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हरियाणा में निजी स्कूल वालों की मनमानी जारी, और बढ़ा दी फीस

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फरीदाबाद -22-04-2020: लोकडाउन  के चलते अभिभावकों से  बिना फीस वृद्धि  किए सिर्फ ट्यूशन फीस वसूलने के केंद्रीय शिक्षा मंत्री , चेयरमैन सीबीएसई, मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री हरियाणा के निर्देश आने के बाद भी स्कूल प्रबंधक अभिभावकों के साथ मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वह पहले की तरह ही  लिखित व मौखिक रूप से  अभिभावकों पर 1 महीने या 3 महीने की फीस जमा कराने के लिए दबाव डाल रहे हैं । इसके अलावा उन्होंने ट्यूशन फीस व अपनी मर्जी से बनाए गए गैरकानूनी फंडो में जो वृद्धि की है उसी के अनुसार  फीस जमा कराने के लिए कह रहे हैं।ट्यूशन फीस के अलावा  अन्य कई फंडों में भी पैसा मांग रहे हैं।

 अभिभावक एकता मंच ने ऐसे स्कूलों की चेयरमैन  सीबीएसई व मुख्यमंत्री हरियाणा से शिकायत करके उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने व उनकी मान्यता रद्द करने की मांग की है । मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा, संरक्षक सुभाष लांबा व जिला सचिव डॉ मनोज शर्मा ने अभिभावकों से कहा है कि वे स्कूलों की मनमानी का डटकर मुकाबला करें । स्कूलों द्वारा उनको  भेजे जा  रहे नोटिस, पत्र,फीस की डिटेल को मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री, चेयरमैन एफएफआरसी व अभिभावक मंच को सोशल मीडिया के माध्यम से भेजें। और किसी भी हालात में बढ़ी हुई फीस व अन्य फंडों में पैसा जमा ना कराएं। मंच की ओर से लिखा गया है कि स्कूल प्रबंधक अभिभावकों  से 1 महीने या 3 महीने की फीस दोनों के बारे में कह कर अभिभावकों पर मनोवैज्ञानिक दबाव डाल रहे हैं। मंच का कहना है जब स्पष्ट आदेश है कि सिर्फ अप्रैल माह की ट्यूशन फीस वह भी उनसे जो अभिभावक दे सकें  बिना वृद्धि  किए ली जाए उसके बावजूद स्कूल प्रबंधक इन  निर्देशों का उल्लंघन करके नए-नए हथकंडे अपनाकर अभिभावको को परेशान कर रहे हैं। कुछ स्कूलों ने अभिभावकों से लमसम पैसा जमा कराने को कहा है। 

अभिभावकों द्वारा पूछने पर ब्रेकअप के बारे में नहीं बताया जा रहा है। कई अभिभावकों ने मंच को बताया कि जब उन्होंने अप्रैल 2019 में जमा कराई गई फीस की रसीद और अब अप्रैल 2020 में मांगी जा रही फीस का अंतर देखा तो कम से कम 3000 से ₹4000 अधिक फीस का अंतर मिला । इस पर जब अभिभावक स्कूल वालों से पूछ रहे हैं तो उनका यही कहना है कि जो फीस तय की है वही जमा करानी होगी वरना  आपके बच्चों को अगली क्लास में प्रमोट नहीं किया जाएगा । इतना ही नहीं स्कूल में जाकर कंप्यूटर चलाया नहीं ,एसी का आनंद लिया नहीं उसके बावजूद कंप्यूटर व एसी का पैसा मांगा जा रहा है । इसके अलावा एनुअल चार्ज, स्कूल फंड ,कैपिटेशन डेवलपमेंट ,परीक्षा ,खेल ,मैगजीन इंश्योरेंस , सिक्योरिटी आदि अनेक फंडों के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है। प्रबंधकों को इस बार किताब कॉपियों को बेचने मोटा कमीशन नहीं मिल पा रहा है इसके लिए वे हरियाणा सरकार पर दबाव डाल रहे हैं कि वह किताब कॉपी की दुकानो को खोलने की परमिशन दें। जिससे अभिभावक किताब  कापी खरीद कर बच्चों को पढ़ा सकें और उन्हें कमीशन मिल सके। मंच ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर  स्कूल प्रबंधकों की इस चाल में ना आने की बात कही है । मंच का मानना है कि अगर किताब ,कॉपी, स्टेशनरी की दुकान खोल दी गई तो इससे कोरोना को और अधिक फैलने का खतरा होगा अतः सरकार को किसी भी हालत में  किताबों की दुकान खोलने की परमिशन नहीं देनी चाहिए।

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