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कार्य को सम्पन्न करवाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें अधिकारी- बनवारी लाल  

Banwari Lal presiding over a review meeting of HAFED
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चंडीगढ़, 18  दिसंबर- हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन प्रसंघ लिमिटेड (हैफेड) द्वारा एनसीआर और ट्राईसिटी में ‘फ्लैगशिप स्टोर’ खोले जाएंगे, जिनमें विभिन्न प्रकार के बिक्री उत्पादों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा, पूरे राज्य में हैफेड द्वारा मार्च 2020 तक पीडीएस, आईसीडीएस और एमडीएम योजना के अंतर्गत फोरटीफाइड आटे की आपूर्ति की जाएगी। वर्तमान में अम्बाला, करनाल, यमुनानगर, रोहतक और मेवात जिलों में फोरटीफाइड आटे की आपूर्ति की जा रही है।

यह जानकारी  सहकारिता मंत्री डॉ० बनवारी लाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई हैफेड की समीक्षा बैठक के दौरान दी गई। बैठक में हैफेड के चेयरमैन श्री सुभाष चंद्र कत्याल और सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल भी उपस्थित थे।
बैठक में बताया कि हैफेड द्वारा ऑनलाइन डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा और अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स साइट्स के साथ समन्वय स्थापित करके बिक्री हेतु योजनाएं तैयार की जा रही हैं। वहीं, हैफेड द्वारा उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए एक्सपोर्ट सेल और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अनुसंधान सेल की स्थापना भी की जाएगी।
बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ० बनवारी लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक कार्य को सम्पन्न करवाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें ताकि एक समय अवधि के अंतराल पर कार्य को सम्पन्न किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए विचार-विमर्श करें और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन समस्याओं को निपटवाएं। उन्होंने कहा कि हैफेड द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी उन्हें समय-समय पर दी जानी चाहिए।  
बैठक में सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपनी सोच को बड़ा करें और हैफेड को ब्रांडेड बनाने के लिए कार्य करें। इसके अलावा, सम्बंधित महाप्रबन्धकों व प्रबंधकों को निर्धारित लक्ष्य दिया जाना चाहिए ताकि प्रत्येक कार्य समय पर सम्पन्न हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रसंस्करण पर ज्यादा ध्यान दें और निपटान की जगह उसके प्रयोग पर भी विचार करें और इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि हम खरीद और भण्डारण में अच्छा कार्य कर रहे हैं परंतु हमें अपने संचालन पर भी बल देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जोखिम से राहत के लिए विचार-विमर्श करके योजनाएं बनाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हम सभी को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा तभी हम प्रत्येक कार्य को एक निश्चित समयावधि में सम्पन्न करवा पाएंगे।
बैठक के दौरान हैफेड के प्रबन्ध निदेशक श्री शेखर विद्यार्थी ने एक प्रस्तुति के दौरान बताया कि हैफेड द्वारा ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है तथा विभिन्न स्टोरों के नाम के लिए भी विचार-विमर्श किया जा रहा है ताकि वाणिज्यिक रूप से इन्हें ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सके। बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ० बनवारी लाल को अवगत करवाया गया कि हैफेड के कच्ची घानी तेल की गुणवत्ता काफी अच्छी है और इसकी बिक्री के साथ-साथ अन्य उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए विभिन्न ई-कॉमर्स साइटस के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। हैफेड द्वारा सोशल मीडिया पर हैफेड के उत्पादों को प्रचारित करने के लिए भी ड्राइव चलाई जाएंगी तथा हैफेड के लोगो (चिन्ह) तथा पैकेजिंग को आकर्षक बनाने पर भी कार्य किया जा रहा है।
बैठक में श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि वर्ष 2019-20 में हैफेड का पूर्वानुमान टर्नओवर 15728.91 करोड़ रुपये माना जा रहा, जबकि पूर्वानुमान कुल लाभ 49.22 करोड़ रुपये आंका जा रहा है लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत तक यह 70 से 80 करोड़ रुपये तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में हैफेड ने 39.17 लाख मीट्रिक टन गेहूं और धान 19.79 लाख मीट्रिक टन खरीदा। इसी प्रकार, हैफेड ने वर्ष 2019-20 के दौरान 95,373 मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की तो वहीं 2,68,408 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 के दौरान हैफेड द्वारा 6102 मीट्रिक टन सूरजमुखी बीज की खरीद की गई, जबकि 1664 मीट्रिक टन मूंग खरीदा गया।
बैठक के दौरान सहकारिता मंत्री को इस बात से भी अवगत करवाया गया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और हैफेड ने खाद के भण्डारण की बेहतरीन व्यवस्था की हुई है। उन्होंने हैफेड के उपभोक्ता उत्पादों की रेंज के बारे में बताया कि चावल में सुपरीयर बासमती, प्रीमियम गोल्ड बासमती 1121, स्पेशल पूसा बासमती 1509, सुप्रीम लोंग ग्रेन चावल सरबती और सुपरीयर परमल है, जबकि तेल में कच्ची घानी मस्टर्ड, रिफाइंड सोयाबीन और रिफाइंड कॉटन सीड है। उन्होंने बताया कि आटा व दलिया रेंज में देसी गेहूं, नार्मल आटा और होल वीट दलिया है, जबकि हैफेड द्वारा चीनी और नैफेड टी भी उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में अनुमानित मार्च 2020 तक लगभग 393 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है।
बैठक के दौरान हैफेड के अधिकारियों द्वारा कैटल फीड प्लांट, ऑयल मिल रेवाड़ी व नारनौल, शुगर मिल असंध, राईस मिल तरावड़ी, हैफेड पैस्टीसाइड प्लांट और मेगाफूड पार्क  रोहतक के बारे में भी जानकारी सहकारिता मंत्री को दी गई।
इस मौके पर सहकारिता मंत्री को हैफेड द्वारा नई तैयार की जा रही पैकेजिंग और लोगो (चिन्ह) के सम्बंध में एक प्रस्तुति भी दिखाई गई।
इस अवसर पर सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार मनी राम शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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