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कल हरियाणा में प्रवेश करेंगे राहुल गांधी, विद्रोही ने खट्टर को कहा महाझूंठा

Rahul-Gandhi-Haryana-06-October
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5 अक्टूबर 2020- स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के किसानों-आमजनों व कांग्रेसियों  से अपील की कि वे 6 व 7 अक्टूबर को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की टैऊक्टर यात्रा में भारी तादाद में शामिल होकर मोदी-भाजपा सरकार द्वारा पारित किसान विरोधी कानूनों का जोरदार विरोध करे। विद्रोही ने कहा कि मंगलवार को राहुल गांधी देवीगढ़ बार्डर से हरियाणा में प्रवेश करेंगे और पेहवा में किसान-मजदूर की भारी जनसभा 6 अक्टूबर को होगी। इसी तरह राहुुल गांधी 7 अक्टूबर को कुरूक्षेत्र व करनाल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में टैऊक्टर यात्रा के द्वारा किसानों के पक्ष में आवाज उठाकर जनसभा करेंगे। किसान, मजदूरों, आमजनों व कांग्रेसजनों से अपील है कि वे अपने नजदीकी क्षेत्र में राहुल गांधी की टैऊैक्टर यात्रा व जनसभाओं में भारी तादाद में भागीदारी करके किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ रोष जताकर किसानों को न्याय दिलवाने की इस लड़ाई में अपनी आहुति डाले। 

विद्रोही ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की हरियाणा टैऊक्टर यात्रा से हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर और उनके मंत्री-संतरी, भाजपा नेता बौखलाए हुए है और बौखलाहट में राहुल गांधी-कांग्रेस के प्रति अनाप-शनाप बोलकर अपनी भड़ास निकाल रहे है। अपने को किसान हितैषी साबित करने मुख्यमंत्री खट्टर ने कथित किसानों के सामने दगमग्जा ठोका कि हरियाणा में पहली बार 2015-16 में उन्होंने सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की शुरूआत की है। खट्टर जैसा कोई असत्यवादी संघी ही ऐसा महाझूठ सार्वजनिक रूप से बोल सकता है। 

विद्रोही ने कहा कि भाजपा सरकार बनने से पहले भी हरियाणा में विभिन्न सरकारे सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद करती रही है। किसान हितैषी होने का ढोंगे करके किसान फसलों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदने का दमगज्जा मारने वाले खट्टर जी बताये कि फसल खरीद पर अनेक शर्ते क्यों? जब सरकार फसलों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदने को प्रतिबद्ध है तो खरीद समय अवधि व शर्तो का क्या औचित्य? विद्रोही ने आरोप लगाया कि संघीयों की कथनी-करनी में भारी अंतर है। उनके डीएनए में ही किसान-मजदूर विरोध व झूठ बोलना  है। ऐसे असत्यवादी, गिरगिटी संघीयों की किसी भी बात पर किसान, मजदूर व मेहनतकश वर्ग विश्वास न करे और किसान, मजदूर व आमजन के हित में कांग्रेस-राहुल गांधी के संघर्ष में दिल खोलकर साथ देकर संघीयों को सत्ता से बाहर करने का रास्ता तैयार करे। 
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