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मीटिंग में गैरहाजिर होने पर जिला खनन अधिकारी को सस्पैंड करने के दिए आदेश

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कुरुक्षेत्र 14 मार्च, राकेश शर्मा  -हरियाणा के महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि एलएनजेपी में तत्कालीन चिकित्सक को गांव दयालपुर मंदिर के पुजारी रामपाल की मौत की मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सम्बन्धित तथ्यों में सभी अधिकारियों को गुमराह करने और बिसरे की रिपोर्ट के लिए तथ्यों को गलत दर्शाने के मामले में उपमंडल अधिकारी नागरिक थानेसर की जांच रिपोर्ट में दोषी पाया गया है। इसलिए तत्कालीन चिकित्सक (वर्तमान में फुड सेफ्टी अधिकारी डेपूटेशन) को सस्पैंड करने तथा अधिकारियों को नियमानुसार एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इतना ही नहीं इस मामले में भी जितने भी अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए जाए उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाए।
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा शनिवार को पंचायत भवन के सभागार में जिला लोक सम्पर्क एवं कष्टï निवारण समिति की मासिक बैठक को सम्बोधित कर रही थी। इससे पहले उन्होंने एजेंडे की सभी शिकायतों को सुना और अधिकतर शिकातयों का मौके पर निपटारा किया और एजेंडे की शिकायतों के अलावा की लोगों की विभिन्न विभागों से सम्बन्धित शिकायतों को सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के आदेश भी दिए। राज्यमंत्री के समक्ष गांव दयालपुर निवासी रजनी ने शिकायत रखी कि उनके पिता रामपाल गांव के मंदिर में पुजारी थे और 29 नवम्बर 2017 को खेत में पानी लगाने के लिए गए तो उनको योजना के तहत डेयरी पर बुलाया और वहां पर पानी में करंट छोड़ा गया, इसके उपरांत उसके पिता को तख्त पर डालकर हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही गई और आनन-फानन में दाह संस्कार की बात कही गई, लेकिन इस मामले में शक होने पर उनके पिता मृत्यू की जांच के लिए गुहार लगाई गई और पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम भी करवाया गया। इस मामले में सभी ने मिलीभगत करके तत्कालीन चिकित्सक से माध्यम से बिसरा लैब में भिजवाया और बिसरा केवल दिल का भिजवाया गया, जबकि चिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट और ब्यानों में दिल, लीवर और फेफड़े का बिसरा भिजवाने की बात कही गई। जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आई तो दिल के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ही दिखाई गई। इस प्रकार चिकित्सक ने सभी से मिलीभगत कर गलत रिपोर्ट दी। इस मामले में एसडीएम थानेसर ने भी अपनी रिपोर्ट राज्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करते हुए स्पष्टï किया की तत्कालीन चिकित्सक पोस्टमार्टम के बाद बिसरे की जांच के लिए केवल दिल का बिसरा ही भेजा, बाकी किसी चीज का बिसरा नहीं भेजा और चिकित्सक ने भी अपने ब्यान बदले है।
राज्यमंत्री ने तमाम तथ्यों को जानने के बाद एलएनजेपी के तत्कालीन चिकित्सक को सस्पैंड करने और एफआईआर दर्ज करने के आदेश देते हुए कहा कि इस मामले की तह तक जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, किसी को भी बख्शा नहीं जाए। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाए। राज्यमंत्री ने न्यू सरस्वती कालोनी खेड़ी मारकंडा निवासी अशोक कुमार, सैक्टर 2 निवासी संतोष, गांव सुंदरपुर निवासी वर्षा व वैशाली, गांव ढींग निवासी कृष्ण, गांव उदारसी निवासी पचितर सिंह, गांव डेरा सिकलीगर निवासी बच्चन सिंह की शिकायत पर उचित कार्रवाई करने, स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल इस्माईलाबाद के एमडी नरेश शर्मा की भी शिकायत का समाधान करते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए मोटी सिंगल तार डालने, शांति नगर निवासी राजेश कुमार की शिकायत का समाधान करते हुए वायस रिकार्डिंग को एफएसएल करवाने, गांव रावा निवासी बोहती देवी की शिकायत पर जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी को जोहड़ की मिट्टïी खुदाई के मामले की जांच करने, इंद्रा कालोनी निवासी अक्षय गुप्ता की शिकायत पर दोबारा जांच करने के लिए डीईओ व कमेटी की सदस्या डा. शंकुतला शर्मा को जिम्मेवारी सौंपने, गांव कवांर खेड़ी निवासी कर्म सिंह की शिकायत पर गांव में हुए विकास कार्यो के मामले में तुरंत जांच कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए है।
उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा ने मेहमानों का आभार व्यक्त किया। इस बैठक के मंच का संचालन एआईपीआरओ डा. नरेन्द सिंह ने किया। इस मौके पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा, लाडवा विधायक मेवा सिंह, शाहबाद विधायक रामकरण काला, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, एडीसी वीना हुड्डïा सहित अन्य अधिकारीगण और कमेटी के सदस्य मौजूद थे।
मीटिंग में गैरहाजिर होने पर खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के दिए आदेश
गांव जलबेहड़ा निवासी मदन लाल ने कष्टï निवारण समिति की बैठक में नैसी, रामनगर, सुढपुर, ठसका मीराजीं, कैंथला सहित कई अन्य गांवों में अवैध रुप से खनन करने की शिकायत रखी। इस शिकायत के साथ प्रार्थी ने कुछ तथ्य भी रखे और इस शिकायत पर जिला खनन अधिकारी कार्यालय से प्रार्थी के शिकायतों को सिरे से खारिज भी किया गया और जिला खनन अधिकारी की तरफ से पक्ष रखा गया कि सभी शिकायते निराधार है और खनन का काम परमिशन के अनुसार ही किया जा रहा है। इन दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद राज्यमंत्री ने जिला खनन अधिकारी को जवाब देने के आदेश दिए लेकिन खनन अधिकारी हाउस की बैठक में नहीं पाए गए। इतना ही नहीं राज्यमंत्री ने यह भी स्पष्टï किया कि कुरुक्षेत्र जिले में अवैध माईनिंग की कई शिकायते उनके संज्ञान में आ चुकी है, लेकिन अधिकारी की लापरवाही के कारण अवैध माईनिंग का काम चल रहा है। इतना ही नहीं जिला खनन अधिकारी ने जिला कष्टï निवारण समिति की बैठक को भी गम्भीरता से नहीं लिया। इन तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए राज्यमंत्री ने खनन अधिकारी को सस्पैंड कर नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए है। उन्होंने एसडीएम, डीएसपी और बीजेपी जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कमेटी बनाकर अवैध माईनिंग मामले की जांच करने के आदेश दिए।
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बीडीपीओ को दिए पंचायती जमीन से कब्जा हटाने के आदेश
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने सुरेन्द्र व गुलाब सिंह निवासी रामगढ़ की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कहा कि गांव रामगढ़ में ग्राम पंचायत की जमीन की निशानदेही करके अवैध कब्जों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। इस गांव में कब्जा हटाने की जिम्मेवारी बीडीपीओ को सौंपी गई है। इतना ही नहीं बीडीपीओ 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपना सुनिश्चित करेंगे। हालांकि उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा ने हाउस में अधिकारियों को स्पष्टï किया कि न्यायालय के आदेशानुसार पंचायत की किसी भी जमीन पर कब्जा नंही होना चाहिए और जोहड़ के आसपास के क्षेत्र पर भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। इसलिए सभी अधिकारी इस विषय को गम्भीरता से ले और नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी अमल में लाए।
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अटल सेवा केन्द्रों की वीएलई को वेतन देने सम्बन्धी रिपोर्ट सौंपने के दिए आदेश
ग्राम सचिवालय पिहोवा ब्लाक के वीएलई ने हाउस के समक्ष शिकायत रखी की अटल ग्राम सेवा केन्द्र ग्राम सचिवालय के वीएलई का वेतन नहीं दिया जा रहा है और पिछले 2 सालों से कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला है, इस विषय को गम्भीरता से लेते हुए राज्यमंत्री ने सम्बन्धित एजेंसी के अधिकारियों के पक्ष को जाना और आदेश दिए कि 15 दिनों के अंदर वीएलई के वेतन से सम्बन्धित मामले की रिपोर्ट सौंपी जाए और इस रिपोर्ट के अनुसार आगामी कार्रवाई करने के आदेश दिए।

सैक्टर 17 की सफाई के लिए कर्मचारी नियुक्त करने के दिए आदेश
हाउस के समक्ष सैक्टर 17 निवासी राजेश्वर गोयल ने अपनी शिकायत रखी कि हुडा के अधिकारियों द्वारा सैक्टर 17 की सफाई के लिए टेंडर जारी नहीं किए और टेंडर जारी करने की प्रक्रिया में भी ढील बरती है, जिसके कारण सैक्टर 17 की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है, इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि मेहनत और ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार निर्धारित पोलिसी के अनुसार रखा जाए ताकि सफाई व्यवस्था सुचारु रुप से चल सके।

बिजली बिल को चैक करने के लिए चैकिंग मीटर लगाने के दिए आदेश
डावर एग्रो इंडस्ट्रीज कैथल रोड़ पिहोवा के संचालक कर्ण डावर ने हाउस के समक्ष मीटर रीडिंग तेज चलने के कारण बिजली का बिल ज्यादा आने से सम्बन्धित तमाम तथ्य हाउस के समक्ष रखे, इस पक्ष को जानने के बाद यूएचबीवीएन पिहोवा के एक्सईन एमएस धीमान ने भी तथ्यों सहित अपना पक्ष रखा। इन दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत राज्यमंत्री ने आदेश दिए कि मीटर रीडिंग तेज चलने के लिए दोबारा जांच के लिए चैकिंग मीटर लगाया जाए और इस मीटर लगाने के बाद रीडिंग को चैक किया जाए और 15 दिनों के अंदर इस मामले की रिपोर्ट भी सौंपी जाए।

पीएनबी बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करने के दिए आदेश
गांव मिर्जापुर निवासी मान सिंह ने वर्ष 2017 में खरीफ की फसल के खराबे का मुआवजा न मिलने सम्बन्धित शिकायत हाउस के समक्ष रखी, इस शिकायत में बताया गया कि बीमा के लिए पीएनबी बैंक के पास बीमे की किस्त निर्धारित समयावधि में जमा करवा दी गई थी, लेकिन पीएनबी बैंक के अधिकारियों ने बीमा कम्पनियों को समय पर बीमे की किस्त अदा नहीं की, जिसके कारण खराब फसल का मुआवजा नहीं मिल पाया। इस शिकायत पर पीएनबी बैंक के अधिकारियों ने भी अपना पक्ष रखा। इतना ही नहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. प्रदीप मिल ने भी अपना पक्ष रखते हुए इस सारे मामले में पीएनबी बैंक के अधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया। इस मामले में सभी का पक्ष जाने के बाद राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने पीएनबी के तत्कालीन मैनेजर की लापरवाही के कारण किसान को मुआवजा नहीं मिल पाया। इस लापरवाही पर राज्यमंत्री ने तत्कालीन पीएनबी बैंक के मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए है।

सीटीएम को दिए दोबारा जांच के आदेश
पिहोवा निवासी गौरव कुमार ने बैंक द्वारा आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों को हटाने और लगाने तथा ईपीएफ के मामले से सम्बन्धित शिकायत को विस्तार से हाउस के समक्ष रखा और इस शिकायत को लेकर नगराधीश तथा मामले की जांच के लिए गठित की कमेटी के सदस्य युद्घिष्ठïर बहल के पक्ष को भी सुना गया। इन सभी लोगों का पक्ष सुनने के बाद इस मामले की दोबारा छानबीन करने का जिम्मा नगराधीश को सौंपा है। इसके साथ ही जिला लोक सम्पर्क एवं कष्टï निवारण समिति के दो सदस्य भी नगराधीश का जांच में सहयोग करेंगे।
करंट से हुई मृत्यू के मामले की दोबारा जांच के लिए गठित की कमेटी
राज्यमंत्री ने गांव जडौला निवासी व उनके परिजनों की शिकायत सुनने और यूएचबीवीएन पंचकूला के प्रबंधन निर्देशक तथा यूएचबीवीएन पिहोवा के एक्सईन का तर्क सुनने के बाद कहा कि सभी ने स्वीकार किया कि शिकायत कर्ता के भाई की मृत्यू करंट लगने से हुई है, लेकिन करंट कहा से आया इसकी तह तक जाना जरुरी है, इसलिए भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, महामंत्री सुशील राणा व एसडीएम थानेसर तथा तकनीकी सदस्य के रुप में एनआईटी इलेक्ट्रिकल के प्रोफेसर को शामिल कर लाईन में करंट आने की जांच का जिम्मा सौंपा है। यह कमेटी 1 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।
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