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महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री  कमलेश ढाण्डा की अधिकारीयों के साथ खास बैठक 

Kamlesh Dhanda presiding over the review meeting of the Department in Chandigarh
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चण्डीगढ़, 20 नवम्बर- हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढाण्डा ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को पूरे तालमेल और  इमानदारी से लागू करते हुए पूरी मजबूती से कार्य करने के निर्देश दिए।
श्रीमती ढाण्डा ने यह निर्देश विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा के लिए आज यहां बुलाई गई एक बैठक में दिए।
यह बताये जाने पर कि प्रदेश में महिलाओं की सुविधा के लिए दिसम्बर, 2018 से शुरू की गई महिला हैल्पलाइन 181 पर अब तक की गई 9624 कॉल्स में से 1114 कॉल्स महिलाओं से सम्बन्धित प्रभावी कॉल थीं, श्रीमती ढाण्डा ने तुरन्त महिला हैल्पलाइन पर कॉल किया और स्वयं इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारी द्वारा वह बताए जाने पर कि लाइन्स कम होने के कारण कई बार लाइन बिजी आती रहती है, उन्होंने इन लाइन्स को बढ़वाने का आश्वासन दिया।
बैठक में बताया गया कि बालिकाओं का अस्तित्व बनाए रखने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने, उनके प्रति लोगों की मानसिकता को बदलने और घटते लिंगानुपात को संतुलित करने के उद्देश्य से जनवरी, 2015 में  शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के फलस्वरूप अक्तूबर, 2019 तक लिंगानुपात 830 से बढकऱ 919 हो गया है। राज्य सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किए गए प्रयासों के कारण ही ऐसे उत्साहवर्धक परिणाम सामने आए हैं और हरियाणा अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन गया है।
बैठक में बताया गया कि किशोरियों, गर्भवती एवं स्तनपान करवाने वाली माताओं और शून्य से छ: वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए राज्य के सभी जिलों में पोषण अभियान चलाया जा रहा है। सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में हर महीने समुदाय आधारित कार्यक्रमों के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत के सहयोग से हर महीने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष अब तक 15,19,305 ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, केन्द्र व राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग से क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को 5,000 रुपये तीन किश्तों में दिए जाते हैं। इस योजना के तहत अक्तूबर, 2019 तक 3,15,609 लाभानुभोगियों को 135.44 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा हाल ही में आंगनवाड़ी दत्तक कार्यक्रम के तहत शुरू की गई ‘हमारी फुलवारी’ योजना के तहत 882 आंगनवाड़ी केन्द्रों को अपनाया गया है और इन्हें अपनाने वाले लोगों द्वारा इन आंगनवाड़ी केन्द्रों की मरम्मत एवं शौचालयों का निर्माण करवाने के अलावा अन्य वस्तुएं दान में दी जा रही हैं।
बैठक में बताया गया कि घटते लिंगानुपात की समस्या को समाप्त करने और स्कूलों में लड़कियों के दाखिलों की संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘आपकी बेटी-हमारी बेटी’ योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों को 22 जनवरी 2015 के बाद जन्मी पहली बेटी के लिए, सभी परिवारों को दूसरी बेटी के जन्म पर और 24 अगस्त 2015 के बाद तीसरी बेटी के जन्म पर भी 21,000 रुपये की राशि एलआईसी के माध्यम से जमा करवाई जाती है। बेटी के 18 वर्ष के होने पर उसे लगभग एक लाख रुपये की राशि मिलती है। इस योजना के तहत चालू वर्ष के दौरान अक्तूबर 2019 तक 34,250 लाभानुभोगियों को कवर किया जा चुका है। वर्ष 2019-20 के लिए 17,000 लाख रुपये बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से अक्तूबर 2019 तक 9732.14 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, हिंसा पीडि़त महिलाओं के सहायता के लिए सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से ‘वन स्टॉप सैण्टर’ खोले गए हैं ताकि पीडि़त महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और परामर्श जैसी विभिन्न सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सके।
इसके अतिरिक्त, बैठक में बताया गया कि समेकित बाल विकास सेवाएं योजना के तहत शून्य से छ: वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों और गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के पूरक पोषाहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, प्री-स्कूल शिक्षा तथा पोषाहार एवं स्वास्थ्य शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। उनमें खून की कमी को दूर करने के लिए पोषक तत्वों से युक्त पोषाहार दिया जा रहा है। इसी प्रकार, देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों और कानून को अपने हाथों में लेने वाले बच्चों के लिए समेकित बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जा सके।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती दीप्ति उमाशंकर और निदेशक श्रीमती गीता भारती के अतिरिक्त अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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