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बरोदा के दंगल में अब दिखेंगे दिग्गज, उप चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी भाजपा- कांग्रेस 

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चंडीगढ़- फरवरी में कांग्रेस के विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन के बाद बरोदा सीट पर अब उप-चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की शेड्यूल जारी कर दिया गया है।  3 नवंबर को मतदान व 10 नवंबर को मतगणना होगी। 9 अक्टूबर को उपचुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। 16  अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। 17 अक्टूबर को नामांकन की छंटनी होगी व 19 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। 12 नवंबर से पहले चुनाव प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।
ये सीट भाजपा-जजपा गठबंधन कर कीमत पर जीतना चाहेगी इसलिए सीएम मनोहर लाल ने वहां विकास की तमाम घोषणाएं ही हैं। प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य बरोदा सीट होगी और भाजपा जजपा चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी लेकिन कांग्रेस भी चुनाव जीतने का पूरा प्रयास करेगी। 

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बनाये गए विवेक बंसल ये सीट जितवा कर बोहनी करने का हर प्रयास करेंगे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा हर संभव प्रयास करेंगे कि उनके विधायकों की संख्या फिर 31 हो जाये। जजपा यहाँ से अपना उम्मीदवार उतारना चाहेगी लेकिन माना जा रहा है भाजपा यहाँ से अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। गृह मंत्री अनिल विज उप चुनाव घोषित होने के बाद कहा कि चुनाव के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। गठबंधन का उम्मीदवार भाजपा का होगा। हम कब से चुनावों का इंतजार कर रहे थे। भाजपा के कार्यकर्ता हमेशा फील्ड में रहते हैं। विज ने किया दावा किया कि उप चुनाव भाजपा ही जीतेगी।

कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमार सैलजा का कहना है कि  कांग्रेस पार्टी बरोदा उपचुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। कांग्रेस पार्टी इस उपचुनाव में भारी अंतर से जीत दर्ज करेगी। इस उपचुनाव के बाद प्रदेश में बड़ा उलटफेर होना तय है। जनता से विश्वासघात कर बनी प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का इस उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत के साथ ही गिरना तय है। यह बातें हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने चुनाव आयोग द्वारा बरोदा उपचुनाव की तारीख का ऐलान करने के बाद यहां जारी बयान में कहीं। 

बरोदा की बात करें तो भाजपा और कांग्रेस को यहाँ चुनाव प्रचार करने वाले ऐसे नेताओं को मैदान में उतारना पड़ेगा जिन नेताओं की छबि अच्छी है। कांग्रेस अगर राहुल गांधी को यहाँ चुनाव प्रचार में उतारती है तो नुक्सान हो सकता है और भाजपा अगर यहाँ सीएम खट्टर से ज्यादा प्रचार करवाएगी तो उसे भी नुक्सान हो सकता है। आम जनता की  पसंद से फिलहाल बहुत दूर हैं ये दोनों नेता। वर्तमान समय में ये दनों नेता अगर कहीं रैली को सम्बोधित करने के लिए पहुंचे तो पार्टी के कार्यकर्ताओं के सिवा कोई अन्य इनके सम्बोधन सुनने अपने आप नहीं आएगा। 
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