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नवीन जयहिंद, स्वाती मालीवाल के तलाक से हरियाणा के AAP कार्यकर्ता हैरान 

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद और उनकी पत्नी दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल के तलाक की खबर से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैरान हैं। ऐसा कैसे और क्यू हो गया ये सवाल कार्यकर्ता एक दूसरे से पूंछ रहे हैं। अन्ना आंदोलन के समय स्वाति और जयहिंद एक दुसरे के करीब आये थे। दोनों अन्ना आंदोलन में केजरीवाल के साथ शामिल थे और नवीन जयहिंद की बात करें तो जन लोकपाल का ड्राफ्ट बनाने में नवीन जयहिंद ने अहम् भुमिका निभाई थी। नवीन जयहिंद हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं और कई वर्षों ने आम आदमी पार्टी के हरियाणा के अध्यक्ष हैं। पिछले साल उन्होंने फरीदाबाद से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन कुछ दिनों से वो राजनीति में सक्रिय नहीं दिख रहे हैं शायद घरेलू कारणों की वजह से, दिल्ली चुनावों के समय और अब भी वो बहुत कम दिख रहे हैं।
तलाक के बाद स्वाती मालीवाल ने एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने लिखा कि, 'वो पल बहुत ही दर्दनाक होते हैं जब परियों की कहानी से लगने वाले सुखद दिन खत्म हो जाते हैं. मैंने और नवीन ने तलाक ले लिया है. कभी-कभी दो अच्छे लोग साथ नहीं रह पाते हैं. मैं उन्हें हमेशा मिस करूंगी।
नवीन जयहिंद की बात करें तो हमेशा ट्विटर पर सक्रिय रहने वाले नवीन जयहिंद ने 15 दिसंबर के बाद कोई ट्वीट नहीं किया है। 15 दिसंबर को उन्होंने लिखा था कि स्वाति शेरनी है मुर्दा नही मर्दानी है। सोये हुए लोगो को जगाया जाता है पर मुर्दो को जगाने चली है मुर्दे कभी जागते नही है। इस जंगल मे जंग जिंदा रहके लड़ी जाती है मरके तो जंग नही लड़ी जा सकती।रेपिस्टों को फांसी के लिए 13 दिन से अनशन पर है। मर भी जाएगी तो 13 दिन भी याद नही रखेंगे लोग।
उस समय स्वाति जयहिंद अनशन पर बैठीं थीं लेकिन उसके बाद नवीन जयहिंद ने अब तक कोई ट्वीट नहीं किया। शायद किसी बड़ी बात ने दोनों के रास्ते अलग कर दिए।
हाल में आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा कि  शिक्षा और सम्पन्नता  अहंकार पैदा कर रहा है जिस कारण तलाक के केस बढ़ रहे हैं। उस समय स्वाति ने मोहन भागवत को घेरते हुए लिखा था कि महिलाओं के लिए उल्टे बयान देते हैं & अब शिक्षा को ही गलत बता रहे हैं। क्या इनको देश के पढ़न से भी समस्या है? देश की महिलाएं पढ़ें-लिखें सम्पन्न बनें, क्या इन्हें इससे भी तकलीफ है? मेरा भारत तो पढ़ेगा भी और आगे बढ़ेगा भी। ऐसी दकियानूसी बातों का आज के समय मे कोई महत्त्व नहीं।

अब तलाक के बाद लोग स्वाती मालीवाल को मोहन भागवत के बयान की याद दिला रहे हैं।
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