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हथनी कुण्ड बैराज से बड़ा डैम बनाने के प्रयास में जुटे खट्टर  

Hathni Kund in district Yamunanagar
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चंडीगढ़, 17 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने हथनी कुण्ड बैराज क्षेत्र का दौरा किया और हथनी कुण्ड बैराज से ऊपर खारा पन बिजली घर तथा कलेसर ग्राम पंचायत के अतर्गत आने वाले गांव माधोबांस व बंजारा बांस के नजदीक यमुना नदी पर पानी रोकने के लिए हथनी कुण्ड बैराज से बड़ा डैम बनाने की सम्भावनाओं का पता लगाने के लिए सिंचाई विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ सिंचाई विभाग के विश्राम गृह हथनी कुण्ड में विस्तार से विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री महोदय हैलीकॉप्टर से हथनी कुण्ड आए और उन्होंने बनाए जाने वाले सम्भावित हथनी कुण्ड बैराज से बड़े डैम के चार्ट प्लान को देखा। बाद में उन्होंने सिंचाई विभाग व अन्य अधिकारियों के साथ वन विभाग के विश्राम ग्रह व कलेसर पंचायत के गांव माधोबांस पंहुच कर यमुना नदी के किनारे खड़े होकर यमुना नदी पर डैम बनाए जाने वाली जगह का दूर से निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री महोदय हरियाणा प्रदेश व हिमाचल प्रदेश की सीमा लाल ढांग पर भी गए और बाद में उन्होंने श्रीमहाकालेश्वर मठ कलेसर में पंहुच कर मंदिर में पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया।

         हथनी कुण्ड बैराज के विश्राम गृह में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सिंचाई विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और हथनी कुण्ड बैराज से ऊपर यमुना नदी पर एक बड़ा डैम बनाने की सम्भावनाओं पर विस्तार से विमर्श किया। उन्होंने कहा कि हथनी कुण्ड बैराज में कम मात्रा में पानी रोका जा सकता है। वर्षा ऋतु में नहरों का पानी बंद किया जाता है और यमुना नदी में हथनी कुण्ड बैराज से पानी छोडऩे से बाढ़ आने की सम्भावना होती है। उन्होंने कहा कि गांव कलेसर,माधोबांस व बंजारा बांस के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के कई गांव की जमीन का अधिग्रहण करने की सम्भावना को तलाश कर एक बड़ा डैम बनाने की सम्भावना पर सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है। इसके बारे में हिमाचल प्रदेश सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से भी बातचीत की जाएगी।

         हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अधिकारियों की बैठक में सिंचाई विभाग हरियाणा के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहाड़ों में पानी की अधिक सम्भावना है। पहाड़ो में वर्षा अधिक होती है व गर्मी में पहाड़ों पर ग्लेशियर भी पिघलते है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु में नदियों में बहुत सा पानी व्यर्थ चला जाता है, बाढ़ की स्थिति बन जाती है अत: यमुना नदी पर हथनी कुण्ड बैराज से एक बड़ा डैम बनाने की सम्भावना तलाशी जाए ताकि सरकार द्वारा इस सम्भावित डैम को बनाए जाने की कार्य योजना पर विचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा में बराबर रूप से सिंचाई के लिए छोटे-छोटे डैम बनाकर नहरी पानी सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ किया जा सकें। इन डैमों पर पन बिजली घर भी बनाए जा सकते है। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों में बर्फ बहुत है और पानी बहुत है। उन्होंने कहा कि यमुना व अन्य नदियों के पानी से दक्षिणी हरियाणा के सारे तलाबों को भरे जाने की सम्भावना पर भी सम्बंधित अधिकारी कार्य करें और वर्षा एवं नदियों के पूरे पानी का सदुपयोग करें। उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा में खेतों में सिंचाई के टयूबवैल पर 65-70 हार्स पावर की मोटर लगानी पड़ती है यदि नहरों के पानी से सिंचाई होगी तो इन मोटरों की कोई जरूरत नही होगी और किसान नहरी पानी से अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे व भू-जल स्तर में भी सुधार होगा।

         इस अवसर पर शिक्षा व वन मंत्री कवंर पाल, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, नगर निगम के मेयर मदन चौहान, पूर्व मंत्री कर्णदेव काम्बोज, हरकोफैड के चेयरमैन रामेश्वर चौहान उपस्थित थे।
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