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मोदी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 व 35ए ख़त्म किया , सांसद ने खिलाई खट्टर को मिठाई


कुरुक्षेत्र 5 अगस्त राकेश शर्मा: कुरुक्षेत्र सांसद नायब सैनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले ने आज के दिन को ऐतिहासिक बना दिया है। ऐसे में हम एक बार फिर से यह गर्व से कह सकते हैं कि केन्द्र की सरकार सबका साथ-सबका विकासी नीति पर कार्य कर रही है। सांसद ने केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह देश हित में लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है।
वे सोमवार को चंड़ीगढ़ में मुख्यमंत्री निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले सांसद नायब सैनी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया और केन्द्र सरकार के इस फैसले पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश हित मे कड़े निर्णय ले रही है जिसके सफलतम परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुछेद 370 व आर्टिकल 35ए को समाप्त करते हुए वहां के लोगों को भी देश के अधिकारों में शामिल किया गया है। अब जम्मू कश्मीर में देश का कानून लागू होगा। आज पूरा देश संसद में लाये गए इस निर्णय पर खुशी मना रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह सहित समस्त मन्त्रिमण्डल का आभार जताया है। 

उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद आज असल मायने में भारत अखण्ड़ भारत बना है। पिछले सत्तर सालों से यह धारा देश के लिए एक नासूर बनी हुई थी और इससे न तो जम्मू कश्मीर की समस्या का कोई हल हो पा रहा था और न ही आंतकवाद का खात्मा हो सका। उन्होंनेे कहा कि इस धारा को हटा कर जम्मू कश्मीर व लद्धाख को अलग-अलग केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया है।  उन्होंने कहा कि आंतकवाद के प्रति केन्द्र सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है और इस निर्णय के बाद जम्मू कश्मीर व लद्धाख का ओर अधिक तेजी के साथ विकास हो पायेगा तथा वहां के लोगों की जो भी समस्याएं है उनका भी निवारण होगा। उन्होंने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है यह इस निर्णय के बाद एक बार फिर से साबित हो गया है। 

उन्होंने कहा कि आजाद भारत का यह सबसे बड़ा फैसला है और प्रत्येक भारतवाशी के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह ने इस निर्णय से अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय से संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर का सपना भी साकार हुआ है। केंद्र सरकार के इस फैसले से देश को विघटित करने वालों पर कड़ा सबक सिखाया गया है। लद्दाख तथा जम्मू एवं कश्मीर को दिल्ली की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश बनाकर देश हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है। भाजपा सरकार विकास की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। 

गर्मी चरम सीमा पर, तरबूज की बिक्री बढ़ी, रात्रि में न खाएं


कुरुक्षेत्र राकेश शर्मा : गर्मी मे तापमान अपनी चरम सीमा पर पहुँच रहा है तो गर्मी से बचने के लिए लोग भी  तरबूज का सहारा ले रहे है। शहर के कोने कोने मे भारी मात्रा मे तरबूज के लगे ढेर इस बात को प्रमाणित भी करते है ,गर्मी से बचने और प्यास को बुझाने के लिए तरबूज का भरपूर आनंद ले रहे है। गर्मी के मौसम मे तरबूज शरीर को शीतलता देने के लिए उत्तम फल माना जाता है यही वजह है की तापमान बढ़ने के साथ साथ इसकी आवक भी बढ़ने लगती है इसलिए बाजार मे आते ही इसकी खरीददारी भी बढ़ जाती है अमूमन लोग  इसको ठंडा करके कहते है जिससे इसका स्वाद दुगना हो जाता है। 

करनाल और कुरुक्षेत्र की मंडियों मे भरमार ------------ 
गुजरात और उत्तरप्रदेश तक के तरबूज कुरुक्षेत्र की मंडी मे भारी मात्रा मौजूद है  जिनको भारी मात्रा में लाकर शहरों में  बेचा जाता हैं,तरबूज विक्रेता कबीर ने बताया की वह 25000 रुपए का तरबूज ले कर आते है और जिसको बेचने के लिए चार से पांच दिन लग जाते है। परिवार के पांच भाईयो मे से तीन भाई यह काम करते है और हर रोज तक़रीबन एक किवंटल से ज्यादा का तरबूज बेच देते है। जिससे उनका खर्चा और घर का गुजरा हो जाता है। 

बाजार मे तीन प्रकार का तरबूज की बिक्री---------------
कबीर और उसके भाई क़ासिम ने बताया की बाजार मे तीन प्रकार के तरबूज की बिक्री है , देशी तरबूज , सेंचरी और आलिया।  देसी और सेंचरी तरबूज  की बिक्री ज्यादा है और फुटकर मे बीस रुपए किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है , तरबूज की फसल सबसे अधिक नदियों के किनारे होती है जिससे यह ज्यादा फैलावट व् मीठा हो जाता है। कबीर ने बताया की वह काफी समय से इस काम को कर रहे है दो महीने के सीजन के बाद भी वह फल और फ्रूट को ही मंडियों से लाकर बेचते है। 
विशेषज्ञ कहते हैं कि तरबूज को रात में नहीं खाना चाहिए. तरबूज में थोड़ा सा एसिड पाया जाता है, ऐसे में अगर इसे रात में खाया जाए तो हो सकता है कि इसे डाइजेस्‍ट करने में आपको समस्‍या हो। तरबूज खाने का सबसे सही समय दोपहर 12 से 1 बजे के बीच का होता है। 

रात में तरबूज खाने से इसे हजम करना मुश्किल होता है. रात में इसे खाने से आपको इरिटेबल आंत्र सिंड्रोम जैसी समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है. ये भी हो सकता है कि अगले दिन आपका पेट खराब हो जाए. दिन के मुकाबले रात को हमारा डाइजेस्टिव सिस्‍टम काफी धीमी गति से काम करता है, इसलिए रात के समय शक्कर और अम्लीय खाद्य पदार्थों से दूर रहने की सिफारिश की जाती है। 
तरबूज में प्राकृतिक रूप से चीनी पाई जाती है. यहां चीनी से हमारा मतलब मिठास से है. ऐसे में हो सकता है कि हमेशा रात को इसे खाने से आपको वजन बढ़ने लगे। 
हम सब जानते हैं कि तरबूज में भारी मात्रा में पानी होता है. ऐसे में हो सकता है कि रात के समय इसे खाने के बाद आपको बार-बार टॉयलेट जाना पड़े और आपकी नींद पूरी न हो सके।