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CM और गृह मंत्री CID किसकी है, इस लड़ाई को बंद कर कानून-व्यवस्था पर दें ध्यान- हुड्डा

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अनूप कुमार सैनी: रोहतक, 12 जनवरी। सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं पूर्व सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज रोहतक पहुंचे और वहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की, उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर चिंता जाहिर की।
        उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट बहुत ही भयानक है। सरकारी आंकड़े बोलते हैं कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है। जो हरियाणा हर अच्छाई में नंबर 1 हुआ करता था, वो अब अपराध जैसी सामाजिक बुराई में शीर्ष पायदान पर आ गया है। विगत पांच वर्षों में प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है।
          दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि ये मैं नहीं कह रहा बल्कि सरकार के आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। सरकार के ही आंकड़े सरकार की पोल खोल रहे हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री इस लड़ाई में उलझे हुए हैं कि सीआईडी किसकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से अनुरोध किया कि सीआईडी किसकी है इस झगड़े को खत्म करके कानून-व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी किसकी है ये तय किया जाए और इस पर सख्ती से ध्यान दिया जाए। 
      पूर्व सांसद ने कहा कि हरियाणा में हर मां-बाप इस बात से चिंतित हैं कि उनकी बेटी जो पढ़ने-लिखने या काम पर जाती है वो शाम को सुरक्षित घर लौटेगी या नहीं। क्योंकि हरियाणा में महिला सुरक्षा के तमाम खोखले दावों के विपरीत महिलाओं के खिलाफ अपराध दर लगातार वृद्धि हो रही है।
      दीपेन्द्र हुड्डा के मुताबिक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2018 की रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध वर्ष 2017 के मुकाबले 26 प्रतिशत बढ़े हैं। वर्ष 2018 में बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के खिलाफ 14 हजार 326 अपराध हुए। यानी कि प्रतिदिन 39 महिलाओं के खिलाफ कोई न कोई अपराध हुआ। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में प्रदेश में सभी तरह के अपराध के कुल एक लाख 8 हजार 212 मामले दर्ज किए गए। एक लाख प्रति आबादी पर 381 केस देश में तीसरी सबसे बड़ी आपराधिक दर है।
       उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों के हवाले से बताया कि वर्ष 2018 में हर दिन लगभग तीन हत्याएं, चार दुष्कर्म और 14 अपहरण की वारदात हुई। एनसीआरबी के आंकड़ों को देखा जाए तो अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराधों में भी 26 प्रतिशत का उछाल आया है। वर्ष 2018 में अनुसूचित जाति के खिलाफ कुल 961 अपराध होना दर्ज हुआ है।
          उनका मानना है कि अपराध बढ़ने का सबसे बड़ा कारण तेजी से बढ़ती बेरोजगारी है। उन्होंने पुरानी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘खाली दिमाग शैतान का घर’ होता है। कानून-व्यवस्था लचर होने और बेरोजगारी में तेजी से बढ़ोत्तरी के कारण ही विशेष तौर पर महिलाओं और कमजोर तबकों के खिलाफ अपराध में वृद्धि हो रही है।
          सीडब्ल्यूसी सदस्य ने आगे कहा कि देश और प्रदेश की जनता बेरोजगारी, मंदी, महंगाई की विकराल समस्याओं और सरकार की जनविरोधी नीतियों से परेशान है। सरकार मुख्य समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिये ही गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर जनता का ध्यान भटका रही है। विकास के मामले में हरियाणा 1 नंबर से 18वें नंबर पर पहुंच गया।
          हरियाणा के भविष्य को लेकर दीपेंद्र हुड्डा ने चिंता जताते हुए कहा कि हरियाणा को दोबारा विकास और खुशहाली के रास्ते पर लाने की लड़ाई लड़ेंगे। हम सकारात्मक और अच्छे विपक्ष की भूमिका निभाने का काम करेंगे।
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