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दूसरी संतान लडक़ा होने पर भी कामगार महिला को मिलेंगे पांच हजार रूपए

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पलवल, । उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नियमों में बदलाव कर कामगार महिलाओं को सुविधा प्रदान करने का अहम कदम उठाया है। अब हरियाणा में कामगार महिलाओं को दूसरी संतान लडक़ा होने पर भी प्रदेश सरकार की योजना के तहत 5 हजार रूपए मिलंगे। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल मार्गदर्शन व महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था के दौरान हुए मजदूरी के नुकसान की भरपाई व स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है।

उपायुक्त नेहा सिंह ने सरकार की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल 8 मार्च के बाद दूसरे बच्चे के रूप में लडक़े को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय 8 लाख रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना के लिए लाभार्थी का आधार कार्ड अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि केंद्र या राज्य सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हैपेटाइटिस बी के टीके लगवाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनवाड़ी वर्कर या आशा के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा।

डीसी नेहा सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत पांच हजार रूपए की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। प्रथम किस्त में एक हजार रूपए, दूसरी किस्त में दो हजार रूपए और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने व बच्चे का प्रथम सत्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किस्त में दो हजार रूपए मिलते थे। सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर इस सहायता राशि को दो किस्तों में देने का निर्णय लिया गया है। अब प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर प्रथम किस्त के रूप में तीन हजार रूपए और बच्चे के जन्म का पंजीकरण व बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरे होने पर दूसरी किस्त में दो हजार रूपए मिलेंगे।

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