेशी बताया जा रहा है। इस तबलीगी जमात में हिस्सा लेकर अपने-अपने घर लौटे लोगों में सबसे पहले तेलंगाना से 6 लोगों की मौत की खबर थी। इसके बाद से सरकार में हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं क्यू कि जमात का आयोजन और इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले निजामुद्दीन की सड़कों पर जब घूम रहे थे तो स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर सवाल उठाया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। 23 मार्च का ये ट्वीट पढ़ें।
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस जमात में 1800 से दो हजार लोग शामिल थे जो देश के कई राज्यों से थे और ये जहां भी गए होंगे वहाँ कोरोना लेकर गए होंगे और न जाने कितनों में फैलाया होगा। कल से देश की पुलिस इन्हे ढूंढने में जुटी हुई है। लॉकडाउन के दौरान इतना बड़ा आयोजन किया गया इस पर भी सवाल उठ रहे हैं और अब दिल्ली सरकार ने मरकज मौलाना के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर लिया है जो कार्यक्रम का आयोजक बताया जा रहा है।

पूरे भारत में कोरोना फैला सकते हैं निजामुद्दीन मस्जिद से भागे लोग, 1000 लोगों को ढूंढ रही है पुलिस 

 

नई दिल्ली: देश के मुस्लिम समाज के तमाम लोगों को अब खुदा या भगवान् ही बचा सकता है क्यू कि अनजाने में ही सही या लापरवाही हुई, समाज से एक बड़ी गलती हो चुकी है जिस कारण आशंका जताई जा रही है कि कहीं कोरोना अब पूरे देश में न फ़ैल जाए। एक जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन सहित तमाम अपीलों के बावजूद दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात का सेंटर (मरकज) में लोगों की मौजूदगी चिंता का सबब बन गई है। निजामुद्दीन में हड़कंप मच गया है क्यू कि  दिल्ली में तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोगों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं।  तबलीगी जमात के चलते ही मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान देवबंद भी कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आ गया है। 

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के सेंटर से रविवार को दिल्ली के LNJP अस्पताल में 34 लोगों को जांच के लिए लाया गया और सभी कोरोना संक्रमण के संदिग्ध बताए जा रहे हैं।  इसमें एक 64 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है जो   तमिलनाडु का रहने वाला था. हालांकि, मौत किस वजह से हुई इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।  कार्यक्रम में शामिल तमाम  लोगों को LNJP अस्पताल में ही रखा गया है। पॉजिटिव केस के मरीज दिल्ली से बाहर ले जाये गए हैं। 

एक बड़ी जानकारी दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिल रही है कि कोरोना संक्रमण के बीच ये लोग जमा हुए  थे और अब देशभर में फैल चुके हैं। इनमे लगभग 1400 लोग शामिल हुए थे जिनमे सैकड़ों विदेशी थे। कई  केस कोरोना पॉजिटिव निकले।  माना जा रहा है कि 1400 लोगों में से  कई लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। लगभग 300 लोग ही मिले हैं जिनकी जाँच चल रही है। 1000 से ज्यादा गायब हैं और  अब कई राज्यों की सरकारें उन्हें ढूंढ रही हैं ताकि ऐसे लोगों को अलग किया जा सके। ये लोग न जाने किसे जिले से उस कार्यक्रम में गए थे और न जाने कितनी मस्जिदों में गए और न जाने कितनो को कोरोना बाँट आये हैं। कुछ मिनट पहले हरियाणा के फरीदाबाद जिले के भाजपा नेता विजय बैसला ने यही सब देख एक अपील की थी कि मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में न जाएँ। अपने घरों में रहें। 

राहत की खबर- हरियाणा में एक और कोरोना का मरीज ठीक हुआ


चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा के लिए आज फिर राहत भरी खबर आई है जिसके तहत गुरुग्राम का एक ओर कोरोना वायरस पीडि़त मरीज स्वस्थ हुआ है। वहीं दूसरी ओर हरियाणा में अब 15 मामले पॉजिटिव हैं, जबकि पहले कुल 22 पॉजिटिव मामले थे, जिनमें से गुरुग्राम के 6 और फरीदाबाद का एक मरीज स्वस्थ हुआ है।

        स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गुरुग्राम में पिछले 6 दिन से स्थिति नियंत्रण में है और कोई नया मामला भी नहीं आया है।आज एक ओर मरीज के स्वस्थ होने के बाद अब गुरूग्राम में कोरोना संक्रमित केसों की संख्या केवल 4 रह गई है।

        उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित पालम गार्डन में रहने वाले 28 वर्षीय युवा को आज स्वस्थ होने पर फोर्टिस अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

        उल्लेखनीय है कि इस युवक की इंग्लैंड से ट्रेवेल हिस्ट्री थी और गत 18 मार्च को उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया था जिसके बाद उसे गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। गत दिन यानि रविवार और आज सोमवार दोनों दिन इस 28 वर्षीय युवा के सैंपल टेस्ट नेगेटिव आए हैं, जिसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।