पलवल, 2 सितंबर। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वे बिल्कुल निश्चिंत रहें। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर जिला प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर एक्शन मोड में कार्य कर रहा है। यमुना जल स्तर बढ़ने से जिला के तकरीबन एक दर्जन गांवों के प्रभावित होने की संभावना है, जिनमें जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य और अन्य प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को अपने कक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी बाढ़ संभावित गांवों में सभी मूलभूत सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील समय में संबंधित अधिकारी अपने कर्तव्यों की अहमियत को समझें और पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। ऐसे संवेदनशील समय में संबंधित अधिकारी बाढ़ संभावित गांवों के दायरे में ही रहे, साथ ही हेडक्वार्टर मेंटेन करें और कोई भी अधिकारी अपना मोबाइल बंद न रखें।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया अनुसार बाढ़ से संबंधित बचाव उपाय और प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने रिंग बांध पर पटवारियों व ग्राम सचिवों के माध्यम से मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने सहित निरंतर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के संपर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मनुष्यों और पशुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित विभाग को आवश्यकतानुसार खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने, बिजली विभाग को गांवों में बिजली की आपूर्ति सहित जनरेटर की व्यवस्था करवाने, स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, ओआएस आदि की उपलब्धता, स्वास्थ्य जांच कैंप लगाने, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित बीडीपीओ व कृषि विभाग के अधिकारियों को गांवों में पशु चारे की व्यवस्था करवाने, जिला राजस्व विभाग को बोट हायर करने, लाइफ जैकेट की उपलब्धता, गोताखोरों की व्यवस्था, होम गार्ड, जेसीबी की व्यवस्था, चौबीस घंटे कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे में पंचायत स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी सहित 24 घंटे अलर्ट मोड में काम करते हुए गांवों में मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने चौकीदारों को भी 24 घंटे अलर्ट रहते हुए पहरेदारी और मुनादी करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जहां आवश्यकता हो वहां से बुजुर्गों व पशुओं को किसी अन्य शेफ जगह पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला रेडक्रॉस विभाग को वालंटियर्स को तैयार रहने सहित संबंधित अधिकारियों को सिविल डिफेंस वालंटियर्स को सतर्क रखने के निर्देश दिए हैं।
आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे अलर्ट मोड पर : उपायुक्त
उपायुक्त ने बताया कि ऐसे संवेदनशील समय में एसडीआरएफ, एनसीसी व वालंटियर्स को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित गांवों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को तैनात कर दिया गया है। साथ ही जिला में आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यमुना नदी के क्षेत्र में बसे गांवों यमुना जल प्रभाव और जल स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग करें और उन्हें निरंतर स्थिति से अपडेट कराते रहें। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार मुनादी कराई जाए और लोगों को लगातार जागरूक करें।
आमजन अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचनाओं और तथ्यों पर करें विश्वास :
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ के मद्देनजर चेतावनी दी गई है कि संवेदनशील समय में अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे केवल और केवल जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं और तथ्यों पर ही विश्वास करें। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सभी लोग जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए जारी किए गए आदेशों का पालन करें। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी टीमें 24 घंटे तैयार हैं।
आमजन हेल्पलाइन नंबर पर दें सूचना :
उन्होंने कहा कि जिला सचिवालय में बाढ़ राहत नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसमें 24 घंटे नियमित रूप से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, फ्लड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पलवल-01275-298160 और होडल हेल्पलाइन नंबर 01275-235836 पर सूचना दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आमजन अपने बच्चों और पशुओं को यमुना के किनारे निचले क्षेत्रों में न जाने दें और पूरी सावधानी बरतें। आवश्यकतानुसार बुजुर्गों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दें। बैठक में एडीसी जयदीप कुमार, एसडीएम पलवल ज्योति, सीटीएम अप्रतिम सिंह, डीआरओ बलराज सिंह दांगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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