नई दिल्ली- कृषि अध्यादेशों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर डेरा जमाये किसानों ने आज दो टूक कह दिया कि वो पीछे नहीं हटेंगे। किसान संगठन बीकेयू क्रांतिकारी (पंजाब) के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर मीडिया को बताया कि सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे।
इस मामले को लेकर अब जमकर राजनीति भी होने लगी है। हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि किसानों को शक है कि अगर वो बुराड़ी जाएंगे तो जो प्रेशर है वो कम हो जाएगा। उनका ये संदेह सही भी हो सकता और गलत भी। ऐसे में सरकार को अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए। किसानों की मांगें जायज़ हैं। उनसे बात करके रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये बॉर्डर सील नहीं होते अगर हरियाणा सरकार वॉटर कैनन से किसानों को रोकने की कोशिश न करती। सरकार को किसानों के लिए पहले ही जगह निर्धारित कर देनी चाहिए थी। हरियाणा सरकार ने सड़कें खुदवाकर किसान के अहम को चोट पहुंचाने का काम किया है।
अगर हरियाणा के किसान आंदोलन में शामिल नहीं तो वो कौन थे जिनपर बरसवाई थीं लाठियां, जिनको किया था गिरफ्तार? pic.twitter.com/HmwpjiLuhs
— Bhupinder S Hooda (@BhupinderSHooda) November 29, 2020


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