यमुना में बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत बुधवार को ट्रैक्टर पर बैठकर संबंधित अधिकारियों के साथ जिला के जल प्रभावित गांवों इंद्रानगर, मोहबलीपुर व मुस्तफाबाद आदि दौरा करते हुए वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में ग्रामीणों से रू-ब-रू होते हुए ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार और जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
उपायुक्त ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि जल प्रभावित गांवों के ग्रामीण जल्द से जल्द गांवों को खाली कर दें और जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए सेफ हाउस में शरण लें। उन्होंने कहा कि वे अपने पशुओं को भी निर्धारित जगहों पर सुरक्षित भिजवा दें, ताकि स्थिति किसी भी प्रकार की स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से आमजन सहित पशुओं के बचाव एवं राहत के लिए सभी बचाव एवं राहत कार्य और अन्य प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जल प्रभावित गांवों के नागरिकों की सुरक्षा सरकार और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए सेफ हाऊस में किए गए आवश्यक प्रबंधों और सुविधाओं जैसे दवाइयों का स्टॉक, खाद्य सामग्री, बिजली-पानी की व्यवस्था आदि का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने के आदेश देते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इस अवसर पर मोहबलीपुर गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष सौ-सौ गज के प्लाट उपलब्ध कराने की मांगी रखी। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीणों की मांग को सरकार के पास भिजवा दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने इंद्रानगर के रास्ते को ऊंचा कर पक्का बनवाने का भी आश्वासन किया। उन्होंने कहा कि विपदा की इस घड़ी में ग्रामीणों को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि सरकार और जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए जारी की गई एडवाइजरी और मानक संचालन प्रक्रिया की पालना करते हुए उनका अनुसरण करना चाहिए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, एसडीएम पलवल ज्योति, बीडीपीओ नरेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण और ग्रामीण उपस्थित रहे।



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