प्रातःकालीन पाली में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य भूपेंद्र सिंह व उपायुक्त (डीसी) विक्रम सिंह ने निरीक्षण दौरा किया। इस निरीक्षण की शुरुआत सेक्टर-09 स्थित सेंट एंथनी स्कूल से की गई। दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर संतोष जताया।
एचएसएससी सदस्य भूपेंद्र सिंह ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी केंद्र पर कोई अव्यवस्था नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद प्रशासन की यह तत्परता और समर्पण परीक्षा की पारदर्शिता व विश्वसनीयता को मजबूत करता है। ऐसी ही व्यवस्थाएं राज्य के शिक्षा और भर्ती ढांचे को मजबूती प्रदान करेंगी।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद में हरियाणा के अन्य जिलों गुरुग्राम, झज्जर, नूंह, पलवल और रोहतक से भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचे हैं, जिससे यह जिला राज्य में सर्वाधिक परीक्षार्थियों वाला केंद्र बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा बस परिवहन, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, और शटल सेवा जैसे सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशन में परीक्षार्थियों और अभिभावकों के लिए निशुल्क रोडवेज बस सेवा भी उपलब्ध करवाई गई है, जिससे उन्हें अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। साथ ही, हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से भी छात्रों को निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान डीसी विक्रम सिंह ने सेक्टर-09 स्थित डीसी मॉडल स्कूल और डिवाइन पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्रों का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से संवाद कर फीडबैक लिया। परीक्षा के दोनों दिनों में परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने हाथ उठाकर प्रशासन की पहल का स्वागत किया और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।
अभ्यर्थियों ने कहा कि "इस बार न बसों की छत पर चढ़ना पड़ा और न ही किसी प्रकार की अफरा-तफरी या असुविधा का सामना करना पड़ा।" प्रशासन द्वारा की गई पुख्ता परिवहन व्यवस्था के चलते वे बड़े आराम और समय से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे और शांतिपूर्वक परीक्षा दी।
दिव्यांग फ्रेंडली व्यवस्था ने जीता हर वर्ग का दिल
सरकार के समावेशी दृष्टिकोण के तहत 04 दृष्टि दिव्यांगता, 02 श्रवण दिव्यांगता, 25 अस्थि दिव्यांगता और 01 बहु दिव्यांगता वाले कुल 32 दिव्यांग अभ्यर्थियों को घर से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और वापिस लाने के लिए विशेष वाहन व स्वयं सेवक नियुक्त किए गए। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क और मानवीय आधार पर दी गई, जिससे इन विशेष परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इन्होंने सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम की सराहना की और कहा कि प्रदेश में यह एक नई शुरुआत है।
इसी कड़ी में जिले में विभिन्न दिव्यांग अभ्यर्थियों ने संतुष्टि जाहिर करते हुए सरकार का आभार जताया। दिव्यांग परीक्षार्थी रंजीत कुमार ने कहा कि इस बार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना बेहद सुगम और सुविधाजनक रहा। सरकार द्वारा किए गए इंतजामों ने उन्हें किसी प्रकार की असुविधा महसूस नहीं होने दी।
वहीं, दिव्यांग अभ्यर्थी नवीन बघेल ने बताया कि उन्हें परीक्षा दिवस पर उनके घर से परीक्षा केंद्र तक सरकारी वाहन के माध्यम से छोड़ा गया। उन्होंने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे उनके जैसे कई दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मसम्मान के साथ परीक्षा देने का अवसर मिला।
निशुल्क बस के साथ अन्य सरकारी वाहन भी सेवा को रहे तत्पर, एसडीएम, तहसीलदार सहित हर विभाग के अधिकारी/कर्मचारी ने दिखाई तत्परता
सीईटी-2025 परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा जहां एक ओर 05 ड्रॉप पॉइंट पर 470 से अधिक नि शुल्क शटल बसों की व्यवस्था की गई, वहीं दूसरी ओर आवश्यकता पड़ने पर अन्य सरकारी वाहनों को भी सेवा में तत्पर रखा गया।
बल्लभगढ़ बस स्टैंड पर जब अन्य जिलों से आने वाले कुछ अभ्यर्थी देरी से पहुंचे और परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचना मुश्किल लग रहा था, तब बल्लभगढ़ के एसडीएम मयंक भारद्वाज ने मानवीय पहल करते हुए खुद मोर्चा संभाला। एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बिना समय गंवाए न केवल अपने निजी वाहन से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया, बल्कि कुछ मामलों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तत्काल व्यवस्था कराकर भी परीक्षार्थियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की।
सीईटी-2025 परीक्षा के दौरान सेक्टर-12 परेड ग्राउंड स्थित ड्रॉप पॉइंट पर एक महिला परीक्षार्थी गलत स्थान पर उतरने के कारण असमंजस में थी। इस स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्परता दिखाई। बड़खल तहसील के नायब तहसीलदार यशवंत श्योकंद ने अपनी सरकारी वाहन से उक्त महिला परीक्षार्थी सहित एक अन्य अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया, जिससे वे समय पर परीक्षा में शामिल हो सके।
शांतिपूर्ण और नकल रहित रहा आयोजन
सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और फ्लाइंग स्क्वायड की व्यवस्था की गई थी, जिससे परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल रहित बनाया गया।
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