उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर बरसात में नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला सचिवालय में बाढ़ राहत नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसमें 24 घंटे नियमित रूप से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, फ्लड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पलवल-01275-298160 और होडल हेल्पलाइन नंबर 01275-235836 पर सूचना दी जा सकती है।
उन्होंने आमजन का आह्वान किया कि वे लगातार हो रही बरसात के दृष्टिगत सतर्क रहें और सावधानी बरतें। यमुना में छोड़ा गया करीब साढ़े 3 लाख क्यूसेक पानी परसों तक पलवल पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आमजन नदी से दूरी बनाए रखें और सभी आवश्यक कदम उठाएं।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, नगर निकाय और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने गांवों में ठीकरी पहरा लगाने और मुनादी करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त जयदीप कुमार, एसडीएम बलीना, सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, नगराधीश अप्रतिम सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहित वशिष्ठ, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं मार्ग) रितेश यादव सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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