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अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में जमकर ठुमके लगती दिखीं युवतियां

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सूरजकुंड,( फरीदाबाद), ७ फरवरी- स्वर्ण जयंती ३१वें सूरजकुंड क्रा3ट मेले में बड़ी चौपाल पर मंगलवार को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। बड़ी चौपाल पर पूरा दिन देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक लोक नृत्यों की धूम रही। कलाकारों ने यहां बेहतरीन प्रस्तुती ही और दर्शकों ने भी उनका तालियां बजाकर स्वागत किया। मेले में पहुँचने वाली युवतियां मेले के कलाकारों के साथ जमकर ठुमके लगाती दिखीं ।


बड़ी चौपाल पर झारखंड, उड़ी और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में ढोल और नगाड़े की धुन पर गाए जाने वाले पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए। इन लोक नृत्यों में वहां के आदिवासी क्षेत्रों के जीवन को भी दर्शाने की कौशिश की गई। इसके बाद की प्रस्तुतियों में उत्ताराखंड के कलाकारों ने वहां के छवेली नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही पंजाबी गिद्धा की प्रस्तुती के  साथ भी दिन के समय कलाकारों ने जमकर समां बांधा।
इसके साथ ही पाटर्नर कंट्री इजिप्ट के कलाकारों ने मंगलवार को भी अपनी प्रस्तुती जारी रखी। भारत-मिश्र दोस्ती के संदेश के सात उन्होंने दर्शकों की जमकर वाहवाही लूटी। इसके बाद तजाकिस्तान के कलाकारों ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी। 

दर्शकों ने खचाखच भर गया सूरजकुंड मेला

Faridabad 5 Feb: सूरजकुंड मेला पहले रविवार को दर्शकों की भीड़ से गुलजार हुआ । पांचवे दिन मेले में वीकेंड का असर साफ देखने को मिला। एक तरफ जहां खचाखच भरी चौपाल में दर्शकों ने रंगारंग सांस्कृतिक  कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। वहीं दूसरी ओर देश के विभिन्न राज्यों और विदेशी स्टालों पर खरीदारों की खासी संख्या देखने को मिली। मेले में अन्य दिनों के मुकाबले दोगुना लोग पहुंचे। सुबह से ही दर्शकों का मेले में पहुंचना शुरू हो गया था।

 चौपाल के मंच पर  कलाकारों की परफॉर्मेंस से कई कलाओं के रंग चौपाल पर तंज़ानिया के कलाकारों ने परंपरागत नृत्य पेश कर मेला दर्शको का दिल जीत लिया वहीँ मेले में मौजूद विदेशी दर्शक भी चौपाल की स्टेज पर आकर तंज़ानिया के कलाकारों के साथ नाचने लगे |

 जहाँ देखो वहां सर ही सर दिखाई दे रहे है रविवार की सुबह से ही मेले में दर्शको की भीड़ में उमड़ने लगी और लोगो ने जमकर शॉपिंग की वहीँ बच्चो ने राइड्स लेकर मेले का लुत्फ़ उठाया। हर वर्ग के मेला दर्शको ने मेले को खूब सराहा और मेले की भूरी भूरी तारीफी की.


सूरजकुंड मेले का आज दूसरा दिन, कल CM खट्टर ने लिया दादी जी का आशीर्वाद

Haryana CM At Surajkund Mela 2017
फरीदाबाद 2 फरवरी: फरीदाबाद के सूरजकुंड में कल से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का आज दूसरा दिन है । कल मेले का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था । हरियाणा के मुख्यमंत्री में एक अजीब कला देखने को मिल जाती है जहां जाते हैं उसी रंग में रंग जाते हैं । कल उन्होंने ढोल बजाया तो ढोलकियों के रंग में रंग गए जिसके बाद उन्होंने मेले का भ्रमण किया ।

मेले में कलाकारों द्वारा कुछ मूर्तियां हर साल बनाईं जाती हैं ये मूर्तियां दूर से देखने पर बिलकुल जीवांत दिखती हैं । मुख्यमंत्री कल  एक ऐसी ही मूर्ति के पास पहुंचे ।  तस्वीर देखकर लग रहा है कि दादी जी से मुख्यमंत्री आशीर्वाद ले रहे हैं । मेले में कल से भीड़ दिखाई दे सकती है जहाँ सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है । इस बार चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं । मुख्यमंत्री आज पंचकूला में एक प्रेस वार्ता करने जा रहें हैं कुछ खास बात जरूर है । दोपहर बाद पता चलेगा ।

सूरजकुंड मेला देख खुश हुए खट्टर, बजाने लगे ढोल

Surajkund-mela-2017-news
फरीदाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में विदेश गए थे जहाँ उन्होंने ड्रम बजाया था तो हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आज फरीदाबाद में थे जहाँ वो अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन करने पहुंचे और मेले में मौजूद सांस्कृतिक कलाकारों के ढोल बजा ख़ुशी का इजहार किया ।

मुुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को बसंत पंचमी और सर छोटूराम जयंती की बधाई देते हुए कहा कि आज अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की पुण्य तिथि भी है और इस अवसर पर हम सब यहां इस मेला में इकटठे हुए हैं और यह मेला आपस की दुरियां कम करने का एक सांझा मंच प्रदान करता हैं। उन्होंने कहा कि देष-विदेष व अन्य प्रदेषों के लोग यहां आते हैं और दुरियांें को कम करने का यह एक अच्छा मंच साबित हो रहा है, जिसके लिए उन्होंने आए सभी लोगों को स्वागत किया।


थीम राज्य झारखण्ड के दस्तकारों, कारीगरों, बुनकरों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड राज्य एक विषेष प्रदेष हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड प्रदेष को प्रकृति का आषीर्वाद मिला हुआ है और वहां काफी क्षेत्र पहाडी  व खनीज संपदाओं से भरपूर हैं। इस वर्ष वे झारखण्ड का दौरा अवष्य करेंगें।

Surajkund Mela 2017 Pictures: कल CM करेंगे उद्घाटन

Surajkund Mela 2017 Pictures
फरीदाबाद, 31 जनवरी- 31वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय  शिल्प मेला-2017 का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल पहली फरवरी, 2017 को प्रात: 11.30 बजे करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के पर्यटन, सत्कार तथा शिक्षा मंत्री श्री रामबिलास शर्मा, झारखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अमर कुमार बौरी तथा भारत में मिश्र के राजदूत श्री हातेम तगेल्डिन भी उपस्थिति रहेंगे
हरियाणा में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री वी एस कुण्डू ने आज सूरजकुंड मेला मैदान, फरीदाबाद स्थित चौपाल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल, हरियाणा के उद्योग मंत्री श्री विपुल गोयल, पर्यटन एवं सत्कार विभाग की मुख्य संसदीय सचिव श्रीमती सीमा त्रिखा, हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष श्री जगदीश चौपड़ा, बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूल चंद शर्मा तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।
    उन्होंने बताया कि सूरजकुंड शिल्प मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1987 में भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्घि एवं विविधताओं को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण एवं हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से केन्द्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालयों और हरियाणा सरकार के सहयोग से आयोजित यह उत्सव सौंदर्यबोध की दृष्टिï से सृजित माहौल में भारत के शिल्प, संस्कृति एवं व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिए अंतर्राष्टï्रीय पर्यटन कलैण्डर में एक विशेष महत्व है।

Surajkund Mela 2017 Pictures

श्री कुंडू ने बताया कि हर वर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ इस मेले ने भारत की कला एवं शिल्प परम्पराओं की विरासत को पुनर्जीवित करने में मदद की है। इस वर्ष पर्यटकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई हैं। मेले के लिए ‘बुक माई शो’ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट ली जा सकती हैं। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर भी मेले की टिकटें उपलब्ध करवाई गई हैं। विभिन्न स्थानों से सूरजकुंड के लिए विशेष बसें उपलब्ध हैं। आस-पास के क्षेत्रों से मेला स्थल तक नि:शुल्क फेरी सेवा तथा कई जन सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। श्री कुंडू ने बताया कि वे प्राचीन स्मारक सूर्यकुंड, जिससे सूरजकुंड की उत्पत्ति हुई है, को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के समक्ष इस मुद्दे को तत्परता से उठाएंगे।
सूरजकुंड शिल्प मेले के इतिहास में एक नया कीर्तिमान उस समय स्थापित हुआ जब वर्ष 2013 में इसे अंतर्राष्टï्रीय मेले का दर्जा मिला। इस वर्ष मेले में यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण एशिया से 20 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। जिम्बावे, तन्जानिया, ट्यूनीशिया, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका पहली बार मेले में भाग ले रहे हैं।
हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक तथा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री समीर पाल सरो ने बताया कि इस वर्ष मेले के प्रति विदेशी भागीदारों में एक नया जोश है, जिनमें भागीदार राष्ट्र मिश्र के प्रतिभागी भी शामिल हैं। मेले में श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, थाईलैंड, किर्गिस्तान, लेबनॉन और ट्यूनीशिया के भागीदारों में भी एक नया उत्साह है।
Surajkund Mela 2017 Pictures


नवगठित राज्य झारखंड इस वर्ष के सूरजकुंड अंतर्राष्टï्रीय शिल्प मेला का ‘थीम राज्य’, है जोकि प्रभावी ढंग से अपनी अनूठी संस्कृति एवं समृद्ध विरासत को प्रदर्शित कर रहा है। झारखंड ने मेले में मुख्य चौपाल के निकट मलूटी मंदिर द्वार का एक स्थाई ढांचा बनाया है। यह मंदिर वहां के सन्थाल परगना क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा, झारखंड के राज्य चिन्हों को प्रदर्शित करने वाले पांच और अस्थाई द्वार बनाए गए हैं। झारखंड से लगभग 300 कलाकार छाऊ, खैरा, करसा, पायका जैसी प्रसिद्ध लोक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।
दर्शकों के मूड को तरो-ताजा करने के लिए मिश्र, तंजानिया, जिम्बावे, सेशल्स, ताजिकिस्तान और  किर्गिस्तान से आए अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। मेला मैदान के ओपन एयर थियेटर चौपाल में उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र तथा अन्य क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के लोक कलाकारों द्वारा दिन के समय विभिन्न नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें हरियाणवी नृत्य, पंजाबी नृत्य शामिल थे । 

Jhandkhand Theme at 31st Surajkund Mela

JHARKHAND IS 31st THEME STATE IN 2017 SURAJKUND INTERNATIONAL CRAFTS MELA BEGINNING FROM 1ST OF FEBRUARY
For the first time in the history of Surajkund International Crafts Mela, Jharkhand has been chosen as a theme state, which begins on 1st of February at the sprawling Surajkund landscape.
With this, the newly carved out state will have plenty of opportunities to promote its art, culture, crafts, handloom and even its heritage not only within India but also beyond its boundaries, for the Surajkund Mela is known for its wider reach to visitors and participants in the two week’s affairs.
As the theme state,  Jharkhand will have wider scope to display and exhibit not only its culture including art as a whole but also avail of multiple opportunities to showcase its customs and traditions including festivals, dance, music, its special cuisine and even fine arts at multiple locations in and around Surajkund in the State of Haryana, said Tourism Secretary, Government of Jharkhand, Mr. Rahul Sharma while addressing media here today among other senior functionaries of the State of Haryana.  Director Tourism, Jharkhand, Mr. Waghmare Prasad Krishna was also present on the occasion.
The 15 days festivities commencing on 1st of February is being inaugurated by the Chief Minister of Haryana Mr. Manohar Lal Khattar in which host of its other cabinet ministers, including senior functionaries of state’s bureaucracy, a number of diplomats, high commissioners, cultural and economic counselors from various Embassies and High Commissions are likely to take part.
The inauguration ceremony will  have participation from Mr. Amar Kumar Bauri, Minister of Revenue, Registration & Land Reforms, Tourism, Art, Culture, Sports & Youth Affairs and Mr Rahul Sharma, Secretary Tourism  along with several other officials and functionaries of the from the State Government of Jharkhand .
In the 15 days mela, Jharkhand which is the 31st Theme State this year,  would be showcasing most of its heritage, cultural, arts, crafts, handicrafts, special cusine and the like.
Some of the festivals and fairs that are known as  strength of Jharkhand include Tusu Parab which is a harvest festival celebrated in the last day of month of Paush.  Karma is still another religious festival along with Sarhul and Baandhna. Some of the pilgrimage centres and  places that would be   highlighted during the mela  are the  Baidyanath Dham, Pahari Mandir,   Parasnath Temple etc. The entrance has been decorated as Maluti Temple, which would remain permanently and temporary gates would be based on themes like Chhou dance, Jharkhand's Itkhori tourist site, Dokra art and Rajarappa temple.
An 18-foot statue of Birsa Munda has been erected, beside the information centre set up at Suraj Kund is based on Audrey House, which houses the Information and Public Relations Department of State Government, heritage sites such as Anjan Dham and Hazirabagh Group of Monuments would also be promoted with the culture of Jharkhand like Chhou Dance, Paika and the like.
Within these two weeks of the Surajkund Mela, each day a carnival  would go along the landscape of the sites promoting and propagating multiple diversities and complexities of the state which would be sign of attention.  During the mela, an ethnic fashion show is also being organized on 11th of February in which leading fashion designers choreographer and models will display the cultural strength of the State.
The Mela will come to an end on 15th of February 2017 with closing ceremony in which the Governor of Jharkhand and Haryana and senior functionaries of tourism and other related ministries are likely to participate in full swing.
The PHD Chamber of Commerce and Industry  is facilitating the Government of Jharkhand through the Administration of Haryana Tourism to provide visibility to  the State of Jharkhand  effectively in the mela with all its products, art , culture, cuisine, artisans  and artists, performers at the carnival and cultural programs and services  in an effective manner. 

चाक-चौबंद रहेगी अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में सुरक्षा

फरीदाबाद, 30 जनवरी। एक फरवरी से शुरू हो रहे 15 दिवसीय 31वें सूरजकुण्ड अन्तर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला-2017 की सभी प्रकार की तैयारियों व प्रबन्धों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सूरजकुण्ड मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक एवं हरियाणा पर्यटन के प्रबन्ध निदेशक एवं उपायुक्त समीरपाल सरों ने आज यहां सूरजकुण्ड स्थित होटल राजहंस के सभागार में मेले के आयोजन से सम्बन्धित सभी अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त जितेन्द्र दहिया, नगराधीश सतबीर मान, डीसीपी पूर्णचंद पंवार तथा एसीपी आस्था मोदी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

श्री सरों ने कहा कि यह मेला अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित कर चुका है। सूरजकुण्ड की खूबसूरत वादियों में लगने वाले इस मेले में पूरे देश के अलावा अन्य कई देशों के हस्तशिल्पियों द्वारा अनेक प्रकार की हस्तशिल्प कला को कुल लगभग एक हजार स्टालों पर दर्शाया जायेगा। इस बार मेले में इजिप्ट पार्टनर कन्ट्री तथा झारखण्ड थीम स्टेट होगा। इजिप्ट सहित अन्य प्रतिभागी देशों के हस्तशिल्पियों के स्टाल एक निर्धारित जोन में लगेंगे।

उन्होंने कहा कि फूड कोर्ट एरिया के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से लबा-लब फूड स्टाल्स लगाए जायेंगे। जिन पर पेयजल की सुविधा सहित सफाई व्यावस्था भी बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जायेगी। मेले में झूलों को आवश्यक प्रमाण-पत्र  प्राप्त करने के उपरान्त ही संचालित किया जायेगा। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मेला परिसर के अलावा पार्किंग स्थल हैलीपैड एरिया व अन्य आवश्यक स्थानों पर तैनात की जायेगी।

श्री सरों ने कहा कि मेले के सुरक्षा व्यवस्था चाक-चैबंद रहेगी और मेला सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। सुरक्षा के सम्बन्ध में व्यापक रूप में पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा निजी सुरक्षा कम्पनी गार्डस भी तैनात किए जायेंगे। यह मेला हस्तशिल्प के साथ कला एवं संस्कृति का भी संगम होता है। मेले के चैपाल पर पूरे दिन देश विदेश के कलाकार अपने-अपने मनोरम व आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत करके मेला दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। श्री सरों ने इस सम्बन्ध में प्रभारी अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मेले में इस बार कैशलैस एवं डिजीटल पेमैन्ट तथा इन्टरनेट बैंकिंग सिस्टम को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके अलावा एटीएम तथा बैंक व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। श्री सरों ने दूरभाष प्रणाली व्यवस्था को पूरे मेले के आवश्यक स्थानों पर दुरूस्त रखने के लिए बीएसएनएल के सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के मौके पर श्री सरों सहित सभी अधिकारियों ने खड़े होकर व दो मिनट का मौन रख कर बापू गांधी को याद किया व श्रद्धांजलि दी।
बैठक में जिला प्रशासन के सभी सम्बन्धित अधिकारियों सहित हरियाणा पर्यटन निगम तथा सूरजकुण्ड मेला प्राधिकरण के सम्बन्धित अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस बार सबसे अलग दिखेगा फरीदाबाद में लगने वाला हरियाणा सबसे बड़ा मेला

Surajkund Mela Faridabad
फरीदाबाद 28 जनवरी: 1 से 15 फरवरी तक लगने वाले अन्र्तराष्ट्रीय सूरजकुण्ड मेले की तैयारियां अंतिम चरण में है। मेले को इस बार अलग रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। 1010 क्राफ्ट मेन और कलाकार इस बार मेले में शिरकत करेगें और झारखंड को थीम स्टेट बनाया गया है। मेले में थीम स्टेट झारखंड के अलावा हरियाणा की संस्कृति और रहन सहन को भी दर्शाने का पूरा ध्यान रखा गया है। 20 देशों के हस्तशिल्पी व बुनकर मेले में जहां अपने देश की संस्कृति  का प्रदर्शन करेगें, वहीं इन देशों की कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी चौपाल पर धूूम रहेगी। पार्टनर कंट्री के तौर इजिप्त को शामिल किया है। 

 एक बार फिर सूरजकुण्ड मेला दर्शकों के लिए सज रहा है। जहां एक स्थान पर विभिन्न प्रदेशों और देशों की सांस्कृति झलक दिखाई देगी, वहीं इनके खान पान और रहन सहन व वहां के उत्पादों के बारे में दर्शक रूबरू होगें। मेले को इस बार नया रूप दिया जा रहा है। पूरे मेले को 6 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन का अलग पहचान दी गई है। इसके अलावा दो फूड जोन के रूप में विकसित होगें, जहां दर्शकों दूसरे प्रदेशों व देशों के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेगें। पहले सालो के मुकाबले इस बार तीन एकड क्षेत्र मेले के लिए और बढ़ाया गया है। हरियाणा का अपना घर मेले में हरियाणा की संस्कृति और रहन सहन को दर्शायेगा। बुक माई शो के माध्यम से मेले की टिकटे अभी से बुक होनी शुरू हो गई है। इसके अलावा मेला स्थल पर भी टिकटे उपलब्ध रहेगी। टिकटों की कीमत एक सौ रूपए और छुट्टी वाले दिन 150 रूपए रखी गई है। डिजिज्ल लेन देन को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।

 वहीं मेले में सीसीटीवी केमरे लगाने की जिम्मेदारी निभा रहे आकाश अग्रवाल का कहना है कि पूरे मेला परिसर में कुल 192 सीसीटीवी केमरे लगाए जा रहे है, इनमें से 15 केमरे ऐसे होगें जो पूरा 360 डिग्री पर घूमकर हर गतिविधि पर नजर रखेगें। सीसीटीवी केमरों की देखभाल के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां 16 एलईडी स्क्रीनों से पूरे मेले पर नजर रखी जायेगी। सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस मेले की हर गतिविधि को न केवल मेला परिसर के कंट्रोल रूम में ही देखा जा सकेगा, बल्कि सैक्टर-12 में उपायुक्त कार्यालय में इसे देखा जा सकता है।