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6 हजार करोड़ के बजट से देश के 7 राज्यों में किया जाएगा जल सरंक्षण व भूजल रिचार्ज: कटारिया

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कुरुक्षेत्र 14 फरवरी। राकेश शर्मा: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा कि देश के 7 राज्यों में जल सरंक्षण व पानी को रिचार्ज करने पर 6 हजार करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। इन राज्यों में हरियाणा प्रदेश भी शामिल है और हरियाणा के 60 प्रतिशत खंड़ों में पानी की स्थिति चिंताजनक है। इतना ही नहीं सरकार की तरफ से हर घर तक जल योजना के अंतर्गत 15 करोड़ घरों तक पीने के पानी के कनैक्शन दिए जाएंगे और इस योजना पर 3 लाख 40 हजार करोड़ की राशि खर्च की जाएगी तथा इस लक्ष्य को वर्ष 2024 तक पूरा किया जाएगा।
केन्द्रीय राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में राष्टï्रीय जल मिशन द्वारा आयोजित कृषि के लिए पानी के सदुपयोग सही फसल कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले केन्द्रीय राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया, हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह, भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय के सचिव यूपी सिंह, राष्टï्रीय जल मिशन के मिशन निदेशक एवं अतिरिक्त सचिव जी असोक कुमार, सीजीडब्लयूवी के क्षेत्रिय निदेशक अनूप नागर, कृषि एवं कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेश गहलावत, हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन डा. रमेश कुमार यादव, सलाहकार सुनील कुमार अरोड़ा ने जल कलश पूजन कर विधिवत रुप से कार्यशाला का उदघाटन किया और इस से भी पहले केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कृषि विभाग, सिंचाई विभाग व प्रगतिशील किसानों के तत्वाधान में आयोजित प्रदर्शनी का उदघाटन किया। इस कार्यक्रम में जल बचाने का संदेश हर घर तक पहुंचाने के लिए कलाकारों ने एक लघु नाटिका और लोक गीतों की बेहद शानदार प्रस्तुती भी दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल भूजल योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। इस योजना के तहत 7 राज्यों पर करीब 6 हजार करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। इस योजना के तहत हरियाणा प्रदेश को भी शामिल किया गया है। इस प्रदेश के खंड़ों में 60 प्रतिशत में पानी की स्थिति चिंताजनक है। इस प्रदेश में जल सरंक्ष्रण व रिचार्ज पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल मंत्रालय द्वारा 2024 तक देश के सभी घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के तहत 15 करोड़ घरों में नल से पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 3.50 लाख करोड़ रुपए का बजट तय किया है। इसमें से करीब 2.8 लाख करोड़ रुपए केंद्र सरकार और एक लाख करोड़ से ज्यादा राज्य सरकारों द्वारा खर्च किया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2060 की आबादी को लेकर सभी योजनाएं तैयार की है ताकि देश वासियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा सके। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकाय मंत्रालय द्वारा एक कानून भी बनाया कि आने वाले समय 100 गज के मकान का निर्माण करने के लिए जल सरंक्षण व रिचार्ज प्रणाली को अपनाना होगा।
उन्होंने कहा कि जल मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है और जिस तरह से भूजल का दोहन हो रहा है और पानी का स्तर दिन प्रतिदिन नीचे गिरता जा रहा है यह खतरे का संकेत है। देश मे कृषि पर 70 प्रतिशत जल लगता है लेकिन यदि प्रगतिशील कृषि प्रधान देशों अमेरिका ब्राजील चीन की तुलना की जाए तो यह तिगुना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी लगातार गिरता जलस्तर किसानों के लिए खतरे का संकेत है और किसानों को माइक्रो इरिगेशन या ड्रिप इरिगेशन की पद्धति की तरफ अग्रसर होना होगा। उन्होंने कहा कि खेती करने की नीतियां में भी बदलाव लाने की जरूरत है। जब तक किसान फसल विविधकरण को नहीं अपनाएंगे तब तक जल को बचाना सम्भव नहीं है।
हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने पिहोवा हल्के से ही टपका सिंचाई प्रणाली का शुभारम्भ किया था, इस समय गांव गुमथला गढु में 9 एकड़ जमीन पर टपका सिंचाई प्रणाली पर लगातार शोध किया जा रहा है और इसके सार्थक परिणाम भी सामने आए है। इस पायलट प्रोजैक्ट के सफल होने के बाद ही पूरे हरियाणा में इस मॉडल को अपनाया गया। उन्होंने एक फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बोतल पानी के पीछे काफी जदोजहद हुई, इस फिल्म से आज हमें सीख लेने की जरुरत है। भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय के सचिव यू.पी सिंह ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से भूजल को रिर्चाज करने और जल का सदुपयोग करने के प्रति राष्टï्रस्तर पर एक अभियान चलाया है, इसके अलावा सरकार की तरफ से अनेकों योजनाओं को अमलीजामा पहनाया गया है, इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम के तहत लोगों से जल का सदुपयोग करने की अपील भी की है।
हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेश अहलावत ने कहा कि आज हरियाणा प्रदेश में भी जल की कमी की समस्या बढ़ रही है। इसलिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार लोगों को जल बचाने और लोगों को फसल विविधिकरण अपनाने के प्रति लगातार जागरुक किया जा रहा है। अगर आज पानी बचाने के प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में लोगों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिलेगा। राष्टï्रीय जल मिशन के मिशन निदेशक एवं अतिरिक्त सचिव असोक कुमार ने मेहमानों का स्वागत करते हुए सरकार की जल बचाने की तमाम योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डïा, डा. हरिओम, कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा, हिरमी के प्रधान निदेशक डा. दीनेश कुमार, एसडीएम अश्विनी मलिक, डीडीए डा. प्रदीप मिल, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार, एसडीओ जितेन्द्र मेहता सहित अन्य अधिकारी गण और प्रगतिशील किसान मौजूद थे।
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