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आवश्यकताओं व लालसाओं के बीच  संतुलन करना सिखाती है गीता-  कृष्ण पाल गुर्जर

Union Minister Krishan pal Gurjjar in concluding function of Gita Jayanti
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फरीदाबाद , 8  दिसम्बर -  केन्द्रीय सामजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर  ने  आज कला व आस्था के संगम गीता महोत्सव के फरीदाबाद में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय समारोह के अंतिम दिन समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने गीता महोत्सव में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न धार्मिक व स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅलों में खासी रूचि दिखाई।
अपने संदेश में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रीमद्भगवतगीता की शिक्षाएं जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में गीता महोत्सव आयोजित किए गए  हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की भूमि धर्म की भूमि है, जहां पर स्वयं भगवान ने सम्पूर्ण मानवता को अपना दिव्य सन्देश दिया था । उन्होंने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रंथ है जिसका संदेश विश्वव्यापी है। उसका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन की चुनौतियों को हल करने की क्षमता गीता में है, इसके लिए इसकी शिक्षाओं को लोगों के बीच पहुंचाना जरूरी है।  केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री  गुर्जर  ने कहा कि  गीता केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं बल्कि मानव जीवन के उचित जीने की शैली है और पूरी मानवता को कर्म करने का संदेश देती है। गीता के पवित्र ग्रंथ से हमें  प्रेरणा मिलती है। गीता  उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए। 

केन्द्रीय राज्य मंत्री ने जिला वासियों  को 5156वीं गीता जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से ठीक 5155 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र की ही धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से   पूरी मानवता को कर्म करने का संदेश दिया था। यह भारत की स्मृद्ध संस्कृति का प्रतीक है और गीता के उपदेश हर समय और हर काम के लिए आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अग्रेंजी अनुवाद वाली पवित्र ग्रंथ गीता अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा, जापान के प्रधानमंत्री और जापान के सम्राट को भेंट की थी  । इतना ही नहीं पवित्र ग्रंथ गीता का जो संदेश भारत की भूमि से पूरी दुनिया को मिल रहा है, वह संदेश किसी और भूमि से नहीं दिया जा सकता है। हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी के नेतृत्व में सरकार पिछले चार  वर्षों से लगातार जिला स्तर पर गीता जयंती महोत्सव आयोजित करके प्रदेश की जनता में  गीता के ज्ञान का प्रचार प्रसार कर रही  है । प्रदेश की जनता और समाज सेवी संस्थाए भी गीता जयंती महोत्सव में बेहतर योगदान दे रहीं हैं । हरियाणा का सौभाग्य है कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पवित्र ग्रंथ गीता का उदगम हुआ।उन्होंने कहा कि हमे निरंतर अपना कर्म करना चाहिए, जिसका फल हमे स्वतः ही मिलेगा । उन्होंने कहा कि आवश्यकताओं की पूर्ति कर्म से होती है लेकिन लालसाएं कभी पूरी नही होती जिससे दुखः आता है। उन्होंने कहा कि गीता हमें आवश्यकताओं व लालसाओं के बीच  संतुलन करना सिखाती है। उन्होंने ‘कर्मणये वाधिकारस्ते मां फलेषु कदाचनः‘ का मूल मंत्र याद रखने की नसीहत देते हुए कहा कि यदि हम इस श्लोक को भी याद रख लेंगे और उसी के अनुरूप आगे बढ़ते रहेंगे तो जीवन में कभी दुखः नही आएगा इसलिए हरियाणा सरकार का प्रयास है कि गीता के इस  ज्ञान का प्रचार प्रसार समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाए। उन्होंने जीवन में  गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। 
इससे पहले उन्होंने  दीप प्रज्जवलित करके विधिवत रुप से सास्कृतिक कार्यक्रम  का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में  प्रशासन की तरफ से केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया । उन्होंने  समापन समारोह में  तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव के सेमिनार, प्रदर्शनी और सास्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर कार्य करने पर प्रतिभागियों को समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया  । 
 उपायुक्त अतुल कुमार ने  केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर का गीता जयंती महोत्सव के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने गर्म जोशी से प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों के साथ स्वागत किया ।
 इस अवसर पर उपायुक्त अतुल कुमार, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, सीटीएम श्रीमती बैलीना, विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
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