निरंतर वर्षा और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण आस-पास के गांवों और जिले के अन्य भागों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस स्थिति और जिले में लगातार हो रही बरसात के मद्देनजर जलभराव और बाढ़ की स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कदम उठाने और राहत उपाय करने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तत्काल निरीक्षण करना आवश्यक है, जिसके लिए जिला के अधिकारियों को ड्यूटी सौंपी गई है।
जलभराव और बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी :
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति का आकलन करने और प्रभावित निवासियों के लिए तत्काल राहत उपाय करने के लिए जिला नगर आयुक्त, गांवों, विशेषकर यमुना नदी के निकटवर्ती गांवों का निरीक्षण करने, खेतों और आबादी क्षेत्रों में बाढ़ का आकलन करने तथा आवश्यक कार्यवाही करने के लिए संबंधित एसडीएम की ड्यूटी निर्धारित की है।
उन्होंने सीईओ, डीडीपीओ व संबंधित बीडीपीओ को निर्देश दिए हैं कि वे यमुना नदी के किनारे बसे गांवों का लगातार निरीक्षण करें और आवासीय क्षेत्रों में जलभराव का आकलन करें तथा जहां आवश्यक हो, वहां जमा पानी की निकासी के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। इसके अतिरिक्त स्थिति पर नज़र रखने और समय पर सहायता प्रदान करने के लिए सरपंचों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें।
उन्होंने डीआरओ, तहसीलदार और संबंधित नायब तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे सभी गांवों का निरीक्षण करें तथा जल भराव, बाढ़ की स्थिति तथा फसलों, जीवन, संपत्ति या घरों आदि को होने वाले किसी भी नुकसान पर एक व्यापक रिपोर्ट संकलित करें। उन्होंने एक्सईएन सिंचाई विभाग पलवल व एक्सईएन सिंचाई विभाग मेकेनिकल डिवीजन पलवल को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने कि कि फील्ड स्टाफ मौके पर तैनात हो और आवश्यकतानुसार मशीनरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने फील्ड की स्थिति और मशीनरी की तैनाती पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षक अभियंता जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को उपरोक्त अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने सहित क्षेत्रीय कर्मचारियों को शहरी क्षेत्रों का निरीक्षण करने, सीवरेज की स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यकतानुसार सफाई कार्य करने के निर्देश दिए हैं।


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