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ACP दलबीर सिंह सहित कई पुलिसकर्मी रिटायर हुए

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फरीदाबाद- पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं पूरी करने के पश्चात आज 5 पुलिसकर्मी और 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों में एसीपी दलबीर सिंह, उप निरीक्षक रति राम, जैकम खान, सीता राम, रामबीर सिंह, एएसआई राकेश कुमार, वाटर कैरियर कंवर सिंह तथा कुक रत्न सिंह का नाम शामिल है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति पर पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने बधाई देते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। तथा इस अवसर पर पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर 21C में विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें पुलिस आयुक्त के साथ डीसीपी मुख्यालय नीतीश कुमार अग्रवाल, डीसीपी मुकेश कुमार मल्होत्रा, डीसीपी नरेंद्र कादियान, डीसीपी कुशल सिंह, सभी जोन के एसीपी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों द्वारा पुलिस विभाग में दी गई सेवाओं के लिए उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि इन पुलिसकर्मियों ने पुलिस के विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं। 

इन्होंने अपने जीवन में बहुत सारी विपरीत परिस्थितियों का सामना भी किया है और इन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने के पश्चात ही यह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं कि सैकड़ों लोग इन्हें जानते हैं और समाज के श्रेष्ठ व्यक्तियों में इनका भी नाम शामिल है। इन्होंने पुलिस विभाग में रहते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की समस्याओं का हल करने में अपना अहम योगदान दिया है जिसके लिए वह प्रशंसा के पात्र हैं। इसी प्रकार निवृत्त हुए पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए पुलिस आयुक्त ने उनके आने वाले भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी।

पराली जलाने वालों पर दर्ज होगा केस, 12 टीमें मारेंगी छापे- DC विक्रम

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फरीदाबाद, 10 अक्तूबर। डीसी विक्रम ने जिला फरीदाबाद के किसानों से धान की कटाई के बाद पराली ना जलाने का आह्वान किया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे पराली का उचित प्रबंधन कर इसे आईपीएल के एथनॉल प्लांट के लिए बेचे। ताकि देश ईंधन के लिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।

इसके साथ ही डीसी विक्रम ने कहा है कि पराली जलाने वालों के खिलाफ केस भी दर्ज किया जाएगा और तुरंत  कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं खेतों में मित्र कीटों को भी नुकसान पहुंचता है।

12 टीमें मारेंगी छापे

अधिकारियों की टीमों को फील्ड में रहने के निर्देश देते हुए डीसी  ने कहा कि पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों की टीमों को रविवार के दिन भी विशेष रूप से गश्त करके पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए 12 टीमों का विशेष तौर पर गठन किया गया है। ताकि पर्यावरण के संरक्षण के साथ ही पराली का उचित प्रबंधन भी हो सके। उन्होंने कहा कि किसान पराली जलाने की बजाय उसका उचित प्रबंधन कर लाभ कमाएं। पर्यावरण का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। इसमें किसान को भी सहयोग देना चाहिए।

कृषि विभाग के उपनिदेशक की अपील पराली न जलाएं किसान   

जिला में किसानों को जागरूक करने के लिए जागरूकता कैम्प चलाए जा रहे हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ पवन कुमार ने जिला के किसानों से धान की पराली न जलाने की अपील करते हुए कहा कि धान के बचे अवशेष में खेती के लिए उपयोगी 17 तत्व पाए जाते हैं। इसलिए इन्हें जलाए नही बल्कि खेत में ही जोत कर खेत की उपजाऊ शक्ति को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिला में धान की कटाई का समय आ गया है। ऐसे में कृषि विभाग द्वारा स्कूलों में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए 20 टीमें स्कूलों में जा रही है ताकि स्कूलों के विद्यार्थी भी किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान के भागीदार बनकर किसानों में जागरूकता लाई जा रही हैं।

डॉ पवन कुमार ने बताया कि धान के फसल अवशेष में आर्गेनिक कार्बन कंटेंट भी उपलब्ध होता है। जिसमें नाइट्रोजन 0.65 प्रतिशत व पोटेशियम की मात्रा करीब 0.30 प्रतिशत होती है। उन्होंने बताया की चूंकि जिला फरीदाबाद की भूमि में ऑर्गेनिक कार्बन कंटेंट की मात्रा 0.2 से 0.4 प्रतिशत के करीब है। ऐसे में धान की फसल अवशेष को पूसा डी कंपोजर की मदद से खेत मे ही सड़ा कर खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ाई जा सकती है।

डॉ पवन कुमार ने आगे कहा कि किसान जीरो टिलेज यंत्र के माध्यम से खड़ी फसल में भी गेहूं की बिजाई कर सकते है। रोटावेटर के माध्यम से खेत को जोत सकते है व सुपर सीडर की मदद से जुताई व बिजाई दोनों एक साथ  की जा सकती है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा कटाई से पहले ही इन सीटू एक्स सीटू कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए है जिस पर 50 प्रतिशत की अनुदान राशि व्यक्तिगत किसान व 80 प्रतिशत की अनुदान राशि कस्टम हायरिंग सेंटर को दी गई है।

JJP राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला का करनेरा गांव में हुआ भव्य स्वागत: राजेश भाटिया

 
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फरीदाबाद 2 अक्टूबर। जननायक जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश भाटिया ने बताया कि जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अजय सिंह चौटाला के आगमन पर गांव कारनेरा में स्वागत के लिए सैकड़ों मोटरसाइकिल चालकों द्वारा आयोजन स्थल पर डॉक्टर अजय सिंह चौटाला जिंदाबाद के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। और जनसभा के संयोजक प्रवीण त्यागी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ।

जजपा जिला अध्यक्ष राजेश भाटिया ने बताया कि इस मोटरसाइकिल रैली की यात्रा में विशेषता यह रही कि पार्टी अध्यक्ष डॉक्टर अजय सिंह चौटाला द्वारा ट्रैक्टर का संचालन करते हुए आगे-पीछे भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।

यह मोटरसाइकिल रैली कार्यक्रम स्थल से लगभग 1 किलोमीटर पीछे से ही डॉक्टर अजय सिंह चौटाला शामिल हुए। जहां पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनसभा को संबोधित किया।

जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अजय सिंह चौटाला ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जननायक जनता पार्टी का परिवार अर्थात संगठन में प्रतिदिन सदस्यों की संख्या बढ़ रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कल सोमवार को ग्राम पंचायतों के चुनावों की घोषणा हो जाएगी और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को एक साथ जुट होकर संगठन को मजबूत करने का काम करें और अपने एकता की पहचान कराएं।

कार्यक्रम के दौरान जननायक जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश भाटिया ने अजय सिंह चौटाला को विश्वास दिलाते हुए कहा कि, सभी पार्टी कार्यकर्ता मजबूती से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे और कहा कि, हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में मजबूती के साथ संगठन उभरकर आयेगा और उन्होंने उपस्थित सभी पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों का आभार/धन्यवाद व्यक्त किया।

 इस अवसर पर जजपा जिला अध्यक्ष राजेश भाटिया के साथ अजय सिंह चौधरी, ठाकुर राजाराम, तेजपाल डागर, अरविंद भारद्वाज, कुलदीप तेवतिया, अमर नरवत, हाजी करामत अली, बेगराज नागर, हातम अधाना, अनिल खुंटेला, विकास चंदीला, अमर सिंह दलाल, अमर सिंह, हरिराम किराड़, नंदराम पाहिल, रतनलाल, सीमा सितोरिया, रवि शर्मा, रविंद्र पराशर, संदीप कपासिया, बल्ली ठाकुर, गगन अरोड़ा, गजेंद्र भडाना, अनिल किराड़, रिंकल भाटिया, विशाल भाटिया, असगर सरपंच, गुलाब रावत, सूरत चौहान, सुनील शास्त्री, हरमीत कौर, कृष्ण कपासिया, लोकेंदर, संदीप पुरुषभान, नवीन सहगल, गीतांजलि अहलावत, कुनाल वर्मा, अरविंद शर्मा, अमर बजाज, वीरेंद्र सितोरिया, सरवन करहाना, जावेद अख़्तर, अयूब खान, देव कौशिक, रमजान खान, अब्दुल वहीद, नदीम व अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

MCF के एक कर्मचारी पर लगा 20,000 रुपये का जुर्माना, कारण जाने?

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चण्डीगढ़, 22 सितम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अंत्योदय के मूल मंत्र पर चलते हुए  समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं व नागरिक सेवाओं का लाभ पहुंचाने के विजन को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग भी साकार कर रहा है। इस कड़ी में राज्य के विभिन्न जिलों से आयोग के पास पत्र या ई-मेल के द्वारा अधिसूचित सेवाओं से संबंधित जब भी शिकायतें आती हैं तो आयोग द्वारा उन पर तत्परता से संज्ञान लिया जाता है।

आयोग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग के पास फरीदाबाद से पीयूष कथूरिया ने ई-मेल से अपनी प्रॉपर्टी आई.डी. में नाम बदलवाने से संबंधित शिकायत भेजी, जिसमें कहा गया कि इस कार्य के लिए वह नगर निगम फरीदाबाद कार्यालय के कई चक्कर काट चुका है परंतु उसे यह सेवा नहीं दी जा रही थी।

प्रवक्ता ने बताया कि इसी प्रकार, कुछ ही दिनों बाद स्मृति रानी का भी ईमेल आयोग को प्राप्त हुआ और उसकी शिकायत भी प्रॉपर्टी आई.डी. से संबंधित थी। दोनों शिकायतों से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नगर निगम कार्यालय के कर्मचारी आम लोगों का कार्य  बार-बार चक्कर काटने के बाद भी करते ही नहीं। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग द्वारा अधिसूचित सेवाओं का निर्धारित समय-सीमा के अंदर विभागों को निष्पादन करना होता है।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग द्वारा अधिसूचित सेवाओं में ‘संपत्ति कर रजिस्टर में मालिक के नाम का परिवर्तन’ की सेवा के लिए 15 दिन की समय अवधि निर्धारित है। आयोग ने मामले की जांच के लिए पुराना फरीदाबाद के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी को नोटिस भेजा। नोटिस का जवाब देते हुए पीयूष कथूरिया के मामले में प्रतिवादी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ सेल डीड की प्रति नहीं लगाई थी। जिस कारण से उनका आवेदन लंबित रहा।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने जब मामले की पूरी तरह से जांच की तो पता चला कि सेवा का अधिकार अधिनियम की सेवा देने की निर्धारित समय सीमा के बाद, जब आयोग ने रिपोर्ट मांगी तब ही नगर निगम ने उनके आवेदन पर कार्यवाही की। उन्होंने बताया कि फाईलों का आंकलन करने पर, आयोग को यह भी ज्ञात हुआ कि विजय सिंह क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (जेडटीओ) ने निगम कार्यालय के सहायक गिरिराज सिंह को कई बार पत्र द्वारा लिखित में चेतावनी दी थी कि अधिसूचित सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में ही दिया जाए। इसके पश्चात पीयूष कथूरिया को फोन पर सूचित करके दस्तावेज पूरे करने को कहा गया जो शिकायतकर्ता ने जमा करा दिए और उसे सेवा प्रदान कर दी गई जबकि स्मृति रानी के मामले में, आयोग को जानकारी दी गई कि गिरिराज सिंह ने आवेदन को खारिज कर दिया, जिसका कारण दस्तावेजों में कमी थी।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के लिए यह हैरानी की बात थी कि आयोग के पास भेजी गई दोनों ही शिकायतें एक जैसी थी। निगम के सहायक गिरिराज सिंह एक तरफ पीयूष कथूरिया को आवेदन में दस्तावेजों की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें फोन करके सभी दस्तावेज पूरे करवाते हैं तो दूसरी तरफ स्मृति के आवेदन को खारिज कर देते हैं। आयोग द्वारा मामले में की गई सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट था कि गिरिराज सिंह, उन सरकारी कर्मचारियों में से हैं जो कि अपने काम की जिम्मेदारी बिल्कुल भी नहीं लेते और न ही अपने अधिकारी की चेतावनी की प्रवाह करते हैं।

आयोग ने इस कर्मचारी की लापरवाही का कड़ा संज्ञान लेते हुए गिरिराज सिंह सहायक पर  दो अलग-अलग मामलों में 20,000 रुपये  का जुर्माना लगाया और यह भी आदेश दिया कि अगर उन्होंने यह जुर्माना निर्धारित समय में नहीं भरा तो जुर्माने की राशि उसके वेतन से काट ली जाएगी।

29 सितम्बर को आयोजित रोजगार मेले की अध्यक्षता करेंगे केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर

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फरीदाबाद, 20 सितम्बर। डीसी विक्रम ने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव पखवाड़ा के तहत आगामी 29 सितम्बर बुधवार को स्थानीय सेक्टर-12 के कन्वेंशन हाल में विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले की अध्यक्षता भारत सरकार के भारी उद्योग एवं ऊर्जा विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर करेंगे। 

युवाओं को स्वरोजगार के लिए  आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। डीसी विक्रम ने कहा कि रोजगार मेले में  बेरोजगारों को स्वरोजगार देकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार युवाओं को कौशल के आधार रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में जिला फरीदाबाद की कंपनियों को भागीदार बनाया जाएगा। जहां युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।  इसके लिए सरकार ने एनसीआर में सीक्रेट पॉलिसी बनाई गई। जिसमें औद्योगिक क्षेत्र में सक्षम युवाओं को स्वरोजगार देने में सरकार हर संभव मदद की जा रही है।

सरकार की नई पॉलिसी के तहत कौशल विकास और आईटीआई पास युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मल्टीनेशनल कंपनियों में युवाओं को रोजगार के लिए आवेदन लेकर उन्हें रोजगार दिलवाया जाएगा।

बैठक में नगराधीश नसीब कुमार, जिला रोजगार अधिकारी सुनीता यादव,श्रम विभाग के अजय पाण्डु, प्रिंसिपल डॉ महेन्द्र कुमार गुप्ता, प्रिंसिपल डॉ नरेन्द्र कुमार, कुमारी नीतू कपूर, कुमारी सोनिया, पदम सिंह, प्रताप सिंह सहित बैठक से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों व एफआईए के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

3 राज्यों के 3 मोस्ट वांटेड बदमाश हुए गिरफ्तार, 2 लाख रुपये का था इनाम

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चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस द्वारा आपराधिक तत्वों के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत 2.2 लाख रुपये के तीन इनामी व मोस्ट वांटेड बदमाशों को जिला सोनीपत से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों उत्तरप्रदेश, दिल्ली व हरियाणा पुलिस के मोस्ट वांटेड हैं। इनकी गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश में 2 लाख व हरियाणा में 20,000 रुपये का इनाम घोषित है।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने विभिन्न अपराधों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।  यह भी खुलासा हुआ कि काबू किए गए तीनों बदमाशों की हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस को हत्या, हत्या के प्रयास, लूट व अन्य सहित करीब तीन दर्जन आपराधिक मामलों में तलाश थी।

आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला निवासी अतुल उर्फ मोटा व सनी काकरान और सुल्तानपुरी दिल्ली के नसरुद्दीन उर्फ नसरू के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अतुल और सनी काकरान पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक-एक लाख रुपये और हरियाणा पुलिस द्वारा 20,000-20000 रुपये का इनाम घोषित है। जबकि नसरुद्दीन दिल्ली में डबल मर्डर केस में वांटेड है।

इस बीच डीजीपी हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल ने तीनों बदमाशों को काबू करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराध पर किए गए प्रहार से न केवल असामाजिक तत्वों का मनोबल टूटता है बल्कि नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है।

फरीदाबाद साइबर थाना इंस्पेक्टर वसंत चौहान की टीम को बड़ी कामयाबी, 262 वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग को दबोचा

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हरियाणा: फरीदाबाद पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा द्वारा साइबर अपराधों में कार्रवाई करके आरोपियों की जल्द से जल्द धरपकड़ करने के दिशा निर्देश के तहत कार्य करते हुए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत की टीम ने साइबर क्राइम गैंग का भंडाफोड़ करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। साइबर थाना की टीम ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धर्मेंद्र, विकास उर्फ विकी, सचिन, मनीष तथा मैक्स उर्फ बिल्लू का नाम शामिल है। 

आरोपी विकास यूपी के मुजफ्फरनगर, आरोपी धर्मेंद्र दिल्ली के त्रिलोकपुरी तथा आरोपी सचिन, मनीष तथा बिल्लू गुरुग्राम के रहने वाले हैं। आरोपी धर्मेंद्र तथा विकास साइबर क्राइम की वारदातों के मुख्य आरोपी हैं तथा आरोपी सचिन का बैंक खाता धोखाधड़ी की इन वारदातों में प्रयोग किया जाता था वहीं आरोपी मनीष तथा आरोपी बिल्लू आरोपी सचिन और धर्मेंद्र के बीच की कड़ी थी जो सचिन से बैंक एटीएम लेकर धर्मेंद्र तथा विकास को उपलब्ध करवाता था जो धोखाधड़ी से प्राप्त हुई रकम को निकलवा लेते थे। आरोपियों द्वारा फरीदाबाद के आदर्श नगर के रहने वाले सत्य प्रकाश से साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम देते हुए ₹215949 हड़प लिए थे। पीड़ित की शिकायत के आधार पर 26 दिसंबर 2021 को धोखाधड़ी तथा षड्यंत्र इत्यादि धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई। 

पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया जिसमें एएसआई भूपिंदर, नरेंद्र तथा नीरज, महिला प्रधान सिपाही अंजू, सिपाही संदीप, अमित तथा अंशुल का नाम शामिल था। काफी दिनों की कड़ी मशक्कत तथा गुप्त सूत्रों व तकनीकी की सहायता से साइबर थाना की टीम ने इस मामले में शामिल आरोपी सचिन, मनीष तथा बिल्लू को दिनांक 20 अप्रैल 2022 को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया जिसमें आरोपियों ने अपने साथी धर्मेंद्र तथा विकास के बारे में पुलिस को जानकारी दी। उक्त आरोपियों की जानकारी के आधार पर दिनांक 22 अप्रैल को आरोपी धर्मेंद्र तथा विकास को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों को अदालत में पेश करके 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया जिसमें आरोपियों ने फरीदाबाद निवासी के साथ की गई धोखाधड़ी की वारदात के बारे में पुलिस को जानकारी दी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बहुत ही शातिर किस्म के अपराधी हैं। इस मामले का मुख्य आरोपी धर्मेंद्र एक इंश्योरेंस करवाने वाली कॉल सेंटर कंपनी में नौकरी करता था जहां पर उसके पास विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के ग्राहकों की जानकारी थी। आरोपी धर्मेंद्र कंपनी से जानकारी चुराकर लाता था और इसी जानकारी के आधार पर आरोपी ने अपने साथी विकास के साथ मिलकर पॉलिसी धारकों से संपर्क करना शुरू कर दिया। आरोपी उन कस्टमर को अपना निशाना बनाते थे जिनकी जिनकी पॉलिसी किस्त न भरने या अन्य किसी कारण से लेप्स हो चुकी होती थी। आरोपी पॉलिसी धारकों को कॉल करके उनकी लेप्स हुई पॉलिसी पर बजाज फाइनेंस कंपनी से लोन दिलवाने का लालच देते थे। 

जब पॉलिसी धारक अपनी लेप्स हुई पॉलिसी पर लोन लेने के लिए राजी हो जाता था तो वह उसे बैंक में नया खाता खुलवाने के लिए बोलते थे जिसमे लोन की रकम डालने का लालच दिया जाता थ और खाता खुलवाने के लिए पॉलिसी धारक का आधार, पेन कार्ड तथा अन्य जरूरी कागजात मंगवा लेते थे। इसके पश्चात आरोपी पॉलिसी होल्डर के कागजात के आधार पर बैंक में ऑनलाइन खाता खुलवाकर उसकी नेट बैंकिंग सर्विस एक्टिवेट करवा लेते थे तथा ग्राहक को अपने झांसे में लेकर ओटीपी की सहायता से नेट बैंकिंग का आईडी पासवर्ड तैयार करके अपने पास रख लिया जाता था। आरोपी लोन के पैसे खाते में डलवाने के लिए ग्राहक को लालच देते कि लोन का कुछ हिस्सा उन्हें पहले अपने खाते में जमा करना होगा और उसके पश्चात उन्हें लोन की पूरी रकम उनके खाते में डाल दी जाएगी। लोन की राशि को पाने के लालच में आकर ग्राहक आरोपियों द्वारा बताई गई रकम आरोपियों द्वारा खुलवाए गए ग्राहक के अकाउंट में डलवा देते थे। 

जैसे ही रकम ग्राहक के खाते में आ जाती थी तो नेट बैंकिंग की सहायता से आरोपी सारी की सारी रकम अपने साथी आरोपी सचिन के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। इसी प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम देते हुए आरोपियों ने फरीदाबाद निवासी सत्य प्रकाश को उसकी पॉलिसी पर 12 लाख रुपए रुपए का लोन दिलवाने का लालच देकर उसके खाते से ₹215949 अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए और इसके पश्चात आरोपियों ने एटीएम के माध्यम से सारे पैसे निकलवा लिए।  साइबर थाना की टीम ने इस मामले में आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन तथा ₹117500 बरामद किए हैं। 

साइबर थाना की टीम ने आरोपियों के कब्जे से प्राप्त मोबाइल फोन के माध्यम से जब जानकारी निकलवाई तब पता चला कि इन मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरे देश के अंदर आरोपियों द्वारा 262 साइबर क्राइम की वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है जिसमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के 91 तथा दिल्ली के 30 मामले शामिल है।  पूछताछ पूरी होने के पश्चात आरोपियों को अदालत में दोबारा पेश करके जेल भेज दिया गया है। साइबर थाना की टीम द्वारा इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की गई है जो भविष्य में भी इसी प्रकार साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने में लगातार प्रयासरत रहेगी।

बहुत दुखी हैं SRS रॉयल हिल्स फेज 2 में फ्लैट खरीदने वाले 80 से ज्यादा परिवार

 
फरीदाबाद, 8 नवम्बर। फरीदाबाद नहर पार स्थित एसआरएस रॉयल हिल्स फेज 2 में फ्लैट खरीदने वाले 80 से ज्यादा परिवार पिछले नौ सालों से वनवास काट रहे हैं, क्योंकि इन्हें अभी तक फ्लैट नहीं मिल पाए हैं। इसी को लेकर एसआरएस रॉयल हिल्स फेज-2 के प्रांगण में आज हवन-यज्ञ कर भगवान से प्रार्थना की गई कि उनके वनवास को खत्म कर उन्हें भी अपने आवास में रहने का आशीर्वाद प्रदान करें।

उक्त जानकारी देते हुए एसआरएस रॉयल हिल्स फेज 2 आरडब्ल्यूए के प्रधान तरुण वर्मा, महासचिव अम्बुज गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजीव बिसारिया, उपाध्यक्ष अमन नरुला तथा एग्जीक्यूटिव सदस्य वरुण नागपाल ने बताया कि यहां 80 से ज्यादा परिवारों ने वर्ष 2012 में फ्लैट के लिए रकम जमा कराई थी और उन्हें वर्ष 2016 में फ्लैट्स की पजीशन मिल जानी चाहिए थी, लेकिन एसआरएस रॉयल हिल्स के निवेशकों की कोताही व अन्य कारणों के चलते फ्लैट्स का निर्माण अधर में लटक गया तथा उन्हें अभी तक पजीशन नहीं मिल पाई है जिसके चलते उक्त 80 परिवार वनवास की तरह इधर-उधर गुजर-बसर करने को विवश हैं। एसआरएस ग्रुप के पदाधिकारी तो अपनी कारगुजारियों के चलते कानून के शिकंजे में सजा भुगत रहे हैं लेकिन यहां फ्लैट बुक करने वाले लोग बिना किसी गलती के पिछले 9 साल से वनवास काटने को विवश हैं।

उक्त पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने शासन-प्रशासन से उक्त फ्लैट्स जल्द से जल्द दिलवाने का अनुरोध किया लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। अब वे इस मामले को लेकर माननीय  रेरा (हरियाणा) में गए हैं जहां अब तक कई तिथियां लग चुकी है मगर अभी तक फ्लैट्स की पजीशन मिलने का ठोस आश्वासन नहीं मिल पाया है जिसके चलते वे बेहद परेशान हैं।

12000 से 18979 रुपए में 320 वाट के सोलर इनवर्टर चार्जर- अतिरिक्त उपायुक्त, Faridabad

 
फरीदाबाद, 17 अगस्त: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा प्रदेशवासियों को सोलर इन्वर्टर चार्जर लगवाने पर सब्सिडी योजना शुरू की गई है । अतिरिक्त उपायुक्त सतवीर सिंह मान ने सोलर इनवर्टर चार्जर लगवाने के फायदों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके फलस्वरूप बिजली से इनवर्टर की बैटरी की चार्जिंग की समस्या खत्म होगी, बिजली के बिल में बचत होगी, मानवता हित में पर्यावरण के अनुरूप व प्रदूषणरहित बिजली प्राप्त होगी और पहले 5 साल तक रखरखाव का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा । 320 वाट के सोलर इनवर्टर चार्जर की अनुमानित लागत 18000 से 24979 रुपए है जिसमें सरकार का अनुदान 6000 रुपये देने के उपरांत उपभोक्ता की देय राशि अनुमानित  12000 से 18979 रुपए  होगी। इसी प्रकार 640 वाट के सोलर इनवर्टर चार्जर की अनुमानित लागत 28 हजार से 39792 रुपए  है इसमें सरकार की ओर से अनुदान राशि 10000 रुपए मिलने के उपरांत उपभोक्ता की देय राशि अनुमानित  18000 से 29792 रुपए होगी । 

सोलर इन्वर्टर चार्जर लगवाने के लिए सरल पोर्टल www.saralharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करते समय छत का फोटो जहां पर सोलर लगवाना है वह अपलोड करना होगा। सहायक परियोजना अधिकारी रविकांत शर्मा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को विभाग के मानकों के अनुसार विभाग की पैनलबंद कंपनियों जिनका विस्तृत जानकारी विवरण विभाग की वेबसाइट www.hareda.gov.in पर उपलब्ध है।  यहां पर सम्पर्क करने के उपरांत  रेट में तय करके सिर्फ लाभार्थी हिस्सा कंपनी को देकर उक्त प्रणाली दो  महीने के अंदर जारी स्वीकृति-पत्र की शर्त अनुसार किसी भी कंपनी से स्थापित करनी होगी। पैनलबंद कंपनियों के नाम व नंबर के अनुसार मेसर्स हिमालयन  सोलर प्राइवेट लिमिटेड पंचकूला मोबाइल नंबर- 86291 94870, मैसर्स

सन एंड सैंड एग्जिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बहादुरगढ़ मोबाइल नंबर-92165 04624 , मैसर्स राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड जयपुर मोबाइल नंबर- 722 711 729 मैसर्स गौतम सोलर प्राइवेट लिमिटेड न्यू दिल्ली मोबाइल नंबर 83769 80764 मैसर्स शिवजी  पावर सिस्टम लिमिटेड न्यू दिल्ली मोबाइल नंबर- 85275 41166 हैं। इस संबंध में और अधिक विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय लघु सचिवालय सेक्टर-12 की चौथी मंजिल पर स्थित नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के जिला प्रबंधक कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।