Faridabad Assembly

Palwal Assembly

Faridabad Info

Showing posts with label MCF. Show all posts

फरीदाबाद नगर निगम के कर्मचारियों ने मुख्यालय पर किया प्रदर्शन


फरीदाबाद 1 मार्च नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर आज नगर निगम के सभी विभागों के कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर भोजन अवकाश के समय जोरदार प्रदर्शन किया तथा निगम आयुक्त प्रतिनिधि पीए रवि वासुदेवा को ज्ञापन सौंप कर 8 फरवरी 2023 को सरकार के पत्र के अनुसार वर्षों से अनुबंधित आधार पर लगे सफाई कर्मचारियों तथा सीवर मैनो को भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नई नियमित नियुक्ति करने हॉट दिसंबर 2022 के पत्र के अनुसार विभाग में लगे वर्क आउट सोर्स ऑपरेशनल एंड मेंटेनेंस डोर टू डोर के कर्मचारियों को बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन देने ईएसआई पीएफ का लाभ देने तथा सरकार के दायित्व की पालना न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने वर्क आउट सोर्स डोर टू डोर ऑपरेशन एंड मेंटिनेस आरपीएफ स्टैंडर्ड व अन्य प्रकार के ठेकों में लगे कर्मचारियों को विभाग के रोल पर करने चटनी किए गए कर्मचारियों को बहाल करने लेमिनेशन कार्ड में डाले गए पदों को बहाल करने तथा क्षेत्रफल आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारी व सीवर मैन सहित अन्य तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों एवं फायर मेनो ड्राइवर आदि के नए पद सृजित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। 

आज के इस प्रदर्शन की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान दलीप सिंह बोहत  ने की तथा मंच का संचालन सफाई कर्मचारी यूनियन के सचिव कृष्ण चंडालिया ने किया प्रदर्शन में मुख्य रूप से नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री राज्य उप महासचिव सुनील चंडालिया राज्य सचिव अनूप वाल्मीकि राज्य उपप्रधान कमला एवं सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान करतार सिंह वरिष्ठ प्रधान बलबीर सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे नगर निगम के कर्मचारी 3 मार्च को भी सर्व कर्मचारी संघ के आव्हान पर पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। 

श्री शास्त्री ने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से 1000 रुपया स्वच्छता भत्ता देने व अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है, आंदोलन के मद्देनजर ही मुख्यमंत्री ने पालिका के सफाई कर्मचारियों को 1हजार रुपये स्वछता भत्ता देने की घोषणा की है। लेकिन प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों, निगम, बोर्ड, कॉरपोरेशंस, यूनिवर्सिटी एवं ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित कर सफाई कर्मचारियों में भेदभाव किया है, सरकार इस भेदभाव को दूर करते हुए प्रदेश के सभी सफाई कर्मचारियों एवम सीवर मेनो  को भी1हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दे।

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार पर वार्ता हीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि विगत 12 फरवरी को मुख्यमंत्री के आवास करनाल पर पालिका कर्मचारियों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन करनाल द्वारा जल्द मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाने के लिखित दिए गए आश्वासन को झूठा बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। श्री शास्त्री ने चेतावनी दी है कि जल्द ही बैठक का समय नहीं दिया तो संघ प्रदेश व्यापी आंदोलन करेगा।

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व उपमहासचिव सुनील चिंडालिया, राज्य सचिव अनूप वाल्मीकि  व जिला के प्रधान दलीप बोहत, सचिव नानक खेरालिया व नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान गुरचरण सिंह खांड्या ने बताया कि मांगों को पूरा करवाने के लिए प्रदेश के पालिका कर्मचारियों व अग्निशमन कर्मचारियों  ने कई बार लगातार हड़ताल की है। 


विगत दिनों अक्टूबर 2022 में 11 दिन की हड़ताल के बाद 29 अक्टूबर को हुए फैसले में सरकार ने कुछ मांगों पर सहमति बनाई थी सहमति के बाद कुछ मांगों के पत्र सरकार ने जारी किए हैं लेकिन पालिका परिषद में नगर निगम के अधिकारी इन पत्रों को लागू नहीं कर रहे हैं। 

जिस कारण प्रदेश कि बड़े शहरों गुड़गांव पानीपत व अन्य  कई पालिकाओं, परिषदों एवं नगर  निगमो में लोकल स्तर पर आंदोलन चल रहे हैं, इसलिए संघ ने फैसला लिया है कि सभी नगर आयुक्त एवं निगम आयुक्तों को ज्ञापन देकर 15 दिन के अंदर अंदर मानी गई मांगों के पत्रों को लागू करने का नोटिस दिया जाए यदि अधिकारी 15 दिन के अंदर अंदर मानी गई मांगों को लागू नहीं करते हैं तो फिर प्रदेश सत्रीय आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई जाएगी।

आज के प्रदर्शन को अन्य के अलावा नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला कार्यकारी प्रधान सुदेश कुमार जिला कोषाध्यक्ष अनिल चंडालिया वरिष्ठ उप प्रधान रघुवीर चौटाला सफाई कर्मचारी यूनियन के वरिष्ठ उप प्रधान राकेश चंडालिया सैनिटेशन यूनियन के प्रधान शिवकुमार बेलदार यूनियन के प्रधान शहाबुद्दीन इलेक्ट्रिशियन यूनियन के प्रधान मनोज शर्मा ड्राइवर यूनियन के प्रधान वेद भड़ाना परशुराम गाना कार्यालय यूनियन के प्रधान रणजीत शुक्ला ने भी संबोधित किया।

MCF के एक कर्मचारी पर लगा 20,000 रुपये का जुर्माना, कारण जाने?

 mcf-haryana


चण्डीगढ़, 22 सितम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अंत्योदय के मूल मंत्र पर चलते हुए  समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं व नागरिक सेवाओं का लाभ पहुंचाने के विजन को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग भी साकार कर रहा है। इस कड़ी में राज्य के विभिन्न जिलों से आयोग के पास पत्र या ई-मेल के द्वारा अधिसूचित सेवाओं से संबंधित जब भी शिकायतें आती हैं तो आयोग द्वारा उन पर तत्परता से संज्ञान लिया जाता है।

आयोग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आयोग के पास फरीदाबाद से पीयूष कथूरिया ने ई-मेल से अपनी प्रॉपर्टी आई.डी. में नाम बदलवाने से संबंधित शिकायत भेजी, जिसमें कहा गया कि इस कार्य के लिए वह नगर निगम फरीदाबाद कार्यालय के कई चक्कर काट चुका है परंतु उसे यह सेवा नहीं दी जा रही थी।

प्रवक्ता ने बताया कि इसी प्रकार, कुछ ही दिनों बाद स्मृति रानी का भी ईमेल आयोग को प्राप्त हुआ और उसकी शिकायत भी प्रॉपर्टी आई.डी. से संबंधित थी। दोनों शिकायतों से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि नगर निगम कार्यालय के कर्मचारी आम लोगों का कार्य  बार-बार चक्कर काटने के बाद भी करते ही नहीं। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग द्वारा अधिसूचित सेवाओं का निर्धारित समय-सीमा के अंदर विभागों को निष्पादन करना होता है।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग द्वारा अधिसूचित सेवाओं में ‘संपत्ति कर रजिस्टर में मालिक के नाम का परिवर्तन’ की सेवा के लिए 15 दिन की समय अवधि निर्धारित है। आयोग ने मामले की जांच के लिए पुराना फरीदाबाद के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी को नोटिस भेजा। नोटिस का जवाब देते हुए पीयूष कथूरिया के मामले में प्रतिवादी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ सेल डीड की प्रति नहीं लगाई थी। जिस कारण से उनका आवेदन लंबित रहा।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने जब मामले की पूरी तरह से जांच की तो पता चला कि सेवा का अधिकार अधिनियम की सेवा देने की निर्धारित समय सीमा के बाद, जब आयोग ने रिपोर्ट मांगी तब ही नगर निगम ने उनके आवेदन पर कार्यवाही की। उन्होंने बताया कि फाईलों का आंकलन करने पर, आयोग को यह भी ज्ञात हुआ कि विजय सिंह क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (जेडटीओ) ने निगम कार्यालय के सहायक गिरिराज सिंह को कई बार पत्र द्वारा लिखित में चेतावनी दी थी कि अधिसूचित सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में ही दिया जाए। इसके पश्चात पीयूष कथूरिया को फोन पर सूचित करके दस्तावेज पूरे करने को कहा गया जो शिकायतकर्ता ने जमा करा दिए और उसे सेवा प्रदान कर दी गई जबकि स्मृति रानी के मामले में, आयोग को जानकारी दी गई कि गिरिराज सिंह ने आवेदन को खारिज कर दिया, जिसका कारण दस्तावेजों में कमी थी।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के लिए यह हैरानी की बात थी कि आयोग के पास भेजी गई दोनों ही शिकायतें एक जैसी थी। निगम के सहायक गिरिराज सिंह एक तरफ पीयूष कथूरिया को आवेदन में दस्तावेजों की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें फोन करके सभी दस्तावेज पूरे करवाते हैं तो दूसरी तरफ स्मृति के आवेदन को खारिज कर देते हैं। आयोग द्वारा मामले में की गई सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट था कि गिरिराज सिंह, उन सरकारी कर्मचारियों में से हैं जो कि अपने काम की जिम्मेदारी बिल्कुल भी नहीं लेते और न ही अपने अधिकारी की चेतावनी की प्रवाह करते हैं।

आयोग ने इस कर्मचारी की लापरवाही का कड़ा संज्ञान लेते हुए गिरिराज सिंह सहायक पर  दो अलग-अलग मामलों में 20,000 रुपये  का जुर्माना लगाया और यह भी आदेश दिया कि अगर उन्होंने यह जुर्माना निर्धारित समय में नहीं भरा तो जुर्माने की राशि उसके वेतन से काट ली जाएगी।