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उप-मुख्यमंत्री ने त्रिवेणी लगाकर अपनी दादी की बरसी पर किए श्रद्धासुमन अर्पित

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चंडीगढ़, 11 अगस्त। समाधानांचल की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट संतोष यादव द्वारा चलाए जा रहे त्रिवेणी लगाने के पुण्य कार्य को आगे बढ़ाते हुए आज उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अपनी दादी स्नेहलता जी की बरसी पर अपने आवास के समक्ष 501 एवं 502वीं त्रिवेणी लगाकर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह एवं इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने भी पार्टी कार्यालय के समक्ष त्रिवेणी रोपित की एवं त्रिवेणी से होने वाले लाभों के बारे में अवगत करवाया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अपने सम्बोधन में कहा कि त्रिवेणी बड़, नीम व पीपल के संगम का नाम है जिसमें ब्रह्मा-विष्णु-महेश का निवास होता है। यह त्रिवेणी कोई साधारण वृक्ष नहीं बल्कि इसका आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण रक्षा में त्रिवेणी तारणहार सिद्ध होगी और त्रिवेणी को शास्त्रों में स्थाई यज्ञ की संज्ञा दी गई है। जहां त्रिवेणी लगी होती है वहां हर पल, हर क्षण सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता रहता है। हर इंसान को अपने जीवन में कम से कम एक त्रिवेणी अवश्य लगानी चाहिए। इसके अलावा हमें अपने परिजनों, पूर्वजों का जन्मदिवस एवं पुण्यतिथि व बरसी भी त्रिवेणी लगाकर मनानी चाहिए। जैसे-जैसे त्रिवेणी बढ़ती है वैसे ही आपकी सुख-स्मृद्धि भी बढ़ेगी और आपके सभी कष्ट स्वत: मिट जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर इंसान के थोड़े-थोड़े योगदान से एक बड़ी चीज का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि दूसरों की भलाई के लिए जो सांसे हमने जी हैं वही असल में जिंदगी है। त्रिवेणी प्राणियो में प्राणो का संचार करती हैं और जब तक पृथ्वी पर प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है तब तब  त्रिवेणी अपनी अहम भूमिका अदा करती है  त्रिवेणी पर्यावरण के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्रतिबद्धता का चिंतन करने का संदेश देती है। यदि वृक्षों का संरक्षण और नये पौधों का रोपण नहीं किया गया तो हमारी आने वाली पीढिय़ा शुद्ध वायु के लिए तरस जाएंगी।

इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि त्रिवेणी में सभी देवी-देवताओं और पितरों का वास माना जाता है। त्रिवेणी हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ये जो पर्यावरण की लड़ाई है वो न्याय की लड़ाई है। हम ये मानते हैं कि वन, जलवायु और पर्यावरण सभी के सांझे सरोकार हैं और इन सांझे सरोकारों का निबाह करना भी हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि ये त्रिवेणी ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में भी मील का पत्थर साबित होंगी इसलिए हमें पर्यावरण के प्रति हमें कटिबद्ध होना चाहिए। यदि समय रहते वृक्षों का संरक्षण और नये पौधो का रोपण नहीं किया गया तो हमारी आने वाली पीढिय़ां शुद्ध वायु के लिए तरस जाएंगी और पूरी मानवता पर संकट खड़ा हो जाएगा इसलिए हम सभी को पर्यावरण के प्रति सचेत हो जाना चाहिए।

जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह ने कहा कि त्रिवेणी अर्थात बड़, नीम व पीपल वायुमंडल से कार्बनडाइऑक्साइड, धूलकणों और ध्वनि का अवशोषण कर व सर्वाधिक प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदाता के रूप में वर्तमान व भावी पीढिय़ों के लिए वरदान साबित होती है। हर वो इंसान जो श्रद्धाभाव एवं अध्यात्मिक भाव से इस त्रिवेणी को लगाता व लगवाता है या इसका पालन-पोषण करता है उसका कोई भी सात्विक कर्म विफल नहीं होता। इस अवसर पर रणबीर सिंह सैक्टरी कार्यालय, एच.पी.एस.सी के भूतपूर्व चेयरमैन केसी बांगड, ओमप्रकाश शिहाग, प्रदेश प्रवक्ता दिलबाग, पुनित, सुरेंद्र, अनुप धानक, शीशपाल, सत्यपाल यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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