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दोपहर बाद बदल सकता है फरीदाबाद सहित दिल्ली-NCR का मौसम, हो सकती है बारिश


फरीदाबाद: मई का दूसरा हफ्ता लेकिन अब तक फरीदाबाद में पहले जैसी गर्मी का आगमन नहीं हुआ है जिसका कारण है गर्मी बढ़ते ही मौसम में बदलाव आ जाता है और बारिश शुरू हो जाती है। मार्च से ही ऐसे ही चल रहा है। शायद ही कोई हफ्ता ऐसा गया हो जिस हफ्ते में एक दो दिन बारिश न हुई हो। एक दो दिनों से शहर के लोग थोड़ी गर्मी महसूस कर रहे थे लेकिन संभव है आज दोपहर तक कुछ हिस्सों में फिर बारिश हो सकती है। सुबह 10 बजे शहर के तामपान में काफी बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है और अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पार जा सकता है लेकिन दोपहर एक बजे के बाद मौसम बदल सकता है और कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। दोपहर का तापमान दो से तीन डिग्री लुढ़क सकता है। 

भारतीय मौसम विभाग  के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 10 मई से 13 मई के बीच दिल्‍ली-एनसीआर में 40-50 किलोमीटर की स्‍पीड से हवाएं चल सकती हैं। 10 से 12 मई के बीच आसमान में बादल छाए रहेंगे। शनिवार को पारा 40 डिग्री पार कर सकता है मगर फिर उसमें 3-4 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी। शनिवार शाम से मौसम बदलना शुरू हो सकता है। फरीदाबाद ही नहीं दिल्ली एनसीआर सहित कई राज्यों में आज दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है और बारिश हो सकती है। 

श्रमिकों को मेहमान समझती है हरियाणा सरकार, मिलता है प्यार, जो जा रहे हैं फिर आएंगे


चंडीगढ़, - वैसे तो हर आदमी को अपना घर प्यारा होता है। लेकिन इसके बावजूद कुछ न कुछ बेहतर करने की चाहत और रोजी-रोटी की तलाश में बहुत-से लोगों को अपना घर-बार छोडक़र दूसरी जगह जाना पड़ता है। लेकिन कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि प्रवास में रहते हुए भी उसे रोजी-रोटी का संकट हो जाता है।

कोरोना वायरस के चलते आज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में उद्योग-धन्धे ठप्प होकर रह गए हैं। कोविड-19 पर काबू पाने को देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के चलते जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, वे हैं प्रवासी मजदूर। हरियाणा में भी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में आए थे। इनमें से कुछ फैक्ट्रियों में लगे हुए थे तो कुछ भवन निर्माण जैसी गतिविधियों से जुडक़र हरियाणा की तरक्की में अहम योगदान दे रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के दौरान जब इनकी रोजी-रोटी पर संकट आया तो सरकार का चिंतित होना लाजमी था।

ऐसे में मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने जिला प्रशासन समेत पूरी सरकारी मशीनरी को हिदायत दी कि लॉकडाउन के दौरान न केवल हर मजदूर के रहने और खाने-पीने का उचित प्रबंध किया जाए बल्कि प्रवासी मजदूरों को किसी भी हाल में यह महसूस न होने पाए कि वे अपने घर और ‘अपनों’ से कोसों दूर हैं। यही कारण था कि पूरे प्रदेश में बनाए गए शैल्टर होम्स में मजूदरों के रहने और खाने-पीने के पूरे इंतजामात किए गए और इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि हमारे इन  ‘मेहमानों’ को कोई तकलीफ न हो।

लॉकडाउन के तीसरे चरण में जब केन्द्र सरकार ने कुछ ढील दी और इन मजूदरों की अपने घर वापसी की सम्भावनाएं बनी तो हरियाणा सरकार ने फिर से सक्रियता दिखाते हुए इन मजदूरों के घर लौटने का प्रबंध किया। इसी कड़ी में हिसार के रेलवे स्टेशन से भी लगातार दो दिन तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 2400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को बिहार पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन ने जिस आत्मीयता और अपनत्व के साथ इन ‘मेहमानों’ को उनके घरों के लिए रवाना किया, उससे हर किसी का भाव-विभोर हो जाना लाजमी है।

हिसार के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर एक प्रवासी मजदूर अपनी लगभग 6 वर्षीय बच्ची को कंधे पर बैठाए प्लेटफार्म की ओर चला जा रहा था। तभी रेलवे स्टेशन पर कोई मिलता है और बच्ची को स्नेह के साथ बार्बी डॉल और कुछ चॉकलेट देकर दोबारा आने का भावपूर्ण न्योता देता है। तभी एक टीम बच्ची को दुलारते हुए उस श्रमिक को खाने का पैकेट, पानी की बोतल और टिकट देती है। यह सुखद अनुभव केवल इस एक श्रमिक को नहीं बल्कि यहां से बिहार के लिए रवाना किए गए हर कामगार के जीवन को छूता चला गया। यहां से ट्रेन की सीटी बजने के साथ ही इन श्रमिकों ने भावपूर्ण ढंग से हाथ हिलाकर, ताली बजाकर और न जाने धन्यवाद के कितने तरीकों से उनके रहने और खाने-पीने के प्रबंधों में तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार जताया।

दरअसल, श्रमिकों को इस प्रकार का ट्रीटमेंट देने और उन्हें सुखद अहसास करवाने के पीछे हिसार की जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी का अहम योगदान रहा। उपायुक्त ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से तमाम प्रबंध करवाए। उन्हें यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हमें उनकी भावनाओं की, उनकी जरूरतों की और उनकी मुश्किलों की फिक्र है। यही कारण है कि वापस अपने गृहराज्य जाने वाले श्रमिक खास होने के अहसास से भर उठे। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के भावपूर्ण निमंत्रण और अपनेपन से भरे व्यवहार ने उन तमाम प्रवासी मजदूरों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि हरियाणा से उनका नाता एक ‘नियोक्ता और श्रमिक’ से कहीं बढकऱ है और उनका सुख-दुख हर हरियाणवी का सुख-दुख है। उम्मीद हरियाणा सरकार और प्रदेशवासियों का अपनत्व का यह व्यवहार हालात सामान्य होने के बाद इन तमाम प्रवासी मजदूरों को फिर से हरियाणा का रुख करने के प्रेरित करेगा।

कई बड़ी कंपनियों के साथ तीन दिनों तक चली बैठक में क्या हुआ पढ़ें


चंडीगढ़,9  मई- हरियाणा द्वारा 6, 7, और 8 मई, 2020 को आयोजित तीन दिवसीय वेबिनार का कल सफलतापूर्वक समापन हो गया। एचएसआईआईडीसी के चेयरमैन एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  राजेश खुल्लर द्वारा परिकल्पित ‘वेबिनार’ को इन तीन दिनों में 60 से अधिक कंपनियों से  जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जो सरकार के अभिनव दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है।

आज, ‘वेबिनार’ के तीसरे और आखिरी दिन ऐसे कई क्षेत्रों, जिनकी आपूर्ति श्रृंखला कोरोना महामारी द्वारा बाधित हो गई है, के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत सुझावों सहित महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मिली। वेलस्पन इंडिया, वीवो मोबाइल्स, एडिसन मोबिलिटी, यूएसआईबीसी, हैवस, गेस्ट्योर, आदित्य इंटरसीज, एडसन इंपेक्स, लाइफस्किल फाउंडेशन, हीरो इलेक्ट्रिक, एचसीसी एंड आई, नॉर्थवार्ड इंफ्रा जैसी बड़ी कंपनियों ने इसमें भाग लिया।

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के चेयरमैन एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने भी हरियाणा को निवेश के लिए एक व्यवहार्य गंतव्य बनाने वाली राज्य की नीतियों और कारकों के बारे में हुई इस विस्तृत चर्चा में शिरकत की।

‘वेबिनार’ के पिछले तीन दिनों में उद्योगपतियों द्वारा एग्जिम पॉलिसी की समीक्षा, वेयरहाउसिंग के लिए लीज पर भूमि की पेशकश, किराये के आवास पर नीतिगत बल के रूप में कई नीतिगत सुझाव दिए गए। उम्मीद है कि ‘पट्टेï पर जमीन’ की नई नीतिगत व्यवस्था राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी। इस नीति का प्रारूप तैयार किया जा रहा है और इसका शीघ्र ही अनावरण कर दिया जाएगा। हरियाणा में कारोबार करने की लागत में कटौती करने वाली इस पहल को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

‘वेबिनार’ श्रृंखला, जिसके दौरान औद्योगिक भागीदारों और विशेषज्ञों के साथ समान रूप से लाभदायक चर्चा की गई, को गत तीन दिनों के दौरान मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से इस कठिन समय में चमकने और देश के औद्योगिक पावरहाउस के रूप में अपना दर्जा बरकरार रखने के राज्य के लक्षित दृष्टिकोण की गूंज सुनाई दे रही थी। इस बातचीत से 1500 से 2000 करोड़ रुपये के बीच निवेश होने की उम्मीद है। राज्य इस बढ़त पर आगे काम करेगा और ‘वन-टू-वन’ आधार पर इन निवेशकों तक पहुंचेगा।

इस पहल की सफलता से उत्साहित होकर, राज्य ऐसे और भी ‘वेबिनार’ आयोजित करने की योजना बना रहा है जो विशिष्ट क्षेत्रों और देशों को लक्षित होंगे।

लपका गया खट्टर का चौका, दुकानों पर मच्छर मारने लगे शराब विक्रेता, नशा माफियाओं के चंगुल में सरकार 


नई दिल्ली/ चंडीगढ़: लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने देश में शराब के ठेके खोलने की अनुमति दी और अचानक कई राज्यों में शराब के दाम सरकारी ठेकों पर लगभग  दोगुना कर दिए गए। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई अन्य राज्यों में शराब के ठेकों पर भारी भीड़ देख हरियाणा सरकार ने शराब के ठेके खोलने के आदेश दिए और शराब के दाम यहाँ भी लगभग दोगुना कर दिए गए। सोशल मीडिया पर तमाम व्यंग आये और कहा गया कि शराबी ही देश की अर्थ व्यवस्था संभाल रहे हैं। ये व्यंग था लेकिन सरकार ने पैसा कमाने के लिए सच में ऐसा ही किया और कई राज्यों में शराब के दामों में लगभग दो गुना की बढ़ोत्तरी कर दी गई। दिल्ली में तो आज भी शराब के ठेकों पर भारी भीड़ दिखी लेकिन हरियाणा की बात करें तो तमाम शराब के ठेकों पर बैठे शराब बेंचने वाले कल से ही मच्छर मार रहे हैं। पहले दिन कई ठेकों पर कुछ लोग दिखे थे लेकिन उसके अगले दिन से ठेके सूनसान होने लगे। आज कई ठेकेदारों से बात हुई जिनका कहना है कि लोग दाम आते हैं और रेट सुनकर आगे बढ़ जाते हैं। अब शराब के खरीददार न के बराबर हैं। कुछ ठेकेदारों का कहना है कि अधिकतर प्रवासी प्रदेश से बाहर जा चुके हैं इसलिए अब? कुछ  का कहना है कि मंहगी होने के कारण लोग नहीं खरीद रहे हैं। 

हमने कई ठेकेदारों से पूंछा कि जब बिक्री बंद थी तो कुछ लोग ब्लैक में तीन से चार गुना दाम देकर शराब खरीद रहे थे तो अब दोगुना दाम पर ठेके से क्यू नहीं खरीद रहे है तो ठेकेदारों का कहना था कि उस समय सिर्फ पांच से 10 फीसदी लोग ऐसा करते थे। 90 फीसदी लोग न उस समय ब्लैक में खरीदते थे न अब सरकारी ठेकों पर दोगुना हुए दाम पर खरीद रहे हैं। हमारे ठेकों पर काम करने वाले कर्मचारी अब मच्छर मार रहे हैं। 100 लोग आते हैं तो 10 लोग खरीदते हैं। 90 लोग दाम पूंछ चले जाते हैं। 

यही नहीं हरियाणा में अब बीड़ी सिगरेट के दाम भी दोगुना कर दिए गए हैं और बीड़ी सिगरेट विक्रेताओं का कहना है कि सरकार ने ये दाम दोगुना किया है जबकि हरियाणा सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। दो ही बातें हो सकती हैं, या तो बीड़ी सिगरेट की कालाबाजारी हो रही है और नशा माफिया अपना खजाना भर रहे हैं। या खट्टर सच में हरियाणा के सबसे कमजोर सीएम साबित हो रहे हैं। अगर बीड़ी सिगरेट के दाम बढ़ाये गए हैं और दोगुना किये गए हैं तो सरकार की तरफ से ऐसा कोई प्रेस नोट क्यू नहीं आया, अगर माफिया ऐसा कर रहे हैं और सरकार अपनी जगह पर ठीक है तो सरकार के तमाम सम्बंधित विभाग के अधिकारी कहाँ  सो रहे हैं।
कल से लेकर आज तक हरियाणा में बीड़ी सिगरेट में माफियाओं ने कई हजार करोड़ कमा लिए हैं। ये पैसे सरकार के खाते में गए हैं तो ठीक है। माफियाओं के खजाने में गए हैं तो? प्रदेश के कमजोर सीएम का फायदा उठा रहे हैं माफिया। वैसे आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने शराब के दामों की जो लिस्ट जारी की है कई शराब विक्रेता उससे ज्यादा दाम पर शराब बेंच रहे हैं। गोलमाल है भाई, सब गोलमाल है? एक जिले में लकडाउन के दौरान करोड़ों का शराब घोटाला हो गया। उप मुख्य्मंत्री दुष्यंत चौटाला पर भी सवाल उठने लगे हैं। 

लॉकडाउन के डेढ़ महीने बाद हरियाणा के CM को आई गायों और नंदियों की याद


चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा है कि प्रदेश के सभी निराश्रय पशुओं, विशेषकर गायों और नंदियों को प्रदेश की सभी गौशालाओं में आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से शीघ्र ही प्रदेश के सभी खंडों में 225 पशुधन सर्वेक्षण समितियों का गठन किया जाएगा। 
        मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित उपायुक्तों, प्रदेश के पशुपालन विभाग के सभी उप-निदेशकों, गौ-रक्षक समितियों के प्रतिनिधियों तथा गौ सेवकों के साथ बैठक कर रहे थे। इस अवसर पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री जे.पी.दलाल और गीता मनीषी श्री ज्ञानानंद महाराज ने भी बैठक में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राय: यह देखने में आया है कि सभी गौशालाएं गायों को रखने के लिए तैयार हो जाती हैं परंतु नंदियों को रखने के लिए कोई तैयार नहीं होता। उन्होंने गौशाला संचालकों से आग्रह किया कि वे नंदियों को आश्रय प्रदान करने के लिए अलग से नंदी शालाएं बनाएं।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सदस्यों वाली इन खंड स्तरीय समितियों की अध्यक्षता वेटरनरी सर्जन करेंगे और इसके अन्य सदस्यों में गौ-सेवा आयोग के प्रतिनिधि, क्षेत्र की प्रमुख गौशाला के संचालक और जिला उपायुक्त के स्तर पर दो समाजसेवी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इन समितियों की निगरानी पशुपालन विभाग के उप-निदेशक करेंगे। और उन्हें सदस्यों की संख्या पांच से छ: करने का भी अधिकार होगा।

        इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग में उपस्थित उपायुक्तों, प्रदेश के पशुपालन विभाग के सभी उप-निदेशकों, गौ-रक्षक समितियों के प्रतिनिधियों तथा गौ सेवकों से बातचीत में गौशालाओं में पशुधन की संख्या व निराश्रय गौधन व नंदियों की संख्या के बारे में जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निराश्रय पशुओं की संख्या, विशेषकर गाय और नंदी काफी संख्या में है, जो सडक़ों पर घूमते हैं और चारे के आभाव में पॉलीथिन व अन्य अपशिष्ट पदार्थ खाकर बीमार हो जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह खेतों में घूमकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और इनकी वजह से अक्सर सडक़ों पर दुर्घटनाएं भी होती हैं।

  उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 600 गौशालाएं हैं। मुख्यमंत्री ने गौ-रक्षक समितियों के प्रतिनिधियों व गौ सेवकों से आग्रह किया कि इन गौशालाओं में निराश्रय पशुओं, विशेषकर गायों और नंदियों को आश्रय प्रदान करने के लिए सरकार के मार्गदर्शन में सुचारू रूप से व्यवस्था बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं गौशाला नहीं चलाएगी बल्कि गौशालाओं का संचालन करने वालों को अनुदान प्रदान करेगी और अपनी तरफ से हर संभव सहायता प्रदान करेगी तथा इसी उद्देश्य के चलते पशुधन सर्वेक्षण समितियों का गठन किया जा रहा है।

        श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस कार्य के लिए सरकार द्वारा सभी गौशालाओं को अनुदान राशि प्रदान की जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुदान की राशि उपयोगी और अनुपयोगी पशुओं के अनुपात के अनुसार ही प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार 33 प्रतिशत से कम अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को कोई सरकारी अनुदान प्रदान नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 100 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 200 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। 76 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 300 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा शत-प्रतिशत यानि 100 प्रतिशत अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 400 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल नंदियों को ही रखने वाली गौशालाओं/नंदी शालाओं को प्रति वर्ष 500 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नंदी और अनुपयोगी गायों को सम्मलित रूप से रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 400 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पशुधन सर्वेक्षण समितियों का पहला कार्य अपने-अपने क्षेत्रों में गौशालाओं, गौशालाओं से बाहर निजी तौर पर अपने-अपने घरों में रखे जाने वाले गौधन, विशेषकर गायों और नंदियों की संख्या की गणना तथा उपयोगी व अनुपयोगी मापदंडों को तय करना, गौशालाओं के लिए जमीन की आवश्कता की संभावनाएं तलाशना होगा। उन्होंने कहा कि चारे के लिए गौशालाएं पट्टे पर ग्राम पंचायतों की गौ-चरण भूमि का उपयोग कर सकती हैं, यदि गौशाला उसी ग्राम पंचायत की है तो 5000 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष और दूसरी ग्राम पंचायत की है तो 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से देनी होगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पडऩे पर शहरी क्षेत्रों में शहरी स्थानीय निकाय विभाग शहर के बाहरी क्षेत्र में तथा पंचायत विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं के लिए जमीन उपलब्ध करवाएगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि सभी उपयोगी व अनुपयोगी गौधन की अलग-अलग रंग से टैगिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह उपयोगी व अनुपयोगी की श्रेणी समय के साथ परिवर्तित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी वेटरनरी सर्जन सांझा सेवा केन्द्रों के माध्यम से गौधन का डाटा जुटाकर ऑनलाइन अपडेट करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे कोई गौशाला सरकारी अनुदान ले अथवा न ले, सभी को पशुपालन विभाग के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, पशुपालन एवं डेरी विभाग के प्रधान सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, पशुपालन एवं डेरी विभाग के महानिदेशक डॉ० ओ.पी.छिक्कारा के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

IAS रानी नागर का स्तीफा नामंजूर, पप्पी ने मोदी के मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की जमकर तारीफ की 


फरीदाबाद: आईएएस रानी नागर का स्तीफा कल नामंजूर किया गया जिसके बाद से ही केंद्रीय राज्य मंत्री एवं फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर की देश भर में जमकर तारीफ़ हो रही है। आज भी ट्विटर और फेसबुक पर उनकी तारीफ़ करने वालों की बाढ़ दिखी। फरीदाबाद के भाजपा नेता प्रेमकृष्ण आर्य उर्फ़ पप्पी जो जम्मू-कश्मीर ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सह प्रभारी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर क्या लिखा है पढ़ें। 

     हमारा सांसद, हमाराअभिमान
राम राम जी। 
दोस्तों जैसा कि आपको ज्ञात होगा हमारे पिछड़े वर्ग समाज से  एक बेटी IAS रानी नागर जो कि हरियाणा में कार्यरत हैं। ने किसी परेशानी की वजह से अपने पद से  इस्तीफा सोशल मीडिया के द्वारा मुख्यमंत्री जी को दे दिया था।जिस से पिछड़े वर्ग समाज में काफी रोष व्याप्त हो गया था। तब ही हमारे लोकप्रिय सांसद एवं देश में मंत्री आदरणीय श्री कृष्ण पाल गुर्जर जी ने बड़ी सूझबूझ से इस विषय पर संज्ञान लिया तथा पूरे समाज को आश्वस्त किया कि हम आईएएस रानी नागर के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होने देंगे। और उन्होंने कल इसका परिणाम भी दिया है उन्होंने मुख्यमंत्री जी से मिलकर एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलकर इस विषय से अवगत कराया।  तथा मैं समझता हूं कि उनकी मेहनत रंग लाई है। और इस घटना से हमें यह पता लग गया है। कि चौधरी कृष्णपाल गुर्जर ही  पिछड़ा वर्ग समाज के सच्चे हितैषी एवं सर्वमान्य नेता हैं। उनकी कथनी और करनी में नाममात्र भी अंतर नहीं है। कल आईएस रानी नागर जी का इस्तीफा नामंजूर करके उन्हें उनके गृह राज्य में तबादले के लिए आदरणीय मुख्यमंत्री जी ने केंद्र सरकार से सिफारिश की है। हम पिछड़े वर्ग  के वरिष्ठ नेता  एवं गुर्जर समाज के गौरव चौधरी कृष्णपाल गुर्जर जी का एवं हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी का धन्यवाद करते हैं। 

हमे अपने सांसद पर गर्व है।
चौधरी कृष्णपाल गुर्जर जिंदाबाद।

फरीदाबाद की अदालत की मंदिर में चोरी करने वाले चोरों को पुलिस ने मात्र ढाई घंटे में दबोचा 


फरीदाबाद: अदालत परिसर में बने मंदिर से रुपए चुराने वाले दो आरोपियों को थाना सेंट्रल पुलिस ने दबोच लिया है।  आरोपियों से चोरी किया गया मंदिर का चढ़ावा ₹38570 रुपए बरामद किया गया है।  उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्य करते हुए  थाना सेंट्रल पुलिस ने फरीदाबाद जिला अदालत में बने मंदिर से रुपए चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

 गिरफ्तार आरोपी:-

1. रोहित निवासी इंदौर मध्य प्रदेश हाल निवासी गड़ी मोहल्ला ओल्ड।

2. कमल निवासी कपिलवस्तु नेपाल हाल निवासी सरपंच कॉलोनी बडोली ।

आपको बताते चलें कि उपरोक्त दो आरोपियों ने फरीदाबाद अदालत परिसर में बने मंदिर से चढ़ावे के पैसे चोरी कर फरार हो गए थे। मंदिर के पुजारी ने इस बारे में थाना सेंट्रल पुलिस को शिकायत दर्ज कराई जिस पर थाना सेंट्रल में चोरी का मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की गई।

एसएचओ थाना सेंट्रल ने बताया कि अदालत परिसर मे मंदिर है जिसमें फरीदाबाद के हजारों वकीलो द्वारा समय-समय पर मंदिर के रखरखाव के लिए चढ़ावा देते रहते हैं। वकीलों के द्वारा मंदिर में दिया गया पिछले 4 साल का चढ़ावा उपरोक्त दो आरोपी लेकर फरार हो गए थे।

पुलिस ने सूत्रों से मिली सूचना एवं पूछताछ के आधार पर उपरोक्त दोनों आरोपियों को मात्र ढाई घंटे में खोज निकाला। थाना प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि आरोपियों से चोरी किए हुए 38570 रुपए बरामद कर लिए गए।
आरोपियों को अदालत में पेश कर जिला जेल नीमका भेजा गया है।

हरियाणा में शराब घोटाला, IPS सुभाष यादव सहित इन अधिकारियो से जांच करवाएंगे विज


चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के गृह मंत्री  अनिल विज ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान शराब के ठेके बंद होने के कारण सोनीपत जिले के खरखौदा सहित पूरे राज्य में अवैध शराब की बिक्री के सभी मामलों की जांच के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारीके नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है, जो एक महीने के अन्दर अपनी रिपोर्ट देगा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक तथा अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त इस जांच दल के सदस्य होंगे।  विज ने कहा कि आईएएस अधिकारियों में अशोक खेमका,  संजीव कौशल व  टी.सी गुप्ता में से एक तथा आईपीएस  सुभाष यादव व अतिरिक्त आबकारी आयुक्त  विजय सिंह जांच करेंगे। 
        आज यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब  विज से खरखौदा गोदाम से शराब चोरी मामले में टिप्पणी चाही तो उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक शराब गोदाम में रहती है, वह आबकारी विभाग की सम्पत्ति होती है। उन्होंने कहा कि अब तक आबकारी विभाग द्वारा शराब चोरी होने की एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। एफआईआर के बाद ही पुलिस जांच करेगी। उन्होंने कहा कि खरखौदा गोदाम मालिक के बारे पहले भी अवैध शराब की बिक्री में संलिप्त होने की जानकारी है। खरखौदा गोदाम से शराब की 5000 पेटियां कम मिली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री व उप-मुख्यमंत्री के बीच इस मुद्दे को लेकर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

        गृह मंत्री ने कहा कि शराब के ठेके खोलने के लिए ढील दी गई है, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ही शराब खरीद करनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग न बनाएं रखने से महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है, अगर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया तो यह ढील वापिस भी ली जा सकती है।

        कोरोना वैश्विक महामारी के चलते विदेशों में रह रहे हरियाणा के अप्रवासी भारतीयों के बारे पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा कि  हरियाणा के लगभग पांच हजार एनआरआई ने स्वदेश वापसी के लिए वैबपोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इन्हें गुरुग्राम के निकट संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा और उसके बाद उनके गृह जिलों में क्वारंटाइन किया जाएगा। इनके लिए घर में क्वारंटाइन की अनुमति नहीं होगी।

        प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधों के बारे पूछे जाने पर श्री विज ने कहा कि ज्यों-ज्यों प्रवासी मजदूरों के गृह राज्यों से अनापत्ति   प्रमाण-पत्र प्राप्त होते हैं, उनको सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से भेजा जा रहा है। अब तक एक लाख मजदूरों ने वापस जाने के लिए पंजीकरण करवाया है। पिछले दो दिन में विभिन्न स्थानों से चार विशेष रेल गाडिय़ां भेजी जा चुकी हैं तथा रेल मंत्रालय से कुछ और रेलगाडिय़ां उपलब्ध करवाने के लिए बातचीत की गई है। इसके साथ-साथ, इन्हें बसों से भी भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं।  

एक हफ्ते में 100 रेलगाडिय़ों व 5000 बसों से प्रवासियों को उनके घर पहुंचाएंगे खट्टर 


चंडीगढ़, 8 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल के वायदे के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को अगले सात दिनों में 100 रेलगाडिय़ों व 5000 बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में नि:शुल्क पहुंचाया जाएगा। प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाडिय़ों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश व पूर्वी उत्तर-प्रदेश के लिए 100 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ां चलाई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल-प्रदेश, पंजाब और उत्तराखण्ड में 5000 बसों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जाएगा।

इसी प्रकार, प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की हर प्रवासी श्रमिक और खेतीहर मजदूर को उनके गृह राज्यों में हरियाणा सरकार की ओर से मुफत भेजने के लिए की गई घोषणा के उपरांत अब तक 23452 ऐसे प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न रेलगाडिय़ों व बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक राज्य से 13347 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, उत्तराखण्ड राज्य के 3133 प्रवासी मजदूरों को भेजा गया है, वहीं, 3593 प्रवासी मजदूरों को बिहार भेजा गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि 2549 प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश, 435 प्रवासी मजदूरों को राजस्थान, 221 प्रवासी मजदूरों को पंजाब, 54 प्रवासी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश, 46 प्रवासी मजदूरों को केरल, 32 प्रवासी मजदूरों को असम, 23 प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र और 19 प्रवासी मजदूरों को गुजरात पहुंचाया जा चुका है। 

फरीदाबाद में 88 पहुँची कोरोना के मरीजों की संख्या, 54 ठीक 30 अस्पताल में


फरीदाबाद, 8 मई---- उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी-कोरोना डा. रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 5857 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 1518 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 4337 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 5769 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 4866 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 4471 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 307 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 88 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 30 लोगों को अस्पताल में दाखिल किया गया है तथा 2 मरीजों को घर पर ही आइसोलेट किया गया है। इसमें दो मरीजो की मौत भी हो चुकी है। ठीक होने के बाद 54 लोगांे को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है।

उन्होंने बताया कि सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धीकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है। लोगो को ध्यान रखना चाहिए कि खाँसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की है, उन्हें राष्ट्रीय, राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए, उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों।

लॉकडाउन में फरीदाबाद के गुरूद्वारा कमेटियों ने लाखों जरूरतमंदों तक पहुँचाया भोजन 


फरीदाबाद, 8 मई----कोविड-19 के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पका भोजन के पैकेट्स तैयार करने में गुरूद्वारा कमेटियों की ओर से सहरानीय काम किया है। शहर में अलग-अलग वार्डों व स्थानों पर गुरूद्वारा कमेटियों द्वारा खाना पकाने के लिए बड़ी रसोई चलाई गई तथा पका भोजन तैयार किया। इसके बाद एचएसवीपी के प्रशासक व नोडल अधिकारी फूड वितरण प्रदीप दहिया की देखरेख में जिला प्रशासन के अधिकारियों व वालिंटियर्स की मदद से प्रतिदिन हजारों जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाया गया।

इन गुरुद्वारों में मुख्य रूप से  सेक्टर-15 स्थित श्री गुरुद्वारा सिंह सभा में बड़े स्तर पर कार्य हुआ तथा इसके अलावा जवाहर कालोनी गुरूद्वारा, इंदिरा कालोनी गुरूद्वारा, सैनिक कालोनी गुरूद्वारा, सैक्टर-55 गुरूद्वारा, एनआईटी में गुरूग्रंथ गुरूद्वारा और संतो गुरूद्वारा में कमेटियों द्वारा रसोई चलाई गई तथा जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन के पैकेट तैयार किए। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों का प्रयास रहा कि सुबह व शाम पका भोजन गरीब व साधनविहीन व्यक्तियों तक पहुंचे। इंदिरा कालोनी स्थित गुरूद्वारा के प्रधान तरसेम सिंह ने बताया कि यहां पर प्रतिदिन 450 से 500 पका खाना के पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं तथा कुछ परिवारों को सूखा राशन भी वितरित किया गया है। 
जवाहर कालोनी स्थित गुरूद्वारा के प्रधान रणजोत सिंह ने बताया कि यहां पर प्रतिदिन करीब 800 पैकेट्स पका खाना के तैयार किए जाते हैं। सेक्टर-55 स्थित गुरूद्वारा के प्रधान सर्वजीत सिंह ने बताया कि यहां पर करीब 250 खाने के पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं। एनआईटी-1 स्थित गुरूग्रंथ गुरूद्वारा के प्रधान गुरमिंद्र सिंह और संतो गुरूद्वारा के प्रधान बीरू तरड़ा ने बताया कि यहां पर करीब 150-150 पैकेट्स खाने के तैयार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों की सारी संगत गुरुनानक देव के दिखाये सत्संग के मार्ग पर चलकर कोरोना जैसी आपात परिस्थिति में गरीबों की मदद को तत्पर है। यह संगत सेवा करने के लिये दिन-रात जुटी हुई है।

पलवल से सुखद अनुभव के साथ गृह जिलों के लिए रवाना हुए प्रवासी श्रमिक


पलवल- मुख्यमंत्री  मनोहर लाल की सार्थक पहल पर पलवल जिला में रह रहे 37 प्रवासी श्रमिकों को शुक्रवार को रोहतक रेलवे स्टेशन से उनके गृह जिला में भेजने की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से की गई।  पलवल के महाराणा प्रताप भवन से रोडवेज की 2 बसों के माध्यम से उक्त प्रवासी श्रमिकों को रोहतक रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया जहां से वे अपने गंतव्य सहरसा (बिहार)की ओर ट्रेन से रवाना होंगे। पलवल से रवाना होने से पहले अनेक प्रवासी श्रमिकों ने हरियाणा सरकार, जिला प्रशासन व पलवल जिला की स्वयंसेवी संस्थाओं का आभार जताया। कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में यहां मिली सुविधाओं का अच्छा अनुभव वे कभी नहीं भूल पाएंगे।

उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि विशेष रूप से पहले कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकों को हरियाणा सरकार की ओर से उनके घर भेजने की व्यवस्था की गई है, ऐसे में पलवल जिला में प्रारंभिक चरण में शुक्रवार को 37 प्रवासी श्रमिकों को पूरे स्वास्थ्य जांच उपरांत बसों में बिस्किट व पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए रोहतक के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा की दृष्टिï से श्रमिकों के साथ पुलिस टीम भी रेलवे स्टेशन रोहतक तक भेजी गई। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के तहत चल रहे लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने का कार्य मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पलवल जिला में प्रवासी श्रमिकों को भेजने के लिए नोडल अधिकारी के रूप में एडीसी वत्सल वशिष्ठ को लगाया गया है। साथ ही जिला के सभी एसडीएम अपने उपमंडल से संबंधित संपूर्ण जानकारी रिकार्ड सहित नोडल अधिकारी को देंगे, ताकि निरंतर प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि गृह राज्य में जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिक, नागरिक व छात्र आदि सरकार द्वारा जारी किए गए केंद्रीकृत लिंक https://edisha.gov.in/eForms/MigrantService पर अपना पंजीकरण करवाएं ताकि पूरी व्यवस्था व स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत उन्हें भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिक टोल फ्री नंबर 1950 से भी जानकारी ले सकते हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया ध्यान : एडीसी
एडीसी वत्सल वशिष्ठ ने बताया कि सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर श्रमिकों को बसों में बैठाकर रोहतक रेलवे स्टेशन के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार व प्रशासन में सभी श्रमिकों के लिए हर सुविधाएं मुहैया कराई हैं उन्हें बिना किसी खर्चे के उनके अपनों के बीच भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं उनके खाने पीने की व्यवस्था भी प्रशासन सरकार की तरफ से उनकी यात्रा शुरू होने से समाप्ति तक की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रवासी श्रमिकों को भेजने की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पलवल जिला के प्रवासी श्रमिकों को भेजने से पूर्व शैल्टर हॉम में बुलाकर उनके स्वास्थ्य की जांच करने सहित अन्य आवश्यक रिकॉर्ड बनाया जाता है और उसके बाद ही उन्हें उनके गृह जिलों में भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें प्रदत्त की गई सेवाओं का वे अच्छा अनुभव लेकर अपने घरों को लौट रहे हैं।

हरियाणा में जघन्य अपराधों में भारी गिरावट


रोहतक, । हरियाणा पुलिस विभाग द्वारा 25 मार्च, 2020 से राज्यव्यापी लाकॅडाऊन के दौरान लागू किए गए विभिन्न प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप, प्रदेश में अप्रैल 2020 माह के दौरान विभिन्न जघन्य अपराधों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
          पुलिस कर्मियों द्वारा गश्त बढ़ाते हुए अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला नाकों की स्थापना और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही का दायरा कम होने के कारण अपराध के विभिन्न श्रेणियों में अप्रैल 2020 के दौरान एक प्रभावशाली और अभूतपूर्व गिरावट आई है।
           पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), हरियाणा, मनोज यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल 2020 के दौरान पिछले साल इसी अवधि की तुलना में क्राईम अगेंस्ट पर्सन्स के मामलों में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसी अवधि में, हत्या के मामलों की संख्या गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 94 से घटकर 49 रह गई जो 47.9 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।  चोटिल होने के मामले (साधारण और गंभीर दोनों तरह की चोट) अप्रैल 2019 में दर्ज 221 से घटकर इस वर्ष 149 हो गए, जिसके परिणामस्वरूप 32.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
      लड़कों और पुरुषों के अपहरण की वारदातें भी अप्रैल 2019 के 44 से घटकर 2020 में सिर्फ 7 ही रह गई, जोकि 84 प्रतिशत कम है। धारा 346 के तहत दर्ज होने वाले गलत तरीके से कारावास के मामलों में 740 केस (76.7 प्रतिशत) की भारी गिरावट आई है, जो अप्रैल 2019 के 965 मामलों से घटकर इस साल 225 रह गए हैं। इसी प्रकार, क्रिमिनल ट्रैसपास की वारदातों में गत माह इसी अवधि के दौरान 75 मामलों (47 प्रतिशत) की गिरावट देखी गई।
           इसी प्रकार जहां तक संपत्ति के खिलाफ अपराध की बात है, अप्रैल 2020 में सेंधमारी के मामलों में 35 फीसदी की गिरावट आई है। अप्रैल 2019 में 556 मामलों की तुलना में इस साल अप्रैल में केवल 358 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, चोरी की वारदातों ने अपराध में भारी गिरावट को स्पष्ट किया है जो अप्रैल 2019 में दर्ज 1961 मामलों से इस सालघटकर 355 रह गए। चोरी के मामलों में 1606 केसों (82 प्रतिशत) की गिरावट अभूतपूर्व है। मोटर वाहन चोरी के मामले जो अप्रैल 2019 में 1424 थे, अप्रैल 2020 में घटकर मात्र 217 रह गए।
          हालांकि, अपराध की कुछ श्रेणियां इस गिरावट की प्रवृत्ति के अनुरूप नहीं रही हैं। उदाहरण के तौर पर, गैरकानूनी असेंबली के मामले इसी अवधि में 151 से बढकर 159 हो गए, जो पुलिस द्वारा विभिन्न जिला मजिस्ट्रेटों सेे सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन करने पर दर्ज किए गए मामलों का एक परिणाम है। आईपीसी की धारा 188 (कानूनन आदेशों का उल्लंघन) के तहत दर्ज मामलों में तेज उछाल आया क्योंकि पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और हरियाणा महामारी नियमन 2020 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के लिए विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ 2681 मामले दर्ज किए, जबकि गत वर्ष अप्रैल में केवल 26 मामले दर्ज किए गए थे।

          हालांकि तुल्नात्मक आंकडों के अनुसार हत्या के प्रयास के मामले कमोबेश ऐसे ही बने रहे, जो 64 से घटकर इस साल 62 रह गए। इसी अवधि के दौरान दहेज हत्या के मामले 24 से कम होकर 22 दर्ज हुए। धोखाधड़ी के मामलों में भी अधिक गिरावट नहीं हुई क्योंकि अप्रैल 2019 में 293 मामलों की तुलना में अप्रैल 2020 में 287 मामले दर्ज किए गए।
        डीजीपी ने चेताया कि गंभीर अपराधों में आई गिरावट एक अस्थायी घटना है क्योंकि यह असााधारण परिस्थितियों में हुआ है। उन्होंने जनता को चेताया कि लॉकडाउन खुलते ही अपराध में उछाल आएगा। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस इकाइयों को इस संबंध में बहुत सावधानी बरतने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लॉकडाउन के खुलने पर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए सभी नागरिकों को अधिकतम सावधानी और सतर्कता बरतने के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ भी पहुँच गया कोरोना वायरस


चंडीगढ़: लॉकडाउन के तीसरे चरण में हरियाणा में काफी छूट दी गई है। सड़कों पर आवागमन काफी बढ़ गया है जो अब प्रदेश पर भारी पड़ रहा है और कई जिलों में कोरोना के मरीजों की संख्या लगाता महेंद्रगढ़ जिले में दो कोविड-19 पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है । दो जिले – महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी अब तक पूरी तरह से कोरोना से बचे हुए थे, लेकिन अब केवल रेवाड़ी ही संक्रमण मुक्त है।

वहीं दूसरी ओर, प्रदेश में कोरोना के 31 नये केस सामने आए हैं। बुधवार तक कोविड-19 मरीजों की संख्या 596 थी, जो अब बढ़कर 627 हो गई है। अभी तक 260 मरीज ठीक हुए हैं। हरियाणा में रिकवरी रेट भी लगातार गिर रहा है। दो सप्ताह पहले तक प्रदेश में करीब 73 प्रतिशत रिकवरी रेट हो चुका था। अब यह घटकर 41.60 प्रतिशत हो गया है। 24 घंटों के अंतराल में गुरुग्राम में 13 पॉजिटिव केस मिले। गत दिवस भी 20 मरीज मिले थे। इसी तरह से सोनीपत में 3, फरीदाबाद में 6, झज्जर में 3, पानीपत में तथा जींद में 3 नये केस सामने आए हैं। हरियाणा में जहां एक दर्जन से अधिक जिले ग्रीन जोन की ओर बढ़ गए थे, वहां अब केवल 5 ही जिले ऐसे हैं, जिनमें अब कोई एक्टिव केस नहीं है। इनमें पूरी तरह से बचा हुआ रेवाड़ी भी शामिल हैं। इसके अलावा दादरी, कुरुक्षेत्र, कैथल व भिवानी के मरीज ठीक हो चुके हैं।

फरीदाबाद के कोरोना के कुल 85 केस, 2 की मौत, 48 ठीक, 33 अस्पताल में


फरीदाबाद, 7 मई। उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी-कोरोना डा. रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 5600 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 1518 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 4080 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 5516 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 4559 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 4300 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 175 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 85 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 33 लोगों को अस्पताल में दाखिल किया गया है तथा ठीक होने के बाद 48 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है।  दो  पॉजिटिव मरीजों को घर पर आइसोलेटेड किया गया है। इसमें दो मरीजो की मौत भी हो गई है।

उन्होंने बताया कि सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धीकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है। लोगो को ध्यान रखना चाहिए कि खाँसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की है, उन्हें राष्ट्रीय, राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए, उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों।

अवैध सम्बन्ध और घरेलू विवाद के कारण हुआ था बहादुरगढ़ में डबल मर्डर 


 चंडीगढ़- अनूप कुमार सैनी- हरियाणा अब तक: हरियाणा के बहादुरगढ़ में पिछले सोमवार को हुए दोहरे हत्याकाण्ड में खुलासा हुआ है कि उनकी हत्या के पीछे आपसी घरेलू विवाद तथा अवैध सम्बन्ध थे। झज्जर पुलिस ने वारदात को सुलझाते हुए हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 दिन के अंदर ही सुलझाने में कामयाबी हासिल की गई है। थाना लाइनपार बहादुरगढ़ के पर्यवेक्षण अधिकारी डीएसपी राहुल देव के मार्गदर्शन व थाना प्रबंधक देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम द्वारा 3 आरोपियों को काबू करके लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी 2 व्यक्तियों की हत्या की वारदात को 2 दिन के अंदर ही सुलझाने में सफलता हासिल की गई है।

 बीते दो दिन पूर्व 4 मई को बहादुरगढ़ में हुई दोहरी हत्या की वारदात को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसपी झज्जर अशोक कुमार ने मामले में गहनता से कार्रवाई करने तथा दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के सम्बन्ध में दिए कड़े दिशा निर्देश के बाद बहादुरगढ़ के डीएसपी राहुल देव के मार्गदर्शन व थाना प्रबंधक देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने मामला सुलझाने में कामयाबी हासिल की गई है।

 थाना सैक्टर-6 बहादुरगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान डीएसपी राहुल देव ने वत्स कॉलोनी लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी 2 व्यक्तियों की हत्या की वारदात के षड्यंत्र का खुलासा करते हुए बताया कि उपरोक्त मामले पर गहनता से जांच पड़ताल करने व दोषियों की धरपकड़ के लिए 4 अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में दोहरी हत्या के पूरे षडयंत्र का खुलासा किया। आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत पूर्व योजना व पूर्ण तैयारी के साथ हत्या की उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया था। पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ में उनकी पहचान लाइनपार बहादुरगढ़ वत्स कोलोनी निवासी रणबीर उर्फ फौजी पुत्र बलबीर सिंह, गांव जोली जिला सोनीपत हाल किराएदार फ्रेंड्स कॉलोनी लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी पवन पुत्र रामफल तथा रघुवीर नगर, नई कॉलोनी, दिल्ली हाल किराएदार फ्रेंड्स कॉलोनी लाइनपार बहादुरगढ़ निवासी तेजपाल उर्फ धूणी पुत्र श्यामलाल के तौर पर की हुई है।
डीएसपी राहुल देव ने बताया कि आपसी घरेलू विवाद तथा अवैध सम्बन्धों के संदेह के चलते आरोपी रणबीर उर्फ फौजी द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर किए गए षड्यंत्र के तहत योजना बनाकर दोहरी हत्या की उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया गया था। पकड़े गए हत्यारोपियों के खिलाफ थाना प्रबंधक देवेंद्र कुमार की टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए तीनों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया, जहां अदालत से तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
      ध्यान रहे कि बहादुरगढ़ में गत सोमवार को बहादुरगढ़ लाइनपार क्षेत्र से गुजर रही मुंगेसपुर ड्रेन पर सोमवार की सुबह वत्स कॉलोनी निवासी दिल्ली पुलिस कर्मी 35 वर्षीय मनोज और उसके पड़ौसी 52 वर्षीय रमेश की उस समय गोलियां मार कर नृशंस हत्या कर दी गई थी, जब वे दोनों प्रतिदिन की तरह ही सोमवार को सैर करने जा रहे थे। इस वारदात में रमेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दिल्ली पुलिस कर्मी ने अस्पताल जाते समय बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। इस मामले में मृतक मनोज के भाई संदीप कुमार की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में मामला अंकित किया था। 

IAS रानी नागर का स्तीफा नामंजूर, देश भर के गुर्जर समाज के लोगों ने कहा Thanks मोदी के मंत्री KPG


फरीदाबाद: मैंने सीएम मनोहर लाल जी से बात की है और बिटिया रानी नागर के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होगी और एक दो दिन में जो फैसला आएगा आपके सामने होगा।  ये बात मंगलवार दोपहर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने हरियाणा अब तक से अपने सेक्टर 28 दफ्तर में कहा था और आज शाम को जब पता चला कि आईएएस रानी नागर का स्तीफा नामंजूर कर दिया गया है तो देश भर में गुर्जर समाज के लोग केंद्रीय राज्य मंत्री एवं फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर धन्यवाद करते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर मंत्री कृष्णपाल को धन्यवाद बोलने वालों की बाढ़ सी आ गई है। फेसबुक, ट्विटर के अलांवा व्हाट्सएप ग्रुपों में में मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को थैंक्स बोला जा रहा है और हरियाणा ही नहीं देश के कई राज्यों के गुर्जर समाज के लोग उन्हें थैंक्स बोल रहे हैं। 

रानी नागर का स्तीफा नामंजूर होने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कई ट्वीट किये जिसमे उन्होंने लिखा है कि हमने पहले भी आश्वस्त किया था कि चूंकि हरियाणा सरकार बेटियों के हितों के लिए संवेदनशील है और रानी नागर बिटिया के हितों पर किसी क़िस्म की आँच नहीं आने दी जाएगी। मेरा आशीर्वाद सदैव बिटिया रानी नागर के साथ है।

उन्होंने आगे लिखा है कि रानी नागर को इंसाफ़ दिलाने के लिए किए जा रही कोशिशें रंग लाई हैं। हमारी कोशिश यही है कि रानी नागर बिटिया के साथ किसी भी क़िस्म की नाइंसाफ़ी ना हो पाए। इसके लिए हरियाणा सरकार में शीर्ष स्तर से लगातार बातचीत की जा रही थी। मैं आप सब से एक ख़ुशी का समाचार सांझा कर रहा हूँ कि हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी रानी नागर का इस्तीफ़ा माननीय मुख्यमंत्री 
मनोहर लाल  जी ने नामंज़ूर कर दिया है। इस्तीफ़ा नामंज़ूर करने के लिए मैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी का दिल की गहराइयों से आभार प्रकट करता हूँ। 

28 दिन बाद घर पहुंचे ESIC अस्पताल में कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे डाक्टर का जोरदार स्वागत


फरीदाबाद: डॉ. यतिंदर सिंह जोकि "ई एस आई सी हस्पताल" फरीदाबाद में कोरोना रोगी वार्ड में कार्यरत है और पिछले 28  दिनों से लगातार कोरोनाग्रस्त मरीजों कि सेवा के बाद कल घर वापस आए। उनका स्वागत "Progressive Residents Organization" सेक्टर-14 संरक्षक  सतीश मलिक , अध्यक्ष  राकेश सिंगला ,गणमान्य सदस्य  राकेश गुप्ता ,  सुभाष अदलक्खा , नरेश गुप्ता , कुकरेजा, सरवागी , कौशल  और अन्य प्रमुख निवासियों ने किया। 

डॉ. यतिंदर सिंह,  वीरेंद्र सिंह तंवर  के पुत्र हैं, जो बडखल क्षेत्र में  में तहसीलदार हैं और इस कारोना समय में प्रशासकीय कार्यों के प्रबंधन के लिए ड्यूटी कर रहे हैं। संस्था के लोगों ने कहा कि हम और समाज पूरे दिल से पिता पुत्र को इस विकट समय में मानवता की सेवा के लिए तहेदिल से धन्यवाद करते हैं।

दिल्ली-हरियाणा के बीच मूवमेंट के लिए अनुमति प्रदान की जाए : राजीव चावला


फरीदाबाद।  आईएमएसएमई ऑफ इंडिया ने हरियाणा व केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि लॉक डाउन के दौरान मूवमेंट संबंधी अनुमति का दायरा बढ़ाया जाए और इसे विशेषकर दिल्ली के लिए अधिकृत किया जाए। 

आईएमएसएमई के चेयरमैन श्री राजीव चावला ने बताया कि इस संबंध में मुख्य सचिव व प्रधान सचिव उद्योग विभाग के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग में आग्रह किया गया है कि मूवमैंट के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने की अनुमति भी दी जानी चाहिए और कुछ मूवमेंट पास जारी किए जाने चाहिए ताकि हरियाणा बदली के बीच सीमित संख्या में लोग आवाजाही कर सकें। कहा गया है कि इसके बिना उद्योग व व्यापार को चला पाना संभव नहीं हो रहा है।

राजीव  चावला के अनुसार जिस प्रकार सरकार ने लॉक डॉउन के दौरान आर्थिक गतिविधियों को गति देने की प्रक्रिया आरंभ की है, वह सराहनीय है परंतु इसका थोड़ा सा और विस्तार किया जाना चाहिए ताकि इसका लाभ सभी वर्गों को मिल सके। 

श्री चावला ने इसके साथ-साथ उन दुकानों व प्रतिष्ठानों को भी खोलने की अनुमति देने का आग्रह किया है जो उद्योगों को रा मेटेरियल या अन्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

आपने सरकार द्वारा 10 श्रमिकों तक के साथ उद्योग में कार्य आरंभ करने की अनुमति देने की जहां सराहना की है, वही श्री चावला ने उद्योग प्रबंधकों से भी आह्वान किया है कि वे बिना अनुमति के कार्य ना करें। आपने इसके साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों की पालना को सुनिश्चित करने का भी आह्वान भी किया है।


फरीदाबाद में अवैध रूप से चल रहे 34 आर.ओ. प्लांट के पानी के कनेक्शन काटे गए


फरीदाबाद, 7 मई। फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त डा. यष गर्ग के आदेष पर निगम कर्मचारियों ने आज यहां अनेकों स्थानों पर अवैध रूप से चल रहे 34 आर.ओ. प्लांट के पानी के कनेक्शन काट दिये।  इनमें से संजय कालोनी सेक्टर-23 में 7, डबुआ कालोनी में 7, एन.एच.1 व एच. 2 में 18 और एन.एच. 5 में 2 कनैक्षनों का काटा गया है। निगमायुक्त ने कहा है कि निगम प्रषासन का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, जिसके लिए सभी कार्यकारी अभियंताओं को  अपने-अपने क्षेत्रों में पानी के इस प्रकार से किये जा रहे दुरूपयोग को रोकने के आदेष पहले ही दिये जा चुके है।  उन्होंने चेतावनी दी है कि निगम के द्वारा एक बार अवैध कनैक्षनों का काटने के बाद यदि कोई व्यक्ति कनैक्षन दोबारा जोड़ लेता है तो संबधित संयुक्त आयुक्तों के द्वारा ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जायेगी।

            उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जहां निगम प्रषासन का यह भरसक प्रयास है कि षहरवासियों को समुचित जलापूर्ति निर्बाध रूप से मिले वहीं दूसरी ओर कुछ लोग अवैध आर.ओ. प्लांट या इसी प्रकार की अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए पीने के पानी का दुरूपयोग कर रहे हैं, जिसे व्यापक जनहित में बर्दाष्त नहीं किया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि जिला प्रषासन व नगर निगम प्रषासन पहले ही कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और इस संकटकाल में जरूरतमंदों को आवष्यक सहायता पहुंचाने में लगा हुआ है, अतः ऐसी परिस्थितियों में आम नागरिक स्वयं पहलकदमी करते हुए अपने आस-पड़ोस में हो रहे पानी के दुरूपयोग की सूचना निगम प्रषासन को उसके कंट्रौल रूम के फोन नम्बर 0129-2415549 व 0129-2411664 पर दें।  उन्होंने आम नागरिकों  से यह भी अपील की है कि वे जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पानी का अनावष्यक प्रयोग न करें, जिससे कि पहले ही कोरोना आपदा से जूझ रहे षहरवासियों के सामने पीने के पानी की समस्या उत्पन्न न होने पाये।