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मारूति का प्लांट हरियाणा से कहीं नहीं जा रहा- मनोहर लाल

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चंडीगढ़, - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा से मारूति का प्लांट कहीं नही जा रहा है, यह प्लांट हरियाणा में ही रहेगा। मुख्यमंत्री ने मानेसर से मारूति डिजायर का प्लांट गुजरात के अहमदाबाद जाने के बारे में कांग्रेस द्वारा दिए गए बयान पर कहा कि इस बात में कोई दम नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में मारूति एक बार अपना एक प्लांट गुजरात ले गई थी , इस बात के लिए कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए कि उनके समय में मारूति का एक प्लांट पहले गुजरात जा चुका है, इसलिए वे हमारे सिर पर ठीकरा फोड़ेंगे ,यह गलत है।

  मुख्यमंत्री  गुरूग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देते हुए मारूति प्लांट के बारे में स्थिति स्पष्ट की ।उन्होंने कहा कि मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियो के साथ हमारी बातचीत चल रही है, उन्होंने खरखौदा में भी जमीन देखी है, बहुत जल्द हमारा उनके साथ जमीन का मामला सैटल होगा और यह प्लांट यहीं चलता रहेगा।

 निवेश के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत बड़ी कंपनियां गुरुग्राम में तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में निवेश कर रही हैं। नए नए प्रोजेक्ट्स प्रदेश में लग रहे हैं। गुरूग्राम में निवेश पर्याप्त आ रहा है और रोजगार के नाते से भी हरियाणा के लोगों के लिए 75 प्रतिशत रोजगार का प्रावधान किया गया है।

दिल्ली और हरियाणा  के बीच चल रहे पानी के विवाद के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को विज्ञापन का शौक है और उच्चतम न्यायालय ने जितनी मात्रा निर्धारित कर रखी है उतना पानी हरियाणा दिल्ली को दे रहा है। पानी की आवश्यकता तो हरियाणा की भी दिल्ली से कम नहीं है। मुख्य रूप से जहां हरियाणा की 2 करोड़ 90 लाख आबादी है वहीं दिल्ली की आबादी 2 करोड़ है। इस लिहाज से हमें उनसे डेढ़ गुना ज्यादा पानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यमुना से हमें 2 हजार कयूसिक पानी मिलता है जिसमें से 1 हजार 50 क्यूसेक पानी दिल्ली को दे रहे हैं।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में जल प्रबंधन की कुव्यवस्था के चलते दिल्लीवासियों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए झूठी राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। चाहे कोरोना में ऑक्सीजन की जरूरत का मामला हो या प्रदूषण का, हर मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री हमारे सिर भंडा फोड़ देते हैं, जबकि सब मुद्दा इन्होंने अपने आप बनाया हुआ है। अगर उनसे दिल्ली नहीं संभल रही तो हमे दे दो, हम संभाल लेंगे।

  मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्मरण करवाया कि किस प्रकार दिल्ली सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के समय जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन लेकर उसका अनावश्यक रूप से भंडारण किया । उन्होंने कहा कि हमारे यहां केस ज्यादा थे और दिल्ली से भी मरीज ईलाज के लिए हमारे यहां आ रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जहाँ दो करोड़ 90 लाख की आबादी पर 282 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई वहीं दिल्ली सरकार अपनी मात्र दो करोड़ की आबादी के लिए सुप्रीम कोर्ट से 700 मीट्रिक टन की आपूर्ति का निर्णय ले आई। कम ऑक्सीजन मिलने के बावजूद भी हमने अपने कुशल प्रबंधन से जरूरतमंदो तक ऑक्सीजन पहुंचाई।

दौलताबाद इंडस्ट्रीयल एरिया की समस्या का समाधान होने की उम्मीद

मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को दौलताबाद रोड़ इंडस्ट्रीयल एरिया की विकास योजना में औद्योगिक क्षेत्र और रिहायशी क्षेत्र अलग-अलग चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद दौलताबाद रोड़ इंडस्ट्रीयल एरिया में लगी इंडस्ट्री को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि की बैठक में दौलताबाद रोड़ इंडस्ट्रीयल एरिया की समस्या रखी गई थी जिसमें यह तय हुआ कि एक काॅपैक्ट एरिया जिसमें 90 प्रतिशत औद्योगिक ईकाईयां है और वे सभी नाॅन पोल्युटिंग युनिट हैं, उनके लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग डेवलपमेंट प्लान में दो हिस्से करके अलग हिस्सा बनाएगा। डेवलपमेंट प्लान में एक हिस्सा इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए होगा तथा दूसरा हिस्सा रेजीडेंशियल उद्देश्य के लिए बनेगा। डेवलपमेंट प्लाॅन में इंडस्ट्रीयल एरिया अलग होने के बाद उस क्षेत्र में इंडस्ट्रीयल बिल्डिंग प्लान को भी मंजूरी मिल सकेगी।

हर शिकायत का समाधान जिला प्रशासन अपने स्तर पर ही करें

मुख्यमंत्री ने जिला जनसम्पर्क एवं शिकायत निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनमानस की शिकायतों के समाधान के लिए इस बैठक का इंतजार न करें, बल्कि जिला प्रशासन को शिकायतों का निपटान अपने स्तर पर जल्द से जल्द करने की प्रथा अपनानी चाहिए।

बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि उनके निर्देशों का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने इस मासिक बैठक में प्राप्त कुल 27 शिकायतों में से 16 शिकायतों का समाधान पहले ही कर दिया है।

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