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कड़ाके की ठंड में धर्म नगरी कुरुक्षेत्र के ब्रम्हसरोवर पर  लाखों लोगों ने किया स्नान 


चण्डीगढ़, 26 दिसम्बर- राकेश शर्मा: पौष मास की अमावस्या पर धर्म नगरी कुरुक्षेत्र के ब्रह्मïसरोवर पर आयोजित सूर्यग्रहण मेले में कड़ाके की ठंड में लगभग 4 डिग्री सैल्शियस तापमान के बावजूद लाखों लोगों ने मोक्ष-प्राप्ति के लिए स्नान किया। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों व पड़ोसी देश नेपाल से आए लोगों ने पितर-दान कर अपने पितरों की शांति के लिए हवन यज्ञ किया। यह प्रात: 8:15 मिनट पर सूर्यग्रहण स्पर्श स्नान से शुरू होकर 10:15 मिनट तक मोक्ष स्नान तक चला तथा 10:55 मिनट पर ग्रहण समाप्त हुआ।

जिला प्रशासन व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा सूर्यग्रहण मेले के लिए पुख्ता सुरक्षा व श्रद्धालुओं के रहने व ठहरने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। इस मेले के लिए पहली बार 10 बिस्तरों के अस्पताल की विशेष व्यवस्था भी की गई थी और 20 स्थानों पर जीवन रक्षक उपकरणों के साथ चिकित्सा केन्द्र स्थापित किए गए थे। इसके अलावा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा एक मुख्य सूचना केन्द्र के अलावा 35 अन्य सूचना केन्द्र स्थापित किए गए थे। ठंड को देखते हुए रजाई व गद्दों की विशेष व्यवस्था से श्रद्धालु  काफी संतुष्ट दिखाई दिए। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार 23 दिसम्बर को गीता जंयती समारोह सम्पन्न हुआ और उसके साथ ही 26 दिसम्बर को सूर्यग्रहण मेला पड़ा है। जिला प्रशासन की ओर से इन दोनों अवसरों के सफल आयोजन के लिए विशेष प्रबंध किए गए। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण मेले में लगभग 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था परन्तु कड़ाके की ठंड व 4 डिग्री तापमान के बावजूद भी 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं ने इस मेले में भाग लिया।

मेले के दौरान जिला उपायुक्त एस.एस.फुलिया, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी तथा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) गगनदीप सिंह निरंतर ब्रह्मïसरोवर का दौरा करके सभी प्रकार के प्रबंधों का जायजा लेते रहे। हरियाणा बाढ़ आपदा प्रबंधन की ओर से विशेष नौकाओं का प्रबंध किया गया था जो ब्रह्मसरोवर पर निरंतर गश्त कर रही थी ताकि स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। 

हरियाणा के अलावा नेपाल, तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर इत्यादि राज्यों से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने सूर्यग्रहण मेले के महत्व की जानकारी ब्रह्मसरोवर पर जगह-जगह बैठे पुरोहितों से ली और पितृ-शांति के लिए यज्ञ किया। सभी ने ब्रह्मसरोवर तथा धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंधों, विशेषकर सफाई, शौचालय, स्नान घाटों, विशेष बसों तथा रहने-ठहरने के लिए किए गए प्रबंधों के लिए राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सूर्यग्रहण मेला उनके लिए हमेशा एक यादगार रहेगा। संयोग से बड़े वर्षों के बाद पौष अमावस्या के दिन यह मेला आया है। विभिन्न अखाड़ों से आए साधु-संत भी इस मेले को गौचर की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कालांतर मान रहे हैं।

हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने राज्य सरकार की ओर से सूर्यग्रहण मेले में आने पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यवाद किया।

मोदी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 व 35ए ख़त्म किया , सांसद ने खिलाई खट्टर को मिठाई


कुरुक्षेत्र 5 अगस्त राकेश शर्मा: कुरुक्षेत्र सांसद नायब सैनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले ने आज के दिन को ऐतिहासिक बना दिया है। ऐसे में हम एक बार फिर से यह गर्व से कह सकते हैं कि केन्द्र की सरकार सबका साथ-सबका विकासी नीति पर कार्य कर रही है। सांसद ने केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह देश हित में लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है।
वे सोमवार को चंड़ीगढ़ में मुख्यमंत्री निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले सांसद नायब सैनी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया और केन्द्र सरकार के इस फैसले पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश हित मे कड़े निर्णय ले रही है जिसके सफलतम परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुछेद 370 व आर्टिकल 35ए को समाप्त करते हुए वहां के लोगों को भी देश के अधिकारों में शामिल किया गया है। अब जम्मू कश्मीर में देश का कानून लागू होगा। आज पूरा देश संसद में लाये गए इस निर्णय पर खुशी मना रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह सहित समस्त मन्त्रिमण्डल का आभार जताया है। 

उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद आज असल मायने में भारत अखण्ड़ भारत बना है। पिछले सत्तर सालों से यह धारा देश के लिए एक नासूर बनी हुई थी और इससे न तो जम्मू कश्मीर की समस्या का कोई हल हो पा रहा था और न ही आंतकवाद का खात्मा हो सका। उन्होंनेे कहा कि इस धारा को हटा कर जम्मू कश्मीर व लद्धाख को अलग-अलग केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया है।  उन्होंने कहा कि आंतकवाद के प्रति केन्द्र सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है और इस निर्णय के बाद जम्मू कश्मीर व लद्धाख का ओर अधिक तेजी के साथ विकास हो पायेगा तथा वहां के लोगों की जो भी समस्याएं है उनका भी निवारण होगा। उन्होंने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है यह इस निर्णय के बाद एक बार फिर से साबित हो गया है। 

उन्होंने कहा कि आजाद भारत का यह सबसे बड़ा फैसला है और प्रत्येक भारतवाशी के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह ने इस निर्णय से अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय से संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर का सपना भी साकार हुआ है। केंद्र सरकार के इस फैसले से देश को विघटित करने वालों पर कड़ा सबक सिखाया गया है। लद्दाख तथा जम्मू एवं कश्मीर को दिल्ली की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश बनाकर देश हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है। भाजपा सरकार विकास की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। 

गर्मी चरम सीमा पर, तरबूज की बिक्री बढ़ी, रात्रि में न खाएं


कुरुक्षेत्र राकेश शर्मा : गर्मी मे तापमान अपनी चरम सीमा पर पहुँच रहा है तो गर्मी से बचने के लिए लोग भी  तरबूज का सहारा ले रहे है। शहर के कोने कोने मे भारी मात्रा मे तरबूज के लगे ढेर इस बात को प्रमाणित भी करते है ,गर्मी से बचने और प्यास को बुझाने के लिए तरबूज का भरपूर आनंद ले रहे है। गर्मी के मौसम मे तरबूज शरीर को शीतलता देने के लिए उत्तम फल माना जाता है यही वजह है की तापमान बढ़ने के साथ साथ इसकी आवक भी बढ़ने लगती है इसलिए बाजार मे आते ही इसकी खरीददारी भी बढ़ जाती है अमूमन लोग  इसको ठंडा करके कहते है जिससे इसका स्वाद दुगना हो जाता है। 

करनाल और कुरुक्षेत्र की मंडियों मे भरमार ------------ 
गुजरात और उत्तरप्रदेश तक के तरबूज कुरुक्षेत्र की मंडी मे भारी मात्रा मौजूद है  जिनको भारी मात्रा में लाकर शहरों में  बेचा जाता हैं,तरबूज विक्रेता कबीर ने बताया की वह 25000 रुपए का तरबूज ले कर आते है और जिसको बेचने के लिए चार से पांच दिन लग जाते है। परिवार के पांच भाईयो मे से तीन भाई यह काम करते है और हर रोज तक़रीबन एक किवंटल से ज्यादा का तरबूज बेच देते है। जिससे उनका खर्चा और घर का गुजरा हो जाता है। 

बाजार मे तीन प्रकार का तरबूज की बिक्री---------------
कबीर और उसके भाई क़ासिम ने बताया की बाजार मे तीन प्रकार के तरबूज की बिक्री है , देशी तरबूज , सेंचरी और आलिया।  देसी और सेंचरी तरबूज  की बिक्री ज्यादा है और फुटकर मे बीस रुपए किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है , तरबूज की फसल सबसे अधिक नदियों के किनारे होती है जिससे यह ज्यादा फैलावट व् मीठा हो जाता है। कबीर ने बताया की वह काफी समय से इस काम को कर रहे है दो महीने के सीजन के बाद भी वह फल और फ्रूट को ही मंडियों से लाकर बेचते है। 
विशेषज्ञ कहते हैं कि तरबूज को रात में नहीं खाना चाहिए. तरबूज में थोड़ा सा एसिड पाया जाता है, ऐसे में अगर इसे रात में खाया जाए तो हो सकता है कि इसे डाइजेस्‍ट करने में आपको समस्‍या हो। तरबूज खाने का सबसे सही समय दोपहर 12 से 1 बजे के बीच का होता है। 

रात में तरबूज खाने से इसे हजम करना मुश्किल होता है. रात में इसे खाने से आपको इरिटेबल आंत्र सिंड्रोम जैसी समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है. ये भी हो सकता है कि अगले दिन आपका पेट खराब हो जाए. दिन के मुकाबले रात को हमारा डाइजेस्टिव सिस्‍टम काफी धीमी गति से काम करता है, इसलिए रात के समय शक्कर और अम्लीय खाद्य पदार्थों से दूर रहने की सिफारिश की जाती है। 
तरबूज में प्राकृतिक रूप से चीनी पाई जाती है. यहां चीनी से हमारा मतलब मिठास से है. ऐसे में हो सकता है कि हमेशा रात को इसे खाने से आपको वजन बढ़ने लगे। 
हम सब जानते हैं कि तरबूज में भारी मात्रा में पानी होता है. ऐसे में हो सकता है कि रात के समय इसे खाने के बाद आपको बार-बार टॉयलेट जाना पड़े और आपकी नींद पूरी न हो सके।