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Save Faridabad के जन आंदोलन के पहले सरकार का यू-टर्न , खुश हुए लाखों लोग

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फरीदाबाद - हरियाणा सरकार की एक नीति के लिए फरीदाबाद में जन आंदोलन की आहत सुनाई पड़ रही थी। हरियाणा अब तक के पाठकों को कल ही हमने बताया था कि जनता में बहुत बड़ा रोष उत्पन्न हो रहा है और आज फरीदाबाद की एक जुझारू संस्था ने प्रेस वार्ता भी किया था और कहा था कि क्या कहा था नीचे पढ़ें पहले ये आर्डर देखें लगता है हमारे द्वारा सरकार तक पहुंचाई गई बात अमल में लाइ  गई है। अब नगर निकाय क्षेत्रों में रहे लोगों को अब विकास शुल्क के नाम पर भारी भरकम राशि नहीं देनी होगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नए फैसले को हरियाणा सरकार ने वापस ले लिया है। संबंधित कॉलोनी या क्षेत्र के कलेक्टर रेट की पांच प्रतिशत राशि विकास शुल्क के रूप में देने का फैसला वापल ले लिया है। पढ़ें आर्डर उसके बाद पढ़े सेव फरीदाबाद ने आज क्या कहा था 

हाल ही में में हरियाणा शहरी निकाय निदेशालय द्वारा जारी किये गए कलेक्टर रेट के पांच प्रतिशत विकास शुल्क वसूले जाने के आदेश का शहर के प्रमुख समाजसेवी व नागरिक संगठन सेव फरीदाबाद ने एक प्रेस वार्ता करके पुरजोर विरोध किया है। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता कर रहे सेव फरीदाबाद के संयोजक पारस भारद्वाज ने इस शुल्क को एक संगठित और अधिकृत लूट का दर्ज़ा दिया। उन्होंने कहा कि इस तुग़लकी फरमान का सबसे ज़्यादा  असर फरीदाबाद की जनता पर पड़ेगा क्योंकि इस शहर में सबसे ज़्यादा कॉलोनियां और शहरी बस्तियां हैं।ऐसा प्रतीत होता है कि यह नीति फरीदाबाद की जनता को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से ही बनायी गयी है। जो क्षेत्र अब तक विकास शुल्क के दायरे में नहीं आते थे उन्हें भी इसमें शामिल करना और शुल्क को कलेक्टर रेट के प्रतिशत के रूप में वसूलना किसी जन हितैषी सरकार का काम कतई नहीं हो सकता। 

फरीदाबाद नगर निगम विकास के नाम पर पिछले पांच सालों में दस हज़ार करोड़ रुपये डकार चुका है, 200 करोड़ के भ्रष्टाचार की फाइलें जलवा दी गयी हैं, रोज़ रिश्वत के मामले सामने आ रहे हैं  और जनता त्राहि त्राहि कर रही है। ईडीसी के नाम पर पहले ही निगम जनता से हज़ारों करोड़ रुपये ठग चुका है और पैसे देने के बावजूद जनता नरकीय जीवन जीने को मज़बूर है। कहीं सीवर का निकास नहीं हैं , कहीं लोग हज़ारों रुपये खर्च करके टैंकर माफियाओं के  रहमो करम  पर आश्रित हैं, कहीं बिजली के खम्बे टूटे पड़े हैं तो कहीं लोग टूटी सड़कों पर चोटिल हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में विकास शुल्क में दस गुणा वृद्धि करके हरियाणा सरकार ने विशेषकर फरीदाबाद के लोगों के प्रति अपनी संवेदनहीन मानसिकता का परिचय दिया है। पारस ने कहा कि इस शहर के लोगों ने हर चुनाव में भाजपा को दिल  खोल के वोट दिया था परन्तु बदले में उन्हें केवल प्रताड़ना ही हासिल हुई। जो जनप्रतिनिधि इस आदेश के पारित होते समय ही खिलाफत नहीं कर पाए उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। फरीदाबाद की जनता ऐसे नेताओं का बहिष्कार करने के लिए तैयार है। फरीदाबाद में विपक्ष की इस विषय पर चुप्पी यह दर्शाती है कि जनता की गाढ़ी कमाई की लूट पक्ष और विपक्ष की मिलीभगत से हो रही है। इसलिए अब जनता को स्वयं विपक्ष बनकर सत्ता के सामने खड़ा होना होगा। 

आनन फानन में केवल चुनाव के मदद्देनज़र करवाए जा रहे कार्यों को सेव फरीदाबाद के पदाधिकारियों ने ढोंग ढकोसला बताते हुए कहा कि ये सब नई बन रही सड़कें चुनाव होने के एक वर्ष के अंदर अंदर ही फिर से टूट जाएँगी और जनता दुबारा ऐसे ही बदहाल हो जाएगी। 

प्रेस को सम्बोधित कर रहे सेव फरीदाबाद के संरक्षक सदस्य ठाकुर  तंवर ने कहा कि निगम शहर में सत्तापक्ष के संरक्षण में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माणों पर कोई संज्ञान नहीं ले पा रहा परन्तु गरीब नागरिकों की जेब पर डाका डालने के लिए तीव्र गति से तत्पर है। फरीदाबाद निगम के आखिरी सत्र में पेश किये गए आय-व्यय के  ब्योरे का हवाला देते हुए सेव फरीदाबाद के केतन सूरी ने कहा कि फरीदाबाद निगम ने अपने आय के स्त्रोत तो निजी ठेकेदारों के हवाले कर दिए हैं और जनता पर अतिरिक्त बोझ कैसे डाला जाए इसपर ही विचार विमर्श की नीति अपना ली है। 

सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए पारस ने कहा कि या तो सरकार तुरंत प्रभाव से इस आदेश को वापिस ले नहीं तो सेव फरीदाबाद संस्था एक व्यापक जन  आंदोलन करेगी।इसके लिए उन्होंने सरकार को एक हफ्ते का समय दिया है।

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