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नहीं दिखी जामिया के जेहादियों की करतूत, दिल्ली पुलिस को खलनायक बता घिरीं प्रियंका गांधी 

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नई दिल्ली: प्रियंका गांधी सहित देश के कई पार्टियों के नेता, जेहादियों के आका, टुकड़े गैंग के साथी आज दिल्ली  पुलिस पर बाज की तरह उस समय टूट बड़े जब जामिया का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाते दिख रही थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि देखिए कैसे दिल्ली पुलिस पढ़ने वाले छात्रों को अंधाधुंध पीट रही है। एक लड़का किताब दिखा रहा है लेकिन पुलिस वाला लाठियां चलाए जा रहा है। गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने झूठ बोला कि उन्होंने लाइब्रेरी में घुस कर किसी को नहीं पीटा।.
उन्होंने आगे लिखा कि.इस वीडियो को देखने के बाद जामिया में हुई हिंसा को लेकर अगर किसी पर एक्शन नहीं लिया जाता तो सरकर की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी। प्रियंका गांधी के बाद प्रशांत भूषण सहित टुकड़े गैंग के तमाम लोगों ने दिल्ली पुलिस को खलनायक बताया और पुलिसवालों पर तुरंत कार्यवाही की मांग की। इस वीडियो के बारे में जहां तक हरियाणा अब तक को पता है। 15 दिसंबर के इस वीडियो को 63 दिन बाद जामिया को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने जारी किया  वीडियो की लंबाई या ड्यूरेशन सिर्फ 45 सेकेंड है और तो और बीच में कुछ सेकेंड की क्लिप गायब यानी एडिटेड है।  जाहिर है जामिया यूनिवर्सिटी का प्रशासन किसी पूर्व नियोजित एजेंडे के तहत दंगाइयों का बचाव कर रहा है।  इसी जामिया यूनिवर्सिटी की तरफ से दिल्ली पुलिस पर बिना इजाजत कैंपस में घुसने की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी , हालांकि उसके छात्र पुलिस और अग्निशमन कर्मियों पर हुई पत्थरबाज़ी और आगजनी में शामिल थे।  इस पर अब तक कुछ कहने से यूनिवर्सिटी प्रशासन बचता रहा है। जामिया हिंसा में चार बसों को आग लगाया गया था ,पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी हुई थी और 15 दिसंबर को ही ये सब हुआ था। पत्थरबाजी और आगजनी करने के बाद जामिया के तथाकथित छात्र लाइब्रेरी में छिपने घुसे थे जैसे की कई वायरल वीडियो आप देख सकते हैं। इन छात्रों का पीछा करते-करते पुलिस लाइब्रेरी में घुसी थी और लट्ठ बजाया था। ये छात्र पढाई का बहाना बना रहे थे लेकिन किसी की किताब बंद थी तो कोई मुँह पर कपडा बाँध रखा था। पढाई का तो एक बहाना था। इनके अन्य  वीडियो में ये पत्थरबाजी और आगजनी करने के बाद लाइब्रेरी में छिपते दिख रहे हैं कुछ के हाथों में पत्थर भी थे।

पुलिस की कार्रवाई सही थी या गलत, ये तो जांच का विषय है लेकिन अब खुद जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है कि दंगाइयों को बचाने के लिए जामिया का वीडियो गेम आखिर किस एजेंडे की बदौलत है। पुलिस को खलनायक बताने वाले नेता और टुकड़े गैंग वाले भी सवालों के घेरे में हैं। ये खुद बहुत जल्द जज बन जाते हैं। सिक्के के दुसरे पहलू को ये जरा भी नहीं देखते।
तमाम पाठक शिक्षित होने और कालेज में पढ़े होंगे। कालेज की लाइब्रेरी में पुस्तकें पढ़ने भी गए होंगे लेकिन आप जरा सोंचें क्या आप बहुत तेजी से दौड़कर अपनी लाइब्रेरी में कभी गए हैं। जामिया के वायरल वीडियो में एक छात्र बहुत तेजी से लाइब्रेरी में भागकर पहुँचता है। लाइब्रेरी में किसी छात्र की ऐसी तेज एंट्री आजतक शायद ही आपने देखी होगी।  हम यकीन से तो नहीं कह सकते लेकिन संभावना है कि लाइब्रेरी में दौड़कर आया ये छात्र पुलिस पर की गई पत्थरबाजी का आरोपी है और उसकी ये कोशिश थी कि वो लाइब्रेरी में पढ़ने का दिखावा कर गिरफ्तारी से बच जाएगा।
कई सवाल उठ रहे हैं। क्या जामिया में जेहादी पाले जा रहे हैं और उनका साथ जामिया यूनिवर्सिटी का प्रशासन दे रहा है ?
क्या कांग्रेस सत्ता के लिए मोदी-शाह को घेरने के लिए किसी को भी खलनायक बता देती है जैसे प्रियंका का ट्वीट आया, वैसे कांग्रेस की बात करें तो अधिकतर अच्छे कांग्रेसी नेता भाई-बहन के कारनामे से बहुत परेशान हैं। सभी कांग्रेसी नेताओं में से तमाम नेता भाई-बहन को ही?
दिल्ली पुलिस को कोई पागलपन का दौरा नहीं पड़ा है कि किसी बेगुनाह को इस तरह से पीटेगी। उस दिन दिल्ली पुलिस ने इन जेहादियों को न पीटा होता तो ये चार नहीं अगले दिन आठ बसें जलाते। इनके हौसले और बुलंद हो जाते। इन्होने सरकारी संपत्ति जलाया, करोड़ों में आग लगा दी और जब कुछ रूपये फीस बढ़ती है तो महीनों हाय तोबा मचाते हैं। मुफ्त का माल मिलता रहे और देश में आग लगाते रहें। कश्मीर को भारत से अलग करने की बात करते रहें। असम को काटने की बात करें। आज अगर अन्य वीडियो सामने न आये होते तो टुकड़े गैंग के लोग दिल्ली पुलिस को सच में खलनायक साबित कर देते। पुलिस अपनी जगह पर सही है। ट्विटर पर आज भी सपोर्ट दिल्ली पुलिस ट्रेंड हुआ। जेहादियों का तांडव देख जनता ने ही कहा था कि दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं। पुलिस ने वही किया। जनता आज भी दिल्ली पुलिस के साथ है। प्रियंका गांधी के ट्वीट पर लोग क्या लिख रहे हैं पढ़ें।

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