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सूरजकुंड दिवाली मेला कल से शुरू, हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

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फरीदाबाद, 02 नवम्बर। सूरजकुंड मेला परिसर में प्रथम दीवाली उत्सव का रंगारंग अनूठा आगाज शुक्रवार को शाम 5 बजे से होगा। इस संबंध में सूरजकुंड मेला परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। प्रथम दीवाली उत्सव का शुभारंभ हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री कंवर पाल गुर्जर करेंगे। 

दीवाली उत्सव के शुभारंभ अवसर पर हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष अरविन्द यादव, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एमडी सिन्हा, निदेशक पर्यटन प्रभजोत सिंह, हरियाणा पर्यटन के एमडी नीरज कुमार, उपायुक्त विक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

हर शाम मुख्य चौपाल पर रंगारंग व सुन्दर सांस्कृतिक कार्यक्रमों आयोजन किया जाएगा।

प्रथम दीवाली उत्सव के दौरान 3 से 10 नवंबर 2023 सायं कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम इस प्रकार आयोजित किए जा रहे हैं। 3 नवंबर 2023, शुक्रवार को उद्घाटन समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, 4 नवंबर 2023, शनिवार हिप हॉप प्रदर्शन जिसमें मशहूर कलाकार एमसी स्क्वायर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। 

5 नवंबर 2023, रविवार को पंजाबी कलाकार अखिल द्वारा पंजाबी हिट्स का एक सनसनीखेज प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। वहीं 6 नवंबर 2023, सोमवार को हरियाणवी सिंगर सुमित गोस्वामी द्वारा एक हरियाणवी पॉप प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा।

हरियाणा पर्यटन कला एवं संस्कृति विभाग, हरियाणा के सहयोग से 7 नवंबर 2023, मंगलवार सुरमयी शाम - बॉलीवुड धुनों की एक भावपूर्ण यात्रा होगी। इसके अलावा 8 नवंबर 2023, बुधवार को इंडियन आइडल सेंसेशन सलमान अली की धुनों पर दर्शक थिरकेंगे, 9 नवंबर 2023, गुरुवार को इंडियन ओशियन बैंड के साथ फ्यूज़न रॉक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे तथा 10 नवंबर 2023, शुक्रवार को समापन समारोह के अवसर पर दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

दिवाली उत्सव में 250  से ज्यादा स्टालों पर लगेगी रौनक

उत्सव में आने वाले पर्यटक 250 से ज्यादा स्टालों पर से दिवाली के त्यौहार से संबंधित सामग्री की खरीदारी का आनंद ले सकेंगे। देश के अन्य राज्यों से आए शिल्पकारों द्वारा यह स्टालें लगाई जाएंगी।

पर्यटकों के लिए 30 रुपये होगी एंट्री टिकट, 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एंट्री फ्री

दिवाली उत्सव में आने वाले पर्यटकों के लिए 30 रुपये की एंट्री टिकट रखी गई है। जबकि साथ ही 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एंट्री फ्री रखी गई है। स्कूली विद्यार्थी भी अपना पहचान पत्र दिखाकर एंट्री कर सकते हैं। पत्रकारों के लिए भी पहचान पत्र के आधार पर इंट्री रखी गई है। वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था भी की गयी है जिससे कि आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

उत्सव में सरयू घाट रहेगा आकर्षण का केंद्र, अच्छे खान-पान का ले सकेंगे आनंद

दीपोत्सव दिवाली उत्सव का खास आकर्षण रहने वाला है। प्राचीन सूरजकुंड को दीपों से सजाकर दीपोत्सव का आयोजन कर सरयू नदी के प्राचीन घाट की छवि का प्रदर्शन किया जाएगा। मेले में खान-पान के लिए विशेष तौर पर फूड कोर्ट सजाई जा रही है। 

यहां दीवाली उत्सव में आने वाले पर्यटक अच्छे खान-पान का आनंद ले सकते हैं। उत्सव का उद्देश्य पर्यटकों के त्योहारी सीजन को खास बनाना है और इसके लिए हरियाणा पर्यटन विकास निगम बेहतरीन तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।

मेला परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम, अस्थायी पुलिस लाइन स्थापित की गयी

दिवाली उत्सव में पर्यटकों की सुरक्षा का ख़ास ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा मेला परिसर में अस्थाई पुलिस लाइन की स्थापना की गयी है। परिसर में 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल किए गये हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से एक डिस्पेंसरी भी स्थापित की गयी है। 

3 से 10 नवम्बर तक सूरजकुंड में लगेगा दीवाली मेला, तैयारी शुरू

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फरीदाबाद, 4 अक्टूबर। विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेला परिसर में इस बार पहली बार दीवाली मेले का आयोजन किया जाएगा। मेला तीन नवंबर से शुरू होगा और दस नवंबर तक चलेगा। हालांकि मेले का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले से छोटा रहेगा लेकिन इसके बावजूद पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए हरियाणा पर्यटन विकास निगम इस मेले को भी भव्य व आकर्षक बनाने की तैयारियों में जुट गया है।

हरियाणा पर्यटन विभाग निगम के एमडी नीरज कुमार ने बताया कि अरावली की पहाडि़य़ों की मनोरम छठा के बीच मौजूद सूरजकुंड मेला परिसर अपने अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले को लेकर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में हर साल लाखों पर्यटक देश-विदेश की कला-संस्कृति, खान-पान, हैंडीक्राफ्ट का आनंद लेने व खरीदारी के लिए आते हैं। 

उन्होंने बताया कि इस बार पर्यटकों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इस मेला परिसर मे पहली बार दीवाली मेला आयोजित करने का तोहफा दिया है। ऐसे में पहले दीवाली मेले को लेकर हरियाणा पर्यटन विकास निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उन्होंने बताया कि दीवाली मेले का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले से छोटा रहेगा। 

पहली बार लगने वाले दीवाली मेले के लिए परिसर के एक तिहाई क्षेत्र को ही प्रयोग किया जाएगा। शुरुआत में पहले साल करीब 300 स्टाल ही तैयार किए जाएंगे। चूंकि अंतरराष्ट्रीय मेले का फोकस हैंडीक्राफ्ट होता है इसलिए इस मेले को हैंडीक्राफ्ट की बजाए दीवाली के सामान व त्यौहार से जुड़ी खरीदारी पर केंद्रीत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले में बड़ी चौपाल पर लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम चलेंगे जिसमें पूरी तरह से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई देगी। 

इसके साथ ही दीपोत्सव खास आकर्षण रहने वाला है। उन्होंने बताया कि प्राचीन सूरजकुंड को दीपों से सजाकर दीपोत्सव करने के लिए आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से अनुमति लेने के लिए पत्र भी लिखा गया है। जल्द ही यह अनुमति मिलने की भी उम्मीद है। 

उन्होंने बताया कि मेले में खान-पान के लिए विशेष तौर पर फूड कोर्ट सजाई जा रही है। यहां दीवाली मेले में आने वाले पर्यटक अच्छे खान-पान का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य पर्यटकों के त्योहारी सीजन को खास बनाना है और इसके लिए हरियाणा पर्यटन विकास निगम तैयारियों को बेहतरीन बनाने में जुटा है।

स्कूली विद्यार्थियों ने लेखन व नेल पेंटिंग से अपने हुनर को किया प्रर्दर्शित


सूरजकुंड (फरीदाबाद), 16 फरवरी। 36 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में स्कूली बच्चों को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका दिया जा रहा है। गुरूवार को मेला परिसर में जिला प्रशासन फरीदाबाद की ओर से विभिन्न स्कूली विद्यार्थियों की जूनियर व सीनियर श्रेणी में लघु कथा लेखन तथा सामान्य श्रेणी की नेल पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई गई। इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न स्कूली विद्यार्थी अपने तल्लीनता के साथ प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला के तहत सूरजकुंड मेला प्राधिकरण द्वारा मेला परिसर में नेल पेंटिंग प्रतियोगिता तथा लघु कथा लेखन प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। 

एक ओर जहां नेल पेंटिंग प्रतियोगिता में 7 स्कूलों के 54 विद्यार्थियों ने भाग लिया, वहीं दूसरी ओर लघु कथा लेखन प्रतियोगिता में 12 स्कूलों के 70 विद्यार्थियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। 


सामान्य श्रेणी की नेल पेंटिंग प्रतियोगिता में मॉडर्न बी.पी. पब्लिक स्कूल की सना ने प्रथम, मॉडर्न बी.पी. पब्लिक स्कूल की रितु ने द्वितीय तथा मॉडर्न बी.पी. पब्लिक स्कूल की प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसी प्रकार जूनियर श्रेणी की लघु कथा लेखन प्रतियोगिता में सैंट एंथॉनीज सैकेंडरी स्कूल खनक मेंहदीरत्ता ने प्रथम, सैफरॉन पब्लिक स्कूल के निशांत गुप्ता ने द्वितीय तथा सैंट एंथॉनीज सैकेंडरी स्कूल के अर्जित सुरेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

इसी क्रम में सीनियर श्रेणी की लघु कथा लेखन प्रतियोगिता में सैंट बृजमोहन लाल सीनियर सैकेंडरी स्कूल की तनिषा ने प्रथम, सैंट एंथॉनीज सैकेंडरी स्कूल की कशिश पालिया तथा सैंट बृजमोहन लाल सीनियर सैकेंडरी स्कूल की साधना भारद्वाज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

रशिया की शिल्पकार दम्पति ने कहा, सूरजकुंड में आकर बहुत अच्छा लग रहा है


सूरजकुंड (फरीदाबाद), 5 फरवरी। अंतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड मेले में रूस के सुदूर ठंडे प्रांतों से भी कुछ शिल्पकारों को पहली दफा भारत आने का मौका मिला है। ये दस्तकार भारत की धरती पर आकर अपने आप को बेहद प्रसन्न महसूस कर रहे हैं।

जी-20 देशों में शामिल रूस के बाशकोरस्तान राज्य से आए चमड़ा के कारीगर आर्तीयोम यारातोव और उनकी धर्मपत्नी लैजान माजीतोवा ने बताया कि उनके इलाके में माइनस बीस डिग्री तापमान रहता है। 

उनका गुजर-बसर जानवरों के शिकार, पशुपालन और घरेलू दस्तकारी के काम से ही होता है। सूरजकुंड मेले में स्टाल नंबर 110 पर मौजूद इस दंपत्ति ने बताया कि उनको रशिया की मिनिस्टरी से भारत जाने के बारे में फोन आया तो उनको बहुत ही आश्चर्य और प्रसन्नता हुई। 

वे लोग पहली बार इतने सुंदर और विशाल मेले में भाग लेने आए हैं। लैजान ने बताया कि उनके पति आर्तीयोम एक अच्छे निशाने बाज हैं और वह तीर से लोमड़ी, खरगोश, भेडिय़ा आदि का शिकार करते हैं। भैंस व अन्य जानवरों के चमड़े से ये पर्स, बेल्ट, बैग, कार्डकेस आदि बनाते हैं।

इसके अलावा लैजान अपनी सजहेलियों से घर में बना शहद इक_ïा कर इसे बेचती हैं, जो कि सेहत के लिए काफी लाभकारी है। इनकी स्टाल पर लकड़ी की डिजाईन की गई चम्मचें, बैज आदि कलाकृतियां देखी जा सकती हैं।