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हरियाणा के किसानों के अरमानों पर आफत बनकर बरस रही है बारिश

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चंडीगढ़/ महेंद्रगढ़/ फरीदाबाद: गर्मी हो या सर्दी या बारिश समय अपने समय पर ही अच्छी लगती है। बेमौसम बारिश इस समय किसानों पर आफत बनकर बरस रही है। फरीदाबाद सहित हरियाणा के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। कई जिलों में ओले भी पड़ने की खबर मिली है। गेंहूं, सरसों जैसी फसलों को काफी नुकसान पहुँच सकता है। 

इसके पहले महेंद्रगढ़ में बारिश ने किसानों को जमकर रुलाया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामविलास शर्मा आज महेंद्रगढ़ के गांव पाली , पालडी , भोजावास,  राजावास, अकोदा सहित अनेक गांव  का दौरा कर बारिश से हुई बारिश  एवं ओलावृष्टि से हुई फसलों के नुकसान का जायजा लिया इस अवसर पर उन्होंने किसानों से भी बात की तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी किसान हितेषी है उनकी फसलों  की गिरदावरी करा कर जल्द मिलेगा मुआवजा दिया जाएगा ! उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी से टेलीफोन पर बातचीत की

 तथा किसानों के हित को देखते हुए नुकसान हुई फसलों के भरपाई के लिए जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की बात कही जिस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने उन्हें आश्वासन दिया कि शीघ्र ही गिरदावरी करा कर किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिया जाएगा ! रामविलास शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि को भविष्योन्मुखी बनाने तथा किसान की आय को दुगुनी करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्घता को पूरा करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण गतिविधियों के लिए इस वर्ष 6481.48 करोड़ रुपये आबंटित करने का प्रस्ताव है जोकि गत वर्ष के बजट आबंटन से 23.92 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण गतिविधियों के लिए किए गए कुल आबंटन में से कृषि क्षेत्र के लिए 3364.90 करोड़ रुपये का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इसके लिए अधिक से अधिक मात्रा में फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ के ई-खरीद पोर्टल पर किसानों के पूर्व-पंजीकरण की प्रक्रिया अब काफी प्रचलित हो गई है। राज्य में कृषि उत्पादन के विपणन के लिए सिस्टम लिंकेज को सुचारू, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से 54 मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) योजना के साथ भी जोड़ा गया है। 

रामविलास शर्मा ने कहा कि किसानों के जोखिम को कम करने तथा उन्हें नवीन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत, पिछले तीन वर्षों में किसानों को क्लेम के रूप में 2097.94 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है, जो बीमा कम्पनियों को अदा किए गए 1672.99 करोड़ रुपये के प्रीमियम से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए अब इस योजना को स्वैच्छिक कर दिया है। राज्य को योजना के क्रियान्वयन में बढ़ाए गए अधिकार से यह योजना और अधिक कारगर सिद्ध होगी। वर्ष 2020-21 से राज्य सरकार कृषि व किसान कल्याण विभाग के प्रत्येक खण्ड कार्यालय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधि की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी ताकि किसानों के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सम्बन्धित सभी कार्य ब्लॉक स्तर पर ही पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ‘‘प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना‘‘ को भविष्य में ट्रस्ट मॉडल की रूपरेखा पर चलाने के बारे में भी गंभीरता से विचार कर रही है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’ के तहत भी किसानों के फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘‘प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना‘‘ को भविष्य में ट्रस्ट मॉडल की रूपरेखा पर चलाने के बारे में भी गंभीरता से विचार कर रही है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’ के तहत भी किसानों के फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने का प्रावधान किया है।

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