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हरियाणा के सीएम ने कांग्रेसी नेता सुरजेवाला को बेनकाब किया, CM ने खोल दी पोल 

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चंडीगढ़, 2 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कोरोना संकट की घड़ी में विपक्षी पार्टी के नेताओं को बेवजह राजनीति न करने की सलाह देते हुए कहा कि यह घड़ी साथ मिलकर इस माहामारी से लडऩे की है। जैसा कि नेता प्रतिपक्ष सहित सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सभी ने सरकार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था, परंतु कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा व पूर्व विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला जले पर नमक छिडकऩे की बात कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना माहमारी से लडऩे के लिए किए गए प्रबंधों की देश में सराहना होती देख वे स्वयं ही ईष्या के कारण ऐसे बयान दे रहे हैं।

 मुख्यमंत्री ‘हरियाणा आज’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशसवासियों को संबोधित कर रहे थे।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग, प्रदेश की जनता ने जिस सूझबूझ से सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर सरकार का साथ दिया है, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। जिसके फलस्वरूप हरियाणा में काफी हद तक कोरोना को नियंत्रित किया जा सका है।

         उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला पर कटाक्ष करते हु्रए कहा कि पता नहीं वे किस मुंह से सरकार से हिसाब मांगने की बात कर रहे हैं। प्रदेश की जनता, सामाजिक संस्थाओं व सरकार के सभी मंत्री और विधायकों व पूर्व विधायकों ने आगे बढ़ कर हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में अंशदान दिया है। जबकि रणदीप सुरजेवाला हरियाणा विधानसभा से 1 लाख 68 हजार मासिक पेंशन ले रहे हैं और पिछली बार विधायक रहते हुए पाँच साल के कार्यकाल में केवल 7 बार हरियाणा विधानसभा सत्र में आए और उन्होंने कुल 1 करोड़ 12 लाख रुपये लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कर के वह अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता और संदिग्ध मंशा का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में लाखों राशन व खाने के पैकेट गरीब लोगों को बांटे जा रहे हैं और रणदीप सुरजेवाला ने पता नहीं इसमें योगदान दिया भी या नहीं।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कांग्रेस सरकार द्वारा की गई पिछले 10 वर्षों की गलतियों को पहले भी सुधारा और अब भी सुधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापकों के बारे में कांग्रेस सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एफिडेविट दिया था कि वे अतिथि अध्यापकों को एक दिन भी सेवा में नहीं रखेंगे जबकि हमारी सरकार ने अतिथि अध्यापकों की सेवाएं बरकरार रखी और 4 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया।

         उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां रुकने के कारण पिछले दो महीने से राजस्व प्राप्तियां न के बराबर रही हैं और कर्मचारियों को वेतन, पेंशन व सरकार के अन्य खर्चों के लिए हर माह लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल, 2020 को मंत्रिमंडल बैठक में हमने आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए कुछ निर्णय लिए है, इससे लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने 15 पैसे प्रति किलोमीटर बस किराया, 1 रुपये प्रति लीटर डीजल व 1.10 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल में वैट वृद्धि तथा सब्जी मंडियों में सब्जी व फलों पर 2 प्रतिशत कर लगाने का निर्णय लिया है। इसे भी विपक्षी पार्टियां बेवजह मुद्दा बना रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के नाते हम तो जनता के ट्रस्टी के रूप में कार्य कर रहे हैं, सरकार के इस निर्णय से जो भी राजस्व संग्रहण होगा वो भी जनता के हित में जनता के लिए ही खर्च किया जाएगा।

         उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मंत्रिमंडल ने लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के श्रमिकों को वेतन का भुगतान समय पर हो सके, इसके लिए उद्यमियों को बैंक से ऋण की सुविधा दी है और सरकार 6 महीने तक ऋण के ब्याज पर लाभ देगी। इससे लगभग 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक एवं औद्योगिक बिजली कनेक्शनों पर स्थाई शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट तथा शेष 75 प्रतिशत राशि दिसंबर, 2020 तक भुगतान करने की छूट दी है। इसी प्रकार, जरूरतमंदों को 1000 रुपये प्रत्येक सप्ताह भेजे गए हैं, इस प्रकार लगभग 15 लाख लोगों को यह मदद पहुंची है। इसी प्रकार, जिन जरूरतमंदों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनको भी 30 जून तक नि:शुल्क डिस्ट्रेस राशन दिया जा रहा है।

         मुख्यमंत्री ने प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि पिछले दो महीने से भले ही उनको घर की याद सता रही हो, परंतु अब औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने से उनके स्थाई रोजगार के साधन पुन: जुट जाएंगे, इसलिए वे अपने प्रदेशों में न जाकर काम पर लौटें। सरकार की ओर से हर प्रकार का सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के तीर्थ यात्री व पर्यटक जो लॉकडाउन के कारण हरियाणा में फंस गए हैं, उनको उनके मूल राज्य में पहुंचाने के लिए प्रबंध किए जाएंगे।

         उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग भी जो बाहर के प्रदेशों में हैं, उन्हें वापिस लाने के लिए सरकार प्रबंध कर रही है, इसके लिए जिला प्रशासन को ऐसे सभी लोगों की जानकारियां जुटाने के लिए कहा गया है। 

         मुख्यमंत्री ने लोगों को अवगत कराया कि 15 अप्रैल से सरसों व 20 अप्रैल से गेहूं की सुचारू खरीद की जा रही है तथा अब तक 4.02 लाख मीट्रिक टन सरसों तथा 44 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो गेहूं की कुल पैदावार का 60 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीद के साथ-साथ ही भुगतान किया जा रहा है। अब तक सरसों के लिए 450 करोड़ रुपये और गेहूं के लिए 283 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
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