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भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए विद्यार्थियों को संस्कारवान बनाना जरूरी:राजनाथ सिंह

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कुरुक्षेत्र राकेश शर्मा : भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को फिर से विश्व गुरू बनाने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ चिरित्रवान और संस्कारवान बनाना जरूरी है। इस दुनिया में भारत ही एक ऐसा लौता देश है जो यहां के ऋषि-मुनियों से संस्कारों की शिक्षा मिली और इन ऋषि-मुनियों ने पूरे विश्व को अपना परिवार समझा है। इस देश की युवा पीढी को देश को विश्व की महा शक्ति बनाने की बजाए विश्व गुरू बनाने पर अपना पूरा फोकस रखना होगा। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वीरवार को राष्टï्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के प्रागंण में आयोजित 17वें दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। इससे पहले निट प्रशासन ने परम्परा का निर्वाह करते हुए शैक्षिणक शोभा यात्रा के साथ केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की मंच तक  अगुवाई की और इसके उपरांत केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, राज्य सभा के सदस्य डा. सुधांसु त्रिवेदी, एक्सिस एयरोस्पेस एंड टैक्रोलॉजीज के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस रविनारायणन,कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सासंद नायब सिंह सैनी, निट के निदेशक पदम श्री डा. सतीश कुमार, कुलसचिव डा. सुरेन्द्र देशवाल ने दीप शिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने विभिन्न संकायाओं में पीएचडी की डिग्री प्रदान की और विभिन्न संकायाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले लगभग 100 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में एक्सिस एयरोस्पेस एंड टैक्रोलॉजीज के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस रविनारायणन को निट की तरफ से डाक्टेरेट आफ फिलोसिपी की डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया और इस दीक्षांत समारोह में बीटैक, एमटैक और विभिन्न कोर्सो के विद्यार्थियों को डिग्रीयां प्रदान की है। 
केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को शुभकामानाएं देते हुए कहा कि हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि इस प्रतिष्ठिïत संस्थान में देश की भावी पीढी को डिग्रीयां प्रदान करने के लिए पहुंचने का अवसर मिला है। इस संस्थान के साथ स्पेस तकनीकी के लिए इसरों को सांझेदार बनाया है यह छोटी बात नहीं है, आज इसरों नासा को पूरी तरह टक्कर देने का काम कर रहा है। इस पावन धरा हरियाणा की पावन भूमि पर कल्पना चावला व मिंटी अग्रवाल जैसी बेटी ने पूरी दुनियां में नाम रोशन किया, वहीं इस प्रदेश के हर गांव में सैनिक और सेना अधिकारी को जन्म देने का काम किया। उन्होंने कहा कि बीटैक, एमटैक और अन्य डिग्रीयों को हासिल करके विद्यार्थियों को नौकरी की तलाश ना करके अपने आप को इस तरह से स्थापित करना है कि विद्यार्थी आने वाली पीढी को नौकरियां देने का काम करें। जो विद्यार्थी स्टार्ट अप इंडियां के साथ जुडकर काम करेंगा वह निश्चित ही देश की प्रगति में अपना योगदान देगा। भारत सरकार ने अब स्टार्ट अप इंडिया से जुडकर शोध करने वाले विद्यार्थी की तकनीकी को सरकारी एजेंसी ही नहीं निजी एजेंसी को भी तकनीक हंस्तारित करने की छूट दे दी है। 
केन्द्रीय मंत्री ने दीक्षांत विषय पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपना कोर्स पूरा करने और ज्ञान अर्जित करने से संतुष्टï नहीं होना चाहिए अपितु सर्वांगिक विकास के लिए संस्कार और जीवन मूल्यों को हासिल करना भी बहुत जरूरी है। इन जीवन मूल्यों से विद्यार्थी अपने जीवन को सुधार सकते है और अपने आप को सम्मानित स्थान पर खडे कर सकते है। उन्होंने कहा कि शिक्षित तो आंतकवादी भी होते है लेकिन शिक्षा के साथ-साथ चरित्र और संस्कारों की शिक्षा हासिल करने के बाद ही एक अच्छे इंसान का निर्माण होता है और यह अच्छा इंसान ही देश की प्रगति में अपना योगदान दें सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को छोटे मन से नहीं बडे मन से किसी कार्य को करना चाहिए। छोटा मन रखकर विद्यार्थी बडा नहीं हो सकता और टूटे मन से काम करने वाला विद्यार्थी कभी अपने पैरों पर खडा नहीं हो सकता। इसलिए हमेशा बडे मन से काम करके कामयाबी तो मिलती ही है साथ में आध्यात्मिक ज्ञान भी मिलेगा। इस आध्यात्मिक ज्ञान के लिए ही पूरे विश्व के लोग भारत की भूमि पर आंतरिक ऊर्जा ग्रहण करने के लिए भारत की धरती पर पहुंचते रहे है। इतना ही नहीं चीन के एक विशेषज्ञ ने पूरे विश्व को बताया कि भारत सांस्कृतिक दृष्टिï से 2 हजार वर्षो से चीन पर राज कर रहा है। 
राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के राष्ट्रीय  प्रवक्ता डा. सुधांशु त्रिवेदी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के इस मंदिर से बाहर जाने के बाद भी विद्यार्थियों को अपने विश्वास को कायम रखना है और अधिक उत्साह के साथ अपने क्षेत्र में काम करना है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और संस्कारों के साथ सुक्ष्म से विराट, विराट से भी काफ आगे तक जाने का प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि 100 साल पहले सांईस के क्षेत्र में भारत का कहीं भी स्थान नहीं था लेकिन आज 21वीं सदी में भारत दुनियां की सबसे बडी ताकत बन चुका है। इतना ही नहीं गीता स्थली कुरुक्षेत्र की भूमि से विद्यार्थियों को हमेशा कर्म के संदेश के मार्ग पर चलकर अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करना होगा। 
एक्सिस एयरोस्पेस एंड टैक्रोलॉजीज के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस रविनारायणन  ने निट प्रशासन का डिग्री प्रदान करने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद विद्यार्थी के एक नए जीवन की शुरूआत हुई है। इस जीवन में आगे बढने के लिए विद्यार्थी को प्रतियोगिता की भावना आत्म विश्वास, दृढ निश्चय और देश हित की भावना से अपने आप को स्थापित करना होगा। निट के निदेशक पदम श्री डा. सतीश कुमार ने मेहमानों का स्वागत करते हुए निट की उपलब्ध्यिों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि इस समारोह के दौरान कुल 1339 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई, जिसमें बैचलर आफ टेक्रोलॉजी की 847 डिग्रियां, मास्टर आफ टेक्रोलॉजी की 317 डिग्रिया, मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की 24 डिग्रिया, मास्टर आफ कम्पयूटर एप्लिकेशंस की 73, डिग्रिया व डाक्टर आफ फिलोसफी की 78 डिग्रिया प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि बेस्ट ऑल राउंडर के खिताब से प्रोडेक्शन एवं इंउस्ट्रिल(मकैनिकल विभाग) के छात्र अक्षत सिंगल व कम्पयूटर इंजीनियरिंग विभाग की छात्रा रविशा को नवाजा गया। इसके अलावा विशिष्टï अतिथि एस रविनारायणन को विद्यावाचस्पति (मानद) उपाधि से सम्मानित किया गया है। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन डा. सत्यहंस ने किया। इस मौके पर उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी,  प्रोफेसर अखिलेश स्वरूप, प्रोफेसर ज्ञान भूषण सहित अन्य डीन, निदेशक, अधिकारीगण और शिक्षकगण मौजूद थे।
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