Faridabad Assembly

Palwal Assembly

Faridabad Info

हरियाणा पुलिस में महिलाओं की संख्या 15 प्रतिशत तक ले जाने की तैयारी में जुटे सीएम 

'Nationwide Stakeholder Consultations on Safety of Women and Children', organised at Panchkula
हमें ख़बरें Email: psrajput75@gmail. WhatsApp: 9810788060 पर भेजें (Pushpendra Singh Rajput)
loading...

चंडीगढ़, 10 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि महिला  सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच सालों में हरियाणा पुलिस में महिलाओं की संख्या 15 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है और सरकार के इस कदम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।

        मुख्यमंत्री आज पंचकूला में हरियाणा पुलिस द्वारा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो व इंडियन पुलिस फाउंडेशन इंस्टीट्यूट (आईपीएफआई) के सहयोग से ‘महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा’ विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

        पुलिस में महिलाओं की संख्या पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सराहनीय है कि राज्य पुलिस बल में महिलाओं की संख्या पिछले पांच वर्षों में 6 प्रतिशत से बढक़र 10 प्रतिशत हो गई है और इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

        उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां 34 महिला पुलिस थाने खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले, ऐसे महिला पुलिस स्टेशनों की कमी के कारण, पीडि़तों को उनके खिलाफ होने वाले अपराध की रिपोर्ट करने की हिम्मत नहीं होती थी, लेकिन अब इन पुलिस स्टेशनों के खुलने के बाद पीडि़त हर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि हर अपराध की शिकायत दर्ज करें और यह सुनिश्चित करें कि हर पीडि़त को न्याय दिया जाए।

        उन्होंने कहा कि 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषी को मृत्युदंड देने का कानून पारित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना है और इसके बाद केंद्र ने भी इस कानून को पारित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के बारे में प्रारंभिक जांच करने के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित की है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय में हरियाणा लिंगानुपात के मामले में बहुत पीछे था, लेकिन 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी, जिसके सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के बाद से राज्य में लिंगानुपात में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस ओर कड़ा रूख अपनाते हुए भ्रूण हत्या करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई और पडौसी राज्यों के साथ लगते जिलों में भी दबिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा में सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं क्योंकि अब हरियाणा में परिवार पुत्र के समान ही बालिकाओं के जन्म का जश्न मनाने लगे हैं।

        महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा अपराधों पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेवारी है और इसके लिए परिवारों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य संगठनों द्वारा युवाओं को महिलाओं के प्रति सम्मान के नैतिक मूल्य सिखाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिएं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि पुलिस द्वारा अपराध के विरूद्ध शिकायत दर्ज करने से कितने लोग संतुष्ट हैं, इससे संबंधित भी एक सर्वेक्षण राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो द्वारा किया जाना चाहिए।

        उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में 31 नए महिला कॉलेज खोले गए हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिगत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढऩे वाली छात्राओं के लिए 150 से अधिक मार्गों पर विशेष बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, महिलाओं को रोजगार देने के लिए विशेष कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और इस दिशा में यूएनओ के साथ एक एमओयू भी किया गया है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए, दुर्गा शक्ति ऐप, महिला हेल्पलाइन-1091, पुलिस स्टेशनों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले पांच सालों में 2 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और जल्द ही एक लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

        मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला और बाल सुरक्षा पहल पर एक पुस्तक भी लॉन्च की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन पूरे देश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों में एक मील का पत्थर साबित होगा।

        इस अवसर पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री मनोज यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले पांच वर्षों में महिला और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और पुलिस द्वारा कई नइ पहल की गई हैं। राज्य में स्थापित किए गए महिला थानों की पहल का आज अन्य प्रांत भी अनुसरण कर रहे हैं।

इससे पूर्व, इंडियन पुलिस फाउंडेशन इंस्टीट्यूट (आईपीएफआई) के अध्यक्ष श्री एन. रामचंद्रन ने कहा कि सबसे पहले जनता और पुलिस के बीच विश्वास होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस के बीच संचार की गुणवत्ता में सुधार करके वांछित परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए शुरू की गई कई पहलों के लिए हरियाणा की सराहना भी की।

इस सम्मेलन में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष, श्री ज्ञान चंद गुप्ता, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी, श्री अनिल कुमार राव, पंचकूला के पुलिस आयुक्त श्री सौरभ सिंह, आईजी करनाल रेंज, श्रीमती भारती अरोड़ा, आईजी चारू बाली, एसपी, क्राइम अगेंस्ट वुमन, श्रीमती मनीषा चौधरी, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, अन्य बुद्धिजीवी एवं हितधारक उपस्थित थे।
फेसबुक, WhatsApp, ट्विटर पर शेयर करें

loading...

Haryana News

Post A Comment:

0 comments: