Faridabad Assembly

Palwal Assembly

Faridabad Info

अक्षय की याचिका खारिज, अब कभी भी फांसी में लटकाये जा सकते हैं निर्भया के केस के दोषी

Delhi-Gangrape-Case
हमें ख़बरें Email: psrajput75@gmail. WhatsApp: 9810788060 पर भेजें (Pushpendra Singh Rajput)
loading...
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर के आरोपी अक्षय ठाकुर की पुर्नविचार याचिका खारिज़ कर दी है । यानी अब फांसी देने की तारिख पर जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। कोर्ट के इस फैसले से निर्भया की माँ ने खुशी जाहिर की है। दिल्ली सरकार की ओर से अदालत में याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि कुछ अपराध ऐसे होते हैं जिनमें ''मानवता रोती' है और यह मामला उन्हीं में से एक है। मेहता ने कहा कि  कई ऐसे अपराध होते हैं जहां भगवान बच्ची (पीड़िता) को ना बचाने और ऐसे दरिंदे को बनाने के लिए शर्मसार होते होंगे। ऐसे अपराधों में मौत की सजा को कम नहीं करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जो होना तय है उससे बचने के लिए निर्भया मामले के दोषी कई प्रयास कर रहे हैं और कानून को जल्द अपना काम करना चाहिए। दोषियों की आरे से पेश हुए वकील ए. पी सिंह ने अदालत से कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु और जल प्रदूषण की वजह से पहले ही लोगों की उम्र कम हो रही है और इसलिए दोषियों को मौत की सजा देने की कोई जरूरत नहीं है।

फेसबुक, WhatsApp, ट्विटर पर शेयर करें

loading...

Post A Comment:

0 comments: