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देश के 70 करोड़ लोगों का डेटा चुराने वाला विनय भारद्वाज फरीदाबाद से गिरफ्तार


फरीदाबाद: 28 मार्च को हैदराबाद के साइबराबाद थाने की पुलिस ने फरीदाबाद से आरोपी विनय को नागरिकों की निजी जानकारी चुराकर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है।पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी विनय फरीदाबाद के आदर्श नगर एरिया का रहने वाला है और बल्लभगढ़ एरिया में अपना ऑफिस चलाता है। 

28 मार्च को साइबराबाद पुलिस आरोपी की तलाश में आदर्श नगर एरिया में पहुंची थी जहां से पुलिस आरोपी को जांच में शामिल करके पूछताछ के लिए अपने साथ हैदराबाद ले गई। इसके पश्चात मामले की तफ्तीश के दौरान सबूतों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर 24 राज्यों और 8 महानगरों के नागरिकों तथा संस्थाओं की जानकारियां चुराकर बेचने का आरोप है। 

पुलिस के अनुसार आरोपी फरीदाबाद से इंस्पायरवेब्ज वेबसाइट ऑपरेट कर रहा था। आरोपी पुलिस ने जब इस वेबसाइट की जांच की तो पता चला कि इस वेबसाइट के माध्यम से वह ग्राहकों को सरकारी संस्थाओं तथा नागरिकों की जानकारी क्लाउड लिंक्स के माध्यम से बेचता था। आरोपी आमेर सोहेल तथा मदन गोपाल नाम के व्यक्ति से यह जानकारी लेकर आगे बेचता था जिसकी जांच की जा रही है। 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सार्वजनिक संस्थाओं जैसे सरकारी कर्मचारियों के रिकॉर्ड, पैन कार्ड धारकों की जानकारी, नवमी दसवीं ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों की जानकारी, डीमैट धारकों, नीट परीक्षार्थियों, बीमा धारकों क्रेडिट और डेबिट कार्ड तथा केंद्रीय व राज्य संस्थाओं से जुड़ी जानकारी भी बेची जा रही थी। आरोपी के कब्जे से 2 लैपटॉप तथा 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। 

जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा इस मामले में जांच की जा रही है और कानून के तहत आगे की कार्रवाई अमल में लाकर मामले में शामिल अन्य आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।

ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों 4 आरोपियों को भिवानी पुलिस ने दबोचा

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हरियाणा: 19/12/2022, भिवानी,  रोबिन निवासी दादरी गेट भिवानी  ने एक शिकायत थाना साईबर क्राईम भिवानी को दर्ज करवाई थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जुलाई 2022 में शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन पर एक फोन आया था। जो फोन करने वाले ने शिकायतकर्ता को ऑनलाइन लोन उपलब्ध कराने की बात कही थी। इसके पश्चात शिकायतकर्ता से ₹ 2,000/- चार्ज के नाम से पे फोन के माध्यम में विकास नामक एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कराए गए थे। इसके बाद दिनांक 16 अगस्त 2022 को ₹ 10,833 एडवांस किस्त के रूप में पे फोन के माध्यम से ट्रांसफर करवाए गए थे। इसके बाद 18 अगस्त 2022 को ₹ 23,010 लोन इंश्योरेंस के नाम से पे फोन के माध्यम से ट्रांसफर करवाए थे।

इसके बाद फोन करने वाले आरोपियों के द्वारा रोबिन से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया और मोबाइल फोन पर संपर्क करने पर आरोपियों के मोबाइल फोन बंद आ रहे थे। जो इस शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत अभियोग थाना साईबर क्राईम भिवानी में पंजीबद्ध किया गया था।

दिनांक 18 दिसंबर 2022 को अभियोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना साईबर  भिवानी के मुख्य सिपाही प्रदीप कुमार ने ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

अनंतराज पुत्र राजकुमार निवासी बेगमपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी हरिद्वार, उत्तराखंड

2. फुरकान निवासी सूर्य नगर कॉलोनी रोहनाबाद हरिद्वार उत्तराखंड।

3. राजकुमार पुत्र रमाकांत निवासी जिला पूर्णिया वेस्ट बंगाल।

 4. पवन कुमार पुत्र अमर सिंह  निवासी नरेला, दिल्ली के रूप में हुई है।

आरोपियों से पूछताछ :-

जांच इकाई के द्वारा आरोपियों से गहनता से पूछताछ करने पर आरोपी राजकुमार पुत्र रमाकांत ने बताया कि प्राइवेट कंपनियों में लेबर सप्लाई करने का कार्य करता हूं। आरोपी राजकुमार ने उसके साथी अनंत राज व फुरकान के साथ मिलकर उनके कमरे पर रहने वाले विकास नामक व्यक्ति का खाता खुलवाया था। जो आरोपियों के द्वारा विकास के खाते को ₹ 6,000/- में पवन निवासी दिल्ली को बेच दिया था। वहीं आरोपी पवन ने विकास का बैंक खाता दिल्ली में एक व्यक्ति को ₹ 12,000/- में बेच दिया था। आरोपी अनंतराज व फुरकान हरिद्वार में एक प्राइवेट नौकरी में कार्य करते हैं।

जांच इकाई के द्वारा उपरोक्त सभी आरोपियों को पेश माननीय न्यायालय में किया गया था। जहां माननीय न्यायालय ने आरोपी अनंतराज, फुरखान, राजकुमार को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए हैं। वहीं आरोपी पवन कुमार को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी पवन से गहनता से पूछताछ जारी है।

पुलिस अधीक्षक भिवानी की जिला वासियों से अपील :-

पुलिस अधीक्षक भिवानी अजीत सिंह भा०पु०से० ने जिला वासियों से अपील की है पुलिस विभाग के द्वारा समय-समय पर स्कूल- कॉलेज व सार्वजनिक स्थानों पर आम जनता को साइबर अपराध के बारे में बताया जा रहा है। लेकिन फिर भी कई बार व्यक्ति ऐसे अपराधियों की बातों में आकर अपनी मेहनत के रुपयों को धोखाधड़ी से गवा देते हैं। उन्होंने जिला वासियों से अपील की है किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लोन व लॉटरी के प्रलोभन में न आए और यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की भी ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो इसकी शिकायत तुरंत थानों में स्थापित साईबर हेल्प डेस्क व 1930 पर दर्ज करवाएं।

आधार के जरिए साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पलवल साइबर पुलिस ने दबोचा

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हरियाणा: पलवल, दिनांक 10 दिसंबर 2022, मामले का खुलासा हेतु आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी विजय पाल सिंह ने बताया कि जिला पुलिस कप्तान राजेश दुग्गल आईपीएस द्वारा जिला पुलिस को अपराध एवं  अपराधियों पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हुए हैं। जिसके तहत कार्य करते हुए साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यनारायण एवं उनकी टीम ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम वित्तीय धोखाधड़ी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

उन्होंने बताया कि मामले में गांव दुधौला के रहने वाले भरत सिंह ने शिकायत दी है कि उसकी पत्नी सुनीता का सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में खाता है।  बीती दो नवंबर को जब वह बैंक में रुपयों की निकासी करने के लिए गए तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से दो लाख नौ हजार 140 रुपये निकाल लिए गए हैं। यह ठगी आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए की गई।  इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी। इससे पूर्व भी एक न्यायाधीश के साथ आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए धोखाधड़ी कर 24500 रुपयों की ठगी की गई। इस प्रकार के बढ़ते अपराध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्रभावी  दिशा निर्देश दिए जिन के अनुरूप कार्य करते हुए साइबर ठगी के इन मामलों की जांच गहनता से करते हुए मामले का भंडाफोड़ किया।

पुलिस की नजरों से बचने के लिए मजदूर के खातों का किया गया प्रयोग

दिन-प्रतिदिन सामने आ रहे ऐसे मामलों की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने गहनता से जांच शुरु कर दी। जांच में पाया गया कि पीडि़तों के खातों से निकाले हुए रुपये जिला मथुरा के रहने वाले चांद खान के खातों में जमा हुए हैं। पुलिस खातों के जरिए चांद खान तक पहुंची और चाँद खान को काबू कर पूछताछ की गई। चांद खान ने बताया कि वह मथुरा में चाय की दुकान पर बर्तन साफ़ करने का कार्य करता है। करीब दो माह पहले मूल रूप से मध्यप्रदेश के मुरैना के रहने वाले इंद्रजीत और मथुरा के रहने वाले जीतू ने लड़की की शादी में कन्यादान राशि दिलाने का बहाना बनाकर उससे आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए। इसके बाद आरोपितों ने उन कागजातों के आधार पर उसके खाते खुलवा लिए। आरोपितों द्वारा ठगी की राशि इन खातों में ट्रांसफर कर दी जाती और फिर यह राशि अपने अन्य साथियों के खातों में भेज दी जाती और मिलते ही पैसे निकाल लिए जाते। 

ठगी करने के लिए अपनाया शातिराना तरीका

आरोपितों द्वारा ठगी के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया गया था। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपितों ने  रजिस्ट्री हासिल की।  इसके बाद आरोपितों द्वारा सबसे पहले प्राप्त हुई रजिस्ट्रियों से खरीदार विक्रेताओं के लगे हुए अंगूठे के निशान व आधार कार्ड नंबर को लिया गया। उसके बाद अंगूठे का क्लोन तैयार कर एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए) से अलग-अलग खातों रुपये निकाल लिए गए। इतना ही नहीं आरोपितों ने बड़ी संख्या अंगूठे के क्लोन तैयार कर रखे हुए थे, जिनसे रुपये निकालने थे।  गिरफ्तार आरोपी के फोन से करीब 600 रजिस्ट्रियां मिली हैं। आरोपी को आज पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है रिमांड अवधि के दौरान ठगी गई रकम की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। आरोपी से गहनता से पूछताछ जारी है।

साइबर फ्रॉड के शिकार हो तो तुरंत करे इस नम्बर पर शिकायत, हरियाणा साइबर पुलिस करेगी मदद

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चंडीगढ़, 10 अक्टूबर - 1930 पर कॉल करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के माध्यम से खोई गई किसी भी राशि को वापस करना सुनिश्चित किया जा सकता है। जी हाँ, 1930 पर ऐसी शिकायतें मिलने के बाद, हरियाणा के साइबर पुलिस स्टेशन, रोहतक ने इस साल सितंबर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 23.50 लाख रुपये ब्लॉक करवाए हैं।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी साझा करते हुए बताया कि साइबर धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस अक्टूबर 2022 को साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाकर साइबर अपराध से संबंधित घटनाओं के बारे में नागरिकों को लगातार सचेत व् जागरूक भी कर रही है। साइबर अपराध के प्रति जागरूक होकर नागरिक साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं। हालांकि, स्टेट साइबर क्राइम की एक अच्छी तरह से सुसज्जित और प्रशिक्षित टीम भी नागरिकों की गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर जालसाज ऐप/एप्लिकेशन और बैंकिंग सिस्टम में सेंधमारी कर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस तरह नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पोर्टल तैयार किया है, जिसका एक हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है। जिस पर पीड़ित साइबर अपराध से संबंधित अपनी शिकायत दे सकते हैं। ऑनलाइन/साईबर ठगी का शिकार हुआ पीड़ित व्यक्ति तुरंत हैल्पलाइन नंबर पर शिकायत देता है तो फ्रॉड की जानकारी के आधार पर जिस अकाउंट में पैसा गया है साइबर अपराध डैस्क द्वारा उसी समय उस अकाऊंट को फ्रीज कर दिया जाएगा जिस अकाउंट में पीड़ित का पैसा ट्रांसफर हुआ है। बैंक अकाउंट फ्रीज होने के बाद ठगध्मालिक उससे पैसा निकाल नहीं पाएगा। साथ ही पीड़ित के अकाउंट से ट्रांसफर किए गए पूरे रुपये वापस पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर कराए जाएंगे।

साइबर अपराध से संबंधित शिकायत डायल-112 पर भी दर्ज की जा सकती है। अगर किसी कारण 1930 नंबर नही मिलता है तो आमजन डायल 112 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। दोनो नंबर चैबिस घंटे कार्य करते है। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित जितनी जल्दी हो सके 1930 या 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाये। माह अक्तूबर के शुरू से ही प्रत्येक दिन पुलिस द्वारा लोगों को साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। इसी कडी मे स्कूल, कॉलेजों, विश्वविद्यालय, बस स्टैण्ड, ग्राम पंचायत व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जा रहा है।