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इस गरीब की मदद से पहले मंदिर को 6 करोड़ की जमीन दान कर चुके हैं पूर्व मेयर देवेंद्र भड़ाना 

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फरीदाबाद: फरीदाबाद जिले में जितनी सामाजिक संस्थाएं है, जितने प्रदेश के राज्यों के लोग इस जिले में रहते हैं और जितना भाईचारा देखने को मिलता है ऐसा शायद देश के किसी भी जिले में नहीं देखने को मिलता है। समाजसेवी संस्थाओं के लोग शहर में एक से बढ़कर एक काम करते हैं। लोगों का भला करते हैं, जागरूक करते हैं। कई प्रदेशों के लोग जिनमे सभी धर्मों के लोग शामिल हैं अधिकतर सब मिलजुलकर रहते हैं। शहर के कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हे बड़े लोग कहा जाता है लेकिन इनमे से कुछ लोग बड़े भी हैं और उनका दिल भी बहुत बड़ा है और वो गरीब के आंसूं देखते हैं तो उसके आंसूं पोंछने का, उसका दुःख दूर करने का हर प्रयास करते हैं।
सोशल मीडिया पर आज एक पोस्ट और कुछ तस्वीरें वाइरल हुईं जिनमे बताया गया कि पलवली गांव के ऑटो ड्राइवर शीशपाल के लगभग डेढ़ साल के मासूम बच्चे पर कुत्ते ने बुरी तरह से हमला कर दिया है।

बच्चे के चेहरे का हाल बहुत बुरा है। बच्चा मेट्रो अस्पताल में ले जाया गया है जिसकी कई सर्जरी होनी है लेकिन बच्चे के पिता के पास पैसे नहीं हैं। अस्पताल के कुछ लोगों जिनमे अस्पताल में काम करने वाले दीपक शर्मा प्रमुख हैं। उन्होंने किसी तरह से बच्चे की जान बचाने के लिए तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की। ये तस्वीरें हरियाणा अब तक व्हाट्सएप ग्रुप में भी पोस्ट की गई जिसके बाद ग्रुप के कई सदस्य बच्चे के परिजनों की आर्थिक मदद करने लगे। सोशल वर्क में अग्रणी भूमिका निभाने वाले IAXN कंपनी ने मदद की शुरुआत की इसके बाद कई लोगों ने हाथ बढ़ाये। शहर के मेयर रह चुके देवेंद्र भड़ाना ने भी बच्चे की तस्वीर देखी और वो अस्पताल पहुंचे और बच्चे के परिजनों को 50,000 रूपये दिए। बच्चे की पहली सर्जरी हो चुकी है। अस्पताल के लोगों की मानें तो बच्चा अब खतरे से बाहर है। तीन महीने बाद दूसरी सर्जरी होगी। उसके पहले कई महीने तक बच्चे का इलाज चलता रहेगा।
जिन्होंने बच्चे के परिजनों के आंसूं पोंछे हैं उनकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ़ हो रही है। पूर्व मेयर देवेंद्र भड़ाना की भी खूब तारीफ हो रही है। पूर्व मेयर ने मदद के बाद नाम छुपाने का प्रयास किया था लेकिन स्मार्टफोन के युग में ऐसा संभव नहीं हो सका। पूर्व मेयर भड़ाना की बात करें तो ये शहर के सबसे बड़े दानवीर कहे जाते हैं। कलयुग चल रहा है और इस युग में ऐसी भी ख़बरे हमने छापी हैं जिनमे दस रूपये या दस गज जमीन के लिए भाई ने अपने सगे भाई या पुत्र ने पिता का क़त्ल कर दिया था लेकिन पूर्व मेयर भड़ाना की बात करें तो इन्होने पिछले साल सितम्बर में  मुजेसर गांव स्थित  बाबा हृदयराम मंदिर को लगभग 6 करोड़ रूपये की अपनी जमीन दान में दे दी थी। ये जमीन पूर्व मेयर के नाम थी जिसका पट्टा 1987 में हुआ था। देवेंद्र भड़ाना के नाम पट्टा होने से मंदिर विकास समिति मंदिर मंदिर निर्माण और मंदिर में अन्य तरह के विकास कार्य करवाने से घबरा रही थी और डर लगा रहता था कि कहीं देवेंद्र भड़ाना अपनी ये जमीन वापस न ले लें।

सितम्बर 2019 में मंदिर विकास समिति के चेयरमैन चौधरी रतन सिंह लाम्बा ने हरियाणा अब तक को बताया था कि  कि ये ऐतिहासिक मंदिर है और मंदिर की जमीन 1987 से देवेंद्र भड़ाना के नाम थी। उन्होंने बताया कि इस कारण हम मंदिर में विकास करवाने के समय डरते थे। लाम्बा मुताबिक  एक दिन मंदिर विकास समिति के सभी पदाधिकारियों ने एक बैठक का आयोजन किया और बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति के लोग और मुजेसर गांव के बड़े बुजुर्ग पूर्व मेयर के घर जाएंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि वो ये जमीन मंदिर के नाम लिख दें, इसके लिए वो कोई धनराशि की मांग करेंगे तो उन्हें पैसे दे दिए जाएंगे।
समिति के लोग  ही देवेंद्र भड़ाना के सेक्टर 17 स्थित निवास स्थल पर पहुंचे और  पूर्व मेयर से मिले तो पूर्व मेयर देवेंद्र भड़ाना ने उस समय  जो कुछ कहा था उसे सुन हम लोग हैरान रह गए। पूर्व मेयर ने कहा था कि मुझे इस जमीन के एक पैसे भी नहीं चाहिए और पट्टा मंदिर के नाम करवाने में जो खर्च आएगा उसे भी वो स्वयं वहन करेंगे। उन्होंने बताया कि ये जमीन कुल 37 कनाल 14 मरला थी जिसका 50 फीसदी पट्टा देवेंद्र भड़ाना के नाम था और उन्होंने अपने हिस्से का पट्टा मंदिर के नाम कर दिया। इस जमीन की कीमत उस समय लगभग 6 करोड़ रूपये थी। पूर्व मेयर की उस समय जमकर तारीफ हुई थी। मंदिर कमेटी के लोगों ने उन्हें सम्मानित भी किया था।

आज भी भड़ाना की जमकर हो रही है। शहर के कुछ बड़े लोग इस तरह के दान पुण्य करें तो शहर का कोई गरीब हमेशा आंसूं नहीं बहायेगा।

दानवीरों की बात करें तो लाखों वर्ष से अब तक सूर्यवंशी सत्यव्रत के पुत्र राजा हरिश्चंद्र का नाम लिया जाता है। दानवीरों को लोग कभी नहीं भूलते। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका धन दीमक चाट जाते हैं लेकिन वो किसी गरीब को एक रूपये देना पसंद नहीं करते। ऐसे लोगों के पास भले ही अरबों का खजाना हो लेकिन इन पर इनके पड़ोसी भी थूकते हैं। हमने सुना है कि दान देने से धन कम नहीं होता है, और बढ़ता है। एक पुरानी फिल्म का गीत आपने सुना होगा। आज फिर सुनें

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